
सुबह उठते ही अगर मन में ताजगी की जगह बोझ, शरीर में फुर्ती की जगह सुस्ती और दिमाग में एनर्जी की जगह थकान महसूस हो, तो यह अनुभव बेहद परेशान करने वाला हो सकता है। हैरानी की बात यह है कि यह समस्या आज सिर्फ उन लोगों तक सीमित नहीं है जो देर रात तक जागते हैं या कम नींद लेते हैं, बल्कि उन लोगों में भी तेजी से बढ़ रही है जो रोजाना 7-8 घंटे की पूरी नींद लेते हैं। ऐसे में मन में यही सवाल उठता है कि जब नींद पूरी हो रही है, तो फिर थकान क्यों नहीं जा रही? आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में थकान को हम अक्सर नॉर्मल मानकर नजरअंदाज कर देते हैं। काम का दबाव, मोबाइल और स्क्रीन का बढ़ता इस्तेमाल, अनियमित खानपान और तनाव, ये सब धीरे-धीरे शरीर को अंदर से कमजोर कर देते हैं। इस लेख में यशोदा हॉस्पिटल, हैदराबाद की कंसल्टेंट मेडिकल गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट और हेपेटोलॉजिस्ट, डॉ. सारदा पासंगुलापति (Dr. Sarada Pasangulapati, Consultant Medical Gastroenterologist and Hepatologist, Yashoda Hospitals, Hyderabad) से जानिए, नींद पूरी होने के बाद भी थकान क्यों रहती है?
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नींद पूरी होने के बाद भी थकान क्यों रहती है? - Why do i feel tired even after enough sleep
डॉ. सारदा पासंगुलापति के अनुसार, सिर्फ 7-8 घंटे सो लेना ही अच्छी नींद की गारंटी नहीं है। नींद की क्वालिटी अगर खराब है, तो शरीर और दिमाग को पूरा आराम नहीं मिल पाता। बार-बार नींद का टूटना, देर रात मोबाइल या टीवी देखना और तनाव भरी सोच गहरी नींद में बाधा डालती है, जिससे सुबह उठने पर भी थकान बनी रहती है।
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1. तनाव और मानसिक दबाव
लगातार चिंता, काम का दबाव, पारिवारिक समस्याएं या भविष्य को लेकर डर दिमाग को पूरी तरह रिलैक्स नहीं होने देता। डॉ. पासंगुलापति बताती हैं कि मेंटल फटीग (Mental Fatigue) में व्यक्ति सोने के बाद भी तरोताजा महसूस नहीं करता, क्योंकि दिमाग रात भर एक्टिव रहता है।
2. पोषण की कमी
अगर शरीर को जरूरी पोषक तत्व नहीं मिलते, तो नींद के बाद भी कमजोरी महसूस हो सकती है। आयरन की कमी से एनीमिया, विटामिन B12 और विटामिन D की कमी थकान, चक्कर और सुस्ती का कारण बनती है। डॉक्टर के अनुसार, कई लोग बिना जांच कराए थकान को सामान्य समझ लेते हैं, जबकि असल वजह न्यूट्रिशनल डिफिशिएंसी होती है।
3. हार्मोनल असंतुलन
थायराइड से जुड़ी समस्याएं भी नींद पूरी होने के बाद थकान की बड़ी वजह हो सकती हैं। खासकर हाइपोथायरॉइडिज्म में शरीर का मेटाबॉलिज्म धीमा हो जाता है, जिससे व्यक्ति हर समय सुस्त और थका हुआ महसूस करता है। डॉ. सारदा पासंगुलापति कहती हैं कि महिलाओं में हार्मोनल बदलाव, पीरियड्स या मेनोपॉज के दौरान यह समस्या ज्यादा देखी जाती है।

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4. डिहाइड्रेशन और गलत लाइफस्टाइल
कम पानी पीना भी थकान का एक अहम कारण है। डिहाइड्रेशन से ब्लड सर्कुलेशन धीमा हो जाता है, जिससे शरीर में सुस्ती बनी रहती है। इसके अलावा फिजिकल एक्टिविटी की कमी, लंबे समय तक बैठकर काम करना, देर रात तक जागना और अनियमित दिनचर्या भी नींद के बाद थकान को बढ़ाती है।
डॉक्टर की सलाह
डॉ. सारदा पासंगुलापति के अनुसार, अगर 2-3 हफ्तों तक पूरी नींद के बावजूद लगातार थकान बनी रहे, वजन तेजी से बढ़े या घटे, बाल झड़ने लगें, सांस फूलने लगे या चक्कर आएं, तो तुरंत डॉक्टर से जांच करानी चाहिए। समय पर ब्लड टेस्ट और सही इलाज से समस्या को कंट्रोल किया जा सकता है।
निष्कर्ष
नींद पूरी होने के बाद भी थकान रहना शरीर का एक चेतावनी संकेत हो सकता है। यह सिर्फ आराम की कमी नहीं, बल्कि तनाव, पोषण की कमी, हार्मोनल गड़बड़ी या लाइफस्टाइल से जुड़ी समस्या भी हो सकती है। डॉ. सारदा पासंगुलापति के अनुसार, बैलेंस डाइट, नियमित दिनचर्या, तनाव कम करने की आदतें और समय पर मेडिकल जांच अपनाकर इस समस्या से राहत पाई जा सकती है। अगर थकान लंबे समय तक बनी रहे, तो इसे नजरअंदाज न करें और डॉक्टर से सलाह जरूर लें।
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FAQ
कमजोरी का पता लगाने के लिए कौन सा टेस्ट किया जाता है?
लगातार थकान और कमजोरी रहने पर डॉक्टर की सलाह से हीमोग्लोबिन, थायराइड प्रोफाइल, विटामिन B12 और विटामिन D की जांच करानी चाहिए, क्योंकि इनकी कमी से कमजोरी और सुस्ती बनी रहती है।क्या थायराइड में थकान होती है?
हां, खासकर हाइपोथायराइडिज्म में मेटाबॉलिज्म धीमा हो जाता है, जिससे व्यक्ति को हर समय सुस्ती, कमजोरी और थकान रहती है।थकान दूर करने के लिए कौन से घरेलू उपाय हैं?
बैलेंस डाइट, पर्याप्त पानी, समय पर सोना-जागना, हल्की एक्सरसाइज, योग-प्राणायाम और स्क्रीन टाइम कम करना थकान कम करने में मददगार हो सकता है। अगर समस्या बनी रहे तो डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है।
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Jan 05, 2026 18:18 IST
Published By : Akanksha Tiwari