कैसे धीरे-धीरे हो जाते हैं आप माइग्रेन का शिकार और क्या पड़ता है प्रभाव?

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Jun 15, 2018
Quick Bites

  • माइग्रेन को आम भाषा में अधकपाली भी कहते हैं।
  • माइग्रेन के दौरान सिर में केमिकल का स्राव होता है।
  • पुरुषों के मुकाबले महिलाओं को अधिक परेशान करता है माइग्रेन।

सिरदर्द का एक ऐसा रूप जो बार-बार या लगातार होता है, उसे माइग्रेन कहते हैं। माइग्रेन को आम बोलचाल की भाषा में अधकपारी भी कहते हैं। माइग्रेन एक तेज सिरदर्द है, जो आमतौर पर संवेदी चेतावनी संकेतों के साथ आता है। लोगों को तेज रोशनी, ब्‍लाइंड स्‍पॉट, हाथ-पैर में झुनझुनी, मतली, उलटी और रोशनी तथा आवाज से संवेदनशीलता का बढ़ना जैसे संकेत नजर आते हैं। माइग्रेन की कष्‍टदायी पीड़ा कुछ घंटों से लेकर कई दिनों तक रह सकती है।

जीवनशैली हो सकती है वजह

माइग्रेन के मरीज दुनियाभर में बढ़ते जा रहे हैं। हमार देश भी अछूता नहीं है। इसका सबसे बड़ा कारण भागदौड़ की जिंदगी को माना जाता है। यह जिंदगी तनाव से भरपूर है, और लोग इसे बदलने का अधिक प्रयास भी नहीं करते। धीरे-धीरे यही सब माइग्रेन के रुप में बदलने लगती हैं। सामान्य स्थिति से तनाव भरे माहौल में पहुंचने पर सिरदर्द बढ़ जाता है और ब्लडप्रेशर हाई होने लगता है। लगातार ऐसी स्थितियां अगर आपके सामने पेश आएं, तो समझिए आप माइग्रेन के शिकार हो रहे हैं।

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माइग्रेन क्‍या होता है

माइग्रेन सिरदर्द के पीछे रक्‍तवाहिनियों का बड़ा होना और नर्व फाइबर्स की ओर से केमिकल का स्राव करने के संयुक्‍त कारण उत्‍तरदायी होते हैा।  सिरदर्द के दौरान, खोपड़ी के बिलकुल नीचे स्थित धमनी बड़ी हो जाती है। इसकी वजह से एक केमिकल का स्राव होने लगता है, जो जलन, दर्द और रक्‍तवाहिनी को और चौड़ा करने का काम करता है।

माइग्रेन का लक्षण

माइग्रेन सिरदर्द के दौरान मतली, डायरिया और उल्‍टी जैसी शिकायतें हो सकती हैं। इसके चलते भोजन छोटी आंत में देर से पहुंचता है। यानी इससे पाचन क्रिया पर विपरीत असर होने लगता है। साथ ही माइग्रेन के दौरान रक्‍त प्रवाह भी धीमा हो जाता है, जिससे हाथ-पैर ठंडे पड़ने लगते हैं। और रोशनी तथा आवाज़ के प्रति संवेदनशीलता बढ़ जाती है। एक अनुमान के अनुसार भारत में करीब 12 फीसदी लोगों को माइग्रेन सिरदर्द की शिकायत है। महिलाओं को माइग्रेन होने का खतरा पुरुषों की अपेक्षा अधिक होता है।

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15 से 55 साल के लोग हैं ज्यादा प्रभावित

अमेरिका के नेशनल हैडएक फाउंडेशन के मुताबिक, वहां करीब चार करोड़ लोगों को माइग्रेन की समस्‍या है। यह सिरदर्द 15 से 55 वर्ष की आयु के लोगों को अधिक परेशान करता है। ऐसे लोग जिनके परिवार में माइग्रेन का इतिहास है, उन्‍हें यह बीमारी होने का खतरा तीन चौथाई अधिक होता है। फाउंडेशन की रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि आधे से कुछ अधिक माइग्रेन पीडि़तों का सही निदान उनके चिकित्‍सकों द्वारा किया गया। हालांकि, कुछ मामलों में माइग्रन को चिंता से होने वाले सिरदर्द और साइनस सिरदर्द का रूप समझकर इलाज किया गया।

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