बार-बार पेशाब आना एक ऐसी समस्या है जिसे अक्सर लोग सामान्य मानकर नजरअंदाज कर देते हैं। लेकिन जब यह परेशानी बार-बार और लगातार होने लगे तो यह आपकी रोजमर्रा की जिंदगी को प्रभावित कर सकती है। दिन में बार-बार टॉयलेट जाना और रात को कई बार नींद खुलना न केवल शारीरिक असुविधा पैदा करता है, बल्कि मानसिक थकान और चिड़चिड़ापन भी बढ़ा सकता है। पेशाब बार-बार आने के कई कारण हो सकते हैं। कभी-कभी यह ज्यादा पानी पीने, ठंडी चीजों के सेवन या मौसम के बदलाव के कारण होता है। लेकिन कई बार इसके पीछे गंभीर कारण भी हो सकते हैं जैसे डायबिटीज, मूत्र मार्ग संक्रमण (UTI), प्रोस्टेट से जुड़ी दिक्कतें, किडनी की परेशानी या फिर ओवरएक्टिव ब्लैडर। इस समस्या को नजरअंदाज करना सही नहीं है क्योंकि समय रहते इलाज न करने पर यह और गंभीर हो सकती है। दिलचस्प बात यह है कि आपकी खाने-पीने की आदतें भी पेशाब की इस समस्या को सीधे प्रभावित करती हैं। कुछ खास तरह के फूड्स और ड्रिंक्स आपके ब्लैडर को उत्तेजित करते हैं और बार-बार पेशाब की इच्छा पैदा करते हैं। इस लेख में दिल्ली की क्लिनिकल डाइटिशियन और न्यूट्रिशनिस्ट रक्षिता मेहरा से जानिए, बार-बार पेशाब की समस्या में किन फूड्स से बचें?
बार-बार पेशाब की समस्या में किन फूड्स से बचें? - What Foods Should I Avoid For Frequent Urination
1. खट्टे फल और जूस
नींबू, संतरा, कीवी और अंगूर जैसे खट्टे फल सेहत के लिए फायदेमंद जरूर हैं, लेकिन ओवरएक्टिव ब्लैडर वाले लोगों के लिए यह समस्या बढ़ा सकते हैं। खट्टे फलों में मौजूद साइट्रिक एसिड ब्लैडर को उत्तेजित करता है, जिससे बार-बार पेशाब आनी की समस्या बढ़ जाती है। अगर आपको बार-बार पेशाब आने की समस्या है तो नींबू पानी या संतरे का जूस (foods to avoid in frequent urination) सीमित मात्रा में ही लें।
2. कैफीन युक्त ड्रिंक्स
अगर आपको दिन या रात में बार-बार पेशाब की समस्या होती है तो सबसे पहले कैफीन का सेवन कम करें। चाय, कॉफी, एनर्जी ड्रिंक और सोडा जैसी ड्रिंक्स में मौजूद कैफीन ब्लैडर को उत्तेजित करता है और पेशाब की मात्रा बढ़ा देता है। कई लोग सुबह की शुरुआत कॉफी से करते हैं और दिनभर कई बार चाय का सेवन करते हैं। लेकिन यह आदत ब्लैडर पर दबाव डालती है। खासकर रात को सोने से पहले चाय या कॉफी पीने से बार-बार नींद खुल सकती है।
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3. अल्कोहलिक ड्रिंक्स
शराब न केवल लिवर बल्कि ब्लैडर की सेहत को भी प्रभावित करती है। अल्कोहल एक डाययूरेटिक (jada peshab me kya nahi khaye) की तरह काम करता है यानी यह शरीर से पानी तेजी से बाहर निकालता है। यही कारण है कि शराब पीने के बाद पेशाब की मात्रा अचानक बढ़ जाती है। लगातार अल्कोहल का सेवन बार-बार पेशाब आने के साथ-साथ डिहाइड्रेशन और किडनी पर दबाव भी डाल सकता है।
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4. टमाटर से बने फूड्स
टमाटर सेहत के लिए फायदेमंद हैं लेकिन इनमें मौजूद एसिडिक तत्व ब्लैडर को प्रभावित करते हैं। खासकर टमाटर की चटनी, केचप, पिज्जा, पास्ता या सूप का ज्यादा सेवन बार-बार पेशाब आने की समस्या को बढ़ा सकता है। इसलिए टमाटर और इससे बनी चीजें सीमित (bar bar peshab me kya nahi khaye) मात्रा में ही लें।
एक्सपर्ट की सलाह
डाइटिशियन और न्यूट्रिशनिस्ट रक्षिता मेहरा कहती हैं, 'बार-बार पेशाब आने की समस्या केवल बीमारी की वजह से नहीं, बल्कि खान-पान की गलत आदतों की वजह से भी बढ़ सकती है। ऐसे में सबसे पहले अपनी डाइट पर ध्यान दें। कैफीन, अल्कोहल, सोडा और खट्टे फल जैसे फूड से परहेज करें। साथ ही बैलेंस डाइट लें। यदि समस्या लंबे समय तक बनी रहती है तो डॉक्टर से जरूर जांच करवाएं।'
निष्कर्ष
बार-बार पेशाब आने की समस्या को हल्के में लेना सही नहीं है। यह डायबिटीज, इंफेक्शन या ब्लैडर से जुड़ी गंभीर बीमारी का संकेत भी हो सकता है। लेकिन कई मामलों में खाने-पीने की आदतों में बदलाव लाकर इस समस्या को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है। इसलिए अगर आपको बार-बार पेशाब आने की परेशानी है तो ऊपर बताई गई चीज़ों से परहेज करें और हेल्दी लाइफस्टाइल अपनाएं।
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