सिरदर्द, उल्टी जैसे सामान्य संकेतों से शुरू होता है ब्रेन टीबी, डॉक्टर से जानें इसके लक्षण, कारण और इलाज

ब्रेन टीबी के बारे में बहुत ही कम लोग जानते हैं। यह एक बहुत ही खतरनाक बीमारी है, जिसे पहचानने में काफा मुश्किलें आ सकती हैं। आइए जानते हैं इसके बारे म

Kishori Mishra
Written by: Kishori MishraPublished at: Mar 25, 2021
सिरदर्द, उल्टी जैसे सामान्य संकेतों से शुरू होता है ब्रेन टीबी, डॉक्टर से जानें इसके लक्षण, कारण और इलाज

लगातार 6 महीने खांसने से टीबी की जांच करा लेनी चाहिए। ये लाइन आपने कई बार विज्ञापन में सुना होगा। तब हम अक्सर यह समझते थे कि टीबी फेफड़ों में होने वाली एक बीमारी है। लेकिन ऐसा नहीं है। टीबी सिर्फ फेफड़ों में नहीं, बल्कि ब्रेन में भी हो सकता है। हालांकि, टीबी सामान्य रूप से फेफड़ों को ही प्रभावित करती है, लेकिन ऐसा मान लेना कि यह सिर्फ फेफड़ों की बीमारी है, तो यह बिल्कुल गलत है। भावान्यूरो सेंटर के न्यूरोलॉजिस्ट डॉक्टर अभिनव गुप्ता का कहना है कि टीबी एक बैक्टीरियल इंफेक्शन है, जो आपके दिमाग को भी प्रभावित करती है। ब्रेन की टीबी में आपके दिमाग में सूजन आ जाती है, जिसे मेनिनजाइटिस ट्यूबरक्लोसिस और मेनिनजाइटिस (meningitis) भी कहते हैं। यह समस्या किसी भी वर्ग के लोगों को हो सकती है। आइए विस्तार से जानते हैं ब्रेन टीबी ( (Brain tuberculosis causes, symptoms and treatment)) के कारण, लक्षण, बचाव, निदान और उपचार के बारे में- 

ब्रेन टीबी के कारण और जोखिम( Causes and Risk Factor of Brain TB)

टीबी या फिर ब्रेन टीबी किसी भी उम्र के लोगों को हो सकता है। इस बीमारी से बच्चे से लेकर बुजुर्ग प्रभावित हो सकते हैं। लेकिन कुछ विशेष परिस्थिति वाले लोगों में ब्रेन टीबी का खतरा अधिक रहता है, जो निम्न हैं -

  • फेफड़ों के टीबी वाले मरीजों में इसके फैलने का खतरा अधिक रहता है।
  • समय पर टीबी का इलाज और कोर्स पूरा ना करने वाले लोगों में ब्रेन टीबी का खतरा ज्यादा रहता है।
  • एचआईवी / एड्स से संक्रमित लोग
  • धूम्रपान और शराब का अधिक सेवन करने वाले लोग
  • डायबिटीज रोगियों को भी ब्रेन टीबी का खतरा अधिक रहता है।
  • कमजोब इम्यूनिटी वाले रोगियों को भी इसका खतरा रहता है।
  • किडनी फेल्योर

ब्रेन टीबी के लक्षण (Symptoms Of Brain TB)

ब्रेन टीबी के शुरुआती लक्षण काफी सामान्य होते हैं। गंभीर लक्षण धीरे-धीरे सामने आते हैं। शुरुआत सप्ताह में हल्के-फुल्के लक्षण दिखेंगे। जैसे -

  • थकान महसूस होना।
  • हमेशा बीमार रहना।
  • मिचली-उल्टी
  • हल्के-फुल्के बुखार
  • बार-बार सिर दर्द होना

जैसे-जैसे ब्रेन टीबी बढ़ती जाएगी, इसके लक्षण भी और अधिक गंभीर होते नजर आने लगेंगे। मेनिन्जाइटिस यानी ब्रेन टीबी की वजह से मरीजों में गर्दन में अकड़न, हल्की संवेदनशीलता और सिरदर्द जैसे लक्षण हमेशा नजर नहीं आते हैं। लेकिन बीच-बीच में यह समस्या बनी रहती है। इसके अलावा मामला गंभीर होने पर निम्न लक्षण दिखते हैं-

  • तेज बुखार
  • हमेशा कंफ्यूज रहना।
  • सुस्त रहना
  • बार-बार मितली और उल्टी होना
  • चिड़चिड़ापन महसूस होना।
  • समुद्री बीमारी और उल्टी
  • बार-बार बेहोश होना। 

ये सभी लक्षण ब्रेन टीबी के गंभीर लक्षण हो सकते हैं। इन में से किसी तरह के लक्षण दिखने पर तुरंत डॉक्टर्स से संपर्क करें। समय पर इस बीमारी की पहचान कर इलाज कराना जरूरी है।

ब्रेन टीबी पहचानने में आती हैं मुश्किलें

ब्रेन टीबी को सामान्य रूप से पहचानने में मुश्किले आती हैं। क्योंकि इसके लक्षण काफी सामान्य होते हैं, रोगी न्यूरोलॉजिकल गड़बड़ी समझकर इसका इलाज करवाता रहता है। इस वजह से गंभीर स्थिति होने पर ही इसका पता चल पाता है। दिमाग से जुड़ी अन्य परेशानियों के साथ-साथ ध्यान केंद्रित करने में परेशानी और हर बात पर बार-बार विचार करने में अधिक समय लगता है। साथ ही संवेदनशीलता खत्म होने जैसी समस्याएं होती हैं।

ब्रेन टीबी का निदान  (diagnosed of Brain TB)

शुरुआत में डॉक्टर आपका शारीरिक परीक्षण करता है, जिसमें वह आपके लक्षण, मेडिकल इतिहास के बारे में पूछेगा। अगर आपके डॉक्टर को ब्रेन टीबी का संदेह होगा, तो वह आपको निम्न टेस्ट कराने की सलाह दे सकता है।

  • सिर का सीटी स्कैन (CT Scan)
  • स्किन टेस्ट
  • मेनिन्जेस की बायोप्सी (biopsy of the meninges)
  • ब्लड टेस्ट
  • चेस्ट एक्स-रे

ब्रेन टीबी की जटिलता (complication of Brain TB or TB meningitis )

ब्रेन टीबी का सही समय पर इलाज न कराने पर मरीजों को कई तरह की जटिलताओं का सामना करना पड़ सकता है। जो निम्न हैं -

  • सुनने में परेशानी (Hearing Loss)
  • चक्कर आना
  • दिमाग काम करना बंद कर देना।
  • दिमाग में प्रेशर बढ़ना
  • ब्रेन डैमेज होना। (Brain Damage)
  • स्ट्रोक का खतरा (Stroke)
  • मृत्यु का खतरा (Death)

दिमाग पर ब्रेशर बढ़ने से ब्रेन डैमेज होने का खतरा बढ़ सकता है। जिससे इंसान की मृत्यु भी हो सकती है। इसलिए दिमाग में किसी तरह की परेशानी महसूस होने पर तुरंत डॉक्टर से ,संपर्क करें। ताकि समय रहते इसका इलाज करवाया जा सके।

ब्रेन टीबी का  इलाज (Treatment of Brain TB)

ब्रेन टीबी का पता लगने पर डॉक्टर आपको कुछ दिनों तक अपनी निगरानी में रखते हैं, ताकि टीबी के सही कारणों का पता चल सके। इसके बाद दवाईओं के माध्यम से टीबी का इलाज किया जा सकता है। इसलिए किसी तरह की परेशानी होने पर फौरन डॉक्टर से संपर्क करें। खुद से इलाज करने की कोशिश ना करें। इससे आपकी समस्या बढ़ सकती है।

टीबी से बचाव (Prevent of TB)

किसी भी प्रकार की टीबी से बचने का सबसे बेहतर तरीका है टीका लेना है। आज के दौर में हर सरकारी संस्थान में टीबी का टीका उपलब्ध है। आप अपने छोटे बच्चों को यह टीका अवश्य लगवाएं। ताकि आगे होने वाले टीबी के खतरे से बचा जा सके। इसके अलावा सही डाइट और लाइफस्टाइल के चुनाव से आप टीबी के खतरे से बच सकते हैं। टीबी से बचाव के अन्य तरीके -

  • धूम्रपान से दूर रहें।
  • नियमित रूप से एक्सरसाइज करें।
  • खानपान का विशेष ख्याल रखें।
  • सिर दर्द और खांसी-जुकाम को अनेदेखा ना करें।
  • सही डॉक्टर से संपर्क करें। 

टीबी रोगी सही डाइट का करें चुनाव (Diet for Brain TB)

ब्रेन टीबी से बचाव के लिए अपनी इम्यून पावर को बूस्ट रखना बहुत ही जरूरी है। ऐसे रोगियों को ताजे फल, अंगूर, संतरे, मुनक्का जैसे खाद्य पदार्थों का सेवन करना चाहिए, जिससे उनकी इम्यून पावर बूस्ट हो सके। इसके अलाव डिब्बाबंद और बाहर की चीजों को खाने स बचें।

 

सिरदर्द, बुखार, उल्टी जैसे सामान्य लक्षणों को बिल्कुल भी नजरअंदाज ना करें। यह आपके लिए भारी पड़ सकता है। इस तरह के हल्के-फुल्के लक्षण नजर आने पर किसी अच्छे डॉक्टर से संपर्क करें। ताकि आपकी बीमारियों का सही समय पर पता चल सके।

 

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