Medically Reviewed by Dr Smita Singh

दिन चढ़ते ही चिड़चिड़ापन बढ़ जाता है? गलत खानपान हो सकता है कारण, एक्‍सपर्ट से जानें दोनों का संबंध

दिन चढ़ते ही चिड़चिड़ापन बढ़ना सिर्फ स्‍ट्रेस नहीं, गलत खानपान का संकेत हो सकता है। नाश्ता स्‍क‍िप करना, ज्यादा शुगर, कम प्रोटीन, ड‍िहाइड्रेशन और प्रोसेस्‍ड फूड्स का मूड पर बुरा असर होता है।
  • SHARE
  • FOLLOW
दिन चढ़ते ही चिड़चिड़ापन बढ़ जाता है? गलत खानपान हो सकता है कारण, एक्‍सपर्ट से जानें दोनों का संबंध

सुबह उठते समय सब कुछ सामान्य लगता है, लेकिन जैसे-जैसे दिन आगे बढ़ता है, बिना किसी बड़ी वजह के चिड़चिड़ापन, गुस्सा या बेचैनी महसूस होने लगती है? छोटी-छोटी बातों पर इर‍िटेट होना, काम में मन न लगना या लोगों से बात करने का मन न करना, ये सभी इस बात का संकेत हैं कि कहीं न कहीं शरीर और दिमाग का संतुलन बिगड़ रहा है। अक्सर लोग इसे स्‍ट्रेस, वर्कलोड या नींद की कमी से जोड़ देते हैं, लेकिन एक अहम वजह जिस पर कम ध्यान दिया जाता है, वह है गलत खानपान (Wrong Eating Habits)।
हम जो खाते हैं, वही हमारा मूड और एनर्जी लेवल को तय करता है। खानपान की गलत आदतों का असर मूड पर होता है। इस लेख में जानेंगे क‍ि आख‍िर कैसे खानपान की गलत आदतों से मूड प्रभाव‍ित हो सकता है और इर‍िटेशन महसूस हो सकता है? इस व‍िषय पर बेहतर जानकारी के ल‍िए हमने Smita Singh, Chief Dietician At Midland Hospital & Director At Wellness Diet Clinic, Lucknow से बात की।


इस पेज पर:-


1. नाश्ता स्‍क‍िप करना- Skipping Breakfast

  • सुबह नाश्ता न करने से ब्‍लड शुगर लेवल तेजी से गिरता है, जिससे इर‍िटेशन और थकान बढ़ती है।
  • ब्रेन को लगातार ग्‍लूकोज चाहिए और ब्रेकफास्‍ट स्‍क‍िप करने पर उसका सप्‍लाई रुक जाता है।
  • इससे दिन की शुरुआत में ही मूड स्‍व‍िंग्‍स और गुस्सा महसूस हो सकता है।

यह भी पढ़ें- नींद की कमी मेंटल हेल्थ को कैसे करती है प्रभावित, जानें क्या है कनेक्शन

2. ज्‍यादा मीठा खाना- Excess Sugar Foods

  • हाई शुगर फूड्स तुरंत एनर्जी, तो देते हैं, लेकिन थोड़ी देर में शुगर क्रैश हो जाता है।
  • इस क्रैश की वजह से बेचैनी, घबराहट और चिड़चिड़ापन बढ़ता है।

3. कम प्रोटीन वाला आहार- Low Protein Diet

  • प्रोटीन ब्रेन के केम‍िकल्‍स बनाने में मदद करता है जो मूड को बेहतर रखते हैं।
  • प्रोटीन की कमी से कमजोरी, इर‍िटेशन और ध्‍यान केंद्र‍ित करने की दिक्कत होती है।
  • इससे दिन बढ़ने के साथ इमोशनल असंतुलन महसूस होने लगता है।

यह भी पढ़ें- क्या मीठा खाने से तनाव कम होता है? जानें मूड स्विंग्स के साथ क्या है इसका कनेक्शन

4. पानी की कमी- Dehydration

  • कम पानी पीने से बॉडी और ब्रेन दोनों पर स्‍ट्रेस पड़ता है।
  • ड‍िहाइड्रेशन से स‍िर दर्द, थकान और चिड़चिड़ापन जैसे लक्षण नजर आ सकते हैं।
  • हल्का ड‍िहाइड्रेशन भी मूड को बुरी तरह प्रभाव‍ित करता है।

5. प्रोसेस्ड और अल्ट्रा-रिफाइंड फूड्स का सेवन करना- Processed & Ultra-Refined Foods

irritation-and-wrong-diet-habits

  • जंक फूड्स में न्‍यूट्र‍िएंट्स कम और केम‍िकल्‍स ज्यादा होते हैं।
  • ये फूड्स शरीर में सूजन को बढ़ाकर मूड ड‍िसआर्डर को ट्र‍िगर करते हैं।
  • नियमित सेवन से इर‍िटेशन और एंग्‍जाइटी बढ़ सकती है।

यह भी पढ़ें- रात में महसूस करते हैं उदासी, तो साइकोलॉजिस्ट से जान लें कारण

6. खाने का अनियमित समय- Irregular Eating Pattern

  • तय समय पर रोज न खाने से ब्‍लड शुगर बार-बार ऊपर-नीचे होता है।
  • इससे शरीर को स्‍ट्रेस सिग्नल मिलता है, जो मूड को बिगाड़ता है।
  • अन‍ियम‍ित मील्‍स से चिड़चिड़ापन ज्यादा महसूस होता है।

निष्कर्ष:

अगर दिन चढ़ते ही चिड़चिड़ापन बढ़ जाता है, तो इसका मतलब यह नहीं कि आप इमाेशनल रूप से कमजोर हैं। कई बार यह शरीर का संकेत होता है कि उसे सही न्‍यूट्र‍िशन नहीं मिल रहा है। बैलेंस्‍ड डाइट, टाइम पर खाना, पर्याप्त पानी और नेचुरल फूड्स न सिर्फ शरीर बल्कि मूड को भी अच्‍छा रख सकते हैं।

उम्‍मीद करते हैं क‍ि आपको यह जानकारी पसंद आई होगी। इस लेख को शेयर करना न भूलें।

यह विडियो भी देखें

Read Next

बकरे का मटन खाने से कोलेस्ट्रॉल बढ़ता है क्या? एक्सपर्ट से जानें

Disclaimer

How we keep this article up to date:

We work with experts and keep a close eye on the latest in health and wellness. Whenever there is a new research or helpful information, we update our articles with accurate and useful advice.

  • Current Version

  • Jan 01, 2026 18:07 IST

    Published By : Yashaswi Mathur

TAGS