गर्भपात

गर्भपात Miscarriage and Abortion in Hindi - गर्भपात के कारण, गर्भपात के लक्षण, मिसकैरेज से बचाव और गर्भपात से जुड़ी सभी जानकारी के लिए इस केटेगरी को पढ़ें। गर्भावस्था के दौरान अगर महिला अपना ख्याल उचित तरीके से नहीं कर पाती है तो गर्भपात होने की आशंका बढ जाती है। इस केटेगरी में आप विस्‍तार से गर्भपात के प्रमुख कारण, मिसकैरेज के कारण, पहले ट्राइमेस्टर में मिसकैरेज के कारण, दूसरे ट्राइमेस्टकर में मिसकैरेज के कारण, तीसरे ट्राइमेस्टर में मिसकैरेज के कारण, गर्भपात के लक्षण, मिसकैरेज से बचाव, एबॉर्शन के प्रकार, गर्भपात की गोलियां, गर्भपात के मनोवैज्ञानिक प्रभाव, गर्भपात से कैसे उभरें, गर्भपात से बचने के उपाय, गर्भपात के प्राकृतिक उपाय, गर्भपात से बचने के घरेलू उपाय और गर्भपात से जुड़ी जानकारी विस्‍तार से जानकारी प्राप्‍त कर सकते हैं।

  • गर्भपात के बाद इन खाद्य पदार्थों से रहें दूर

    गर्भपात के बाद इन खाद्य पदार्थों से रहें दूर

    गर्भपात के बाद न केवल शारीरिक बल्कि मानसिक और भावनात्‍मक रूप से भी महिला को काफी क्षति होती है। इससे उबरने में सही आहार कुछ मदद कर सकता है।

  • ये सावधानियां बरतेंगी तो नहीं होगा गर्भपात

    ये सावधानियां बरतेंगी तो नहीं होगा गर्भपात

    गर्भपात के खतरे से बचने के लिए अपनी सेहत का खयाल रखें और समय-समय पर जरूरी जांच करवाते रहें।

  • गर्भपात का खतरा बढ़ाने वाले कारक

    गर्भपात का खतरा बढ़ाने वाले कारक

    गर्भावस्था के शुरुआती दिनों में थोड़ी सी असावधानी गर्भपात का कारण बन सकती है। जानिए वे कौन से ऐसे कारक हैं जो गर्भपात के लिए जिम्मेदार होते हैं।

  • मिसकैरेज की चिकित्सा

    मिसकैरेज की चिकित्सा

    अगर गर्भपात के लक्षण पहली या दूसरी तिमाही में आतें है तो डॉक्टर आपको आराम करने की सलाह देगा।

  • घर पर सुरक्षित गर्भपात

    घर पर सुरक्षित गर्भपात

    घर पर गर्भपात करने या करवाने से पहले सभी जरूरी बातों की जानकारी होनी चाहिए। थोड़ी सी भी लापरवाही महिला की जान को खतरे में डाल सकती है।

  • मिसकैरेज के जोखिम कारक

    मिसकैरेज के जोखिम कारक

    बढ़ती उम्र में गर्भवती होने पर गर्भपात का खतरा हो सकता है। ज्यादा जानकारी के लिए पढ़े।

  • गर्भपात के प्रभाव

    गर्भपात के प्रभाव

    गर्भपात के बाद महिलाओं को शारीरिक व मानसिक प्रभाव होते हैं जिसके लिए उन्हें आराम करने की सलाह दी जाती है।

  • मिसकैरेज का निदान

    मिसकैरेज का निदान

    मिसकैरेज के लक्षणों को बताए जाने पर डॉक्टर इसके कारणों के बारे में पता लगा सकते हैं।

  • गर्भपात पर विवाद

    गर्भपात पर विवाद

    गर्भपात के विषय में वाद-विवाद लंबे समय से है, पर प्रश्न यह है कि नैतिक क्या है?जानने के लिए पढ़े।

  • मिसकैरेज के लक्षण

    मिसकैरेज के लक्षण

    वजन घटना व पीठ के निचले हिस्से में लगातार दर्द मिस्कैरेज का कारण हो सकता है।

  • मिसकैरेज क्‍या है

    मिसकैरेज क्‍या है

    गर्भावस्था के पहली तिमाही में गर्भपात का खतरा सबसे ज्यादा होता है। इस दौरान महिलाओं को काफी सर्तक रहना चाहिए।

  • गर्भपात की गोलियां

    गर्भपात की गोलियां

    गर्भपात की गोलियां जल्दी गर्भपात यानी गर्भावस्था के नौवें सप्ताह तक के लिए होती हैं। इसके बाद गर्भपात कराने के लिए डॉक्टर से सलाह लें।

  • गर्भपात के बाद गर्भवती

    गर्भपात के बाद गर्भवती

    गर्भपात के बाद अगर आप गर्भवती होने के बारे में सोच रहीं है तो कुछ खास बातों का खयाल रखना जरूरी है।

  • गर्भावस्था क्षति के कारणों को जानें

    गर्भावस्था क्षति के कारणों को जानें

    पहली तिमाही में किसी प्रकार की लापरवाही गर्भपात का कारण बन सकता है। गर्भपात के खतरों से बचने के लिए जरूरी है कि इसके कारणों को जानें।

  • गर्भपात के मनोवैज्ञानिक प्रभाव

    गर्भपात के मनोवैज्ञानिक प्रभाव

    कई बार गर्भपात के कारण महिलाएं गर्भधारण नहीं कर पाती। आइए जानें गर्भपात के मनोवैज्ञानिक प्रभावों के बारे में।

  • एबार्शन की उम्र

    एबार्शन की उम्र

    एबॉर्शन करवाने के लिए उम्र कितनी मायने रखती है व इससे जुड़ी जानकारियों के बारे में जानने के लिए पढ़े।

  • एबार्शन के प्रकार

    एबार्शन के प्रकार

    किसी महिला जो कि मां बनने वाली है या मां बनने की इच्छुक है, को तमाम जानकारियों के साथ ही एबार्शन के बारे में भी पता होना चाहिए। आइए जानें एबार्शन के प्रकार कौन–कौन से हैं।

  • गर्भपात के दर्द से किस तरह से उबरें

    गर्भपात के दर्द से किस तरह से उबरें

    गर्भपात एक औरत के जीवन में शारिरिक और भावनात्मक दोनों तरह से कष्टपूर्ण समय हो सकता है। इससे उबरने के लिए आराम करना जरूरी है।

  • पहले तीन महीनों में मिसकैरेज के कारण

    पहले तीन महीनों में मिसकैरेज के कारण

    गर्भावस्था के पहले तीन महीनों में महिलाओं को काफी सतर्क रहने की जरूरत होती है। थोड़ी सी भी लापरवाही गंभीर समस्या बन सकती है।

  • प्रारंभिक गर्भपात के कारण

    प्रारंभिक गर्भपात के कारण

    गर्भावस्था के शुरुआती महीनों में लापरवाही या कोई दुर्घटना की वजह से गर्भपात हो सकता है।

  • दूसरे ट्राइमेस्टर में मिसकैरेज के कारण

    दूसरे ट्राइमेस्टर में मिसकैरेज के कारण

    दूसरी तिमाही में गर्भपात की समस्या से बचने के लिए थोड़े-थोड़े दिनों पर डॉक्टर के पास अवश्य जाएं।

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