पीरियड्स मिस होने के प्रेगनेंसी के अलावा क्या कारण हो सकते हैं? डॉक्टर से जानें जरूरी बातें

पीरियड्स मिस होना किसी भी महिला के लिए चिंता की बात हो सकती है। लेकिन प्रेगनेंसी के अलावा भी पीरियड्स होने के कई कारण हो सकते हैं।

Monika Agarwal
महिला स्‍वास्थ्‍यWritten by: Monika AgarwalPublished at: May 29, 2021Updated at: May 29, 2021
पीरियड्स मिस  होने के प्रेगनेंसी के अलावा क्या कारण हो सकते हैं? डॉक्टर से जानें जरूरी बातें

महिलाओं में पीरियड्स से जुड़ी यदि कोई छोटी मोटी परेशानी है तो यह एक साधारण सी बात है। हो सकता है इसकी वजह हार्मोन इंबैलेंस या आपका लाइफस्टाइल हो। वैसे तो एक सामान्य मासिक साइकिल 28 दिनों की होती है। किसी किसी में यह साइकिल 25 दिन तो किसी में 29 दिन की भी हो सकता है। लेकिन यदि यही साइकिल इससे ज्यादा दिन या कम दिनों की हो या महावारी रुक रुक कर होती हो, तब जरूर डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए। रंजना बेकन, स्त्री रोग विशेषज्ञ, कोलंबिया एशिया अस्पताल, के अनुसार महिलाओं की मासिक (पीरियड) से जुड़ी समस्या जिसमें लगातार तीन या अधिक माह तक माहवारी नहीं होती (Missed Periods), एमेनोरिया कहा जाता है। इसकी वजह से उनकी हड्डियों पर काफी प्रभाव पड़ता है। हालांकि एक या दो बार पीरियड मिस (Mussed Periods) होना सामान्य है। जो चिंता का विषय भी नहीं है। लेकिन अगर कुछ महीनों से ज्यादा आपके पीरियड मिस (Mussed Periods) हो रहे हैं, तो यह चिंता का विषय हैं। माहवारी के देर से आने के निम्न कारण हो सकते हैं।

1. बर्थ कंट्रोल

शोध के मुताबिक जब महिलाएं, जन्म निरोधक गोलियों का सेवन करती हैं, तो उन्हें इन पिल्स के दुष्प्रभाव को भी झेलना पड़ सकता है। गर्भ निरोधक गोलियों की वजह से पीरियड्स मिसिंग की समस्या आम है और कभी कभी ज्यादा महीनों तक भी माहवारी न आने की समस्या हो सकती है।

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2. तनाव की स्थिति

टेंशन यानि की तनाव। इसकी वजह से ना सिर्फ आपके वजन पर असर पड़ता है बल्कि इससे हार्मोन्स भी काफी प्रभावित होते हैं। शोध के मुताबिक तनाव की वजह से मासिक की साइकिल भी बहुत प्रभावित होती है। रिसर्च के मुताबिक लेप्टिन नामक हार्मोन वसायुक्त ऊतक से उत्पन्न होता है। वहीं हद से ज्यादा व्यायाम , तनाव या चिंता से वसा की कमी और इस वजह से इस हार्मोन की कमी होने लगती है। जिस वजह से पीरियड्स की अवधि पर भी असर पड़ता है।

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3. हार्मोनल परेशानी

महिलाओं में प्रीमैच्योर ओवेरियन फेल्योर या फिर पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम दोनों ही ऐसी कंडीशन होती हैं, जिससे हार्मोन संतुलन बिगड़ जाता है। जिससे अंडा बनने की क्रिया पर भी असर पड़ता है और पीरियड्स रुक जाते हैं।

4. दवाओं का साइड इफेक्ट

कहते हैं हद से ज्यादा दवाओं का सेवन भी आपके लिए हानिकारक हो सकता है। इनके सेवन से प्रोस्टाग्लैंडीन नामक रसायन काफी कम हो जाता है जो कि महिलाओं के गर्भाशय को ट्रिगर करने में सहायक है ताकि हर महीने महावारी प्रक्रिया हो सके। जिसके परिणाम स्वरूप पीरियड्स मिस होने लगते हैं।

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5. मेनोपॉज

ज्यादातर मेनोपॉज और प्री मेनोपॉज की वजह से भी मासिक काफी दिनों के लिए रुक जाते हैं। अगर किसी महिला की उम्र 45 से 55 साल के बीच की है और आपके मासिक साल भर से रुके हैं तो ये मेनोपॉज की वजह से होता है।

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ये भी रखें ध्यान

अगर आपके लगातार तीन महीने से ज्यादा पीरियड मिस हो गये हैं, और आपको इसके कारणों के बारे में पता भी नहीं है तो आप डॉक्टर से संपर्क करें। ये पीसीओएस जैसे हेल्थ इश्यू की वजह से हो सकता है पीसीओएस से हड्डियों को काफी नुकसान पहुंचता है और ऑस्टियोपोरोसिस का खतरा भी बढ़ जाता है।

महिलाओं में माहवारी की समस्या तब परेशानी का कारण बनती हैं, जब इसमें लंबे समय के लिए रुकावट आ जाए। अगर सही समय में इसका इलाज करवा लिया जाए तो आप किसी भी बड़े खतरे का शिकार नहीं बनेंगी। क्योंकि महिलाओं में पीरियड्स से जुडी कई तरह की समस्याएँ होती हैं, लेकिन अगर तीन महीने से ज्यादा पीरियड्स रुकने की समस्या हो रही है तो ये वाकई चिंतनीय विषय है।

डॉ. रंजना बेकन, स्त्री रोग विशेषज्ञ, कोलंबिया एशिया अस्पताल, गाजियाबाद।

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