Fri Sep 11, 2026 | 07:39 PM IST

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Hair Growth Serum: प्याज-लहसुन हेयर सीरम से झड़ते बाल कैसे रोकें? आयुर्वेदिक एक्सपर्ट से जानें

प्याज-लहसुन हेयर सीरम में मौजूद सल्‍फर, एंटी-ऑक्‍सीडेंट और एंटी-बैक्टीरियल तत्व स्कैल्प को पोषण देकर झड़ते बाल रोकने में मदद करते हैं। आयुर्वेदिक एक्सपर्ट के बताए सही तरीके अपनाकर आप बालों को जड़ों से मजबूत बना सकते हैं।

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प्‍याज और लहसुन स‍िर्फ खाने का स्‍वाद ही नहीं बढ़ाते बल्‍क‍ि हेयर फॉल रोकने और हेयर ग्रोथ के ल‍िए भी फायदेमंद माने जाते हैं। प्‍याज और लहसुन में सल्‍फर (Sulfur), एंटी-ऑक्‍सीडेंट्स और एंटी-बैक्टीरियल तत्‍व होते हैं, जो स्कैल्प में ब्‍लड सर्कुलेशन को बढ़ाकर बालों की जड़ों को मजबूत करते हैं। हेयर फॉल कंट्रोल करने के ल‍िए प्‍याज और लहसुन को हेयर सीरम के रूप में इस्‍तेमाल कर सकते हैं। आयुर्वेद में भी बालों के ल‍िए प्‍याज और लहसुन को फायदेमंद बताया गया है। इस लेख में जानेंगे हेयर फॉल रोकने के ल‍िए प्‍याज-लहसुन हेयर सीरम के फायदे, सीरम को बनाने का तरीका और इसे इस्‍तेमाल करने का सही तरीका। इस व‍िषय पर बेहतर जानकारी के ल‍िए हमने Dr. Shrey Sharma, Ayurveda Expert, Ramhans Charitable Hospital, Haryana से बात की।

हेयर फॉल क्यों होता है?- Common Causes of Hair Fall

  • हेयर फॉल आज के समय में एक बड़ी समस्‍या बनता जा रहा है।
  • स्‍ट्रेस, गलत खानपान, हार्मोनल असंतुलन, नींद की कमी, प्रदूषण, केम‍िकल युक्‍त प्रोडक्‍ट्स के ज्‍यादा इस्‍तेमाल से हेयर फॉल हो सकता है।
  • डैंड्रफ, स्‍कैल्‍प इंफेक्‍शन के कारण भी हेयर फॉल हो सकता है।
  • Ayurveda Expert, Dr. Shrey Sharma ने बताया क‍ि डायब‍िटीज, थायराइड, एनीम‍िया जैसी बीमार‍ियां भी बालों के झड़ने का कारण बन सकती हैं। अगर समय रहते हेयर फॉल पर ध्‍यान न द‍िया जाए, तो यह समस्‍या गंजेपन (Baldness) में बदल सकती है।

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हेयर फॉल रोकता है आयुर्वेद विशेषज्ञ द्वारा सुझाया गया यह हेयर सीरम- Onion Garlic Hair Serum Controls Hair Fall

हेयर फॉल को कम करने और हेयर ग्रोथ को बढ़ाने के ल‍िए प्‍याज और लहसुन से बना हेयर सीरम फायदेमंद होता है। Ayurveda Expert, Dr. Shrey Sharma के मुताबि‍क, प्‍याज और लहसुन से बना सीरम पित्तशामक यानी पित्त प्रकृत‍ि को शांत करने वाले होता है। हालांक‍ि लहसुन की तासीर गर्म होती है, लेक‍िन फ‍िर भी यह तेल, अन्‍य तेल के साथ म‍िलकर स्‍कैल्‍प को ठंडक पहुंचाता है। प‍ित प्रकृत‍ि वाले लोगों में हेयर फॉल ज्‍यादा होता है इसल‍िए उनके लि‍ए यह फायदेमंद है और इसे लगाकर हेयर फॉल की समस्‍या दूर होती है। इसके साथ ही इस सीरम को लगाने से सफेद बालों की समस्‍या भी दूर होती है।

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क्‍या कहती है स्‍टडी?

नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेड‍िसन की 2002 की एक क्लिनिकल स्टडी में कच्चे प्‍याज के रस (Onion Juice) को सीधे स्कैल्प पर लगाने से 6 हफ्तों के अंदर पैच‎युक्त बाल झड़ने की समस्‍या (Alopecia Areata) में फर्क देखा गया। स्‍टडी के मुताब‍िक, प्‍याज का रस, हेयर फॉल रोकने में मदद करता है।

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प्याज-लहसुन सीरम हेयर फॉल पर कैसे काम करता है?- How Onion & Garlic Work To Fight Hair Fall

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हेयर फॉल में प्याज (Onion) के फायदे

  • प्‍याज में सल्‍फर होता है। इसे बालों पर इस्‍तेमाल करने से डैंड्रफ दूर होता है।
  • एक्‍ज‍िमा जैसी स्‍कैल्‍प संबंधी समस्‍या में भी प्‍याज का इस्‍तेमाल फायदेमंद माना जाता है।
  • सर्दि‍यों में ड्राईनेस के कारण स्‍कैल्‍प में खुजली होती है ज‍िसे दूर करने के ल‍िए प्‍याज फायदेमंद माना जाता है।

हेयर फॉल में लहसुन (Garlic) के फायदे

  • लहसुन में भी सल्‍फर होता है। इसे स्‍कैल्‍प पर अप्‍लाई करने से फंगल इंफेक्‍शन से राहत म‍िलती है।
  • लहसुन के इस्‍तेमाल से सर्दि‍यों में स्‍कैल्‍प ड्राईनेस को दूर करने में भी मदद म‍िलती है।

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प्याज-लहसुन हेयर सीरम कैसे बनाएं?- How To Make Onion Garlic Serum In Hindi

सामग्रि‍यां- Ingredients

  • मीड‍ियम साइज का प्‍याज
  • चार से पांच लहसुन

कैसे बनाएं?- Steps

  • प्‍याज और लहसुन को छीलकर म‍िक्‍सी में पीस लें।
  • एक कॉटन कपड़ा लगाकर रस को छान लें।
  • एक एयर टाइट जार में रस को स्‍टोर करें।

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प्‍याज-लहसुन हेयर सीरम कैसे लगाएं?- How To Apply Onion Garlic Serum On Hair

हेयर ग्रोथ के ल‍िए सीरम लगाने का तरीका

  • हेयर सीरम को बनाने के बाद सीधे स्‍कैल्‍प पर अप्‍लाई कर सकते हैं।
  • हेयर सीरम को लगाने के आधे या एक घंटे बाद क‍िसी भी एंटी-डैंड्रफ शैंपू से स‍िर धो लें।

हेयर ग्रोथ और स्‍कैल्‍प ड्राईनेस के ल‍िए सीरम लगाने का तरीका

  • Ayurveda Expert, Dr. Shrey Sharma ने बताया क‍ि अगर स्‍कैल्‍प ड्राईनेस को दूर करना है, तो हेयर सीरम को अन्‍य तेल के साथ म‍िलाकर लगाएं।
  • हेयर सीरम में नार‍ियल या ऑल‍िव ऑयल को म‍ि‍क्‍स करें और उसे उबाल लें, जब तेल आधा रह जाए, तो गैस बंद कर दें।
  • रातभर के लि‍ए तेल को स्‍कैल्‍प और रूट्स पर लगाकर छोड़ दें।
  • अगले द‍िन शैंपू कर लें।

हेयर सीरम कितनी बार लगाएं?- How Often You Can Use Hair Serum

  • हफ्ते में दो से तीन बार हेयर सीरम लगाना सबसे बेहतर माना जाता है।
  • अगर स्कैल्प बहुत सेंसिटिव है, तो पहले पैच टेस्ट जरूर करें।
  • बहुत ज्यादा मात्रा में हेयर सीरम को लगाने से बचें, वरना स्‍कैल्‍प चिपचिपा बना सकता है।

न‍िष्‍कर्ष:

प्याज-लहसुन हेयर सीरम को लगाने से ब्‍लड सर्कुलेशन बढ़ता है, डैंड्रफ कम होता है और आयुर्वेद के मुताब‍िक यह पित्तशामक होता है इसल‍िए यह हेयर फॉल और बाल सफेद होने की समस्‍या को दूर करता है।

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FAQ

  • कैसे पता करें कि बाल झड़ रहे हैं?

    कंघी में रोज 100 से ज्‍यादा बाल आना, नहाते समय बालों का गुच्छों में गिरना, हेयरलाइन पीछे जाना और स्कैल्प दिखने लगना असामान्य हेयर फॉल के संकेत हैं।
  • कौन सी बीमारी की वजह से बाल झड़ते हैं?

    थायराइड, एनीमिया, पीसीओएस, हार्मोनल असंतुलन, डेंगू, टाइफाइड जैसी बीमारियों के बाद बाल झड़ने की समस्‍या हो सकती है।
  • बहुत ज्यादा बाल झड़ने पर क्या लगाएं?

    बहुत ज्‍यादा बाल झड़ रहे हैं, तो प्‍याज का रस, नार‍ियल तेल, आंवला का तेल लगा सकते हैं। इन ऑयल्‍स को कुछ देर लगाकर शैंपू कर लें। हफ्ते दाे से तीन बार हेयर ऑयल अप्‍लाई कर सकते हैं।

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Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

Yashaswi Mathur

Yashaswi Mathur

Senior Sub Editor

यशस्वी माथुर पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं, जिनमें से करीब 8 साल उन्होंने हेल्थ जर्नलिज्म को दिए हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealth में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं। यहां वह स्वास्थ्य, महिला स्वास्थ्य, पोषण और लाइफस्टाइल से जुड़े विषयों पर लिखती हैं। यशस्वी की खासियत है जटिल मेडिकल विषयों और रिसर्च को आसान भाषा में समझाना, ताकि आम पाठक भी उन्हें आसानी से समझ सके। लेख तैयार करते समय वह विशेषज्ञ डॉक्टरों की राय, मेडिकल रिसर्च और भरोसेमंद स्रोतों का ध्यान रखती हैं। जिन विषयों में मेडिकल वैरिफिकेशन जरूरी होता है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत हिंदुस्तान अखबार से की थी। उस दौरान स्वास्थ्य से जुड़ी उनकी एक खोजी रिपोर्ट के बाद लखनऊ के KGMU स्थित क्वीन मेरी अस्पताल के गायनेकोलॉजी विभाग में व्यवस्थाओं को लेकर स्वास्थ्य विभाग को सुधारात्मक कदम उठाने पड़े। Editorial Policy: यशस्वी द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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