मुंह के छाले और ज्यादा भूख जैसी कई परेशानियों को दूर करता है चिरचिटा (अपामार्ग), जानें इसके फायदे और प्रयोग

जंगलों और झाड़ियों में दिखने वाला चिरचिटा का पौधा कई औषधीय गुणों से भरपूप होता है। चलिए जानते हैं इसके गुणकारी फायदे

 

Kishori Mishra
Written by: Kishori MishraUpdated at: Apr 15, 2021 09:30 IST
मुंह के छाले और ज्यादा भूख जैसी कई परेशानियों को दूर करता है चिरचिटा (अपामार्ग), जानें इसके फायदे और प्रयोग

चिरचिटा का इस्तेमाल आयुर्वेदिक औषधीयों के रूप में किया जाता है। इसके इस्तेमाल से कई बीमारियां ठीक की जा सकती है। चिरचिटा को कई नामों से जाना जाता है, जैसे- अपामार्ग (apamarga plant), चिरचिटा, चिरचिरा, लटजीरा और चिचड़ा। जंगलों और झाड़ियों में दिखने वाला यह साधारण सा पौधा कई औषधीय गुणों से भरपूर होता है। इसके इस्तेमाल से मूत्र रोग, सर्दी-खांसी, सहिस कई अन्य बीमारियों से बचा जा सकता है। इतना ही नहीं इससे आप पाचन संबंधी समस्याओं और घाव से भी निजात पा सकते हैं। आइए इस लेख के माध्यम से जानते हैं चिरचिटा के फायदे और इस्तेमाल करने का (chirchita plant benefits) तरीका क्या है?

स्किन रोग को करे दूर (Use Chirchita for Skin Disease in Hindi)

स्किन से जुड़ी परेशानी होने पर आप चिरचिरा के पौधों का इस्तेमाल कर सकते हैं। इसमें मौजूद गुण चर्म रोग को दूर करने में लाभकारी साबित होते हैं। चिरचिटा के पौधों की पत्तियों को पीसकर लगाने से फोड़े-फुंसी की समस्या से राहत पाया जा सकता है। साथ ही आप स्किन पर होने वाले गांठ से भी छुटकारा पा सकते हैं।

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भूख को करे कंट्रोल (Apamarg is Beneficial in Appetite Disorder in Hindi)

बहुत अधिक भूख लगने की समस्या को दूर करने में आप चिरचिटा का इस्तेमाल कर सकते हैं। भूख को कंट्रोल करने के लिए अपामार्ग के बीजों का चूर्ण बना लें। करीब 3 ग्राम चूर्ण को दिन में दो बार खाएं। सप्ताहभर इसका सेवन करने से भूख काफी हद तक कंट्रोल किया जा सकता है।

मुंह के छाले हो सकते हैं दूर (Benefits of Apamarg for Mouth Ulcer)

अपमार्ग के पौधों का इस्तेमाल करने से मुंह के छालों की परेशानी को दूर कर सकते हैं। मुंह में छाले होने पर चिरचिटा की पत्तियों से काढ़ा बनाएं और इससे गरारा करें। ऐसा करने से मुंह में होने वाले छाले से राहत पा सकेंगे।

आंखों की समस्या को दूर करे चिरचिरा (Chirchita Benefits to Treat Eye problem)

आंखों की समस्या को दूर करने में चिरचिटा काफी लाभकारी होता है। आंखों में दर्द, पानी निकलना, आंखों का लाल होना और रतौंधी की समस्या होने पर चिरचिटा की जड से 2 ग्राम रस निकालें। इसमें 2 चम्मच शहद डालकर अच्छे से मिक्स करें। इसे दो-दो बूंद अपने आंखों में डालें। इससे आंखों की समस्या जल्दी ही ठीक हो जाएगी।

घाव को सुखाने असरकारी (Apamarga Tree in Healing Chronic Wounds)

पुराने से पुराने घाव को ठीक करने में अपामार्ग का रस फायदेमंद हो सकता है। इसकी रस को मलहम की तरह अपने पैर में लगाएं। इससे आपका घाव पकता नहीं है। लटजीरा की जड़ 2 ग्राम लें। इसे 1 चम्मच तिल के तेल में पकाएं और अपने घाव पर लगाएं। इससे घाव में होने वाले दर्द से राहत मिल सकेगी। इसके अलावा इसकी पत्तियों के काढ़े से आप अपने घाव को धो सकते हैं। इससे घाव में होने वाले दर्द और संक्रमण फैलने का खतरा कम होगा।

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श्वसनतंत्र विकार दूर करे अपामार्ग (Apamarg Plant to Treats Respiratory Problems)

अस्थमा रोगियों के लिए चिरचिटा की जड़ काफी फायदेमंद होती है। यह अस्थमा रोगियों के लिए चमकत्कारी पौधा हो सकता है। इसके लिए 8 से 10 चिरचिटा की सूखी पत्तियां लें। इस पत्तियों को हुक्के में रखकर पीने की कोशिश करेँ। इससे सांस संबंधी परेशानी दूर होगी। 

ध्यार रहे कि इस जड़ी-बूटी का इस्तेमाल करने से पहले डॉक्टर या फिर किसी आयुर्वेदिक एक्सपर्ट से जरूर संपर्क करें। बिना डॉक्टर की सलाहनुसार किसी भी आयुर्वेदिक जड़ी-बूटी का इस्तेमाल करने से बचें।

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