Fri Sep 11, 2026 | 08:23 PM IST

Medically Reviewed by Dr Shobha Gupta , Medical Director and IVF Consultant

मेनोपॉज में महिलाओं को ज्यादा रेस्ट करने की जरूरत क्यों होती है? डॉक्टर से जानें कारण

What Does Your Body Need During Menopause: मेनोपाॅज में महिलाओं को पर्याप्त रेस्ट करना चाहिए। अगर ऐसा न किया जाए, तो स्वास्थ्य को भारी नुकसान हो सकते हैं। आइए, जानते हैं कि मेनोपॉज में महिलाओं को पर्याप्त रेस्ट करने की जरूरत क्यों होती है?

Does Your Need More Sleep During Menopause: आमतौर पर मेनोपाॅज 40 साल की उम्र के बाद होता है। कुछ महिलाओं में यह फेज महीनों तक चलता है, तो कुछ महिलाओं में सालों तक जारी रहता है। मेनोपाॅज का मतलब होता है पीरियड्स का पूरी तरह बंद हो जाना। मेनोपाॅज के बाद महिलाओं का रिप्रोडक्टिव ऑर्गन काम करना बंद कर देता है, जिसके बाद वे कभी भी प्रेग्नेंट नहीं हो सकती हैं। बहरहाल, मेनोपाॅज के दौरान महिलाओं में कई तरह के हार्मोनल उतार-चढ़ाव होते हैं। इसका असर उनकी एनर्जी लेवल पर पड़ता है। तो क्या इस स्थिति में महिलाओं को अधिक रेस्ट करने की जरूरत पड़ती है? आइए, जानते हैं  Mumma's Blessing IVF और वृंदावन स्थित Birthing Paradise की Medical Director and IVF Specialist डॉ. शोभा गुप्ता का क्या कहना है?

मेनोपॉज में महिलाओं को ज्यादा रेस्ट की जरूरत क्यों होती है?- Do You Need More Sleep During Menopause

why your body needs more rest during menopause 01 (9)

इसमें कोई दो राय नहीं है कि मेनोपॉज के दौरान महिलाओं को रेस्ट करने की जरूरत होती है। ऐसा इसलिए, क्योंकि हार्मोनल बदलाव होते हैं, जिसमें एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टेरोन में कमी आ जाती है। इसकी वजह से महिलाओं की नींद बाधित होने लगती है। यही नहीं, मेनोपाॅज के दौरान महिलाओं को हॉट फ्लैशेज, रात को पसीना आना, एंग्जाइटी और मूड स्विंग्स जैसी समस्याएं होती हैं, जो उन्हें पर्याप्त नींद लेने नहीं देती हैं। इसी वजह से मेनोपाॅज के दौरान महिलाओं का शरीर थकान और कमजोरी से घिर जाता है। इससे रिकवरी में उन्हें अधिक रेस्ट करने की जरूरत होती है। अगर मेनोपाॅज हो रही महिलाएं पर्याप्त रेस्ट नहीं करती हैं, तो इसकी वजह से उनमें कई तरह की स्वास्थ्य समस्याओं का रिस्क बढ़ जाता है। जैसे स्लीप एपनिया और रेस्टलेस लेग्स सिंड्रोम। NCBI की एक रिपोर्ट की मानें मेनोपॉज में महिलाओं को अच्छी नींद लेना बहुत जरूरी होता है। ऐसा नहीं करने पर इससे उनकी ओवर ऑल हेल्थ इफेक्ट होती है।

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मेनोपाॅज में रेस्ट न करने पर क्या होता है?

हार्मोन में बदलावः अगर मेनोपाॅज में महिलाएं पर्याप्त रेस्ट नहीं करती हैं, तो इसकी वजह से हार्मोन में अधिक बदलाव होने लगते हैं। वैसे भी मेनोपाॅज में प्राॅपर तरीक से पीरियड्स न होने पर हार्मोन के बदलावों पर गहरा असर पड़ता है। इसे संतुलित बनाए रखने के लिए अच्छी तरह रेस्ट करना जरूरी होता है।

हाॅट फ्लैशेज का बढ़नाः मेनोपाॅज में हाॅट फ्लैशेज होना भी सामान्य समस्या होती है। अगर महिलाएं पर्याप्त रेस्ट नहीं करतीं हैं, तो यह समस्या और बढ़ सकती है। आपको बता दें कि कई बार हाॅट फ्लैशेज इतने खतरनाक हो जाते हैं कि महिलाओं को एसी की हवा में भी गर्मी लगने लगती है और यह स्थिति उनके लिए असहनीय हो जाती है।

मूड स्विंग होनाः हार्मोनल बदलाव के कारण मूड स्विंग होना स्वाभाविक हो जाता है। विशेषज्ञों की मानें, तो पीरियड्स, प्यूबर्टी या मेनोपाॅज हर फेज में मूड प्रभावित होता है। इस स्थिति में शरीर में कोर्टिसोल का स्तर बढ़ सकता है, जो एंग्जाइटी को ट्रिगर करता है। इससे मूड स्विंग होना एक काॅमन समस्या बनकर उभरती है।

स्लीप डिसऑर्डर की दिक्कतः मेनोपाॅज के दौरान महिलाओं को पहले से ही कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ता है। ऐसे में अगर वे अच्छी तरह रेस्ट नहीं करती हैं, तो उन्हें रेस्टलेस लेग सिंड्रोम और स्लीप एपनिया जैसी दिक्कतों का भी सामना करना पड़ता है।

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निष्कर्ष

चूंकि, मेनोपाॅज 40 साल की उम्र के बाद होता है। ऐसे में शरीर पहले से ही काफी कमजोर होता है। साथ ही मेनोपाॅज की वजह से शरीर में कई तरह के हार्मोनल बदलाव होते हैं, जो कि कई स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का कारण बन सकते हैं। इनसे निपटने के लिए आवश्यक है कि महिलाएं पर्याप्त रेस्ट करें। एक दिन में कम से कम 8-9 घंटे की नींद जरूर लें और माइंड को रिलैक्स रखें और लाइफस्टाइल में हेल्दी आदतों को अपनाएं।

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FAQ

  • मेनोपॉज कितने साल तक चलता है?

    मेनोपाॅज होने का समय फिक्स नहीं होता है। कुछ महिलाओं में यह स्थिति महीनों तक रहती है, तो कुछ महिलाओं में 8 सालों तक भी चल सकती है। जब किसी महिला को लगातार 12 महीने तक पीरियड्स न हों, तो समझ सकते हैं कि मेनोपाॅज हो गया है।
  • आपको कैसे पता चलेगा कि आपका मेनोपॉज खत्म हो गया है?

    आापको यह नोटिस करना है कि आखिरी पीरियड कब आया था? अगर साल भर तक मासिक धर्म न आएं, स्पाॅटिंग और ब्लीडिंग भी न हो। इसका मतलब है कि मेनोपाॅज का फेज खत्म हो चुका है।
  • मेनोपॉज में क्या खाएं?

    मेनोपाॅज के दौरान हार्मोनल बदलाव, हड्डियों का कमजोर होना, कैल्शियम की कमी, बालों का झड़ना जैसी कई परेशानियां होती हैं। ऐसे में आपको अपनी डाइट को संतुलित रखना चाहिए ताकि समस्याओं के नकारात्मक प्रभावों को कम किया जा सके। इसमें डाइट के तौर पर आप कैल्शियम और विटामिन डी (दूध, दही, हरी सब्जियां, बादाम), सूजन कम करने और हृदय के लिए ओमेगा-3 (अलसी, अखरोट, मछली), मांसपेशियों के लिए प्रोटीन (दालें, अंडे, टोफू) और पाचन के लिए फाइबर (साबुत अनाज, फल, सब्जियां) शामिल करें।

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Disclaimer

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Meera Tagore

Meera Tagore

Senior Sub Editor

मीरा टैगोर 2009 से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और पिछले 5 वर्षों से विशेष रूप से हेल्थ जर्नलिज्म पर काम कर रही हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealthमें सीनियर सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं। वह महिला स्वास्थ्य और यौन स्वास्थ्य जैसे संवेदनशील विषयों पर लिखती हैं और इनसे जुड़ी जानकारी को प्रमाणित स्रोतों और रिसर्च के आधार पर सटीक और सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की कोशिश करती हैं। जिन विषयों में मेडिकल पुष्टि जरूरी होती है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत प्रिंट मीडिया से की थी और OnlyMyHealth से पहले Image Reflection Centre, Haribhoomi और MyUpchar के साथ काम कर चुकी हैं।

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