हाथ-पैर की जलन कम कर सकता है पान का शरबत, जानें हर मौसम इसे पीने के 10 आयुर्वेदिक फायदे

जिन लोगों को बार-बार मुंह में छाले हो जाते हैं या फिर पीठ में दाने निकलते हैं, उन्हें पान का शरबत पीना चाहिए। इसके अलावा इसे पीने के कई स्वास्थ्य लाभ

Pallavi Kumari
Written by: Pallavi KumariPublished at: Sep 15, 2021
हाथ-पैर की जलन कम कर सकता है पान का शरबत, जानें हर मौसम इसे पीने के 10 आयुर्वेदिक फायदे

पान भारत का देसी माउथफ्रेशनर है। हमारे यहां इसे खाना खाने के बाद बड़े चाव से चबा-चबा कर खाया जाता है। दरअसल, पान की पत्तियों में कुछ ऐसे गुण हैं जिन्हें खाने से पहले तो मुंह साफ होता, सांस की बदबू नहीं आती और ये खाना पचाने में भी मदद करता है। पर आज हम पान खाने के बारे में बात नहीं करेंगे बल्कि इसका शरबत बना कर पीने की बात करेंगे। जी हां, पाचन का शरबत (paan sharbat) सेहत का खजाना है। ये जहां पाचक एंजाइमों के प्रोडक्शन को बढ़ाता है वहीं ये शरीर में पित्त को शांत करने में मदद करता है। साथ ही इसका विटामिन सी हमें संक्रामक बीमारियों से बचाने में भी मदद करता है।  इसके अलावा खाली पेट पान का शरबत पीने के कुछ और ही फायदे हैं। इन्हीं लाभों के बारे में विस्तार से जानने के लिए हमने  डॉ. संजय शास्त्री  से बात की जो कि एक आयुर्वेदिक डॉक्टर हैं और लखनऊ आयुर्वेदा क्लीनिक में कार्यरत हैं। तो, आइए जानते हैं पान का शरबत पीने के आयुर्वेदिक फायदे। 

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पान का शरबत पीने के फायदे-Paan sharbat benefits

1. हाथ-पैर की जलन कम करता है 

हाथ पैर की जलन पेट में गर्मी या फिर पित्त के ज्यादा बढ़ जाने की वजह से भी होता है। ऐसे में पान के शरबत का विटामिन सी और एंटीऑक्सीडेंट पेट को ठंडा करने में मदद करते हैं। यह शरीर को मुक्त कणों, विषाक्त पदार्थों से छुटकारा पाने में मदद करता है और पेट के पीएच स्तर को बैलेंस करता है। इसके लिए बस आपको बस इतना करना है कि पान को रात भर पानी में भिगो दें और अगली सुबह इसको पीस कर व शहद मिला कर मिला कर पी लें।  पान के शरबत में आप सौंफ, सूखा नारियल, गुलकंद, इलायची और ठंडे दूध का भी इस्तेमाल कर सकते हैं।

2. मेटाबोलिज्म तेज करता है

सुबह-सुबह खाली पेट पान का शरबत पीने से ये शरीर के अंदर और आंतों में जाकर इन्हें डिटॉक्स करने में मदद करता है। साथ ही से आपके मेटाबोलिज्म को तेज करता है। साथ ही ये बाउल मूवमेंट को तेज करता है जो कि कब्ज की समस्या को दूर कर सकता है। आयुर्वेद में व्यापक रूप से कब्ज से राहत के लिए पान के पत्ते खाने की सलाह देती है। इसके लिए पान के पत्तों को मसल कर रात भर पानी में भिगो दें। फिर सुबह इसे पीस कर छाछ में काला नमक के साथ मिला कर पिएं। इस तरह ये आसानी से पेट साफ करने में मददगार है। 

3. इम्यूनिटी बू्स्टर है पान का शरबत 

पान का शरबत इम्यूनिटी बढ़ाने में मददगार है। ये एंटीसेप्टिक और एंटी-फंगल गुणों से भरपूर है। पान के पत्तों में अद्भुत एंटीसेप्टिक गुण होते हैं क्योंकि वे पॉलीफेनोल्स से भरपूर होते हैं जो कि आपको मौसमी बीमारियों से बचे रहने में मदद करते हैं। इसके अद्भुत एंटी-फंगल गुण फंगल संक्रमण से तुरंत राहत प्रदान करते हैं। यहां तक वजाइनल इंफेक्शन में भी इसे पीना सेहत के लिए बहुत फायदेमंद है। साथ ही ये वजाइनल पीएच को भी बैलेंस करने में मदद करता है।

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4. गैस्ट्रिक अल्सर को दूर करता है

पान के पत्तों में मौजूद फाइटोकेमिकल्स में एंटीऑक्सीडेंट और एंटी-अल्सर गुण होते हैं। पेट के अल्सर से आपके पेट की परत को नुकसान हो सकता है, गैस्ट्रिक म्यूकस का उत्पादन कम हो सकता है और बहुत सारे ऑक्सीडेटिव तनाव हो सकते हैं। जब आप पान के शरबत का रेगुलर सेवन करते हैं, तो आपके अल्सर ठीक हो जाते हैं। साथ ही आपके शरीर द्वारा उत्पादित गैस्ट्रिक म्यूकस की मात्रा बढ़ जाती है और एंटीऑक्सीडेंट के कारण ऑक्सीडेटिव तनाव कम हो जाता है। इसके अलावा ये शरबत पेट की लाइनिंग को शांत करता है और एसिड प्रोडक्शन को रोकता है। अल्सर ठीक होने के बाद तक इसका सेवन पेट से संबंधित कई समस्याओं को भी कम करने में मदद करता है। 

5. डिप्रेशन में मददगार

डिप्रेशन एक गंभीर स्थिति है जो दुनिया भर में कई लोगों को प्रभावित करती है। हालांकि, बाजार में विभिन्न एंटीडिप्रेसेंट दवाएं उपलब्ध हैं, लेकिन कुछ हर्बल उपचार भी महत्वपूर्ण प्रभाव डाल सकते हैं। डिप्रेशन की समस्या में पान को चबाना या फिर इसका शरबत पीना मूड स्विंग्स को बेहतर बानने में मदद करता है। ऐसा इसलिए है क्योंकि ये केंद्रीय तंत्रिका तंत्र में गतिविधि को उत्तेजित करते हैं और मूड को बेहतर बना कर खुशी की भावना कोमहसूस करने में मदद करते हैं। साथ ही ये डिप्रेशन के लक्षणों से भी निपटने में भी मददगार है। इसके अलावा पान के पत्ते सुगंधित फेनोलिक यौगिकों का उत्पादन करने में भी मदद हैं जो आपके सिस्टम में कैटेकोलामाइन की संख्या को उत्तेजित करते हैं, जो सीधे अवसाद को कम करने से जुड़ा होता है।

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6. ओरल हेल्थ को बेहतर बनाता है

पान एंटीबैक्टीरियल गुण से भरपूर है। जो प्रभावी रूप से मुंह में रहने वाले कई जीवाणुओं का मुकाबला करते हैं जो दांतों की सड़न को रोकते हैं। इसके अलावा जिन लोगों के मुंह से सांल की बदबू आती है उनके लिए भी ये फायदेमंद है। ये आंतों का स्वास्थ्य बढ़ता है, बल्कि सांसों की दुर्गंध, मुंह की दुर्गंध से भी छुटकारा दिलाता है। साथ साथ ही दांतों के दर्द, मसूड़ों के दर्द, सूजन और मुंह के संक्रमण से भी बचाए रखने में मदद करता है। 

7. जोड़ों के दर्द से राहत दिलाता है

पान के पत्तों में एंटी-इंफ्लेमेटरी यौगिक होते हैं जो जोड़ों में बेचैनी और दर्द को काफी कम कर देता है। गर्म दूध से बने पान के शरबत को पीने से ये ज्वाइंट्स की मजबूती में मदद करता है। इसके अलावा पान के शरबत को पीने से हड्डियों के चोट की हीलिंग में भी तेजी से मदद मिलती है। 

8. वजन घटाने में मददगार 

जो लोग वजन कम करने की कोशिश कर रहे हैं उनके लिए पान का शरबत काफी मददगार है। यह 'मेधा धातु' (शरीर की चर्बी) को कम करता है और शरीर की चयापचय दर को बढ़ाता है। साथ ही ये पेट का साफ रखने, फैट जमा होने और कब्ज की रोकथाम में भी मददगार है जिस वजह से ये वजन घटाने वालों के लिए वेट लॉस ड्रिंक है। 

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9. एसिडिटी से तुरंत आराम दिलाता है 

पान का शरबत पीने से आप बदहजमी और एसिडिटी से तुरंत आराम पा सकते हैं। दरअसल, पान में एंटीएसिडिक गुण होते हैं जो कि  जीआरडी (GERD) के लक्षण को कंट्रोल करने में मदद करता है। ये तेजी से खाना पचाता है। साथ ही जिन लोगों में ब्लॉटिंग की समस्या होती है उनके लिए भी पान का शरबत पीना बहुत फायदेमंद है।

10. भूख बढ़ाता है

पान का शरबत पीने से आपकी भूख बढ़ती है। दरअसल, इसे पीने से विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालकर मेटाबोलिज्म तेज करने में मदद मिलती है। जिससे कि आप जो भी खाते हैं तेजी से पच जाता है और इस तरह ये भूख का बढ़ावा देने में तेजी से मदद करता है। तो, अगर आपको भूख नहीं लगती तो पान का शरबत पिएं।

पान का शरबत को आप ठंडे दूध, गर्म दूध, छाछ और लस्सी आदि में बना सकते हैं। इसमें आप अपने अनुसार सौंफ पाउडर, गुलकंद, जीरा पाउडर, लौंग, काला नमक और चीनी आदि का इस्तेमाल कर सकते हैं।  तो, अगर आपने आज तक पान का शरबत नहीं पिया तो एक बार जरूर ट्राई करें।

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