क्या है यूरीन क्रिस्टल? जानें कारण, लक्षण और बचाव

यूरीन क्रिस्टल होने पर व्यक्ति को जी मिचलाने, पेशाब से खून आने आदि लक्षण महसूस होते हैं। ऐसे में इसके कारण ,लक्षण और बचाव जानना जरूरी हैं।

Garima Garg
Written by: Garima GargPublished at: Jun 29, 2021Updated at: Jun 29, 2021
क्या है यूरीन क्रिस्टल? जानें कारण, लक्षण और बचाव

बॉडी में यूरीन क्रिस्टल (Urine Crystal) तब बनते हैं जब पेशाब में मिनरल्स जरुर से ज्यादा बनने लगते हैं। अब सवाल यह है कि शरीर में मिनरल्स कब बनते हैं? तो बता दें कि ऐसा तब होता है जब प्रोटीन या विटामिन की मात्रा सबसे अधिक हो जाती है तब मिनरल्स बनते हैं। इसका दूसरा नाम क्रिस्टलुरिया भी है। ऐसे में आज का हमारा लेख इसी विषय पर है। आज हम आपको अपने इस लेख के माध्यम से बताएंगे कि यूरीन क्रिस्टल कितने प्रकार का होता है। साथ ही इसके लक्षण, कारण और बचाव भी जानेंगे। पढ़ते हैं आगे...

यूरिन क्रिस्टल के लक्षण (symptoms of urine crystal)

1 - व्यक्ति को बार-बार जी मचलाना।

2 - बार-बार पेशाब आने जैसा महसूस करना।

3 - पेशाब करने के दौरान जलन महसूस करना।

4 - पेशाब के साथ-साथ झांग आना।

5 - पेशाब से बदबू आना।

6 - बुखार महसूस करना।

7 - पेशाब में खून आ जाना।

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यूरीन क्रिस्टल के प्रकार (types of urine crystal)

यूरीन क्रिस्टल आमतौर पर चार प्रकार के होते हैं। 

  1. पहला स्ट्रवाइट, इस प्रकार में यूटीआई की समस्या हो जाती है और पेशाब करने में दिक्कत महसूस होती है। ये समस्या तब पैदा होती है जब शरीर में कैल्शियम, फास्फेट आदि की मात्रा ज्यादा हो जाती है।
  2. यूरिक एसिड स्टोर भी एक प्रकार होता है। जब यूरिक एसिड स्टोन से ग्रस्त होता है तो उस व्यक्ति पेशाब कम आता है और यूरिन के पास कठिनाई महसूस करता है।
  3. कैल्शियम ऑक्सलेट भी यूरिन कै एक प्रकार है, जिसके कारण शरीर किडनी स्टोन की समस्या से ग्रस्त हो सकता है यह समस्या खाद्य पदार्थों के कारण हो सकती है। 
  4. सिस्टाइन स्टोन समस्या जेनेटिक डिसऑर्डर है लेकिन यह प्रकार बहुत कम व्यक्ति में पाया जाता है।

यूरीन क्रिस्टल के कारण causes of urine crystals

जैसे कि हमने पहले भी बताया कि जब शरीर में प्रोटीन या कैल्शियम की मात्रा ज्यादा हो जाती है तो मिनरल्स की संख्या भी बढ़ जाती है और यूरिन सिस्टर का कारण बनते हैं। यह समस्या ज्यादा अधिक नमक के सेवन करने से या प्रोटीन के सेवन करने से होती है। इसके अलावा जो लोग तरल पदार्थों का सेवन करते हैं या पानी का सेवन कम करते हैं तो उनके शरीर में डिहाइड्रेशन की समस्या हो जाती है, जिसके कारण यूरिन पैदा हो सकते हैं।

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यूरीन क्रिस्टल से बचाव

यूरीन पिस्टल से बचाव निम्न प्रकार से हो सकता है -

    • इस परेशानी को दूर करने में सेब विनेगर आपके बेहद काम आ सकता है। एप्पल विनेगर के अंदर भरपूर मात्रा में सिट्रिक एसिड मौजूद होता है जो जमे हुए मिनरल्स को बाहर निकालने में मदद करता है।
    • इस समय से बचना चाहते हैं तो पानी की मात्रा को बढ़ाएं। तकरीबन 12 से 13 गिलास पानी पीना सेहत के लिए उपयोगी है।
    • क्रिस्टल की समस्या व्हीटग्रास से दूर हो सकती है। इसमें एंटीऑक्सीडेंट तत्व मौजूद होते हैं जो क्रिस्टल को बनने से रोक सकते हैं।
    • तुलसी भी आपको इस समस्या से बचा सकती है। इसके अंदर एसिटिक एसिड पाए जाते हैं जो क्रिस्टल को बढ़ने से रोकते हैं। साथ ही किडनी स्टोन को टूटने में मदद करते हैं।

नोट - ऊपर बताए गए बिंदु से पता चलता है कि यूरीन क्रिस्टल की समस्या शरीर में किडनी स्टोन की समस्या से भी सामना करा सकती है। ऐसे में कुछ बचाव जरूरी है। लेकिन इन बचाव को अपनी डाइट में शामिल करने से पहले एक बार एक्सपर्ट से सलाह जरूर करें। बता दें कि डॉक्टर जांच के लिए यूरीन टेस्ट की सलाह देते हैं। इसके अलावा यूरीन टेस्ट अल्ट्रासाउंड और ब्लड टेस्ट करवाने की भी सलाह देते हैं, जिससे मैं यूरीन से जुड़ी बीमारी का पता लगाया जा सके।

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