Fri Sep 11, 2026 | 07:51 PM IST

Medically Reviewed by Dr Chetna Jain , Gynecologist

Menstrual Mask: चेहरे पर पीरियड ब्लड लगाना कितना सही? डॉक्टर से जानें इसकी सच्चाई

Menstrual Mask:सोशल मीडिया पर चल रहे नए ट्रेंड को लेकर युवा महिलाओं में काफी क्रेज बढ़ा हुआ है। इस ट्रेंड में महिलाएं अपने पीरियड का ब्लड चेहरे पर लगा रही है। सोशल मीडिया पर इसे नेचुरल थेरेपी कहा जा रहा है। यह ट्रेंड महिलाओं के लिए कितना सेफ है, इसकी सच्चाई डॉक्टर ने विस्तार से बताई है। 

Menstrual Mask: आजकल सोशल मीडिया पर आए दिन कुछ न कुछ ब्यूटी ट्रेंड्स चलते रहते हैं। कभी गिरते बालों का इलाज तो कभी स्किन को ग्लो करने के किचन हैक्स। आजकल एक नया ट्रेंड चल रहा है और वह है मेंस्ट्रुअलमास्किंग। इस ट्रेंड में कहा जा रहा है कि पीरियड का ब्लड चेहरे पर लगाना एक नेचुरल स्किन थेरेपी है। कुछ इंफ्लुएंसर्स इसे ग्लोइंग फेस पैक या फिर एंटी एजिंग ट्रीटमेंट के तौर पर लगाने की सलाह दे रहे हैं। कुछ लोग यह भी दावा कर रहे हैं कि पीरियड ब्लड में स्टेम सेल्स या न्यूट्रिएंट्स प्रॉपर्टीज होती हैं, लेकिन इन दावों में कितनी सच्चाई है, यह जानने के लिए हमने गुरुग्राम के क्लाउडनाइन हॉस्पिटल के ऑब्स्टेट्रिक्स एंड गायनेकोलॉजी विभाग की डायरेक्टर डॉ. चेतना जैन (Dr. Chetna Jain Director Dept of Obstetrics & Gynecology, Cloudnine Group of Hospitals, Sector 14, Gurgaon) से बात की। सबसे पहले जानते हैं कि यह ट्रेंड किया है?

मेंस्ट्रुअलमास्किंग क्या है? - What is a Menstrual Mask?

डॉ. चेतना कहती हैं, “मेंस्ट्रुअलमास्किंग में अपने ही पीरियड के दौरान निकलने वाले ब्लड को फेस मास्क की तरह चेहरे पर लगाना। सबसे पहले यह समझना जरूरी है कि पीरियड्स का ब्लड शरीर का एक तरह का वेस्ट मेटिरियल है। इसमें श्यू, बैक्टीरिया और फ्लूइड्स का मिश्रण होता है। सोशल मीडिया में कुछ वीडियोज में कहा जा रहा है कि यह एक नेचुरल स्किन बूस्टर है, लेकिन यह जानना बहुत महत्वपूर्ण है कि हर नेचुरल चीज सेफ नहीं होती।”

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Menstrual Masking ट्रेंड क्यों खतरनाक है?

डॉ. चेतना ने बताया कि पीरियड्स का ब्लड लगाने की सलाह कोई भी डॉक्टर नहीं देगा क्योंकि इससे इंफेक्शन का रिस्क रहता है, कोई वैज्ञानिक आधार नहीं है और स्किन को नुकसान पहुंचा सकता है। इसलिए यह ट्रेंड खतरनाक है। इससे शरीर को कई तरह के नुकसान हो सकते हैं।

इंफेक्शन का रिस्क

पीरियड ब्लड साफ साफ नहीं होता। इसमें वेजाइनल फ्लूइड, बैक्टीरिया, अनचाहे टिश्यू और वेस्ट प्रोडेक्ट्स होते हैं। इसे चेहरे पर लगाने से बैक्टीरियल इंफेक्शन, फंगल इंफेक्शन, पिम्पल्स और रैशेज, स्किन एलर्जी, जलन और लालिमा हो सकती है। जिन लोगों की स्किन बहुत सेंसिटिव होती है, उनमें रिएक्शन और ज्यादा गंभीर हो सकते हैं।

STIs का रिस्क

अगर किसी महिला के पीरियड ब्लड में पहले से मौजूद कोई इंफेक्शन जैसे HIV, हेपेटाइटिस B, हेपेटाइटिस C
या अन्य STIs होगा, तो इसे चेहरे पर लगाने पर इंफेक्शन फैल सकता है। अगर किसी महिला के चेहरे पर पिंपल्स है, कहीं कट है या स्किन पोर्स खुले हैं, तो उन महिलाओं को गंभीर परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं।

स्किन बैरियर को नुकसान

चेहरे की त्वचा बहुत नाज़ुक होती है। अगर आप उस पर बैक्टीरिया और वेस्ट मटेरियल का मिश्रण लगा देते हैं, तो इससे स्किन का नेचुरल प्रोटेक्टिव लेयर टूट जाता है और इससे लंबे समय तक इरिटेशन, लालिमा और सूजन हो सकती है। अगर स्किन बैरियर को नुकसान हो गया, तो गंभीर बीमारियां होने का रिस्क बढ़ जाता है।

मेंटल हेल्थ को नुकसान

सोशल मीडिया पर इस ट्रेंड के जरिए बताया जा रहा है कि नेचुरल चीजें सेफ है, लेकिन यह हमेशा सच नहीं होता। इसे देखकर कई बार यंग लड़कियां इस ट्रेंड को फॉलो कर रही है। इस तरह के ट्रेंड्स से यंग लड़कियों में साफ-सफाई और सेहत से जुड़ी गलत जानकारियां पहुंच रही है। जब वह इस तरह के ट्रेंड को फॉलो करती हैं, तो इसके गंभीर परिणामों से मेंटल हेल्थ पर भी असर पड़ सकता है।

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वैज्ञानिक आधार न होना

अब तक किसी भी रिसर्च या क्लिनिकल स्टडी में ये साबित नहीं हुआ है कि पीरियड ब्लड स्किन को फायदा पहुंचाता है, एंटी एजिंग है या ग्लो बढ़ता है। यह सिर्फ मिथक है और सोशल मीडिया के इन दावों में कोई सच्चाई नहीं है।

स्किन को ग्लो करने के सेफ तरीके

डॉ. चेतना कहती हैं कि अगर सच में किसी को ग्लोइंग और हेल्दी स्किन चाहिए, तो डर्माटोलॉजिस्ट-सर्टिफाइड स्किनकेयर प्रोडेक्ट्स, विटामिन C सीरम और सनस्क्रीन का इस्तेमाल करें। डॉक्टर की सलाह पर रेटिनॉल का इस्तेमाल किया जा सकता है। ये सब तरीके वैज्ञानिक तौर पर साबित हो चुके हैं और इसमें नुकसान न के बराबर होता है।

निष्कर्ष

मेंस्ट्रुअल मास्किंग सोशल मीडिया का एक मिसलीडिंग और खतरनाक ट्रेंड है। इंटरनेट पर दिखने वाला हर ट्रेंड सेफ नहीं होता। पीरियड का ब्लड स्किन पर लगाने के लिए बिल्कुल भी सेफ नहीं है। इसलिए इस तरह के सोशल ट्रेंड से दूर रहें और अपने चेहरे पर बिल्कुल भी इस्तेमाल न करें।

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Aneesh Rawat

Aneesh Rawat

Chief Sub Editor

अनीश रावत को हेल्थ और लाइफस्टाइल पत्रकारिता में 16+ साल का अनुभव है। फिलहाल जागरण न्यू मीडिया के Onlymyhealth में चीफ सब एडिटर हैं। महिला स्वास्थ्य, बच्चों की सेहत, कैंसर, मेडिटेशन और योग पर Research based, doctor verified और SEO फ्रेंडली लेख लिखने में विशेषज्ञ हैं। न्यूज 24, ऑल इंडिया रेडियो और ThinkRight मेडिटेशन ऐप जैसे भरोसेमंद platforms पर काम कर चुकी हैं। Editorial Policy: अनीश द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    Dec 10, 2025 17:49 IST

    Modified By : Aneesh Rawat
  • Dec 10, 2025 17:49 IST

    Published By : Aneesh Rawat
    Reviewed By : Dr Chetna Jain

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