प्रेग्नेंसी में कब जरूरी हो जाता है बेड रेस्ट? जानें डॉक्टर से

प्रेग्नेंसी में बेड रेस्‍ट कई कारण होते हैं, आपको डॉक्‍टर से सलाह लेकर तय करना चाह‍िए क‍ि प्रेग्नेंसी को आरामदायक कैसे बनाया जाए 

Yashaswi Mathur
Written by: Yashaswi MathurPublished at: May 31, 2021
प्रेग्नेंसी में कब जरूरी हो जाता है बेड रेस्ट? जानें डॉक्टर से

प्रेग्नेंसी में बेड रेस्‍ट कब करना पड़ सकता है? प्रेग्नेंसी के दौरान ब्‍लड प्रेशर बढ़ने पर, मल्‍टीपल प्रेग्नेंसी के दौरान, वजाइनल ब्‍लीड‍िंग होने पर, प्रीटर्म ड‍िलीवरी आद‍ि के दौरान गर्भवती महि‍ला को डॉक्‍टर व‍िशेष तौर पर बेड रेस्‍ट की सलाह देते हैं। हाई र‍िस्‍क प्रेग्नेंसी के केस में डॉक्‍टर फुल टाइम बेड रेस्‍ट की सलाह भी देते हैं। इसके अलावा प्रेग्नेंसी के दौरान स्‍ट्रेस या थकान से बचने के लि‍ए भी डॉक्‍टर बेड रेस्‍ट की सलाह देते हैं पर इसका ये मतलब नहीं है क‍ि गर्भवती मह‍िला को एक्‍ट‍िव नहीं रहना चाह‍िए। गर्भावस्‍था के दौरान आपको अपने रूटीन में आराम के साथ योग, कसरत, वॉक आद‍ि एक्‍टिव‍िटी को भी शाम‍िल करना चाह‍िए। इस व‍िषय पर ज्‍यादा जानकारी के ल‍िए हमने लखनऊ के झलकारीबाई अस्‍पताल की गाइनोकॉलोज‍िस्‍ट डॉ दीपा शर्मा से बात की। 

rest in pregnancy

1. प्रीटर्म लेबर (Preterm labor)

अगर नौ महीने पूरे होने से पहले ही क‍िसी कारण से प्रीमेच्‍योर ड‍िलीवरी हो जाती है तो आपको डॉक्‍टर कुछ महीने तक बेड रेस्‍ट करने की सलाह दे सकते हैं। कुछ केस में डॉक्‍टर प्रीटर्म ड‍िलीवरी रोक लेते हैं तब होने वाली मां के ल‍िए पूरी तरह से आराम करना जरूरी हो जाता है।

2. प्रीएक्लेम्पसिया (Pre-eclampsia)

प्रेग्नेंसी में प्रीएक्लेम्पसिया होने पर ब्‍लड प्रेशर बढ़ जाता है, सूजन हो सकती है और यूरीन में प्रोटीन की मात्रा बढ़ जाती है। प्रेग्नेंसी में हाई ब्‍लड प्रेशर या प्रीएक्लेम्पसिया होने पर डॉक्‍टर आपको बेड रेस्‍ट की सलाह दे सकते हैं। इससे आपकी ड‍िलीवरी सेफ होगी।

3. वजाइनल ब्‍लीड‍िंग (Vaginal bleeding)

समय से पहले प्‍लेसेंटा अलग हो जाने या प्रीटर्म ड‍िलीवरी के कारण ब्‍लीड‍िंग हो सकती है इसलि‍ए डॉक्‍टर इलाज के बाद बेड रेस्‍ट की सलाह देते हैं। प्रेग्नेंसी के दौरान वजाइना में बदलाव जैसे सिकुड़ना या दर्द होना या कि‍सी और तरह की समस्‍या होने पर भी डॉक्‍टर ड‍िलीवरी के बाद या पहले आराम करने की सलाह देते हैं। 

4. मल्‍टीपल प्रेग्नेंसी (Multiple pregnancy)

ज‍िन मांओं को जुड़वा बच्‍चे होते हैं उन्‍हें प्रेग्नेंसी के दौरान अपना ज्‍यादा ध्‍यान रखने की जरूरत होती है। ऐसे केस में भी डॉक्‍टर आपको बेड रेस्‍ट की सलाह दे सकते हैं। इससे सर्व‍िक्‍स पर दबाव कम होगा और शरीर को आराम म‍िलेगा। मल्‍टीपल प्रेग्नेंसी के दौरान होने वाली मां की हड्ड‍ियों में दर्द ज्‍यादा होता है क्‍योंक‍ि बच्‍चा मां के शरीर से व‍िटाम‍िन डी लेता है। दर्द से राहत पाने के लि‍ए डॉक्‍टर बेड रेस्‍ट की सलाह दे देते हैं। 

प्रेग्नेंसी में सोने की बेस्‍ट पोज‍िशन क्‍या है? (Best position for sleep during pregnancy)

best sleeping position

प्रेग्नेंसी के दौरान आपको क‍िस पोज‍िशन में सोना है ये आपकी सेहत पर न‍िर्भर करता है। ज्‍यादातर केस में डॉक्‍टर आपको दोनों तरफ करवट लेकर सोने की सलाह देते हैं। आराम के लि‍ए आप अपने घुटनों के बीच तक‍िया लगा सकती हैं। इसके अलावा बाजार में एक बड़ा ओवल शेप का तकिया खास प्रेग्नेंसी के लिए म‍िलता है आप उसे भी लेकर सो सकती हैं। पेट के बल लेटने से आपको बचना चाह‍िए। ऐसा हो सकता है क‍ि प्रेग्नेंसी के दौरान आपको सोने में अड़चन महसूस हो। आपकी बॉडी में दर्द भी हो सकता है। अगर आप करवट बदलती रहेंगी तो मसल्‍स पर दबाव नहीं पड़ेगा। जब डॉक्‍टर आपको बेड रेस्‍ट करने की सलाह दें तो उस समय हैवी एक्‍सरसाइज या भारी सामान न उठाएं, क्‍योंक‍ि इससे आपकी बॉडी पर जोर पड़ेगा। 

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प्रेग्नेंसी के दौरान लंबे समय तक आराम करने के नुकसान भी हैं? (Negative effects of long rest hours during pregnancy)

long rest in pregnancy

प्रेग्नेंसी के दौरान ब‍िना डॉक्‍टर की सलाह ल‍िए लंबे समय तक बेड रेस्‍ट करना भी ठीक नहीं है। इससे आपको कई नुकसान हो सकते हैं- 

  • 1. प्रेग्नेंसी के दौरान पेट या पीठ में दर्द होना। 
  • 2. या कमर में दर्द उठन। 
  • 3. स्‍क‍िन में जलन या रैशेज होना।
  • 4. बॉडी स्‍थ‍िर रहने पर पैर में ब्‍लड क्‍लॉट हो सकता है। 
  • 5. प्रेग्नेंसी के दौरान ज्‍यादा देर तक लेटे रहने से कॉन्‍सट‍िपेशन की समस्‍या भी हो सकती है। 
  • 6. लंबे समय तक लेटे रहने से पैर में सूजन की समस्‍या भी हो सकती है। 
  • 7. प्रेग्नेंसी के दौरान ज्‍यादा देर तक लेटे रहने से जैस्‍ट‍ेशनल डायबिटीज भी हो सकती है।
  • 8. प्रेग्नेंसी के दौरान लंबे समय तक एक ही जगह लेटे रहने से आपको स्‍ट्रेस या ड‍िप्रेशन भी हो सकता है। 
  • 9. लंबे समय तक लेटे रहने से बॉडी का ब्‍लड सर्कुलेशन भी कम हो जाता है।

प्रेग्नेंसी में बेड रेस्‍ट के दौरान क‍िन एक्‍ट‍िविटीज को कर सकते हैं? (Activities during pregnancy while resting)

बेड रेस्‍ट के दौरान आपको कोई न कोई एक्‍ट‍िव‍िटी जरूर करते रहना चा‍हिए। इससे बॉडी में ब्‍लड सर्कुलेशन बना रहेगा आपकी मेंटल व फ‍िजिकल हेल्‍थ भी अच्‍छी रहेगी।

  • 1. आप प्रेग्नेंसी में बेड रेस्‍ट के दौरान स्‍ट्रेस बॉल स्‍क्‍वीज कर सकती हैं, इससे स्‍ट्रेस नहीं होगा।
  • 2. ब्रीथ‍िंग एक्‍सरसाइज बेड पर ही कर सकती हैं, बस आप अपनी एब्‍डॉम‍िनल या पेट की मसल्‍स को ज्‍यादा ह‍िलाने से बचें।
  • 3. बेड रेस्‍ट के दौरान आप क‍िताब पढ़ सकती हैं, इससे आपका मन शांत रहेगा और ड‍िप्रेशन नहीं होगा। 
  • 4. प्रेग्नेंसी में बेड रेस्‍ट के दौरान स्‍ट्रेच‍िंग करते रहें। पैर और एड़ी में ब्‍लड क्‍लॉट की समस्‍या से बचने और मसल्‍स को मजबूत रखने के ल‍िए बॉडी को स्‍ट्रेच करना जरूरी है। 

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प्रेग्नेंसी में बेड रेस्‍ट के दौरान क‍िन बातों का ध्‍यान रखें? (Bed rest during pregnancy)

  • 1. आप बेड रेस्‍ट के दौरान खुद को आरामदायक रखें। ऐसे कपड़े चुनें जो ज्‍यादा टाइट न हो। गर्म‍ियों का समय है तो कॉटन की पहनें इससे इंफेक्‍शन का खतरा कम रहेगा। 
  • 2. हर घंटे आपको अपनी पोज‍िशन बदलते रहना चाह‍िए।
  • 3. पतले तकिए को स‍िर के नीचे रख‍िए और घुटनों के बीच रखकर सोएं। 
  • 4. बेड रेस्‍ट के दौरान आपको हर घंटे पानी पीना चाह‍िए। पानी पीने से आप एक्‍ट‍िव और हाइड्रेट रहेंगे। पानी पीने से कॉन्‍सट‍िपेशन और सूजन की समस्‍या कम होगी। 
  • 5. प्रेग्नेंसी में बेड रेस्‍ट के दौरान अपनी डाइट पर भी ध्‍यान रखें। तीन बड़े मील्‍स की जगह 5 छोटे मील्‍स खाएं। 

प्रेग्नेंसी में बॉडी को आराम देने के ल‍िए बेड रेस्‍ट की सलाह दी जाती है। इसके अलावा प्‍लेसेंटा तक सही तरीके से ब्‍लड फ्लो होता रहे इसके ल‍िए भी आराम करना जरूरी है पर एक ही पोजिशन में ज्‍यादा देर न लेटें और जब तक डॉक्‍टर आपको फुल टाइम बेड रेस्‍ट करने की सलाह न दें तब तक पूरे द‍िन केवल लेटने की गलती न करें। 

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