रीढ़ और पीठ की हड्डी को मजबूत बनाता है कर्ण पीड़ासन, जानें इस योगासन को करने विधि और अन्य फायदे

कर्नापीड़ासन योग के बारे में शायद ही आपने सुना हो। यह योगासन आपके रीढ़ और पीठ की हड्डी को मजबूत कर सकता है।

Kishori Mishra
Written by: Kishori MishraPublished at: Apr 01, 2021Updated at: Apr 01, 2021
रीढ़ और पीठ की हड्डी को मजबूत बनाता है कर्ण पीड़ासन, जानें इस योगासन को करने विधि और अन्य फायदे

योग शरीर को स्वस्थ रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। अगर आप नियमित रूप से योग करते हैं, तो तमाम बीमारियों से दूर रह सकते हैं। एक्सपर्ट के मुताबिक, फिट रहने के लिए हेल्दी फूड के साथ-साथ नियमित रूप से योग भी जरूरी होता है। बाबा रामदेव से लेकर बॉलीवुड के कई दिग्गज स्टार्स भी योग को फिट रहने का मूल मंत्र मानते हैं। इसलिए आपने आज से पहले कई योगासन के नाम सुने होंगे, लेकिन इन्हीं योगासन में से कुछ ऐसे योग हैं, जिनका नाम बहुत ही कम किया जाता है। इन्हीं में से एक है कर्नापीड़ासन योग। कर्नापीड़ासन योग का जिक्र बहुत ही कम होता है, लेकिन यह योग कई रोगों को दूर करने में असरकारी है। आज हम आपको इस लेख के जरिए इस योगासन को करने की विधि और इसके कुछ फायदों (Karnapidasana Benefits) के बारे में बताने जा रहे हैं, ताकि आप इस योग का नियमित अभ्यास कर फिट रह सकें।

कैसे करें कर्नापीड़ासन (Step to do Karnapidasana)

  • कर्नापीड़ासन योग को करने के लिए सबसे पहले साफ और समतल स्थान पर योगा मैट बिछा लें।
  • अब इस मैट पर पीठ से बल लेट जाएं और अपने हाथों और पैरों को एक सीध में रखें।
  • इसके बाद गहरी सांस लेते हुए अपने पैरों को ऊपर की ओर धीरे-धीरे उठाते हुए आसमान की ओर ले जाएं।
  • इसके बाद धीरे-धीरे अपने पैरों को सिर के पीछे की ओर ले जाने की कोशिश करें। 
  • इस दौरान शरीर का पूरा भार आपके कंधे पर हो जाएगा। ध्यान रहे कि इस दौरान आपका हाथ जमीन पर ही रहना चाहिए।
  • इसके बाद अपने दोनों पैरों के घुटनों को मोड़ लें। पैरों को मोड़ने से आपके घुटने कान के पास आ जाएंगे। 
  • इस मुद्रा में आपकी नजर आपके नाक पर होनी चाहिए। करीब 30 सेकंड तक इसी मुद्रा में रहें। 
  • इसके बाद सामान्य गति में सांस लेते हुए अपनी सामान्य मुद्रा में वापस जाएं।
  • ध्यान रहे कि शुरुआत में आपको इस योगासन को किसी एक्सपर्ट की निगरानी में करना है।

कर्नापीड़ासन योग के फायदे (Benefits of Karnapidasana)

पाचन को करे दुरुस्त

इस आसन को करने से आपके पेट पर असर पड़ता है। क्योंकि जब आप अपने पैरों को सिर के पीछे की ओर ले जाते हैं, तो आपके पेट पर बल पड़ता है। ऐसे में इस योग को करने से आपका पाचन तंत्र दुरुस्त होता है। साथ ही पेट की समस्याओं से छुटकारा मिलता है। 

रीढ़ की हड्डी को रखे स्वस्थ

रीढ़ की हड्डियों में लचीलापन लाने के लिए आप इस आसन को कर सकते हैं। इसके साथ ही कर्नापीड़ासन योग से आपके रीढ़ की हड्डियां मजबूत होती है। अगर आप अपने रीढ़ की हड्डी को हेल्दी रखना चाहते हैं, तो नियमित रूप से इसका अभ्यास जरूर करें।

स्ट्रेस को करे दूर

योग का अभ्यास करने से श्वसन और मतिष्क की प्रक्रिया बेहतर होती है। कर्नापीड़ासन योग का नियमित रूप से अभ्यास करने से सांस से जुड़ी परेशानी ठीक होती है और आपके मन को शांति मिलती है। इससे स्ट्रेस लेवल कम होता है। तनावमुक्त जीवन के लिए इस योग का अभ्यास जरूर करें।

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कर्नापीड़ासन योग के अन्य फायदे 

  • फेफड़ों को रखता है स्वस्थ। फेफड़ों को अधिक फैलाने में मदद करता है, जिससे शरीर में ऑक्सीजन का प्रभाव अच्छे ढंग से होता है।
  • अस्थमा मरीजों के लिए कर्नापीड़ासन योग काफी फायदेमंद हो सता है। 
  • रीढ़ की हड्डी के साथ-साथ पीठ की हड्डी को मजबूत करने में भी यह योग बहुत ही फायदेमंद होता है। 

 

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