Fri Sep 11, 2026 | 09:00 PM IST

Medically Reviewed by Dr Shrey Sharma , BAMS

सुबह चाय के बगैर द‍िमाग नहीं चलता? जानें कैफीन के बिना ब्रेन को एक्टिव रखने के हेल्दी विकल्प

सुबह कैफीन वाली चाय प‍िए बगैर भी द‍िमाग को एक्‍ट‍िव और सुस्‍ती को दूर कर सकते हैं। डाइट में हर्बल टी, नार‍ियल पानी, कद्दू के बीज जैसी पांच हेल्‍दी चीजों को शाम‍िल करके आप द‍िमाग की क्षमता को बेहतर बना सकते हैं।

क्‍या आपको भी रोज दूध और चीनी वाली चाय पीने की आदत है और उसे प‍िए बगैर सुबह द‍िमाग नहीं चलता? बहुत से लोगों को सुबह चाय पीने की लत होती है और अगर चाय न म‍िले, तो द‍िन अच्‍छा नहीं लगता। दूध और चीनी से बनी चाय पीने में भले ही अच्‍छी लगे, लेक‍िन यह हमारी सेहत के ल‍िए अच्‍छी नहीं होती है। द‍िमाग को एक्‍ट‍िव रखने के ल‍िए कई चीजों का सेवन कर सकते हैं जैसे ग्रीन टी या हर्बल चाय। Dr. Shrey Sharma, Ayurveda Expert, Ramhans Charitable Hospital, Haryana ने बताया क‍ि सुबह चाय पीने की लत तुरंत नहीं जा सकती। अगर चाय की लत को छोड़ना ही है, तो पहले ही द‍िन चाय की मात्रा को आधा कर दें। फ‍िर धीरे-धीरे चाय की मात्रा को हर 15 द‍िन में घटाते जाएं। मान लीजि‍ए कि‍ आप एक बार में दो ग्राम चाय का इस्‍तेमाल करते हैं, तो उसे एक ग्राम कर दें। चाय के अलावा भी कई ऐसी चीजें हैं ज‍िनका सेवन करने से ब्रेन को एक्‍ट‍िव रखने में मदद म‍िलती है। ऐसे पांच हेल्‍दी व‍िकल्‍पों के बारे में आगे जानेंगे।

1. दूध और चीनी की चाय के बजाय देसी चाय प‍िएं- Drink Herbal Tea In Morning

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Ayurveda Expert Dr. Shrey Sharma ने दूध और चीनी वाली चाय पीने के बजाय देसी चाय यानी हर्बल चाय पि‍एं। गुल बनफशा, मीठी नीम, तगर, बड़ी इलायची, ब्राह्मी, काली म‍िर्च, सोंठ, लाल चंदन, दालचीनी, अश्वगंधा, तेजपत्ता, तुलसी, मुलेठी जैसे इंग्रीड‍िएंट्स को दरदरा पीसकर पानी के साथ उबालकर देसी चाय तैयार करें। दूध और चीनी वाली चाय की लत को देसी चाय की मात्रा बढ़ाते हुए कम कर सकते हैं।

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2. सुबह अखरोट खा सकते हैं- Consume Walnut In Morning

अखरोट का सेवन द‍िमाग की सेहत के ल‍िए फायदेमंद माना जाता है। अखरोट याददाश्त और फोकस को बेहतर बनाता है। अखरोटी द‍िमाग में सूजन को कम करता है। अखरोट का न‍ियम‍ित सेवन करने से मानस‍िक थकान कम होती है। रोज दो से तीन अखरोट खा सकते हैं।

3. कद्दू के बीज- Pumpkin Seeds

द‍िमाग को एक्‍ट‍िव रखना चाहते हैं, तो डाइट में कद्दू के बीजों को शाम‍िल करें। कद्दू के बीज में मैग्नीशियम, जिंक और आयरन होता है। ये नर्व फंक्‍शन और ब्रेन सिग्नल ट्रांसमिशन को सपोर्ट करते हैं। कद्दू के बीज का सेवन करने से तनाव कम होता है और मानस‍िक थकान कम होती है।

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4. नार‍ियल पानी- Coconut Water

सुबह उठकर कैफीन की जगह नार‍ियल पानी पी सकते हैं। इसे पीने से शरीर में पानी की कमी और इलक्‍ट्रोलाइट्स की कमी दूर होती है। नार‍ियल पानी द‍िमाग तक ब्‍लो फ्लो को बेहतर बनाने में मदद करता है। सुबह नार‍ियल पानी पीने से सुस्‍ती और थकान दूर होती है।

5. अंडे- Eggs

  • ब्रेन को एक्‍ट‍िव रखने के ल‍िए सुबह नाश्‍ते में अंडों का सेवन कर सकते हैं।
  • अंडों में प्रोटीन की भरपूर मात्रा होती है ज‍िसे ब्रेन को एनर्जी म‍िलती है।
  • अंडों को नाश्‍ते में शाम‍िल करें। इससे मानस‍िक और शारीर‍िक थकान दोनों ही दूर होती हैं।
  • अंडों में मौजूद कोलीन (Choline) द‍िमाग में न्यूरोट्रांसमीटर बनाने में मदद करता है ज‍िससे फोकस बेहतर होता है।

न‍िष्‍कर्ष:

सुबह चाय या कैफीन का सेवन क‍िए बगैर भी द‍िमाग को एक्‍ट‍िव रखना संभव है। दूध और चीनी वाली चाय की जगह हर्बल चाय का सेवन करें, अंडे, अखरोट, नार‍ियल पानी या कद्दू के बीज को डाइट का ह‍िस्‍सा बनाएं। इन चीजों को डाइट में शाम‍िल करने से पहले एक्‍सपर्ट की सलाह लेना न भूलें।

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FAQ

  • दिमाग को एक्टिव रखने के लिए क्या करें?

    द‍िमाग को एक्‍ट‍िव रखने के ल‍िए पर्याप्‍त नींद लें, हल्‍की एक्‍सरसाइज करें, स्‍क्रीन टाइम सीमि‍त करें और माइंडफुल ब्रेक लें। संतुल‍ित डाइट में नट्स और बीज को शाम‍िल करें।
  • रोज सुबह क्या खाने से दिमाग तेज होता है?

    द‍िमाग को तेज करने के ल‍िए अखरोट, अंडे, भ‍िगोए हुए बादाम, ओट्स, नार‍ियल पानी वगैरह का सेवन फायदेमंद होता है। ये फूड्स पोषण देते हैं और फोकस बढ़ाते हैं।
  • कौन सा विटामिन दिमाग को तेज करता है?

    दि‍माग को तेज करने के ल‍िए व‍िटाम‍िन-बी12, बी6 और फोलेट जरूरी होते हैं। ये नर्व हेल्‍थ को सुधारते हैं और मेमोरी को सपोर्ट करते हैं।

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Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

Yashaswi Mathur

Yashaswi Mathur

Senior Sub Editor

यशस्वी माथुर पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं, जिनमें से करीब 8 साल उन्होंने हेल्थ जर्नलिज्म को दिए हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealth में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं। यहां वह स्वास्थ्य, महिला स्वास्थ्य, पोषण और लाइफस्टाइल से जुड़े विषयों पर लिखती हैं। यशस्वी की खासियत है जटिल मेडिकल विषयों और रिसर्च को आसान भाषा में समझाना, ताकि आम पाठक भी उन्हें आसानी से समझ सके। लेख तैयार करते समय वह विशेषज्ञ डॉक्टरों की राय, मेडिकल रिसर्च और भरोसेमंद स्रोतों का ध्यान रखती हैं। जिन विषयों में मेडिकल वैरिफिकेशन जरूरी होता है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत हिंदुस्तान अखबार से की थी। उस दौरान स्वास्थ्य से जुड़ी उनकी एक खोजी रिपोर्ट के बाद लखनऊ के KGMU स्थित क्वीन मेरी अस्पताल के गायनेकोलॉजी विभाग में व्यवस्थाओं को लेकर स्वास्थ्य विभाग को सुधारात्मक कदम उठाने पड़े। Editorial Policy: यशस्वी द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    Dec 31, 2025 16:57 IST

    Modified By : Yashaswi Mathur
  • Dec 31, 2025 16:57 IST

    Published By : Yashaswi Mathur
    Reviewed By : Dr Shrey Sharma

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