ब्रेस्ट पर स्ट्रेच मार्क्स क्यों होते हैं? जानें इसके कारण और बचाव के तरीके

महिलाओं के ब्रेस्ट में कई बार स्ट्रेच मार्क्स (खिंचाव के निशान) देखे जाते हैं। डॉक्टर से जानें ये किन कारणों से होते हैं और इसे कैसे ठीक कर सकते हैं।

Monika Agarwal
Written by: Monika AgarwalUpdated at: Oct 19, 2021 12:48 IST
ब्रेस्ट पर स्ट्रेच मार्क्स क्यों होते हैं? जानें इसके कारण और बचाव के तरीके

स्ट्रेच मार्क्स शरीर के कुछ हिस्सों पर ज्यादा होते हैं, खासकर ऐसे अंगों पर जहां फैट ज्यादा होता है। इन अंगों में ब्रेस्ट यानी स्तन भी शामिल है। आपके ब्रेस्ट पर स्ट्रेच मार्क्स होने के अलग अलग कारण हो सकते हैं। अगर आप अपनी ब्रेस्ट पर कभी पर्पल रंग की लाइंस देखती हैं तो इन्हें देख कर घबराएं न क्योंकि इसमें आपको किसी तरह की गम्भीर बीमारी या फिर कोई भयंकर स्थिति नहीं है। अगर आप इनका अच्छी तरह से इलाज करेंगी तो यह कम भी हो सकती हैं। अगर आपको ब्रेस्ट पर स्ट्रेच मार्क्स दिखते हैं तो वह बहुत ही पतली लाइंस होती हैं और यह लाइंस लंबी भी होती हैं। जब यह शुरू में होती हैं तो इनका रंग थोड़ा थोड़ा लाल या जामुनी हो सकता है और जब इनको आपकी ब्रेस्ट पर काफी समय हो जाएगा। जब यह लाइनें पुरानी हो जाएंगी, तो इनका रंग सफेद हो जाता है। अगर आप गर्भवती हैं तो आपको ब्रेस्ट के साथ साथ आपके पेट, कूल्हों और जांघों पर भी स्ट्रेच मार्क्स हो सकते हैं।

स्ट्रेच मार्क्स के कारण क्या हैं?

मैक्स सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल पटपड़गंज, एसथेटिक एंड रिकंस्ट्रक्टिव सर्जरी, सीनियर डायरेक्टर, डॉ मनोज जोहर बताते हैं कि स्तनों पर स्ट्रेच मार्क्स होने का कारण उनके आकार में बदलाव है। जिसकी कुछ वजह होती हैं। खासकर की गर्भावस्था में और गर्भावस्था के बाद ब्रेस्ट की साइज में बदलाव आता है जिसकी वजह से स्ट्रेच मार्क्स हो सकते हैं। लेकिन यह कोई गंभीर अवस्था नहीं होती। इसके अलावा भी ब्रेस्ट पर स्ट्रेच मार्क के अन्य कारण भी हैं।

प्यूबर्टी (किशोरावस्था)

जब आप मैच्योर होती हैं या आपकी प्यूबर्टी शुरू होती है तो आपके शरीर में काफी हार्मोनल बदलाव होते हैं। जिनके कारण आपके शरीर में भी बदलाव हो सकते है। इस दौरान लड़कियों की ब्रेस्ट टिश्यू काफी विकास करते हैं और जैसे ही यह टिश्यू विकसित होते हैं वैसे ही यह स्किन को स्ट्रेच करते हैं जिससे आपको स्ट्रेच मार्क्स आ सकते हैं।

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प्रेगनेंसी (गर्भावस्था)

आपके शरीर के विभिन्न हिस्सों में स्ट्रेच मार्क्स होने का सबसे मुख्य कारण प्रेग्नेंसी ही होता है। प्रेगनेंसी के दौरान आखरी के तीन महीनों में आपको ब्रेस्ट पर स्ट्रेच मार्क्स देखने को मिल सकते हैं। एस्ट्रोजन लेवल के बढ़ने के साथ मिल्क डक्ट भी विकसित होती है। जिस कारण स्ट्रेच मार्क्स होते है।

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(image source: Olivaclinic)

वजन बढ़ना या कम होना

अगर अचानक से आपका थोड़ा बहुत वजन बढ़ जाता है तो भी आपको ब्रेस्ट पर स्ट्रेच मार्क्स हो सकते हैं। वजन बढ़ने से आपके ब्रेस्ट फैट टिश्यू भी बढ़ते हैं। इससे आपकी स्किन खींच जाती है और यह खिंचाव स्ट्रेच मार्क्स के रूप में आपको देखने को मिलता है।

कुछ स्वास्थ्य स्थितियां

अगर आपको कुशन सिंड्रोम या मर्फन सिंड्रोम होता है तो इस प्रकार की स्वास्थ्य स्थिति के कारण भी आपको स्ट्रेच मार्क्स देखने को मिल सकते हैं। ऑटो इम्यून बीमारियों के कारण भी आपको स्ट्रेच मार्क्स हो सकते हैं।

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स्ट्रेच मार्क्स से बचाव के तरीके

मसाज करें

अगर आप मॉइश्चराइजर के द्वारा अपनी ब्रेस्ट को मसाज देती हैं तो इससे ब्लड सर्कुलेशन बढ़ता है और इससे स्ट्रेच मार्क्स कम होते हैं। आप 15 मिनट तक बादाम के तेल से मसाज कर सकती हैं।

अपनी स्किन को हाइड्रेटेड रखें

आपकी स्किन को केवल ऊपर से ही नहीं बल्कि अंदर से भी उसे हाइड्रेशन और मॉश्चराइजेशन की जरूरत होती है। ड्राई स्किन अच्छे से स्ट्रेच नहीं हो सकती है और वह जब स्ट्रेच होती है तो आपको स्ट्रेच मार्क्स हो जाते हैं।

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नियमित रूप से एक्सफोलिएशन करें

एक्सफोलिएशन करने से आपकी स्किन हेल्दी रहती है और इससे आपकी स्किन को डेड स्किन सेल्स से राहत मिलने में भी मदद मिलती है। इससे आपकी स्किन सॉफ्ट होती है और आप स्ट्रेच मार्क्स से बचाव कर सकती हैं।

स्ट्रेच मार्क्स दूर करने के मेडिकल तरीके

अगर आप स्ट्रेच मार्क्स को कम करवाना चाहती हैं तो आप कुछ मेडिकल उपचार भी ले सकती हैं जैसे

लेजर थेरेपी-

लेजर थेरेपी एक सुरक्षित ट्रीटमेंट है इसमें आपके नष्ट हुए इलास्टिन फाइबर दोबारा बनते हैं और कॉलेजन प्रोडक्शन ठीक होता है।

एसिड पील-

स्ट्रेच मार्क्स को कम करने के लिए यह एक बेहतरीन विकल्प है इसमें एसिड किसका प्रयोग किया जाता है जिससे उपरी त्वचा चिकनी होती है और निशान कम होते हैं।

कोलेजन इंजेक्शन-

शरीर के किसी भी अंग पर ओबराय स्ट्रेच मार्क्स या झुरिया या महेंद्र गांव को कम करने के लिए यह भी एक अच्छा कॉस्मेटिक विकल्प है।

रेडियो फ्रीक्वेंसी-

इस उपचार में लेजर का प्रयोग किया जाता है।

एक हेल्दी लाइफस्टाइल और इन तरीकों को अपनाकर आप स्ट्रेच मार्क्स से मुक्ति पा सकती हैं। कोशिश करें कि आप रेगुलर एक्सरसाइज करें। अपनी त्वचा का ख्याल रखें और बैलेंस डाइट लें।

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