गुर्दे की पथरी (किडनी स्टोन) से बचाव के 10 उपाय, जानें एक्सपर्ट डॉक्टर से

गुर्दे की पथरी या किडनी स्टोन एक गंभीर समस्या होती है, इससे बचने के लिए डॉक्टर नितिन श्रीवास्तव से जानिए 10 जरूरी टिप्स के बारे में।

Prins Bahadur Singh
Reviewed by: डॉ.नितिन श्रीवास्तवPublished at: Jul 12, 2021Updated at: Jul 17, 2021Written by: Prins Bahadur Singh
गुर्दे की पथरी (किडनी स्टोन) से बचाव के 10 उपाय, जानें एक्सपर्ट डॉक्टर से

आज के समय में गुर्दे की पथरी (Kidney Stones) एक आम समस्या हो गयी है लेकिन ज्यादातर लोगों को इस बात का अंदाजा नहीं है कि इस समस्या से पीड़ित लोगों की संख्या लगातार बढ़ रही है। पिछले कुछ दशकों में अमेरिका जैसे देशों में इसके मामले दोगुने हो गए हैं वहीं यूरोप और एशिया में भी इसके मामले लगातार बढ़ रहे हैं। हमारे देश में इंडियन जर्नल ऑफ यूरोलॉजी के मुताबिक किसी भी व्यक्ति को आजीवन गुर्दे की पथरी या किडनी स्टोन के होने का खतरा लगभग 15 प्रतिशत होता है। किडनी स्टोन की समस्या के कई कारण होते हैं लेकिन इनमें से सबसे महत्वपूर्ण आनुवांशिक कारण होता है। आनुवंशिकी के हिसाब से ही हमारे शरीर में ब्लड और यूरीन की रासायनिक संरचना तय होती है और इसी वजह से आपको आनुवांशिक कारणों से गुर्दे की पथरी या किडनी स्टोन होने का खतरा अधिक हो जाता है। हालांकि इसको लेकर अभी भी शोध और अध्ययन किये जा रहे हैं।

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गुर्दे की पथरी (किडनी स्टोन) से बचाव के 10 तरीके (10 Ways to Prevent Kidney Stones)

किडनी स्टोन की समस्या से बचाव के लिए 'अमेरिकन यूरोलॉजी एसोसिएशन' द्वारा सुझाए गए ये 10 तरीके ही एकमात्र उपाय हैं। गुर्दे की पथरी या किडनी स्टोन की समस्या से बचने के लिए इसके अलावा बताये गए सभी दूसरे तरीके कारगर नहीं हैं और इन 10 तरीकों के अलावा बताये गए सभी उपायों को मिथक ही माना जाना चाहिए। आइये दिल्ली के मशहूर यूरोलॉजिस्ट और किडनी ट्रांसप्लांट एक्सपर्ट डॉ नितिन श्रीवास्तव से जानते हैं किडनी स्टोन की समस्या से बचाव के 10 उपाय।

1. हाइड्रेशन (Hydration)

एक स्वस्थ्य व्यक्ति के लिए यह जरूरी है कि उसके शरीर से कम से कम 2 से 2.5 लीटर यूरिन हर दिन निकले। यह तभी होता है जब आप 2.5 से 3 लीटर तरल पदार्थों का सेवन करते हैं। इन तरल पदार्थों में चाय, पानी, दूध, जूस और लस्सी आदि शामिल हैं। आपके शरीर की लम्बाई और वजन के हिसाब से आपको अपने शरीर के लिए तरल पदार्थों के सेवन की आवश्यकता होती है। उदाहरण के लिए अगर आप 6 फीट लंबे हैं और आपका वजन 100 किलो है तो आपको अधिक तरल पदार्थों के सेवन की आवश्यकता होती है वहीं अगर आप 5 फीट लंबे हैं और आपका वजन 50 किलो है तो उसके हिसाब से आपके लिक्विड के सेवन की जरूरत होती है। इसके अलावा हृदय या किडनी आदि से जुड़े रोगों में चिकित्सक द्वारा बताई गयी मात्रा से अधिक पानी का सेवन नहीं करना चाहिए, बीमारियों से जूझ रहे व्यक्ति के लिए यह खतरनाक साबित हो सकता है। अब सवाल यह आता है कि शरीर के लिए किन तरल पदार्थों का सेवन फायदेमंद है और किन पदार्थों का सेवन नुकसानदायक हो सकता है?

डॉक्टर नितिन श्रीवास्तव के मुताबिक सादा पानी, फलों का रस, दूध और छाछ या लस्सी, नारियल पानी और नींबू पानी सभी अच्छे पेय पदार्थ हैं। इसके अलावा चीनी, मीठा सोडा और कोला जैसे पेय पदार्थों के सेवन से किडनी स्टोन का खतरा बढ़ जाता है। शराब का सेवन न ही गुर्दे की पथरी के जोखिम को बढ़ाती है और न ही इसका सेवन पथरी की समस्या से बचने के लिए किया जाना चाहिए। शराब के कारण होने वाली डायरिया पथरी को बाहर निकालने में मदद कर सकती है (यह प्रभाव पानी और एक कप चाय/कॉफी के सेवन से हो सकता है) लेकिन इससे डिहाइड्रेशन का खतरा रहता है। शराब का सेवन करने पर सुबह उठते ही प्यास लगती है और होंठ सूख जाते हैं। इसलिए शराब का के सेवन से बचें यह सेहत के लिए कई तरीके से नुकसानदायक होती है।

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2. सामान्य मात्रा में कैल्शियम का सेवन (Normal calcium intake)

इस बात में कोई सच्चाई नहीं है कि कैल्शियम का सेवन कम करने से गुर्दे की पथरी यानि किडनी स्टोन का खतरा कम होता है। अगर आप अपने डेली डाइट में पर्याप्त मात्रा में कैल्शियम का सेवन नहीं करते हैं तो इसकी वजह से आपको हड्डियों की कमजोरी की समस्या हो सकती है और इस समस्या की वजह से आपको किडनी स्टोन खत्म करने में दिक्कत हो सकती है।एक व्यक्ति को हर दिन औसतन 1 से 1.2 ग्राम कैल्शियम का सेवन करना चाहिए, जिसके लिए डेयरी उत्पाद सबसे अच्छे स्रोत हैं। कैल्शियम की पर्याप्त मात्रा के लिए जब हम दूध या पनीर का सेवन करते हैं तो यह कैल्शियम हमारे दैनिक खाद्य पदार्थों जैसे पालक, नट्स आदि में मौजूद ऑक्सालेट से बंध जाता है। ऑक्सालेट किडनी स्टोन का मुख्य घटक माना जाता है, कैल्शियम के साथ मिलकर मल के रूप में बाहर निकल जाता है। इसलिए रोजाना पर्याप्त मात्रा में कैल्शियम का सेवन इस समस्या में फायदेमंद है।

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3. सामान्य मात्रा में प्रोटीन का सेवन (Normal Protein Intake)

गुर्दे की पथरी को कम करने के लिए प्रोटीन का सेवन कम करने की सलाह एक मिथ है। रोजाना शरीर के लिए आवश्यक मात्रा में प्रोटीन का सेवन जरूर करना चाहिए। एक स्वस्थ व्यक्ति को रोजाना कम से कम 0.8 से 1 ग्राम/किलोग्राम प्रोटीन का सेवन शरीर के वजन के हिसाब से प्रतिदिन करना चाहिए। लेकिन कुछ शोध यह बताते हैं कि एनिमल प्रोटीन यानि पशुओं के मांस से प्रोटीन का सेवन करने पर पेशाब में स्टोन बनाने वाले रसायनों का उत्सर्जन अधिक होता है और इसकी वजह से किडनी स्टोन का खतरा बढ़ जाता है। इसलिए प्रमुख यूरोलॉजिकल सोसायटीज ने सिफारिश की है कि किडनी स्टोन बनने के जोखिम को कम करने के लिए पशु प्रोटीन (चिकन, बीफ, मीट, मछली, पोर्क और अंडे) का सेवन कम किया जाना चाहिए। यह अनुमान लगाया गया है कि पशु प्रोटीन सामग्री कुल दैनिक प्रोटीन सेवन के आधे से भी कम होनी चाहिए।

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4) नमक का सेवन कम करें ( Low Salt Diet)

अधिक मात्रा में नमक के सेवन से यूरिन में स्टोन बनाने वाले कैल्शियम की वृद्धि होती है जिसकी वजह से पथरी का खतरा बढ़ जाता है। इसलिए गुर्दे की पथरी से बचने के लिए ऐसे आहार का सेवन करना चाहिए जिसमें नमक की मात्रा कम हो। प्रतिदिन 4 से 5 ग्राम नमक का सेवन किडनी स्टोन के जोखिम को कम करता है। इसलिए किडनी स्टोन की समस्या से जूझ रहे व्यक्तियों को अतिरिक्त नमक के सेवन से दूर रहने की सलाह दी जाती है।

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5. नियमित व्यायाम और शरीर के वजन को नियंत्रित करना (Regular Exercise and Controlling Body Weight)

मोटापा की वजह से यूरिन में अम्लीय सामग्री बढ़ती है जिसकी वजह से गुर्दे की पथरी का जोखिम बढ़ जाता है। गुर्दे की पथरी की समस्या से बचने के लिए नियमित रूप से व्यायाम और बीएमआई की हिसाब से शरीर के वजन को नियंत्रित करना चाहिए। इसके आलावा वजन के संतुलित होने से कई अन्य बीमारियों का खतरा भी कम रहता है।

6. फल और सब्जियों का अधिक सेवन (Lots of Fruits and Vegetables)

फल और सब्जियों का सेवन शरीर के लिए बहुत फायदेमंद माना जाता है। इनमें शरीर के लिए फायदेमंद विटामिन, खनिज और तमाम अन्य पोषक तत्व मौजूद होते हैं। फल और सब्जियां पेशाब में एसिड को कम करने में मदद करती हैं। नींबू जैसे खट्टे फलों में साइट्रेट होता है जो स्टोन बनने के प्राकृतिक अवरोधक के रूप में कार्य करता है। इसलिए इनका सेवन करना किडनी स्टोन की समस्या के लिए बहुत फायदेमंद माना जाता है।

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7. शुगर के अतिरिक्त सेवन से बचें (Avoid Excess Sugar)

भोजन में अतिरिक्त शुगर की मात्रा होने से किडनी स्टोन की समस्या में नुकसान होता है। अधिक शुगर की वजह से कैल्शियम और सोडियम का उत्सर्जन अधिक होता है जिसकी वजह से स्टोन बनते हैं। और इसके अलावा शुगर का अधिक सेवन मोटापे की समस्या का कारण बनता है इसलिए शुगर किसी न किसी रूप में किडनी स्टोन के खतरे को बढ़ाने का काम करता है। 

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8. नियमित रूप से करें पेय पदार्थों का सेवन (Take Adequate Fluid Intake)

नियमित रूप से पर्याप्त मात्रा में तरल पदार्थ का सेवन बनाए रखने के अलावा, यदि आप दौड़ रहे हैं या जिम कर रहे हैं तो उसके बाद आपको पेय पदार्थों का सेवन अधिक करना चाहिए। अच्छी नींद के लिए आपको रात में भी थोड़ी मात्रा में पानी पीना चाहिए। मेहनत का काम करने वाले लोगों को भी समय-समय पर तरल पेय पदार्थों का सेवन करना चाहिए।

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9. जंक फ़ूड के सेवन से बचें (Avoid Junk Foods)

किडनी स्टोन या गुर्दे की पथरी की समस्या में जंक फ़ूड के सेवन से दूरी बनाये रखनी चाहिए। कोला और फैट युक्त पदार्थों के सेवन से परहेज इस समस्या में फायदा देता है। 

10. यूरोलॉजिस्ट से मिलें और उचित सलाह लें (Meet a Urologist and Discuss in Details about Your Clinical Condition)

किडनी स्टोन की समस्या में यूरोलॉजिस्ट चिकित्सक से परामर्श लेना चाहिए। चिकित्सक से अपनी स्थिति के बारे में चर्चा कर उचित सलाह लेनी चाहिए। वे आपको खानपान और दवाओं से जुड़ी सही जानकारी देंगे। विशिष्ट प्रकार के गुर्दे की पथरी के लिए, रक्त और मूत्र परीक्षण के परिणामों के आधार पर खानपान में अतिरिक्त परहेज की जरूरत हो सकती है।

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किडनी स्टोन कैसे बनता है? (How Is A Kidney Stone Formed?)

किडनी स्टोन की समस्या से बचाव के लिए हमें यह जानना जरूरी है कि शरीर में किडनी स्टोन का निर्माण कैसे होता है। इसके लिए कल्पना कीजिये कि अगर आप एक गिलास में आधा पानी डालकर इसमें एक चम्मच नमक मिलायेंगे तो यह अच्छी तरह से पानी में घुल जायेगा और पानी साफ दिखेगा। लेकिन इसमें जब आप नमक की मात्रा बढ़ाते जायेंगे तो पानी साफ नहीं रहेगा और इसमें कुछ क्रिस्टल दिखाई देंगे। उसी तरह, यदि आपके शरीर में पानी की मात्रा प्राकृतिक लवणों को खत्म करने के लिए पर्याप्त नहीं है, तो ये गुर्दे में क्रिस्टल के रूप में अवक्षेपित हो जाएंगे। यदि यह महीनों तक जारी रहता है, तो ये क्रिस्टल एक साथ आ जाते हैं और आकार और संख्या में बढ़ सकते हैं, जिसे किडनी स्टोन कहा जाता है।

गुर्दे की पथरी के प्रकार (Types Of Kidney Stones)

हम यह भी जानते हैं कि गुर्दे की पथरी कई प्रकार की होती है। उन्हें उनकी रासायनिक संरचना के अनुसार वर्गीकृत किया गया है। उदाहरण के लिए, कैल्शियम ऑक्सालेट, कैल्शियम फॉस्फेट, यूरिक एसिड, सिस्टीन और संक्रमण पथरी। सभी प्रकार के गुर्दे की पथरी में उनके निर्माण के लिए कुछ कारक जिम्मेदार होते हैं। इनके सामान्य कारक डिहाइड्रेशन और कभी-कभी मूत्र की अम्लीय सामग्री होते हैं। कई सामान्य प्रकार के गुर्दे की पथरी के निर्माण में हमारा आहार भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

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गुर्दे की पथरी की समस्या से बचाव के लिए आप ऊपर बताये गए उपायों का पालन कर सकते हैं। इस समस्या के बारे में जागरूकता की कमी से ज्यादा लोग इसके शिकार हो रहे हैं। किडनी स्टोन की समस्या से बचने के लिए आपको नियमित रूप से पर्याप्त मात्रा में पानी पीने और संतुलित आहार का सेवन करने की जरूरत है।

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