Wed Oct 7, 2026 | 12:50 PM IST

Medically Reviewed by Archana Jain , Nutritionist

फैटी लिवर में कौन-सी रोटी खानी चाहिए और कौन-सी नहीं? डाइटिशियन से जानें सही डाइट

फैटी लिवर आज एक आम लेकिन गंभीर स्वास्थ्य समस्या बनती जा रही है, गलत खान-पान, मोटापा, फिजिकल एक्टिविटी की कमी और ज्यादा तला-भुना खाने से लिवर में फैट जमा होने लगता है। यहां जानिए,  फैटी लिवर में कौन-सी रोटी खानी चाहिए और कौन-सी नहीं?
फैटी लिवर में कौन-सी रोटी खानी चाहिए और कौन-सी नहीं? डाइटिशियन से जानें सही डाइटफैटी लिवर में कौन-सी रोटी खानी चाहिए और कौन-सी नहीं? डाइटिशियन से जानें सही डाइट

आज की तेज रफ्तार जिंदगी में थकान, पेट की गड़बड़ी और वजन बढ़ना तो आम समस्या बन चुकी है, लेकिन इसी बीच फैटी लिवर बीमारी चुपचाप लोगों को अपनी गिरफ्त में ले रही है। हैरानी की बात यह है कि अधिकतर लोग तब तक इस बीमारी को गंभीरता से नहीं लेते, जब तक डॉक्टर अल्ट्रासाउंड रिपोर्ट में Fatty Liver Grade 1 या Grade 2 न लिख दें। इसके बाद सबसे पहला सवाल यही होता है कि अब खाएं क्या और क्या नहीं? खासतौर पर भारतीय थाली की बात करें तो रोटी हमारे खाने का अहम हिस्सा होती है। सुबह का नाश्ता हो या दोपहर का लंच, रोटी के बिना खाना अधूरा सा लगता है लेकिन फैटी लिवर की स्थिति में यही रोज की रोटी कभी दवा बन जाती है तो कभी बीमारी बढ़ाने वाली वजह। इस लेख में जयपुर स्थित Angelcare-A Nutrition and Wellness Center की निदेशक, डाइटिशियन एवं न्यूट्रिशनिस्ट अर्चना जैन (Archana Jain, Dietitian and Nutritionist, Director, Angelcare-A Nutrition and Wellness Center, Jaipur) से जानिए, फैटी लिवर में कौन-सी रोटी खानी चाहिए और कौन-सी नहीं?

फैटी लिवर में कौन-सी रोटी खानी चाहिए? - Which roti is good for fatty liver

डाइटिशियन एवं न्यूट्रिशनिस्ट अर्चना जैन बताती हैं कि फैटी लिवर में सबसे जरूरी होता है लिवर पर फैट का दबाव कम करना। इसके लिए रिफाइंड कार्बोहाइड्रेट, मैदा, सफेद चावल और ज्यादा शुगर से दूरी बनानी चाहिए। वहीं फाइबर से भरपूर, लो ग्लाइसेमिक इंडेक्स वाले अनाज लिवर के लिए फायदेमंद माने जाते हैं। रोटी अगर सही अनाज से बनी हो तो यह लिवर को डिटॉक्स करने और फैट मेटाबॉलिज्म सुधारने में मदद कर सकती है।

इसे भी पढ़ें: चावल या रोटी: फैटी लिवर के मरीजों के लिए क्या है ज्यादा फायदेमंद? एक्सपर्ट से जानें

  • डाइटिशियन अर्चना जैन के अनुसार, फैटी लिवर के मरीज सामान्य गेहूं की रोटी सीमित मात्रा में खा सकते हैं, लेकिन शर्त यह है कि गेहूं 100% साबुत हो।
  • बहुत ज्यादा पॉलिश्ड आटा या बाजार का पैकेट वाला आटा लिवर के लिए नुकसानदायक हो सकता है।
  • अगर मरीज का वजन ज्यादा है या शुगर भी है, तो केवल गेहूं की रोटी की बजाय दूसरे अनाजों को डाइट में शामिल करना ज्यादा फायदेमंद रहता है।
  • डाइटिशियन अर्चना जैन बताती हैं कि जौ (Barley) की रोटी फैटी लिवर के लिए सबसे बेहतर विकल्पों में से एक है।
  • जौ में घुलनशील फाइबर (बीटा-ग्लूकन) पाया जाता है, जो लिवर में जमा फैट को कम करने में मदद करता है। यह कोलेस्ट्रॉल घटाने, इंसुलिन सेंसिटिविटी सुधारने और वजन कंट्रोल करने में भी सहायक है।
  • फैटी लिवर के मरीज रोज 1-2 जौ की रोटी सुरक्षित रूप से खा सकते हैं।

फैटी लिवर में बाजरे की रोटी

बाजरा आयरन, फाइबर और एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर होता है। डाइटिशियन अर्चना जैन के अनुसार, बाजरे की रोटी फैटी लिवर में मेटाबॉलिज्म को तेज करती है और शरीर में जमा अतिरिक्त फैट को कम करने में मदद करती है। खासकर जिन लोगों को फैटी लिवर के साथ मोटापा या ट्राइग्लिसराइड्स की समस्या हो, उनके लिए बाजरा बेहद लाभकारी है।

इसे भी पढ़ें: क्या फैटी लिवर से पीलिया हो सकता है? डॉक्टर से जानें

which roti is good for fatty liverwhich roti is good for fatty liver

कौन-सी रोटी फैटी लिवर में नहीं खानी चाहिए?

डाइटिशियन अर्चना जैन साफ तौर पर बताती हैं कि मैदे की रोटी, नान, कुलचा या रिफाइंड आटे से बनी रोटियां फैटी लिवर में नुकसानदायक होती हैं। ये लिवर में फैट जमा करने की प्रक्रिया को तेज कर सकती हैं। इसके अलावा ज्यादा घी या मक्खन लगाकर खाई गई रोटियां भी लिवर पर अतिरिक्त बोझ डालती हैं।

निष्कर्ष

फैटी लिवर में डाइट सुधार सबसे असरदार इलाज माना जाता है। डाइटिशियन अर्चना जैन के अनुसार, जौ, बाजरा और ज्वार की रोटी फैटी लिवर के लिए सबसे बेहतर विकल्प हैं, जबकि गेहूं की रोटी सीमित मात्रा में ली जा सकती है। मैदा और रिफाइंड आटे से बनी रोटियों से दूरी बनाकर, सही अनाज चुनकर और बैलेंस लाइफस्टाइल अपनाकर फैटी लिवर को काफी हद तक कंट्रोल किया जा सकता है।

All Images Credit- Freepik

FAQ

  • फैटी लिवर के शुरुआती लक्षण क्या हैं?

    शुरुआती स्टेज में फैटी लिवर के कोई स्पष्ट लक्षण नहीं दिखते। बाद में थकान, पेट में भारीपन, अपच, गैस और वजन बढ़ने जैसी समस्याएं हो सकती हैं।
  • क्या फैटी लिवर पूरी तरह ठीक हो सकता है?

    शुरुआती स्टेज का फैटी लिवर सही डाइट, वजन कंट्रोल और लाइफस्टाइल सुधार से पूरी तरह रिवर्स हो सकता है।
  • फैटी लिवर में क्या खाना चाहिए?

    फैटी लिवर में फाइबर से भरपूर अनाज, हरी सब्जियां, फल, दालें, लो-फैट डेयरी और पर्याप्त पानी लेना चाहिए। जौ और बाजरे जैसे अनाज खासतौर पर फायदेमंद माने जाते हैं।

Read Next

→ सुबह चाय के बगैर द‍िमाग नहीं चलता? जानें कैफीन के बिना ब्रेन को एक्टिव रखने के हेल्दी विकल्प

Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

Akanksha Tiwari

Health & Lifestyle Journalist

आकांक्षा तिवारी पिछले 6 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं, जिनमें से करीब 3 साल उन्होंने हेल्थ जर्नलिज्म को दिए हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealth में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं। वह पोषण, आयुर्वेद, प्रेगनेंसी, हार्ट हेल्थ और फिटनेस जैसे विषयों पर लिखती हैं और स्वास्थ्य से जुड़ी जानकारी को प्रमाणित स्रोतों और रिसर्च के आधार पर सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने का प्रयास करती हैं। जिन लेखों में मेडिकल पुष्टि जरूरी होती है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले विशेषज्ञ डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। OnlyMyHealth से पहले वह India TV, India Ahead और News Nation के साथ काम कर चुकी हैं। Editorial Policy: आकांक्षा द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

Read More..

How we keep this article up to date:

We work with experts and keep a close eye on the latest in health and wellness. Whenever there is a new research or helpful information, we update our articles with accurate and useful advice.

  • Current Version

    Jan 01, 2026 08:32 IST

    Modified By : Akanksha Tiwari
  • Jan 01, 2026 08:32 IST

    Published By : Akanksha Tiwari
    Reviewed By : Archana Jain