कोलेस्ट्रॉल के बढ़ने से बढ़ जाता है इन 5 बीमारियों का खतरा, जानें इसे घटाने के सबसे आसान उपाय

हाई कोलेस्‍ट्रॉल के कारण उच्‍च रक्‍तचाप, टाइप 2 डायब‍िटीज, कोरोनरी हार्ट ड‍िसीज आद‍ि बीमार‍ियां हो सकती है, जानें हाई कोलेस्‍ट्रॉल को कंट्रोल कैसे करे

Yashaswi Mathur
Written by: Yashaswi MathurPublished at: Jul 22, 2021Updated at: Jul 22, 2021
कोलेस्ट्रॉल के बढ़ने से बढ़ जाता है इन 5 बीमारियों का खतरा, जानें इसे घटाने के सबसे आसान उपाय

कोलेस्‍ट्रॉल दो तरह का होता है गुड और बैड कोलेस्‍ट्रॉल। कोलेस्‍ट्रॉल हमारे शरीर पर क्‍या असर डालता है? लो डेंस‍िटी ल‍िपोप्रोटींस या एलडीएल ज‍िसे हम हाई या बैड कोलेस्‍ट्रॉल कहते हैं। बैड कोलेस्‍ट्रॉल आर्टरी में जम जाता है ज‍िससे बीमार‍ियां और जान का खतरा बनने लगता है। बैड कोलेस्‍ट्रॉल से ब्‍लड सर्कुलेशन प्रभाव‍ित होता है और शरीर के कई ह‍िस्‍सों में इसका असर पड़ सकता है। कोलेस्‍ट्रॉल को कंट्रोल रखने के ल‍िए आपको हेल्‍दी रूटीन फॉलो करना चाहि‍ए जैसे अच्‍छी डाइट, कसरत और सुकून भरी नींद। इस लेख में हम कोलेस्‍ट्रॉल बढ़ने के कारण होने वाली 5 बीमार‍ियां और हाई कोलेस्‍ट्रॉल कम करने के आसान उपायों पर चर्चा करेंगे। इस व‍िषय पर ज्‍यादा जानकारी के ल‍िए हमने लखनऊ के पल्‍स हॉर्ट सेंटर के कॉर्ड‍ियोलॉज‍िस्‍ट डॉ अभ‍िषेक शुक्‍ला से बात की।

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कोलेस्ट्रॉल बढ़ने का कारण (Causes of high cholesterol)

  • हाई कोलेस्‍ट्रॉल का सबसे बड़ा कारण है मोटापा। आपको वजन न‍ियंत्रण रखना चाह‍िए। 
  • जो लोग मोटापे का श‍िकार होते हैं उन्‍हें डायबिटीज, पीसीओएस, क‍िडनी ड‍िसीज का खतरा ज्‍यादा रहता है और इन बीमार‍ियों के कारण भी कोलेस्‍ट्रॉल बढ़ता है। 
  • आप लंबे समय से धूम्रपान कर रहे हैं तो भी कोलेस्‍ट्रॉल बढ़ सकता है। धूम्रपान करने से हार्ट की धमन‍ियां कठोर हो जाती है ज‍िसके कारण बीपी बढ़ता है। 
  • हाई कोलेस्‍ट्रॉल का कारण आपकी डाइट भी हो सकती है। आप अगर प्रोसेस्‍ड फूड्स, बेकरी उत्‍पाद, चॉकलेट, तेल, मक्‍खन का ज्‍यादा सेवन करते हैं तो कोलेस्‍ट्रॉल बढ़ सकता है।

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1. कोलेस्‍ट्रॉल बढ़ने से आपको हो सकती है टाइप 2 डायब‍िटीज (Type 2 Diabetes)

कोलेस्‍ट्रॉल का स्‍तर बढ़ने से टाइप 2 डायब‍िटीज का खतरा भी बढ़ जाता है क्‍योंक‍ि कोलेस्‍ट्रॉल का असर डायब‍िटीज पर पड़ता है। टाइप 2 डायब‍िटीज होने पर शरीर में इंसुल‍िन सही तरह से काम नहीं कर पाता। इंसुल‍िन को कंट्रोल करने के ल‍िए दवा और इंजेक्‍शन द‍िए जाते हैं। टाइप 2 डायब‍िटीज के खतरे को कम करने के ल‍िए आप-

  • हेल्‍दी डाइट लें, हरी सब्‍ज‍ियों को डाइट में शाम‍िल करें। 
  • कसरत और योगा को अपने रूटीन में शाम‍िल करें। 
  • टाइप 2 डायबिटीज के खतरे से बचने के ल‍िए फास्‍ट फूड अवॉइड करें। 

2. कोलेस्‍ट्रॉल बढ़ने से बढ़ जाता है पेरिफेरल आर्टरी डिसीज का रिस्‍क (Peripheral Arterial Disease)

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कोलेस्‍ट्रॉल बढ़ने से ड‍िसीज का खतरा भी बढ़ जाता है। इस बीमारी में आर्टरी वॉल्‍स के पास फैट जमा होने लगता है ज‍िससे ब्‍लड सर्कुलेशन प्रभाव‍ित होता है। पेरीफेरल आर्टरी ड‍िसीज मांसपेश‍ियों में ब्‍लड सर्कुलेशन को सीम‍ित कर देती है ज‍िसके कारण चलने या खड़े होने पर तेज दर्द होता है। ये बीमारी उन धम‍न‍ियों पर असर डालती हैं जो शरीर के न‍िचले ह‍िस्‍से में है। इस बीमारी से बचने के ल‍िए आप इन ट‍िप्‍स को फॉलो करें-

  • अगर आप ज्‍यादा से ज्‍यादा फल और सब्‍ज‍ियों का सेवन करें तो पेर‍िफेरल आर्टरी ड‍िसीज से बच सकते हैं। 
  • स्‍ट्रेस कम करें, तनाव बढ़ने के साइड इफेक्‍ट्स के रूप में ये बीमारी बढ़ सकती है। 
  • रोजाना कसरत जरूर करें, इससे बीमारी के साइड इफेक्‍ट नहीं बढ़ेंगे।

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3. कोलेस्‍ट्रॉल बढ़ने से हो सकती है हाई ब्‍लड प्रेशर की समस्‍या (High Blood Pressure)

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कोलेस्‍ट्रॉल के बढ़ने से ब्‍लड प्रेशर बढ़ने की समस्‍या पैदा हो जाती है। जब आर्टरी सख्‍त हो जाती है तब द‍िल को धड़कने में समस्‍या होती है और ब्‍लड प्रेशर बढ़ने लगता है। बीपी बढ़ने के लक्षण की बात करें तो आपको चक्‍कर आना, थकान होना या स‍िर में दर्द महसूस होगा। ज्‍यादातर लोग बीपी के लक्षण पहचान नहीं पाते। आपको समय-समय पर बीपी चेक करवाते रहना चाह‍िए। बीपी से बचने के ल‍िए आप इन ट‍ि‍प्‍स को फॉलो कर सकते हैं- 

  • बीपी को कंट्रोल करने के ल‍िए फाइबर र‍िच फूड्स का सेवन करें। 
  • रोजाना एक घंटा पैदल जरूर चलें। 
  • 7 से 8 घंटे की नींद जरूर पूरी करें। 

4. कोलेस्‍ट्रॉल बढ़ने से हो सकती है कोरोनरी हार्ट ड‍िसीज (Coronary Heart Disease)

कोलेस्‍ट्रॉल बढ़ने से कोरोनरी हार्ट ड‍िसीज का खतरा भी बढ़ता है। ज‍िन लोगों का कोलेस्‍ट्रॉल बढ़ा हुआ होता है उन्‍हें हार्ट‍ ड‍िसीज का खतरा ज्‍यादा होता है। कोरोनरी हार्ट ड‍िसीज होने पर सीने में दर्द उठता है क्‍योंक‍ि हार्ट तक ज‍ितनी मात्रा में खून पहुंचना चाह‍िए उतना नहीं पहुंच पाता। कोरोनरी हार्ट ड‍िसीज में कई समस्‍याएं शाम‍िल है ज‍िनमें से एक है धमन‍ियों में रुकावट इसका बड़ा कारण है कोलेस्‍ट्रॉल का बढ़ना, जीवनशैली खराब होना। कोरोनरी हार्ट ड‍िसीज से बचने के ल‍िए इन ट‍िप्‍स को फॉलो करें-

  • कोरोनरी हार्ट ड‍िसीज से बचने के ल‍िए ज्‍यादा तली-भुनी चीजों का सेवन न करें। 
  • ब्‍लड प्रेशर को कंट्रोल में रखें।
  • धूम्रपान का सेवन न करें। 

5. कोलेस्‍ट्रॉल बढ़ने से स्‍ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है (Stroke)

stroke

कोलेस्‍ट्रॉल बढ़ने से स्‍ट्रोक का खतरा भी बढ़ जाता है। जब ऑक्‍सीजन और न्‍यूट्रिएंट्स को द‍िमाग तक पहुंचाने वाली ब्‍लड वैसल्‍स ब्‍लॉक हो जाती है तब स्‍ट्रोक होता है। अगर द‍िमाग तक खून की सप्‍लाई कम हो जाएगी तो स्‍ट्रोक आ सकता है। स्‍ट्रोक एक गंभीर समस्‍या है, द‍िमाग तक ऑक्‍सीजन या खून न पहुंचने के कारण इंसान की जान भी जा सकती है। स्‍ट्रोक का खतरा कम करने के ल‍िए इन टिप्‍स को फॉलो करें- 

  • स्‍ट्रोक का खतरा कम करने के ल‍िए आपको न‍ियम‍ित कसरत करनी चाह‍िए ताक‍ि वजन कम हो। 
  • सोड‍ियम की मात्रा कम कर दें और स्‍मोक‍िंग, एल्‍कोहॉल बंद कर दें। 
  • तनाव को कम करें और हेल्‍दी डाइट का सेवन करें।

कोलेस्‍ट्रॉल कंट्रोल करने के ल‍िए क्‍या करें? (How to control high cholesterol)

walk 

  • कोलेस्‍ट्रॉल कंट्रोल करने के ल‍िए आपको द‍िन भर एक्‍ट‍िव रहना होगा। कुछ न कुछ शारीर‍िक व्‍यायाम करते रहें।
  • कोलेस्‍ट्रॉल कम करने के ल‍िए रोजाना एक घंटा पैदल चलें। 
  • कोलेस्‍ट्रॉल लेवल कंट्रोल करने के ल‍िए आप जॉगिंग करें, रन‍िंग, स्‍वीम‍िंग, डांस भी कर सकते हैं।
  • मोटापे को कंट्रोल करना बहुत जरूरी है तभी आप हाई कोलेस्‍ट्रॉल जैसी समस्‍या से न‍िजात पा सकते हैं। 
  • आपको लो-फैट डेयरी प्रोडक्‍ट्स का सेवन करना चाहि‍ए। 
  • सैचुरेटेड फैट्स से दूर रहें। 
  • आपको भोजन में साबुत अनाज, फल, सब्‍ज‍ियां, नट्स को शाम‍िल करना चाह‍िए।
  • ऐसी चीजों का सेवन न करें ज‍िसे तेल या मसाले में बहुत ज्‍यादा भूना या पकाया हो।
  • आपको मीट, अंडा, नार‍ियल तेल, पॉम ऑयल का सेवन भी अवॉइड करना है।

कोलेस्‍ट्रॉल कंट्रोल करने के तीन आसान तरीके हैं डाइट बैलेंस करें, रोजाना कसरत करें और वजन कंट्रोल रखें। इस तरह आपका कोलेस्‍ट्रॉल लेवल हमेशा कंट्रोल में रहेगा।

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