Fri Sep 11, 2026 | 09:09 PM IST

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रात में हल्दी दूध या अश्वगंधा: कौन देता है बेहतर नींद और स्ट्रेस से राहत? जान लें एक्सपर्ट की सलाह

Turmeric Vs Ashwagandha: आज की भागदौड़ भरी लाइफस्टाइल में लोग रात को सोने से पहले ऐसे नेचुरल विकल्प ढूंढ रहे हैं जो शरीर और मन को आराम दें। हल्दी वाला दूध और अश्वगंधा इनमें से सबसे फेमस विकल्प हैं। 

यह सवाल आज के समय में हर उम्र के लोगों के मन में उठता है कि रात में हल्दी वाला दूध पिएं या अश्वगंधा का सेवन करें? दोनों ही आयुर्वेद की बेहद फेमस औषधियां हैं और सोशल मीडिया पर भी इनके फायदे खूब चर्चा में रहते हैं। किसी वीडियो में कोई हल्दी वाले दूध को 'गोल्डन ड्रिंक' बताता है, तो कहीं अश्वगंधा को स्ट्रेस कम करने वाली सुपर-हर्ब के रूप में प्रचारित किया जाता है लेकिन असलियत यह है कि दोनों का काम, दोनों की प्रकृति और दोनों का असर बिलकुल अलग है। यही वजह है कि गलत समय या गलत समस्या में इनका सेवन उम्मीद के मुताबिक फायदा नहीं देता। इस लेख में रामहंस चेरिटेबल हॉस्पिटल, सिरसा के आयुर्वेदाचार्य डॉक्टर श्रेय शर्मा (Ayurvedic doctor Shrey Sharma from Ramhans Charitable Hospital) से जानिए, रात में हल्दी दूध या अश्वगंधा, क्या है ज्यादा बेहतर?

रात में हल्दी दूध या अश्वगंधा? - Turmeric in warm milk vs Ashwagandha

आयुर्वेदिक डॉक्टर श्रेय शर्मा बताते हैं कि हल्दी और अश्वगंधा दोनों ही बेहद प्रभावी औषधियां हैं, लेकिन दोनों के गुण पूरी तरह से अलग हैं। हल्दी ऊष्ण वीर्य होती है, यानी यह शरीर में गर्मी और सक्रियता बढ़ाती है, जबकि अश्वगंधा समवीर्य है, न ज्यादा गर्म, न ज्यादा ठंडा। हल्दी को प्राकृतिक दर्द निवारक माना जाता है और यह सूजन तथा इंफ्लेमेशन पर गहराई से काम करती है। दूसरी ओर अश्वगंधा वेदना यानी दर्द पर सीधे असर नहीं करती, लेकिन यह नाड़ी को बल्य करती है, शरीर को मजबूत बनाती है और वातज नाड़ी को शांत करने में बहुत सहायक है।

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1. दर्द या सूजन हो तो रात में हल्दी वाला दूध बेहतर

यदि किसी व्यक्ति को मांसपेशियों में दर्द, जोड़ों में जकड़न, थकान या किसी प्रकार की सूजन की समस्या है, तो सोने से पहले हल्दी दूध पीना एक अच्छा विकल्प है। हल्दी में मौजूद करक्यूमिन एंटी-इंफ्लेमेटरी गुणों से भरपूर है। यह रात के समय मसल रिकवरी को बढ़ाता है और पूरे शरीर को शांत करता है। नियमित सेवन से नींद में भी सुधार होता है, खासकर उन लोगों में जो दर्द के कारण रात में बार-बार जागते हैं। हल्दी वाला दूध इम्यूनिटी बढ़ाने के लिए भी जाना जाता है, इसलिए बदलते मौसम में यह प्राकृतिक सुरक्षा कवच का काम करता है।

2. तनाव, कमजोरी या अनिद्रा हो तो अश्वगंधा बेहतर विकल्प

डॉ. श्रेय शर्मा बताते हैं कि अश्वगंधा उन लोगों के लिए खासतौर पर फायदेमंद है जो स्ट्रेस, घबराहट, नाड़ी कमजोरी, कमजोरी या नींद न आने की समस्या से जूझ रहे हैं। अश्वगंधा नाड़ियों को मजबूत करती है और वात को संतुलित करके शरीर को गहराई से रिलैक्स करती है। यह कोर्टिसोल यानी स्ट्रेस हार्मोन को कम करती है, जिससे मन शांत होता है और नींद की क्वालिटी बेहतर होती है। यह शरीर में रसायन गुणों को बढ़ाती है, यानी शक्ति, स्टेमिना, रिकवरी और ओज को बढ़ाने में मदद करती है। जिन्हें थकान जल्दी होती है या जो सुबह उठकर तरोताजा महसूस नहीं करते, उनके लिए रात में अश्वगंधा लेना बेहद उपयोगी है।

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Turmeric Vs Ashwagandha

क्या दोनों को साथ लिया जा सकता है?

आयुर्वेद के अनुसार हल्दी और अश्वगंधा दोनों की प्रकृति और क्रिया पूरी तरह अलग है। इसलिए इन्हें एक साथ रात में लेने की बजाय अलग-अलग परिस्थितियों में लेना ही ज्यादा लाभकारी है। दर्द या सूजन हो तो हल्दी, और मानसिक तनाव या नाड़ी कमजोरी हो तो अश्वगंधा।

निष्कर्ष

हल्दी वाला दूध रात में दर्द और सूजन कम करने, इम्यूनिटी बढ़ाने और शरीर को आराम देने के लिए सबसे अच्छा विकल्प है। वहीं अश्वगंधा तनाव कम करने, नींद सुधारने, नाड़ियों को मजबूत बनाने और शरीर में रसायन गुण बढ़ाने के लिए अधिक लाभकारी है। सही विकल्प आपकी आवश्यकता पर निर्भर करता है, दर्द के लिए हल्दी, और ताकत व मानसिक शांति के लिए अश्वगंधा।

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FAQ

  • रात को दूध पीकर सोना चाहिए या नहीं?

    रात में दूध पीना नींद को बेहतर बनाने में मदद करता है क्योंकि इसमें ट्रिप्टोफैन और मेलाटोनिन जैसे तत्व पाए जाते हैं। यह मांसपेशियों को रिलेक्स करता है और नींद गहरी आती है।
  • क्या दूध को गर्म करके पीना जरूरी है?

    बहुत से लोगों के लिए गर्म दूध पचाने में आसान होता है। ठंडा दूध कफ बढ़ा सकता है, इसलिए आयुर्वेद रात में गुनगुना दूध पीने की सलाह देता है।
  • क्या दूध वजन बढ़ाता है?

    दूध में मौजूद कैलोरी और फैट वजन बढ़ाने में योगदान दे सकते हैं, लेकिन यह इस बात पर निर्भर करता है कि आप कितनी मात्रा लेते हैं और आपकी डाइट कैसी है। स्किम्ड या टोंड दूध वजन कंट्रोल रखने वालों के लिए बेहतर है।

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Akanksha Tiwari

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आकांक्षा तिवारी हेल्थ और लाइफस्टाइल पत्रकारिता में 6 साल का अनुभव रखती हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत डिजिटल मीडिया से की और फिलहाल जागरण न्यू मीडिया (Onlymyhealth) में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं। आकांक्षा को स्वास्थ्य, पोषण और फिटनेस जैसे विषयों पर लिखने का अच्छा अनुभव है। वे पत्रकारिता और जनसंचार में पोस्ट ग्रैजुएट हैं। रिसर्च, SEO और फैक्ट-चेकिंग में उनकी खास पकड़ है और वे हमेशा प्रमाणिक और भरोसेमंद जानकारी देने की कोशिश करती हैं। Editorial Policy: आकांक्षा द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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