एक्सपर्ट से जानें किडनी स्टोन से जुड़ी 9 भ्रामक बातें (मिथक) और उनकी सच्चाई

गुर्दे की पथरी यानि किडनी स्टोन एक ऐसी समस्या है जिसके बारे में कई मिथक फैले हुए हैं, एक्सपर्ट डॉक्टर नितिन श्रीवास्तव से जानें इन मिथक की सच्चाई।

Prins Bahadur Singh
Reviewed by: डॉ.नितिन श्रीवास्तवUpdated at: Jul 24, 2021 00:38 ISTWritten by: Prins Bahadur Singh
एक्सपर्ट से जानें किडनी स्टोन से जुड़ी 9 भ्रामक बातें (मिथक) और उनकी सच्चाई

भारत और देश के उत्तरी हिस्से जिसे स्टोन बेल्ट कहा जाता है में किडनी स्टोन (गुर्द की पथरी) के मामले बहुत अधिक संख्या में देखने को मिल रहे हैं और ये मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। एक अनुमान के मुताबिक उत्तर भारत के लोगों को किडनी स्टोन (Kidney Stone) होने का खतरा 10 से 15 प्रतिशत है। हालांकि आज के जमाने में इंटरनेट पर हर विषय की जानकारी और स्वास्थ्य सलाह मिल जाती है और इस मामले में किडनी स्टोन कोई अपवाद नहीं है। लेकिन सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या इंटरनेट पर मौजूद जानकारी पर आंख मूंदकर विश्वास किया जा सकता है? नहीं। इंटरनेट पर मौजूद हर जानकारी के बारे में यह जानना बेहद जरूरी है कि कौन सी जानकारी प्रमाणिक यानि सही है और कौन सी जानकारी अविश्वसनीय, गलत और यहां तक कि स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है? ऐसे में सबसे जरूरी यह हो जाता है कि स्वास्थ्य सलाह को एक्सपर्ट्स से ली गयी जानकारी के आधार पर होना चाहिए। दुनिया में अधिकांश बीमारी और स्वास्थ्य संबंधी दिक्कतों के लिए अंतर्राष्ट्रीय दिशानिर्देश मौजूद हैं और गुर्दे की पथरी यानि किडनी स्टोन भी उनमें शामिल है। अमेरिकन यूरोलॉजिकल एसोसिएशन, यूरोपियन एसोसिएशन ऑफ यूरोलॉजी और यूरोलॉजिकल सोसाइटी ऑफ इंडिया जैसे प्राधिकरण अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय निकाय हैं जो मूत्र संबंधी समस्याओं के उपचार के लिए दिशानिर्देश बनाते हैं। ये दिशा-निर्देश आज तक उपलब्ध संपूर्ण चिकित्सा साहित्य और शोध के निकाय की समीक्षा के बाद बनाए गए हैं। 

हालांकि किसी भी बीमारी का घरेलू इलाज और तत्काल किया जाने वाला उपचार खतरे से खाली नही होता है। अक्सर कई बार ऐसा होता है कि हम भ्रामक बातों को सही मानकर उनका इस्तेमाल घरेलू उपचार या चिकित्सा के लिए कर देते हैं। ठीक इसी प्रकार किडनी स्टोन की समस्या के रोकथाम और इलाज के बारे में भी कई भ्रामक बातों को लोग सही मान चुके हैं। इन मिथकों पर भरोसा करना और इन्हें सही मानने से आपको कई नुकसान हो सकते हैं। आज इस लेख के माध्यम से हम आपको, दिल्ली एनसीआर के प्रसिद्ध यूरोलॉजिस्ट और किडनी ट्रांसप्लांट एक्सपर्ट डॉक्टर नितिन श्रीवास्तव (Dr. Nitin Shrivastava) द्वारा किडनी स्टोन से जुड़े 9 पॉपुलर मिथक और उनकी सच्चाई के बारे में बताने जा रहे हैं।

गुर्दे की पथरी (किडनी स्टोन) से जुड़े 9 पॉपुलर मिथक और उनकी सच्चाई (9 Kidney Stone Myths and Facts)

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1.  दूध और दूध से बने उत्पादों के सेवन से पथरी होती है (Consuming Milk and Milk Product Causes Kidney Stones)

दूध और दूध से बने उत्पादों में कैल्शियम की पर्याप्त मात्रा होती है, यही कारण है कि लोगों के मन में यह धारणा बन गयी है कि इसके सेवन से पथरी की समस्या होती है। अभी तक ऐसा कोई भी शोध या अध्ययन नहीं हुआ है जिसके आधार पर यह कहा जा सके कि डेयरी उत्पादों का सेवन करने से किडनी स्टोन का खतरा बढ़ जाता है। बल्कि तमाम अध्ययन इस बात के खिलाफ यह जानकारी देते हैं कि डेयरी उत्पाद का सेवन करने से किडनी स्टोन यानि गुर्दे की पथरी का जोखिम कम हो सकता है। चूंकि डेयरी प्रोडक्ट्स में कैल्शियम की पर्याप्त मात्रा होती है और इसका सेवन आंत में ऑक्सालेट नामक पत्थर बनाने वाले अणु को बांधता है जो कैल्शियम के साथ मिलकर मल में निकल जाता है और अवशोषित नहीं होता है। यह ऑक्सालेट लगभग सभी पौधों  में मौजूद होता है और कुछ खाद्य पदार्थों जैसे पालक, चॉकलेट, काली चाय, मेवा और शकरकंद आदि में प्रचुर मात्रा में पाया जाता है। पालक के साथ पनीर का सेवन करने से भी ऑक्सालेट का अवशोषण कम होता है, जिसकी वजह से शरीर में ऑक्सालेट  की कम मात्रा जाती है और किडनी स्टोन का जोखिम भी कम होता है। हालांकि पालक में मौजूद ऑक्सालेट किडनी स्टोन का कारण हो सकता है लेकिन दूध और दूध से बने प्रोडक्ट्स सेहत के लिए फायदेमंद हैं और किडनी स्टोन का जोखिम कम करने के लिए इसका सेवन जरूर किया जाना चाहिए।

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2. किडनी स्टोन से बचने के लिए कैल्शियम का सेवन कम करना चाहिए (Reduce Calcium Intake to Prevent Kidney Stone Formation)

गुर्दे की पथरी यानि किडनी स्टोन से बचने के लिए कैल्शियम का सेवन कम करने वाली बात भी एक मिथक है। वास्तव में यह बात इसकी उल्टी है और कैल्शियम का सेवन कम करने से सेहत के लिए कई समस्याएं खड़ी हो सकती हैं। हमारे शरीर में हड्डियों में कैल्शियम पाया जाता है। अगर हम रोजाना पर्याप्त मात्रा में कैल्शियम का सेवन नहीं करते हैं तो इसकी वजह से हमारी हड्डियां कमजोर हो सकती हैं और कैल्शियम की कमी से हड्डियों का घनत्व भी कम हो सकता है। कैल्शियम का सेवन कम करने से किडनी स्टोन का खतरा कम तो नहीं होता लेकिन इसकी वजह से हड्डियां कमजोर जरूर हो जाती हैं। इसलिए डॉ नितिन ये सलाह देते हैं कि हर व्यक्ति को रोजाना 1 से 1.2 ग्राम कैल्शियम का सेवन जरूर करना चाहिए।

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3. टमाटर और दूसरी बीज युक्त सब्जियों के सेवन से किडनी स्टोन का खतरा (Tomato and Other Seed Containing Vegetables Cause Kidney Stones)

टमाटर और दूसरी अन्य सब्जियां जिनमें बीज की मात्रा होती है में पाए जाने वाले ऑक्सालेट को लेकर कुछ अध्ययन किये गए हैं जिनसे इस बात की जानकारी मिलती है कि इनका किडनी स्टोन से कोई संबंध नही है। ऑक्सालेट एक ऐसा रसायन है जो लगभग सभी सब्जियों में पाया जाता है इसलिए इसके सेवन से कोई भी व्यक्ति बच नहीं सकता। चूंकि हमें इस बात पर भी गौर करना चहिये कि जिस भी पौधे या फल आदि का सेवन कोई भी पशु करते हैं उसके बीज पशुओं के मल से निकलकर दूसरी जगह पर पहुंच जाते हैं। इस प्रकार से इन बीजों से नए पौधे भी उगते हैं। इसी प्रकार जब हम किसी भी फल या सब्जी का सेवन करते हैं तो उनके बीज हमारे पेट में पचते नहीं हैं और ये मल के साथ बाहर निकल जाते हैं। अगर आप छोटे मोटे बीज वाले फल और सब्जियों को चबाकर भी खाते हैं तो इनमें मौजूद ऑक्सालेट की मात्रा किडनी स्टोन बनाने के लिए पर्याप्त नहीं होती है। इसलिए यह बात सिद्ध होती है कि टमाटर और बीज वाले अन्य सब्जी और फल का सेवन करने से किडनी स्टोन का खतरा बिलकुल भी नहीं होता है।

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4. किडनी स्टोन की समस्या में विटामिन के सप्लीमेंट लेना सुरक्षित है (Vitamin Supplements are Safe if You Have Kidney Stones)

हालांकि यह बात नहीं कही जा सकती कि किडनी स्टोन से ग्रसित सभी मरीजों द्वारा विटामिन सप्लीमेंट लेना सुरक्षित होता है। विशेष रूप से यदि किसी व्यक्ति को काफी समय पहले से किडनी स्टोन की समस्या है और यह समस्या अभी भी बरकरार है तो उसे विटामिन के सप्लीमेंट्स का सेवन नहीं करना चाहिए। क्योंकि ऐसा हो सकता है कि विटामिन सी के सप्लीमेंट और कैल्शियम के सप्लीमेंट्स की वजह से उस व्यक्ति को किडनी स्टोन की समस्या हुई हो। हालांकि विटामिन की खुराक लेने से सभी लोगों में किडनी स्टोन की समस्या नहीं होती है लेकिन जो लोग पहले से किडनी स्टोन की समस्या से पीड़ित हैं अगर वे विटामिन सी, विटामिन डी या कैल्शियम के सप्लीमेंट्स का सेवन करते हैं तो उन्हें किडनी स्टोन की समस्या का खतरा और ज्यादा हो जाता है। किसी भी स्थिति में अगर इनकी आवश्यकता होती है तो इसका सेवन करने से पहले यूरोलाजिस्ट की राय जरूर लेनी चाहिए।

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5. गुर्दे की पथरी को घरेलू उपायों या इलाज से गला कर खत्म किया जा सकता है (There is a Way to Dissolve the Kidney Stones)

किडनी स्टोन एक बार बन जाने के बाद पत्थर की तरह हो जाता है। इस पथरी को किसी भी घरेलू उपाय या दवा से खत्म नहीं किया जा सकता है। किसी भी प्रकार से रिसर्च में इस बात की पुष्टि नहीं हुई है कि किसी दवा के सेवन से किडनी स्टोन को गला कर खत्म किया जा सके।

6. सभी प्रकार के किडनी स्टोन के इलाज की जरूरत होती है (All Kidney Stones Need Treatment)

गुर्दे की पथरी यानि किडनी स्टोन का इलाज उसकी साइज, स्थान और मरीज के लक्षणों पर निर्भर करता है। अधिकांश मामलों में स्टोन की साइज बेहद कम होती है और इस प्रकार के स्टोन के लिए किसी भी इलाज की जरूरत नहीं होती है। ये स्टोन खुद ब खुद बाहर निकल जाते हैं। छोटी साइज वाले स्टोन के इलाज के लिए सर्जरी की सलाह भी नहीं दी जाती है। जब किडनी स्टोन पाइप में फंस जाता है या उनकी साइज बड़ी होती है तभी इनके इलाज की जरूरत होती है।

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7. गुर्दे की पथरी की वजह से सिर्फ दर्द होता है (Kidney Stones Can Cause Only Pain)

यह भी एक मिथक है कि किडनी स्टोन या गुर्दे की पथरी होने की वजह से सिर्फ दर्द की समस्या होती है। कई तरह के किडनी स्टोन की समस्या में मरीज को तमाम लक्षण हो सकते हैं और ये स्वास्थ्य पर गंभीर प्रभाव भी डाल सकते हैं। गुर्दे की पथरी यदि पेशाब की नली में फंस जाए तो इसकी वजह से किडनी में सूजन की समस्या हो सकती है और इसकी वजह से किडनी पर दबाव अधिक पड़ता है। पेशाब की नली में स्टोन फंसने की वजह से पेशाब जमा हो जाता है जो संक्रमण का कारण भी बनता है। धीरे-धीरे यह संक्रमण कई गंभीर समस्याएं खड़ा कर सकता है।

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8. बियर या जौ का पानी पीने से किडनी स्टोन को खत्म किया जा सकता है (Drinking Beer or Barley Water will Flush the Kidney Stone out and Prevent Recurrence)

कई लोगों का यह मानना है कि बियर या जौ के पानी का सेवन करने से किडनी स्टोन को बाहर किया जा सकता है और इसका सेवन किडनी स्टोन की समस्या से बचा सकता है। वास्तव में फ्लशिंग (पेशाब के रस्ते से स्टोन का बाहर जाना) अधिक मूत्र उत्पादन की वजह से होता है और यह अच्छी मात्रा में पानी पीने से होता है। किडनी स्टोन को खत्म करने या इस समस्या से बचाव के लिए कभी भी शराब या बियर के सेवन की सलाह नहीं दी जाती है। इसके अलावा अल्कोहल युक्त चीजों का सेवन करने से शरीर में डिहाइड्रेशन की समस्या भी होती है जिसकी वजह से किडनी स्टोन की समस्या हो सकती है। शराब किडनी के हेल्थ पर नकरात्मक प्रभाव डालती है और इसका सेवन किडनी स्टोन के जोखिम को बढ़ा सकता है। इसलिए यह बात भी एक मिथक है कि जौ का पानी या बियर का सेवन किडनी स्टोन की समस्या में फायदेमंद है या इसका सेवन इस समस्या से बचाव करता है। पर्याप्त मात्रा में तरल पदार्थों जैसे पानी, दूध, जूस आदि का सेवन करने से भी किडनी स्टोन बाहर निकल सकता है। 

9. क्रैनबेरी गुर्दे की पथरी को बनने से रोक सकता है (Cranberries Can Prevent Kidney Stone Formation)

यहां पर इस बात को समझने की जरूरत है कि क्रैनबेरी यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन को रोकने के लिए अच्छा है लेकिन किडनी स्टोन के लिए नहीं। क्रैनबेरी जूस में ऑक्सालेट की मात्रा बहुत अधिक होती है और यह वास्तव में किडनी स्टोन बनने के जोखिम को बढ़ा सकता है, इसलिए अगर आप किडनी स्टोन की समस्या से छुटकारा पाना चाहते हैं तो इसके सेवन से बचें।

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गुर्दे की पथरी यानि किडनी स्टोन से जुड़ी ये बातें इंटरनेट और लोगों के मुहं से सुनी जा सकती हैं जो कि वास्तव में भ्रामक (मिथक) हैं। इंटरनेट के इस दौर में अगर आप स्वास्थ्य से जुड़े मुद्दों पर सही और प्रमाणिक जानकारी चाहते हैं तो अमेरिकन यूरोलॉजिकल एसोसिएशन या हार्वर्ड यूनिवर्सिटी या किसी अन्य विश्वसनीय सरकारी संगठन की प्रामाणिक वेबसाइटों पर जाएं, जो सामान्य स्वास्थ्य समस्याओं के लिए दिशानिर्देश देते हैं। इसके अलावा आप हमारी वेबसाइट www.onlymyhealth.com पर जा सकते हैं जहां डॉ नितिन श्रीवास्तव जैसे विशेषज्ञ प्रमाणिक और सही जानकारी मुहैया कारते हैं।

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