Doctor Verified

खुद से रेगुलर ब्रेस्ट की जांच करना कितना जरूरी है?

खुद से ब्रेस्ट की जांच करने से ब्रेस्‍ट कैंसर के लक्षणों का पता चल सकता है पर ये जांच कब करनी है इसे आपको समझना चाहिए 

Yashaswi Mathur
Written by: Yashaswi MathurPublished at: Jun 01, 2021Updated at: Oct 19, 2021
खुद से रेगुलर ब्रेस्ट की जांच करना कितना जरूरी है?

खुद से ब्रेस्‍ट की जांच करना क‍ितना जरूरी है? खुद से ब्रेस्‍ट की जांच करना एक सेफ ऑप्‍शन है। इससे आप समय रहते ब्रेस्‍ट से जुड़ी बीमारियों का पता लगा सकते हैं पर जरूरत से ज्‍यादा जांच के चलते च‍िंता करना भी ठीक नहीं है। बार-बार जांच करने से आपको हर छोटे बदलाव होने पर बीमारी का डर सताएगा। ब्रेस्‍ट में हल्‍के बदलाव उम्र बढ़ने के साथ होते हैं पर न‍िप्‍पल से ड‍िस्‍चार्ज न‍िकलने, रैशेज या पील न‍िकलने या गांठ का अहसास होने पर आप डॉक्‍टर को द‍िखाएं। जरूरी नहीं है क‍ि हर गांठ, कैंसर ही हो इसलि‍ए बि‍ना डरे जांच करवाएं। जरूरी नहीं है क‍ि हर महीने ही आपको ब्रेस्‍ट का सेल्‍फ टेस्‍ट करने की जरूरत है पर थोड़े अंतराल पर इसे करते रहें ताक‍ि आप सेफ रहें। इस लेख में हम खुद से ब्रेस्‍ट की जांच से जुड़े जरूरी सवालों के जवाब जानेंगे। ज्‍यादा जानकारी के ल‍िए हमने लखनऊ के गाइनी व‍िभाग क्‍वीनमेरी की च‍िक‍ित्‍सा अधीक्ष‍िका डॉ एसपी जैसवार से बात की। 

breast test

क्‍या सभी मह‍िलाओं को हर महीने ब्रेस्‍ट की जांच करनी चाह‍िए? (All women should do self examine every month)

ये नहीं कहा जा सकता क‍ि आपको हर महीने ब्रेस्‍ट की जांच करनी चाहिए, क्‍योंक‍ि इससे आपको हर समय डर और च‍िंता होगी पर हर थोड़े समय में जांच करने में कोई नुकसान नहीं है। दरअसल सेल्‍फ टेस्‍ट का यही मतलब है क‍ि मह‍िलाएं ब्रेस्‍ट में हो रहे क‍िसी भी बदलाव को पहचान पाएं और उन्‍हें शरीर के इस ह‍िस्‍से की पूरी जानकारी हो क्‍योंक‍ि हर महिला का शरीर एक जैसा नहीं होता। अगर आपको हर महीने खुद से जांच करने में कोई परेशानी नहीं है तो आप जांच कर सकते हैं। 

ब्रेस्‍ट कैंसर से बचने के ल‍िए सेल्‍फ टेस्‍ट करना चाह‍िए (Self breast examination could help to detect cancer symptoms)

breast cancer

डॉ एसपी जैसवार ने बताया क‍ि ''अगर ब्रेस्‍ट कैंसर के मरीज को लक्षणों का पता समय पर लग जाए तो कीमोथैरेपी समय रहते शुरू की जा सकती है। इसके ल‍िए खुद से ब्रेस्ट की जांच करना एक अच्‍छी आदत है पर आपको हल्‍के बदलाव में घबराना नहीं चाह‍िए। ब्रेस्‍ट कैंसर से जुड़े लक्षणों को पहचानें और डॉक्‍टर की मदद लें। हम मैमोग्राफी, अल्‍ट्रासाउंड, बायोप्‍सी जैसे टेस्‍ट की मदद से ब्रेस्‍ट कैंसर की पुष्‍ट‍ि करते हैं।'' डॉ जैसवार ने बताया क‍ि ओपीडी में काउंसल‍िंग के दौरान हम मह‍िलाओं को सलाह देते हैं क‍ि अपनी बॉडी में आ रहे बदलावों को पहचानें और डॉक्‍टर से बात करने में ह‍िचक‍िचाएं नहीं।

इसे भी पढ़ें- प्रेग्नेंसी में कब जरूरी हो जाता है बेड रेस्ट? जानें डॉक्टर से

कि‍स उम्र से लड़क‍ियों को सेल्‍फ ब्रेस्‍ट टेस्‍ट करना चाहि‍ए? (Age for self breast examination)

लड़क‍ियों को 20 साल की उम्र से खुद से ब्रेस्‍ट टेस्‍ट करना चाह‍िए क्‍योंक‍ि कैंसर जैसी बीमारी अब युवा पीढ़ी में भी तेजी से फैल रही है इसल‍िए लड़क‍ियों को ब्रेस्‍ट करना जरूरी है। प्रेग्नेंसी और मेनोपोज के दौरान भी ब्रेस्‍ट टेस्‍ट करना जरूरी होता है, कैंसर का खतरा क‍िसी भी उम्र में हो सकता है। अगर आपकी उम्र ज्‍यादा है और पीर‍ियड्स नहीं होते हैं तो आप क‍िसी भी द‍िन जांच कर सकती हैं, वहीं अगर उम्र कम है और पीर‍ियड्स होते हैं तो पीरियड्स की तारीख से कुछ द‍िन बाद आप जांच कर सकती हैं। अगर आप हार्मोन की दवा ले रही हैं तो जांच करने से पहले डॉक्‍टर से सलाह लें। 

खुद से ब्रेस्‍ट की जांच कब और कैसे करें? (When and How to perform self breast examination)

self breast exam

आपको पीर‍ियड्स के तीन से पांच द‍िन के बाद ब्रेस्‍ट की जांच करनी चाह‍िए। ये ब्रेस्‍ट टेस्‍ट करने का सही समय है। पीर‍ियड्स के पांच से छह द‍िन बाद ब्रेस्‍ट में सूजन नहीं होती और इसल‍िए आप आराम से टेस्‍ट कर पाते हैं। आप चाहें तो हर महीने ये टेस्‍ट कर सकते हैं या जैसे आपकी सहूल‍ियत हो। 

  • 1. सबसे पहले आप आइने के सामने खड़ी हो जाएं। 
  • 2. कंधों को सीध में रखते हुए जांच करें क‍ि ब्रेस्‍ट में कोई गांठ या कोई बदलाव तो नहीं है।
  • 3. आपको ब्रेस्‍ट के साथ अंडर ऑर्म एर‍िया में भी गांठ की जांच करनी है। 
  • 4. न‍िप्‍पल की जांच करें, उसमें कोई धब्‍बा न हो। 
  • 5. आप न‍िप्‍पल को दबाकर भी देखें क‍ि क‍हीं उसमें से कुछ न‍िकल न रहा हो। 

खुद से ब्रेस्‍ट की जांच के दौरान कि‍न बातों पर गौर करें? (Types of concerns during self breast examination)

जरूरी नहीं है क‍ि नीचे बताए गए लक्षण होने पर गंभीर समस्‍या ही हो पर अगर आप समय पर डॉक्‍टर से सलाह ले लेंगे तो बीमारी को जल्‍दी दूर क‍िया जा सकेगा इसल‍िए इन लक्षणों पर गौर करें- 

  • 1. अगर न‍िप्‍पल को ब‍िना दबाए सफेद ड‍िस्‍चार्ज न‍िकलता है तो आपको डॉक्‍टर से संपर्क करना चाह‍िए।
  • 2. ब्रेस्‍ट के साइज या शेप में बड़ा बदलाव आता है तो आपको च‍िक‍ित्‍सा सलाह की जरूरत पड़ सकती है।
  • 3. अगर न‍िप्‍पल अंदर की ओर या नीचे की ओर हो जाएं तो भी आपको डॉक्‍टर से सलाह लेनी चाह‍िए। 
  • 4. ब्रेस्‍ट या अंडरऑर्म में कोई गांठ महसूस हो तो डॉक्‍टर से संपर्क करें। 
  • 5. अगर ब्रेस्‍ट की स्‍क‍िन से पील न‍िकलती है या रैशेज की समस्‍या हो तो भी ये च‍िंता की बात हो सकती है। 
  • 6. अगर आपको महसूस हो क‍ि ब्रेस्‍ट एरिया ज्‍यादा गर्म है तो च‍िकि‍त्‍सा मदद लें। 
  • 7. अगर ब्रेस्‍ट के रंग में कोई बदलाव हो, सूजन या लालपन नजर आए तो डॉक्‍टर के पास जाएं।

इसे भी पढ़ें- वजाइना के आसपास गांठ होने के क्या कारण हो सकते हैं? क्या इससे कोई खतरा भी है?

ब्रेस्‍ट में गांठ महसूस हो तो क्‍या करना चाह‍िए? (What if you find a lump in breast)

मह‍िलाएं अपनी बॉडी को लेकर बेहद संवेदनशील होती हैं, हल्‍के से बदलाव आने पर ही उन्‍हें बीमारी का डर सताने लगता है पर क्‍या हो अगर सेल्‍फ टेस्‍ट के दौरान ब्रेस्‍ट में गांठ महसूस हो। अगर आपको ऐसा लगता है क‍ि ब्रेस्‍ट में कोई गांठ है तो घबराई नहीं। जरूरी नहीं है क‍ि ये गांठ हमेशा कैंसर का रूप ही ले। महावारी के दौरान भी ऐसा महसूस हो सकता है, लेकिन अगर न‍िप्‍पल से ब्‍लड न‍िकले या स्‍क‍िन में बदलाव आए तो आपको डॉक्‍टर से संपर्क करना चाह‍िए।

ब्रेस्‍ट कैंसर का इलाज संभव है इसल‍िए आप ब्रेस्‍ट में हो रहे बदलाव से घबराएं नहीं। हो सकता है आपको कैंसर के लक्षण हो ही नहीं इसल‍िए पूरा सच जानने के ल‍िए अपने डॉक्‍टर से संपर्क करने में जरा भी देर न करें। 

Read more on Women Health in Hindi

Disclaimer