क्या है हड्डी की टीबी? जानें इसके लक्षण, कारण और बचाव

Bone TB : टीबी एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैलने वाला रोग है। बोन टीबी भी संक्रामक होता है। जानें इसके लक्षण, कारण और बचाव के उपाय 

Anju Rawat
Written by: Anju RawatPublished at: Jun 29, 2021Updated at: Jun 29, 2021
क्या है हड्डी की टीबी? जानें इसके लक्षण, कारण और बचाव

टीबी एक संक्रामक रोग है। यह माइकोबैक्टीरियम ट्यूबरकुलोसिस जीवाणु के कारण होता है। दुनिया भर में होने वाले मौतों के कारणों में टीबी भी प्रमुख है।  टीबी मुख्य रूप से श्वसन तंत्र या फेफड़ों और पाचन तंत्र को प्रभावित करता है। लेकिन कुछ मामलों में यह शरीर के अन्य अंगों में हो सकता है। यह नाखूनों और बालों के अलावा खून के माध्यम से शरीर के सभी अंगों तक फैल सकता है। टीबी हड्डियों में भी हो सकता है, तब इसे बोन टीबी या हड्डियों में टीबी कहा जाता है। बोन टीबी को मस्कुलोस्केलेटल टीबी भी कहा जाता है। 

टीबी दो तरह की होती हैं। एक पल्मोनरी टीबी और दूसरा एक्स्ट्रापल्मोनरी टीबी। जब टीबी फैलता है, तो इसे एक्स्ट्रापल्मोनरी ट्यूबरकुलोसिस या ईपीटीबी कहा जाता है। ईपीटीबी का एक रूप हड्डी और जोड़ टीबी भी है। बोन टीबी रीढ़ की हड्डी और जोड़ों को प्रभावित करता है। नानावती मैक्स सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल, वरिष्ठ सलाहकार, आंतरिक चिकित्सा और संक्रामक रोग डॉक्टर हेमलता अरोड़ा (Dr Hemlata Arora, Senior Consultant, Internal Medicine and Infectious Diseases, Nanavati Max Super Speciality Hospital.) से जानते हैं बोन टीबी के लक्षण, कारण और बचाव टिप्स के बारे में-

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‍Bone Tb

क्या है हड्डी क्षय रोग या बोन टीबी (What is Bone Tuberculosis)

बोन टीबी को मस्कुलोस्केलेटल टीबी के नाम से भी जाना जाता है। डॉक्टर हेमलता अरोड़ा बताती हैं कि बोन टीबी तब होता है, जब टीबी का बैक्टीरिया फेफड़ों से हड्डियों या जोड़ों में फैल जाता है। यह आमतौर पर समृद्ध संवहनी आपूर्ति के कारण हड्डियों के बीच में शुरू होता है। यह शरीर के किसी भी हड्डी को संभावित रूप से प्रभावित कर सकता है। लेकिन रीढ़ की हड्डी, पीठ इससे सबसे ज्यादा प्रभावित होते हैं। बोन टीबी हाथों के जोड़ों, कोहनियों और कलाई को भी प्रभावित करता है। टीबी का बैक्टीरिया खून के माध्यम से अन्य अंगों तक फैलता है। 

हड्डी क्षय रोग के लक्षण (Symptoms of Bone Tuberculosis)

कोई भी बीमारी शुरू होने पर उसके कोई न कोई लक्षण जरूर नजर आते हैं। डॉक्टर हेमलता अरोड़ा बताती हैं हड्डी की टीबी के लक्षण शुरुआत में नजर नहीं आते हैं। शुरुआत में इसमें दर्द नहीं होता है। इसके लक्षण तब नजर आते हैं, जब बीमारी शुरू हो जाती है। जब व्यक्ति बीमारी से पीड़ित हो जाता है, तो उसमें इसके लक्षण दिखाई देते हैं।

  • थकान
  • बुखार (Fever)
  • रात में पसीना
  • वजन कम होना
  • फोड़े
  • जोड़ों में दर्द
  • गंभीर पीठ दर्द होना
  • कलाई और कोहनियों में दर्द
  • हड्डियों की अव्यवस्था महसूस होना
  • मस्तिष्क संबंधी समस्याएं होना
  • तंत्रिका संबंधी जटिलताएं 
  • अस्थि विकृति
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हड्डी क्षय रोग के कारण (Causes of Bone Tuberculosis)

  • बोन टीबी एक संक्रामक रोग है। यह तब होता है, जब व्यक्ति किसी माइकोबैक्टीरियम क्षय रोग नामक बैक्टीरिया वाले पीड़ित व्यक्ति के संपर्क में आता है। पीड़ित व्यक्ति के संपर्क में आने से बैक्टीरिया आप तक आ सकता है। ऐसे में आपको इससे पीड़ित व्यक्ति से जरूरी दूरी बनाकर रखनी चाहिए। 
  • बोन टीबी तब होता है, जब यह फेफड़ों के माध्यम से हड्डियों या जोड़ों में फैलता है।
  • किसी क्षय रोग से पीड़ित व्यक्ति के संपर्क में आने से भी बोन टीबी हो सकता है।
  • टीबी हवा से माध्यम से भी एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैलता है। टीबी के संपर्क में आने के बाद यह फेफड़ों या लिम्फ नोड्स से रक्त के माध्यम से हड्डियों, रीढ़ या जोड़ों में जा सकता है।
  • बोन या अस्थिर टीबी लंबी हड्डियों और कशेरुकाओं के बीच में समृद्ध संवहनी आपूर्ति के कारण शुरू हो सकती है।

हड्डी क्षय रोग का बचाव कैसे करें? (Prevention Tips for Bone Tuberculosis)

डॉक्टर हेमलता अरोड़ा बताती हैं कि बच्चों को टीबी से बचाने के लिए बीसीजी टीकाकरण किया जाता है। साथ ही टीबी से अपना बचाव करने के लिए आपको सबसे पहले इससे संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने से बचना चाहिए। 

  • खांसते समय मुंह या नाक को ढंकना चाहिए।
  • सार्वजनिक स्थानों पर मास्क लगाकर रहना चाहिए।
  • बोन टीबी के मरीजों को अपना बचाव करने के लिए एल्कोहल का सेवन बिल्कुल नहीं करना चाहिए। 
  • किसी भी तरह के तंबाकू का सेवन बोन टीबी होने पर नहीं करना चाहिए। 
  • चाय, कॉफी और सोड़ा जैसे कैफीन युक्त पदार्थों से आपको परहेज करना चाहिए।
  • रिफाइंड प्रोडक्ट्स और तना-भुना भोजन से परहेज करने से भी आप बोन टीबी से अपना बचाव कर सकते हैं।

एड्स से पीड़ित लोगों में टीबी होने का खतरा अधिक रहता है। दवाइयों से ही इसका इलाज संभव है। अगर आपको बोन टीबी या टीबी के कोई भी लक्षण नजर आए, तो तुरंत डॉक्टर से कंसल्ट करें। टीबी का इलाज जल्दी शुरू होने पर व्यक्ति को ठीक किया जा सकता है। अस्पतालों में टीबी का इलाज संभव है, अगर समय रहते इसका पता चल जाता है।

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