Fri Sep 11, 2026 | 08:23 PM IST

Medically Reviewed by Dr Naveen Polavarapu , Gastroenterologist

सर्दियों में लिवर को रखें रोग-मुक्त, अपनाएं डॉक्‍टर अप्रूव्ड 6 स‍िंपल डाइट टिप्स

सर्दियों में लिवर को हेल्दी और रोग-मुक्त रखना चाहते हैं? डॉक्टर अप्रूव्ड 6 सिंपल डाइट टिप्स अपनाकर फैटी लिवर, सूजन और डाइजेशन प्रॉब्लम से बचाव करें। जानें कौन से फूड्स लिवर को डिटॉक्स और मजबूत बनाते हैं।

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लिवर शरीर में डिटॉक्सिफिकेशन, मेटाबॉलिज्‍म और पोषक तत्वों को स्टोर करने का अहम काम करता है। द लिवर फाउंडेशन इंंड‍िया (The Liver Foundation India) के मुताब‍िक, भारत में लगभग 40 मिलियन लोग हेपेटाइटिस बी से संक्रमित हैं और करीब 6 से 12 मिलियन लोग हेपेटाइटिस सी से संक्रमित हैं। इसलिए लिवर को हेल्दी रखना बहुत जरूरी है। संतुलित डाइट और स्वस्थ जीवनशैली इसकी बुनियाद हैं।

संतुलित आहार लिवर के काम करने की क्षमता को बेहतर बनाता है, शरीर से टॉक्सिन्स निकालने में मदद करता है और सूजन कम करता है। सर्दियों में गलत खान-पान से इंफेक्‍शन का खतरा बढ़ जाता है, इसलिए लिवर का ध्यान रखना और भी जरूरी हो जाता है। इस लेख में हम बताएंगे आपको कुछ आसान डाइट ट‍िप्‍स जि‍नकी मदद से सर्दि‍यों में ल‍िवर को रोग-मुक्‍त बनाने में मदद म‍िलेगी। इस व‍िषय पर बेहतर जानकारी के ल‍िए हमने Dr. Naveen Polavarapu, Senior Consultant, Medical Gastroenterologist, Liver Specialist, Lead Advanced Endoscopic Interventions & Training, Clinical Director, Yashoda Hospitals, Hyderabad से बात की।

1. गर्म और पौष्टिक भोजन को प्राथमिकता दें- Choose Warm And Nutrient Rich Foods

  • सबसे पहले गर्म और पोषण से भरपूर भोजन को प्राथमिकता दें, जैसे सूप या हर्बल चाय।
  • साथ ही ब्राउन राइस और ओट्स जैसे आसानी से पचने वाले अनाज खाएं। इनमें मौजूद विटामिन और एंटीऑक्सीडेंट लिवर को नुकसान पहुंचाने वाले ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस से बचाते हैं।
  • पालक, गाजर और लौकी जैसी मौसमी सब्जियां डाइट में शामिल करें, जो फाइबर और एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर होती हैं और लिवर को डिटॉक्स करने में मदद करती हैं।

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2. पानी और हर्बल ड्रिंक्स की अहमियत समझें- Importance Of Hydration And Herbal Drinks

  • सर्दियों में भी पर्याप्‍त पानी पीना बहुत जरूरी है।
  • Dr. Naveen Polavarapu ने बताया क‍ि गुनगुना पानी, अदरक की चाय या तुलसी की चाय पाचन को बेहतर बनाते हैं और लिवर की सफाई में मदद करते हैं इसल‍िए इन्‍हें डाइट का ह‍िस्‍सा बनाएं।
  • अल्‍कोहल का ज्‍यादा सेवन लिवर के लिए बहुत नुकसानदायक होता है, इसलिए खासतौर पर सर्दियों की पार्टियों या खास मौकों पर इसे सीमित रखें।

3. हेल्दी फैट्स को डाइट में शामिल करें- Include Healthy Fats In Diet

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  • हेल्दी फैट्स भी लिवर के लिए जरूरी होते हैं। इसके लिए नट्स, मूंगफली, एवोकाडो और ओमेगा-3 फैटी एसिड से भरपूर मछली जैसे सैल्मन और मैकेरल खा सकते हैं।
  • ये फूड्स ल‍िवर सेल्‍स को र‍िपेयर करते हैं और ल‍िवर में होने वाली सूजन को कम करते हैं।
  • सर्दियों में ज्यादा खाए जाने वाले तले-भुने और प्रोसेस्ड फूड्स से भी दूरी बनाएं, क्योंकि ये फैटी लिवर की समस्या को बढ़ा सकते हैं।

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4. ओवरईटिंग से बचें- Avoid Overeating

ओवरईटिंग से बचें और खाने की मात्रा कंट्रोल करें, क्योंकि ज्यादा खाना लिवर पर दबाव डालता है। Dr. Naveen Polavarapu ने बताया क‍ि संतरा, लहसुन और हल्दी जैसे इम्यूनिटी बढ़ाने वाले फूड्स को डाइट में शामिल करें, जिनमें सूजन कम करने वाले गुण होते हैं।
संतुलित डाइट और नियमित एक्सरसाइज से वजन कंट्रोल में रहता है, जिससे फैटी लिवर जैसी बीमारियों से बचाव होता है।

5. शुगर की मात्रा कम करें- Reduce Sugar Intake

मीठे पेय और ज्यादा शुगर वाली मिठाइयों से बचें, क्योंकि ज्‍यादा चीनी इंसुलिन रेजिस्टेंस और लिवर में फैट जमा होने का कारण बनती है। सही खान-पान और नियमित एक्टिविटी के साथ आप पूरी सर्दी अपने लिवर को हेल्दी रख सकते हैं।

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6. सर्दि‍यों में ल‍िवर को हेल्‍दी रखेंगे ये सप्‍लीमेंट्स- Supplements For Healthy Liver

मिल्क थिसल एन-एसिटाइलसिस्टीन ओमेगा-3 फैटी एसिड
विटामिन ई आर्टिचोक लीफ एक्सट्रैक्ट  

मिल्क थीस्‍ल- Milk Thistle Or Silybum Marianum

मिल्क थीस्‍ल लिवर को सपोर्ट करने वाला एक हर्बल सप्लीमेंट्स है। इसमें मौजूद सिलीमारिन (Silymarin) एंटीऑक्सीडेंट, सूजन कम करने और लिवर को नुकसान से बचाने वाले गुणों से भरपूर होता है।

Dr. Naveen Polavarapu ने बताया क‍ि रिसर्च के अनुसार, यह लिवर की कोशिकाओं को दोबारा बनने में मदद करता है और टॉक्सिन्स से लिवर की रक्षा करता है। यह फैटी लिवर और हेपेटाइटिस जैसी समस्याओं में फायदेमंद माना जाता है।

एन-एसिटाइलसिस्टीन- N-Acetyl Cysteine

  • यह शरीर के सबसे जरूरी एंटीऑक्सीडेंट ग्लूटाथियोन को बनाने में मदद करता है, जो सबसे ज्यादा लिवर में पाया जाता है।
  • यह फ्री रेडिकल्स को खत्म करता है और शरीर के डिटॉक्स प्रोसेस को बेहतर बनाता है।
  • अध्ययनों में पाया गया है कि यह सप्‍लीमेंट लेने से लिवर फंक्शन बेहतर होता है और अल्‍कोहल या टॉक्सिन्स से होने वाले ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस से सुरक्षा मिलती है।

ओमेगा-3 फैटी एसिड- Omega 3 Fatty Acids

फिश ऑयल में पाए जाने वाले ओमेगा-3 फैटी एसिड सूजन को कम करने में मदद करते हैं और लिवर में जमा फैट को घटा सकते हैं। Dr. Naveen Polavarapu ने बताया क‍ि ये लिवर एंजाइम लेवल सुधारने में भी मदद करते हैं। ओमेगा-3 खासतौर पर नॉन-अल्कोहोलिक फैटी लिवर डिजीज (NAFLD) को मैनेज करने में फायदेमंद माने जाते हैं।

विटामिन ई- Vitamin E

विटामिन ई एक शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट है, जो लिवर की कोशिकाओं को ऑक्सीडेटिव डैमेज से बचाता है। हालांकि, इसकी ज्‍यादा मात्रा नुकसानदायक हो सकती है, इसलिए इसका सेवन डॉक्टर की सलाह से ही करना चाहिए।

आर्टिचोक लीफ एक्सट्रैक्ट- Artichoke Leaf Extract

आर्टिचोक पत्तियों का अर्क पाचन को बेहतर बनाता है और पित्त (बाइल) के उत्पादन को बढ़ाता है, जिससे लिवर की सफाई में मदद मिलती है। इसमें एंटीऑक्सीडेंट गुण भी होते हैं, जो लिवर टिशूज को सुरक्षित रखने में मदद करते हैं।

नोट: किसी भी सप्लीमेंट को लेना शुरू करने से पहले डॉक्टर या हेल्थ एक्सपर्ट से सलाह लेना बहुत जरूरी है, खासकर उन लोगों के लिए जिन्हें पहले से लिवर की बीमारी है या जो कई दवाएं लेते हैं। सप्लीमेंट्स को स्वस्थ जीवनशैली का विकल्प नहीं, बल्कि उसका सहायक माना जाना चाहिए।

न‍िष्‍कर्ष:

लिवर-फ्रेंडली फूड्स, ट‍िप्‍स और सप्‍लीमेंट्स को समझना और अपनाना सर्दियों में बीमारियों से बचाव और ओवरऑल हेल्थ के लिए फायदेमंद है। अपनी सेहत के अनुसार सही सलाह के लिए हमेशा डॉक्टर से सलाह लें।

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FAQ

  • ल‍िवर को हेल्‍दी कैसे रखें?

    संतुलित आहार लें, तला-भुना कम खाएं, रोज पानी पिएं, अल्‍कोहल से दूरी रखें, नियमित एक्‍सरसाइज करें और बिना डॉक्टर सलाह के दवाएं या सप्लीमेंट न लें।
  • ल‍िवर को ड‍िटॉक्‍स कैसे करें?

    गुनगुना पानी पिएं, हरी सब्जियां और फल खाएं, फाइबर बढ़ाएं, जंक फूड छोड़ें, अल्‍कोहल न लें और नींद पूरी करें, इससे लिवर खुद डिटॉक्स होता है।
  • ल‍िवर खराब होने के लक्षण क्‍या हैं?

    बार-बार थकान, भूख कम लगना, मतली, पेट दर्द, आंखों या त्वचा का पीला होना, पेशाब का रंग गहरा होना और वजन अचानक बढ़ना लिवर समस्या के संकेत हैं।

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Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

Yashaswi Mathur

Yashaswi Mathur

Senior Sub Editor

यशस्वी माथुर पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं, जिनमें से करीब 8 साल उन्होंने हेल्थ जर्नलिज्म को दिए हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealth में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं। यहां वह स्वास्थ्य, महिला स्वास्थ्य, पोषण और लाइफस्टाइल से जुड़े विषयों पर लिखती हैं। यशस्वी की खासियत है जटिल मेडिकल विषयों और रिसर्च को आसान भाषा में समझाना, ताकि आम पाठक भी उन्हें आसानी से समझ सके। लेख तैयार करते समय वह विशेषज्ञ डॉक्टरों की राय, मेडिकल रिसर्च और भरोसेमंद स्रोतों का ध्यान रखती हैं। जिन विषयों में मेडिकल वैरिफिकेशन जरूरी होता है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत हिंदुस्तान अखबार से की थी। उस दौरान स्वास्थ्य से जुड़ी उनकी एक खोजी रिपोर्ट के बाद लखनऊ के KGMU स्थित क्वीन मेरी अस्पताल के गायनेकोलॉजी विभाग में व्यवस्थाओं को लेकर स्वास्थ्य विभाग को सुधारात्मक कदम उठाने पड़े। Editorial Policy: यशस्वी द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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