मुंह के छाले दूर करेगी सुपारी, आयुर्वेदाचार्य से जानें 3 तरीके और सावधानियां

मुंह के छालों से लेकर माहवारी की अनियमितता तक को ठीक करती है सुपारी। इसके सही सेवन से कई रोगों का निदान किया जा सकता है। 

Meena Prajapati
Written by: Meena PrajapatiPublished at: May 27, 2021
मुंह के छाले दूर करेगी सुपारी, आयुर्वेदाचार्य से जानें 3 तरीके और सावधानियां

आयुर्वेद में सुपारी को एक औषधि के रूप में प्रयोग में लाया गया है। सुपारी (Betel nut in Hindi) को खाने के कई फायदे होते हैं। पर ध्यान रहे कि इसके अधिक सेवन से मुंह के कैंसर जैसी घातक बीमारी भी हो सकती है। अगर सुपारी का सही मात्रा में प्रयोग (uses of supari) किया जाए तो मुंह की कई परेशानियों को दूर करती है। सुपारी की पहचान इससे होने वाले नुकसान को लेकर ज्यादा है, लेकिन ऑर्गैनिक इंडिया में आयुर्वेदिक कंसल्टेंट डॉ. निशा थलवाल का कहना है कि सुपारी का अगर सही मात्रा में प्रयोग किया जाए तो यह शरीर की कई समस्याओं को दूर करने के लिए रामबाण इलाज है। सुपारी को तीन तरीकों से प्रयोग में लाया जा सकता। इसे काढ़ा, पाउडर और पेस्ट के रूप में प्रयोग में लाया जा सकता है। उन्होंने बताया कि गर्मी के मौसम में मुंह में छालों की समस्या ज्यादा बढ़ जाती है। इन मुंह के छालों के लिए सुपारी रामबाण इलाज है। अगर सुपारी का प्रयोग सही मात्रा में किया जाए तो इससे मुंह के छालों से लेकर, उल्टी, पीरियड्स में होने वाला दर्द और खांसी जैसी तमाम परेशानियों से निजात मिलती है।

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सुपारी के विभिन्न नाम

सुपारी का वानस्पतिक नाम अरेका कटेचू (Areca catechu) है। यह  दक्षिणी एशिया, दक्षिण-पूर्व एशिया तथा अफ्रीका के अनेक भागों में पैदा होता है। सुपारी को अलग-अलग राज्यों में अलग नामों से जाना जाता है। इसे सुपारी, कसेली, सोपारी और सुपाड़ी भी कहा जाता है। सुपारी को अंग्रेजी में अरेका नट (Areca nut), बीटल नट पाम (Betel nut palm) और  बीटलपाम (Betelpalm) के नाम से जाना जाता है। तो आइए आयुर्वेदाचार्य डॉ. निशा से जानते हैं कि किन बीमारियों के लिए सुपारी का प्रयोग कैसे करना है। 

मुंह के छालों के लिए सुपारी का ऐसे करें प्रयोग

आयुर्वेदाचार्य डॉ. निशा का कहना है कि मुंह के छालों के लिए सुपारी का कई तरीके से प्रयोग किया जा सकता है। कुछ तरीके निम्न प्रकार से हैं।

1. 1 ग्राम सुपारी पाउडर, इलायची पाउडर और ग्लिसरिन का पेस्ट मुंह में छाले वाली जगह पर लगाएं।

2.  सुपारी की एंटी माइक्रोबियल प्रॉपर्टी के कारण यह मुंह के छालों पर अच्छा काम करती है। सुपारी का काढ़ा बनाने के लिए 3-4 सुपारी को 1 गिलास पानी में उबालकर  1/2 कप रह जाने पर इसे छानकर रात को सोते समय लें। इससे पेट के कीड़ों की समस्या भी दूर होगी।

3.  सुपारी में अल्कालोइड्स जैसे एरेकैडाइन गुवासिन (arecaidine guvacine) और अमिनो एसिड्स जैसे ट्राइपटोफान कॉन्कोक्शन (tryptophan Concoction) होते हैं। जो शरीर के रोगों का निदान करने में मददगार होते हैं। मुंह के छालों को भगाने के लिए सुपारी का इस तरीके से भी इस्तेमाल किया जा सकता है। 100 मिली पानी में 1 ग्राम सुपारी पाउडार को मिलाएं। इस मिश्रण को 5 मिनट के लिए उबालें फिर ठंडा कर लें। अब इस पानी से गरारे करें। इससे छालों की समस्या दूर होगी। 

सुपारी खाने के अन्य फायदे  (Benefits of Betel nut)

दांतों को सफेद करने के लिए सुपारी का प्रयोग

जिन लोगों के दांत पीले हो जाते हैं, उन्हें सुपारी का पाउडर बेकिंग (1:1pinch) के साथ प्रयोग में लाना चाहिए। इस पेस्ट की मसाज करने से दांत सफेद होते हैं। 

पायरिया

पायरिया होने पर मसूड़ों में दर्द से लेकर मसूड़ों से खून बहता है। यह परेशानी सामाजिक रूप से भी एकांत में डाल देती है। ऐसा व्यक्ति खुलकर हंस नहीं पाता। अगर आपको भी पायरिया है तो 1 ग्राम सुपारी पाउडर, 1 ग्राम पिप्पली पाउडर के मिश्रण को मसूड़ों पर मलें। इससे मसूड़ों से खून निकलना और पायरिया की समस्या दूर हो जाएगी।

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डायरिया में फायदेमंद

डायरिया होने पर 1-4 ग्राम सुपारी पाउडर एक 1 गिलास बटरमिल्क के साथ लें। इसे खाने के बाद दिन में दो बार लें।

माहवारी का अनियमितता करे दूर

कई बार महिलाओं को माहवारी में बहुत समस्याएं झेलनी पड़ती हैं। जब हर महीने माहवारी नहीं आता तो पेड़ू में दर्द से लेकर मूड स्विंग्स जैसी कई परेशानियां होने लगती हैं। माहवारी की अनियमितत को सुपारी का पाक दूर करता है। बाजार में आपको सुपारी पाक मिल जाएगा। इस सुपारी पाक को 1 चम्मच रोजाना रात को सोते समय गुनगुने पानी के साथ लें। इसे 3 महीने तक लेना है। इससे आपकी माहवारी की अनियमितता दूर होगी और माहवारी समय से आएगी। 

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घाव करे ठीक

सुपारी को कई तरीके से प्रयोग में लाया जा सकता है। यह घाव से बहने वाले खून को जल्दी रोकता है। क्योंकि सुपारी में एंटी-फंगल प्रॉपर्टीज होती हैं। घाव को ठीक करने में सुपारी का पाउडर प्रयोग में लाया जा सकता है। 

जोड़ों का दर्द

अब तक जोड़ों के दर्द की समस्या बुजुर्गों में देखी जाती थी, लेकिन बिगड़ते खानपान की वजह से जोड़ों की समस्या बच्चों और नौजवानों में भी देखने को मिल रही है। जोड़ों के दर्द को भगाने में सुपारी की अहम भूमिका है। आयुर्वेदाचार्य निशा ने बताया कि सुपारी पाउडर को तिल में मिलाकर मसाज करनी चाहिए। इससे सूजन (inflammation) कम होती है।  

खांसी में सुपारी

खांसी किसी भी मौसम में हो सकती है। कोरोना के समय में सामान्य खांसी भी डरावनी लगती है। इसलिए थोड़ी सी भी अगर खांसी हो रही है तो तुरंत उसका इलाज शुरू करना चाहिए। सुपारी का प्रयोग भी खांसी को दूर करने के लिए किया जा सकता है। खांसी में सुपारी के एक पत्ते को चूसने से खांसी की समस्या कम होती है। 

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उल्टी रोकने में सुपारी का प्रयोग

अक्सर कहीं बाहर जाने पर या अपच की वजह से उल्टियां शुरू हो जाती हैं। हालांकि उल्टी होने के कई कारण हो सकते हैं। अगर आपका जी मिचला रहा है या उल्टी रुक नहीं रही है तो इसे रोकने में सुपारी आपकी मदद कर सकती है। 1 ग्राम सुपारी पाउडर में 1 ग्राम हल्दी मिला लें और इसे दिन में 2-3 बार लें। इससे उल्टी रुक जाएगी। 

सावधानियां

  • सुपारी का प्रयोग एक जड़ी-बूटी के रूप में करें। 
  • रोजाना इसे चबाने से यह एक नशे की लत बन सकती है।
  • सुपारी के अधिक सेवन से मुंह का कैंसर होता है। 
  • जरूरत पड़ने पर ही सुपारी का प्रयोग करें। 

मुंह के छालों हों या माहवारी की अनियमितता की समस्या, सुपारी इन सभी परेशानियों में रामबाण इलाज है। इसके सही मात्रा में सेवन से शरीर के कई रोगों की रोकथाम होती है। 

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