विश्व अस्थमा दिवस 2021 : कोरोना में अस्थमा के मरीज रखें इन बातों का ध्यान, डॉक्टर से जानें घर पर बचाव के टिप्स

कोरोना वायरस और अस्थमा के कुछ लक्षण एक समान होते हैं। ऐसे में अस्थमा रोगियों को अपना बचाव करना जरूरी हो जाता है। कैसे रखें अस्थमा मरीज अपना ध्यान

Anju Rawat
Written by: Anju RawatPublished at: May 04, 2021Updated at: May 04, 2021
विश्व अस्थमा दिवस 2021 : कोरोना में अस्थमा के मरीज रखें इन बातों का ध्यान, डॉक्टर से जानें घर पर बचाव के टिप्स

क्रोनिक श्वसन (Chronic Respiratory Conditions) की स्थिति भारत में बड़े पैमाने पर स्वास्थ्य बोझ (Health Burden) के कारण है। देश में लगभग 93 मिलियन लोग श्वसन तंत्र की बीमारी से जूझ रहे हैं, जिसमें लगभग 37 मिलियन लोग सिर्फ अस्थमा (Asthma) के मरीज हैं। दुनियाभर में 11.1 प्रतिशत अस्थमा के मरीज भारत में हैं। इसके साथ ही दुनियाभर में होने वाले अस्थमा मरीजों की मृत्यु में 42 प्रतिशत भारत के होते हैं। श्वसन वायरल संक्रमण (Respiratory Viral Infections) अस्थमा के बढ़ने का प्राथमिक कारण है। अस्थमा के जोखिम वाले रोगियों के लिए वायरल श्वसन पथ (Viral Respiratory Tract) के संक्रमण रोग पर गहरा प्रभाव डाल सकते हैं। अभी अस्थमा से पीड़ित लोगों में संक्रमण की वृद्धि (Increased Infection Rates) दर का कोई सबूत नहीं है। हालांकि एक अनुमान के मुताबिक मध्यम-गंभीर अस्थमा के रोगियों को दूसरे गंभीर बीमारियों का अधिक जोखिम हो सकता है। अभी कोरोना काल चल रहा है, ऐसे में अस्थमा रोगी अपना बचाव कैसे कर सकते हैं? कोरोना से बचने के लिए वे क्या करें? घर पर अपना ध्यान कैसे रखें? विश्व अस्थमा दिवस के मौके पर इन सभी विषयों के बारे में जानकारी लेने के लिए हमने ग्लोबल हॉस्पिटल्स, मुंबई के कंसल्टेंट पल्मोनोलॉजी और क्रिटिकल केयर डॉक्टर हरीश चाफले विस्तार में बातचीत की- 

asthma and corona

डॉक्टर हरीश चाफले कहते हैं कि अस्थमा, एलर्जी, फ्लू, सर्दी  और कोरोना वायरस के कुछ लक्षण एक समान होते हैं। श्वसन संबंधी बीमारियां अस्थमा को खराब कर सकती हैं, इसलिए आपको अस्थमा को नियंत्रण में रखने वाली दवाईयों का सेवन करते रहना चाहिए। अगर आप अस्थमा के मरीज हैं और आपको बुखार या खांसी होती है, तो अपने डॉक्टर से जरूर संपर्क करें। जब कोई श्वसन संबंधी बीमारी यानी कोरोना वायरस या अन्य कोई सांस संबंधी बीमारी फैली हो, तो अस्थमा से पीड़ित लोगों को ज्यादा सावधानी बरतने की जरूरत होती है। अस्थमा से पीड़ित लोगों के लिए कोरोना वायरस बहुत बड़ा जोखिम नहीं है लेकिन फिर भी आपको अपने अस्थमा को नियंत्रण में रखना जरूरी है। 

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अस्थमा को नियंत्रण में ऐसे रखें (How to Keep Asthma Under Control) 

अस्थमा मरीजों के लिए सबसे बड़ा जोखिम यह है कि जरूरत पड़ने पर इन्हें हॉस्पिटल ले जाना बहुत जरूरी हो जाता है। इसके बढ़ते लक्षणों को घर पर ठीक नहीं किया जा सकता है। लेकिन इस समय कोरोना वायरस तेजी से फैल रहा है और देश अस्पतालों में बैड की भारी कमी से जूझ रहा है। ऐसे में आपको अपने अस्थमा को नियंत्रण में रखना जरूरी होता है। इसके लिए इन बातों का ध्यान रखें। 

इनहेलर का इस्तेमाल करें (Use Inhalers)

अपनी स्थिति को नियंत्रण में रखने के लिए और जोखिम को कम करने के लिए महामारी के दौरान नियमित रूप से अपने इनहेलर्स का उपयोग जारी रखें। जरूरत पड़ने पर इनहेलर का इस्तेमाल करते रहें।

ट्रिगर्स को समझें (Understand the Triggers)

आमतौर अस्थमा ट्रिगर्स हर व्यक्ति में अलग होते हैं। इसमें कुछ लोग ठंडी हवा से प्रभावित होते हैं, कुछ लोग प्रदूषण और धूल-मिट्टी से तो कुछ लोग विशेष खाद्य पदार्थों से ट्रिगर हो सकते हैं। ऐसे में आपको समझना चाहिए कि आपको किस चीज से परेशानी बढ़ रही है। समझने के बाद उन सब चीजों से दूरी बनाकर रखें, जिससे आपको परेशानी हो। अस्थमा के रोगियों को आर्टिफिशियल कलर के फूड और चाइनीस अजीनोमोटो युक्त खाने (Chinese Food Containing Ajinomoto) से बचना चाहिए। यह अस्थमा को बढ़ाने का सबसे सामान्य ट्रिगर माना जाता है।

रिकॉर्ड रखें (Keep a record)

अस्थमा के कई लक्षण कोरोना वायरस के समान दिखाई देते हैं। इसमें सांस फूलना, सीने में दर्द और जकड़न शामिल हैं। अस्थमा रोगी आमतौर पर अपने वायुमार्ग (airway) में सांस की शक्ति निर्धारित करने के लिए पीक फ्लो मीटर (peak flow meters) का काम करते हैं। इस समय अस्थमा के रोगियों को अपने पर पूरा ध्यान रखना चाहिए और अपने डॉक्टर से हमेशा संपर्क में रहना चाहिए। 

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सही इनहेलर को तैयार रखें (Keep the right inhaler ready)

स्थिति के आधार पर इनहेलर में उपयोग की जाने वाली दवाइयां अलग हो सकती है। आपको हमेशा इस बात की जानकारी होनी चाहिए कि आपातकाल के मामले में कौन-से इनहेलर का उपयोग करना है। अगर आप बिल्कुल ठीक है और इनहेलर का लंबे समय से इस्तेमाल नहीं कर रहे हैं, तो भी कोरोना के समय आपको अपने पास इनहेलर रखना जरूरी है। इसके साथ ही यह भी देखते रहे कि इनहेलर की समय सीमा समाप्त तो नहीं हुई है।

कोरोना काल में अस्थमा मरीज रखें इन बातों का ध्यान (Asthma Patients Should Keep These Things in Mind During the Corona Period)

hand wash

डॉक्टर हरीश चाफले कहते हैं कि मध्यम से गंभीर अस्थमा (Moderate to Severe Asthma) रोगियों को कोरोना वायरस होने का ज्यादा रिस्क हो सकता है। यह वायरस श्वसन तंत्र जैसे नाक, गले और फेफड़ों को ज्यादा प्रभावित करता है। यह संक्रमण अस्थमा दौरा, निमोनिया और तीव्र श्वसन रोग का कारण बन सकता है। ऐसे में आपको कोरोना काल के दौरान इन बातों को ध्यान में रखना जरूरी है।

  • - अस्थमा एक्शन प्लान (Asthma Action Plan) का पालन करके अपने अस्थमा को नियंत्रण में रखें। 
  • - अपनी वर्तमान दवाइयों को जारी रखें। इसमें स्टेरॉयड के साथ इनहेलर भी शामिल करें।  
  • - अपने अस्थमा की दवाइयों को बंद न करें। इसके साथ ही बिना डॉक्टर की सलाह के इसकी दवाइयों में बदलाव भी न करें। 
  • - इस दौरान आप हमेशा अपने डॉक्टर के संपर्क में रहें और उन्हें अपना हेल्थ अपडेट देते रहें।
  • - अपने पास कम से कम 30 दिन की दवाइयों का स्टोक रखें।
  • - अपने अस्थमा के ट्रिगर से बचें।
  • - इस दौरान आप अपने तनाव, चिंता से भी बचे रहें। यह अस्थमा को ट्रिगर कर सकता है। 
  • - अपने और दूसरों के बीच जगह बनाए रखने के लिए हर रोज सावधानी बरतें।
  • - सार्वजनिक स्थान पर दूसरे लोगों से दूरी बनाकर रखें।
  • - अपने हाथों को अकसर साबुन और पानी से अच्छे से धोएं। इसके अलावा आप एल्कोहल युक्त हैंड सैनिटाइजर का भी इस्तेमाल करके भी अपने हाथों को साफ कर सकते हैं।
  • - भीड़-भाड़ वाली जगहों और बीमार लोगों से दूर रहें और कोरोना से बचने के लिए बार-बार हाथों को धोएं।

अस्थमा के मरीज समय-समय पर जरूर लें दवाइयां (Asthma Patients Must Take Medicines On Time)

अस्थमा के लिए ली जाने वाली दवाइयां कोरोना वायरस के रिस्क को नहीं बढ़ाती है। दवाइयां आपके अस्थमा को नियंत्रण में रखता है और इसे बढ़ने नहीं देता है। अगर आप अपने अस्थमा की दवाइयां छोड़ देते हैं, तो आपको अस्थमा का दौरा (asthma attack) पड़ने का खतरा बढ़ जाता है। आप इन दवाइयों को निर्धारित रूप में लेना जारी रख सकते हैं। 

medicines

  • - जल्दी राहत देने वाली दवाइयां जैसे लेवोसाल्बुटामोल (Quick-relief medicine- Levosalbutamol) 
  • - अस्थमा को नियंत्रण में रखने वाला दवाई जैसे इनहेल्ड कॉर्टिकोस्टेरॉइड (controller medicines- Inhaled corticosteroids)
  • - ओरल कॉर्टिकॉस्टिरॉइड्स जैसे प्रेडनिसोन (Oral corticosteroids - prednisone)
  • - एलर्जी की दवाई जैसे एंटीहिस्टामाइन (Allergy Medicine- Antihistamines)
  • - एसिड भाटा के लिए प्रोटॉन पंप अवरोधक (Proton pump inhibitors for acid reflux)
  • - नाक की एलर्जी के लिए नसल एलर्जी स्परेज (Nasal allergy sprays)

अगर आपको अस्थमा को नियंत्रण करने के लिए जल्दी राहत देने वाले दवाई खाने की जरूरत है, तो आप दवाई की जगह इनहेलर (स्पेसर के साथ) का इस्तेमाल कर सकते हैं। अगर आप बीमार हैं, तो नेबुलाइजर (Nebulizer) का इस्तेमाल करने से हवा में वायरस के कणों का फैलने का खतरा बढ़ सकता है। लेकिन अगर आपके पास नेबुलाइजर ही एक उपाय है, तो इसका इस्तेमाल किया जा सकता है। नेबुलाइज़र का इस्तेमाल करते समय अपने साथ कम ही लोगों को रखें और एक ही कमरे का आप इस्तेमाल करें। इसके साथ ही आपको अपने डॉक्टर की सलाह पर ही दवाइयों का सेवन करना चाहिए और इस समय नियमित रूप से आपको उनके संपर्क में रहना चाहिए।

ऊपर बताए गए सावधानियों के अलावा आपको कोरोना वायरस के सभी नियमों का पालन करना भी जरूरी है। इसमें आपको सामाजिक दूरी, हाथों की सफाई पर डबल मास्किंग पर ध्यान देना जरूरी है। इस सभी नियमों का पालन करके आप कोरोना वायरस से अपना बचाव आसानी से कर सकते हैं। 

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