माइग्रेन

माइग्रेन क्या है? - What is Migraine in Hindi?

माइग्रेन एक विशेष तरह का सिरदर्द है आम सिरदर्द और माइग्रेन में अंतर होता है मगर अक्सर होने वाले सिरदर्द को लोग माइग्रेन ही मान लेते हैं। माइग्रेन एक तरह की न्यूरोलॉजिकल स्थिति होती है जिसमें सिरदर्द के अलावा भी कई लक्षण नजर आते हैं। इसमें रह-रह कर सिर में एक तरफ बहुत ही चुभन भरा दर्द होता है। ये कुछ घंटों से लेकर तीन दिन तक बना रहता है। इसमें सिरदर्द के साथ-साथ गैस्टिक, जी मिचलाने, उल्टी जैसी समस्याएं भी हो सकती हैं। माइग्रेन का दर्द आम सिरदर्द से ज्यादा तेज होता है और ये सिरदर्द के मुकाबले ज्यादा गंभीर परेशानी है। आमतौर पर माइग्रेन का दर्द आधे सिर में ही महसूस होता है। इसके अलावा चक्कर आना और कमजोरी भी माइग्रेन के लक्षण हो सकते हैं।

माइग्रेन के कारण - Migraine Causes in Hindi

माइग्रेन सिरदर्द के पीछे रक्‍तवाहिनियों का बड़ा होना और नर्व फाइबर्स की ओर से केमिकल का स्राव करने के संयुक्‍त कारण उत्‍तरदायी होते हैा।  सिरदर्द के दौरान, खोपड़ी के बिलकुल नीचे स्थित धमनी बड़ी हो जाती है। इसकी वजह से एक केमिकल का स्राव होने लगता है, जो जलन, दर्द और रक्‍तवाहिनी को और चौड़ा करने का काम करता है। 

जेनेटिक और पर्यावरणीय कारक की माइग्रेन में भूमिका हो सकती है। माइग्रेन ट्राईगेमिनल नर्व में न्यूरोकेमिकल के बदलाव और मस्तिष्क के रसायनों में असंतुलन, खासकर सेरोटोनिन के कारण आरंभ होता है। माइग्रेन के समय सेरोटोनिन का स्तर संभवतः कम हो जाता है, जो ट्राइजेमिनल सिस्टम को न्यूरोपेप्टाइड का स्राव करने के लिए प्रेरित करता है। न्यूरोपेप्टाइड मस्तिष्क के बाह्य आवरण(मेनिंन्जेज) तक पहुंचकर सिरदर्द उत्पन्न करता है।

माइग्रेन कई कारणों से आपको अपना शिकार बना सकता है। इनमें ये कारण प्रमुख हैं।

  • हर समय चिंता करना
  • ज्यादा तनाव लेना
  • पर्याप्त पानी न पीना
  • महिलाओं में हार्मोनल बदलावों के कारण
  • बहुत धीमी या बहुत तेज रोशनी में अक्सर रहने के कारण
  • तेज आवाज में रहने के कारण हो सकता है माइग्रेन
  • तेज खुश्बू भी हो सकती है वजह
  • दवाओं के साइड इफेक्ट के कारण
  • बहुत ज्यादा सोने के कारण
  • जरूरत से कम सोने के कारण
  • वातावरण में अचानक परिवर्तन के कारण
  • बहुत ज्यादा शारीरिक मेहनत के कारण
  • कैफीन वाले पदार्थों का ज्यादा सेवन करने से
  • नाश्ता और खाना छोड़ देने से
  • सिरदर्द की दवाएं बिना चिकित्सक की सलाह के लेने से
  • एल्कोहल, तंबाकू, धूम्रपान, चॉकलेट आदि का ज्यादा सेवन करने से

माइग्रेन के लक्षण - Migraine Symptoms in Hindi

माइग्रेन का दर्द एक विशेष तरह का सिरदर्द होता है। जानें माइग्रेन के लक्षणों को:

  • साधारण या तीव्र दर्द, जो सिर के एक या दोनों ओर हो सकता है
  • फड़कने जैसा दर्द
  • शारीरिक श्रम करने से दर्द बढ जाना
  • दर्द दैनिक क्रियाओं में अवरोध पैदा कर सकता है
  • जी मिचलाना, जिससे उल्टी भी हो सकती है
  • आवाज और प्रकाश के प्रति संवेदनशीलता
  • माइग्रेन आपका पाचन खराब कर सकता है।
  • कुछ लोगों में माइग्रेन के दौरान ब्लड प्रेशर लो हो जाता है।
  • इसका दर्द 4 से 72 घंटों तक रह सकता है।
  • कुछ लोगों को महीने में कई बार सिरदर्द हो सकता है, जबकि अन्य लोगों को इससे कम होता है।

माइग्रेन के प्रकार - Types of Migraine in Hindi

क्लासिकल माइग्रेन

क्लासिकल माइग्रेन बहुत से चेतावनी भरे लक्षणों को दर्शाता है। शायद आपको सिरदर्द से पहले धुंधला दिखे। अगर आपको क्लासिकल माइग्रेन है तो इस अवस्था में आपकी रक्त वाहिनियां सिकुड़ने लगेंगी। इस अवस्था में रक्त वाहिनियां बड़ी हो जाती हैं इसलिए क्लासिकल माइग्रेन के लिए दवाएं लेना ज़रूरी होता है।

नॉन क्लासिकल माइग्रेन

नॉन क्लासिकल माइग्रेन में समय समय पर बहुत तेज़ सिरदर्द होता है, लेकिन इसमें किसी और तरह के लक्षण नज़र नहीं दिखते। ऐसी स्थिति में सिरदर्द की शुरूवात के साथ ही दवा ले लेनी चाहिए। 

माइग्रेन का परीक्षण - Diagnosis & Prognosis of Migraine in Hindi

यदि आपको माइग्रेन है। अथवा आपके परिवार में माइग्रेन के कारण सिरदर्द का इतिहास है, तो आपका डॉक्‍टर आपके चिकित्‍सीय इतिहास के आधार पर आपका इलाज करेगा। वह आपके लक्षणों का आंकलन करने के बाद शारीरिक और न्‍यूरोलॉजिक जांच करेगा। यदि आपकी परिस्थिति असामान्‍य है, गंभीर है अथवा आप दर्द के कारण आप अचानक बेहद तकलीफ में आ जाते हैं, तो डॉक्‍टर दर्द के अन्‍य संभावित कारणों की पुष्टि के लिए कुछ जांच करने की सलाह भी दे सकता है।

ब्लड की जांच 

डॉक्‍टर रक्‍तवाहिनियों की समस्‍याओं का पता लगाने के लिए रक्‍त जांच करने को कह सकता है। इसके साथ ही इस जांच से वह स्‍पाइनल कोड अथ्‍वा मस्तिष्‍क में होने वाली संभावित समस्‍याओं के बारे में पता लगाने का प्रयास करता है। रक्‍त जांच से डॉक्‍टर को आपके सिस्‍टम में मौजूद विषैले पदार्थों के बारे में भी पता लग जाता है।

सीटी स्‍कैन 

कंप्‍यूटराइज टोमोग्राफी यानी सीटी स्‍कैन में एक्‍स-रे किरणों की एक श्रृंखला के जरिये मस्तिष्‍क की विस्‍तृत तस्‍वीर तैयार की जाती है। इससे डॉक्‍टर को ट्यूमर, संक्रमण, क्षतिग्रस्‍त मस्तिष्‍क, मस्तिष्‍क में रक्‍त बहना और अन्‍य संभावित चिकित्‍सीय समस्‍याओं के बारे में पता चल सकता है। डॉक्‍टर ऐसा इसलिए करता है क्‍योंकि वह पुष्टि करना चाहता है कि कहीं सिरदर्द के पीछे कोई अन्‍य कारण तो नहीं है।

एमआरआई 

मैगनेटिक रिसोन्‍सेंसे इमेजिंग यानी एमआरआई करवाकर डॉक्‍टर कुछ जरूरी बातों के बारे में पुख्‍ता जानकारी इकट्ठा करता है। एमआरआई वास्तव में चुंबकीय क्षेत्र और रेडियो तरंगें को कहा जाता है। ये क्षेत्र और तरंगे आपके मस्तिष्‍क और रक्‍तवा‍हिनियों का विस्‍तृत चित्र तैयार करते हैं। एमआरआई स्‍कैन से डॉक्‍टर को ट्यूमर, स्‍ट्रोक, मस्तिष्‍क में रक्‍तस्राव, संक्रमण और मस्तिष्‍क और नर्वस सिस्‍टम से जुड़ी अन्‍य समस्‍याओं के बारे में जानकारी हासिल करते हैं।

स्‍पाइनल टेप 

यदि आपके डॉक्‍टर को इस बात का संदेह हो कि दर्द के पीछे संक्रमण या मस्तिष्‍क में रक्‍तस्राव जैसी समस्‍यायें हो सकती हैं, तो वह स्‍पाइनल टेप करवाने की सलाह देते हैं। इस प्रक्रिया में एक पतली सुई मेरूदण्‍ड के अस्थिखण्‍ड कशेरुका में प्रवेश कराई जाती है। कमर के निचले हिस्‍से में स्थित इस सुई से अस्थि से सैंपल निकालकर प्रयोगशाला में जांच के लिए भेजा जाता है।

माइग्रेन का इलाज - Migraine Treatment in Hindi

माइग्रेन का पूरी तरह इलाज संभव नहीं है मगर आप चिकित्सक की सलाह द्वारा और कुछ जरूरी दवाओं द्वारा इसके दर्द को कम कर सकते हैं और तत्काल राहत पा सकते हैं। चूंकि माइग्रेन के कारण ब्रेन स्ट्रोक का खतरा भी होता है, जो कि एक जानलेवा और गंभीर बीमारी है इसलिए इसका इलाज भी जरूरी है, वर्ना माइग्रेन का दर्द आपके लिए प्राणघातक साबित हो सकता है।
चिकित्सक इन बातों के आधार पर आपके माइग्रेन का इलाज करता है-
  • आपकी उम्र क्या है?
  • आपको माइग्रेन का दर्द कितने दिन में होता है?
  • आपको किस तरह का माइग्रेन दर्द होता है?
  • दर्द कितना गंभीर होता है?
  • दर्द कितने समय तक रहता है?
  • क्या सिरदर्द के अलावा भी कोई लक्षण दिखाई देते हैं?
  • सिर के अलावा माइग्रेन के समय शरीर के किन हिस्सों में परेशानी होती है?

माइग्रेन होने पर क्या करें  - Prevention from Migraine

माइग्रेन होने की आशंका को आप इन टिप्स की मदद से कम कर सकते हैं। हालांकि अगर आपको दर्द महसूस होता है, तो तुरंत चिकित्सक से संपर्क जरूर करें।

दवाओं का नियमित सेवन 

माइग्रेन की समस्‍या होने पर डॉक्‍टर द्वारा बताई गई दवाओं का नियमित रूप से सेवन करना चाहिए। साथ ही यदि आप डॉक्‍टर के परामर्श के मुताबिक प्रतिदिन व्‍यायाम, योग और मेडिटेशन भी करें तो बेहतर रहेगा।

मौसम बदलने पर हिफाजत 

माइग्रेन का कारण मौसम में बदलाव भी होता है। इसलिए मौसम में होने वाले बदलाव से आपको अपनी हिफाजत करनी चाहिए। साथ ही घर से निकलते समय छाता लेकर निकलें, ताकि सूरज की सीधी रोशनी से बच सकें।

पर्याप्‍त नींद जरूरी 

जिस व्‍यक्ति को माइग्रेन की समस्‍या है, उसे पर्याप्‍त नींद लेने की कोशिश करनी चाहिए। नींद लेने से माइग्रेन में आराम मिलता है। अच्‍छी नींद लेने में योग, मेडिटेशन और मार्निंग वॉक भी सहायक होती है।

सिर को ठंडक दें 

सिर को ठंडक देने से माइग्रेन में राहत मिलती है। ठंडक के लिए आप माथे पर बर्फ या ठंडे पानी की पट्टी रख सकते हैं। साथ ही सिर में मेहंदी लगाना भी फायदेमंद रहता है। ऐसा करने से रक्‍त धमनियां फैलकर अपनी पूर्व स्थिति में आ जाती हैं।

फलों का सेवन करें 

इस दौरान मौसमी फलों का सेवन करना चाहिए। हरे पत्‍तेदार सब्जियों के साथ ही फलों का जूस भी माइग्रेन में राहत देता है। रात के खाने में सलाद का सेवन ज्‍यादा करें और सोते समय त्रिफला व आंवले के चूर्ण का गुनगुने पानी से सेवन करें।

आंखों पर जोर देने से बचें

माइग्रेन की समस्‍या होने पर रोगी को अपनी आंखों पर ज्‍यादा जोर नहीं देना चाहिए। ऐसा करने से समस्‍या बढ़ सकती है। साथ ही यह भी ध्‍यान रखें कि आपके सोने वाले कमरे में ज्‍यादा रोशनी नहीं आनी चाहिए। सूरज की किरणों से भी आपको बचना चाहिए।

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