Which Oil Is Good For Anti Aging: आज के दौर में बढ़ती उम्र के निशान चेहरे पर जल्दी दिखाई देने लगे हैं। झुर्रियां, ड्राई स्किन, ढीलापन और नेचुरल ग्लो की कमी, इन सबके लिए लोग महंगे सीरम, एंटी-एजिंग क्रीम और विदेशी तेलों पर हजारों रुपये खर्च कर देते हैं लेकिन इसके बावजूद स्किन एजिंग रुकती नहीं। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या सच में स्किन को जवान बनाए रखने का तरीका बोतलों में बंद है, या फिर इसका जवाब हमारी परंपरा और आयुर्वेद में छिपा है? आयुर्वेद हजारों सालों से यह मानता आया है कि स्किन की सेहत सीधे शरीर के दोषों वात, पित्त और कफ से जुड़ी होती है। जब खासकर वात दोष असंतुलित होता है, तो त्वचा सबसे पहले असर दिखाती है। अगर आप भी यह जानना चाहते हैं कि आपकी स्किन के लिए कौन-सा तेल सबसे बेहतर है और किस तरह देसी तेल एजिंग की रफ्तार को कम कर सकते हैं, तो यह जानकारी आपके लिए बेहद काम की है। इस लेख में हरियाणा के सिरसा में स्थित रामहंस चेरिटेबल हॉस्पिटल के आयुर्वेदिक डॉ. श्रेय शर्मा से जानिए, कौन सा तेल स्किन एजिंग को धीमा करता है?
कौन सा तेल स्किन एजिंग को धीमा करता है?
आयुर्वेद के अनुसार स्किन की उम्र बढ़ने का मुख्य कारण वात दोष का असंतुलन होता है। जब वात बढ़ता है, तो स्किन रूखी, बेजान और झुर्रियों वाली हो जाती है। इसके अलावा दोषों का असंतुलन, गलत तेल का उपयोग और ऋतु के अनुसार देखभाल न करना भी स्किन एजिंग को तेज करता है। डॉक्टर श्रेय शर्मा बताते हैं, ''तेल वही फायदेमंद होता है जो दोषों को संतुलित रखे और शरीर की प्रकृति के अनुसार हो।''
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नॉर्थ इंडिया के लिए सरसों का तेल क्यों है बेहतर?
आयुर्वेद के अनुसार नॉर्थ इंडियन लोगों के लिए सरसों का तेल सबसे उपयुक्त माना जाता है। यह तेल गर्म तासीर का होता है, जो वात दोष को संतुलित करता है। सरसों का तेल पूरे साल उपयोग किया जा सकता है और यह त्वचा में गहराई तक जाकर पोषण देता है। नियमित अभ्यंग से त्वचा में रक्त संचार बेहतर होता है, रूखापन कम होता है और एजिंग की प्रक्रिया धीमी होती है।
साउथ इंडिया और नॉर्थ ईस्ट के लिए नारियल तेल
डॉक्टर श्रेय शर्मा के अनुसार, साउथ इंडियन और नॉर्थ ईस्ट के लोगों के लिए नारियल तेल सबसे अच्छा विकल्प है। यह शीतल प्रकृति का होता है और वहां के मौसम व शरीर की प्रकृति के अनुकूल है। नारियल तेल न सिर्फ स्किन को मॉइश्चराइज करता है, बल्कि स्किन पर नेचुरल ग्लो भी लाता है। इसका नियमित उपयोग स्किन बैरियर को मजबूत करता है और समय से पहले झुर्रियां आने से बचाता है।
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गुजरात और आसपास के क्षेत्रों में मूंगफली का तेल
गुजरात जैसे क्षेत्रों में जहां मूंगफली प्रचुर मात्रा में उगती है, वहां मूंगफली का तेल स्किन के लिए बेहतर माना जाता है। यह तेल वहां के लोगों के दोषों को संतुलित रखता है और त्वचा को पोषण देता है। आयुर्वेद मानता है कि स्थानीय रूप से उगने वाली चीजें शरीर और स्किन के साथ बेहतर तालमेल बनाती हैं।
ऋतु के अनुसार तेल
आयुर्वेद में ऋतु के अनुसार तेल बदलने पर भी जोर दिया गया है। शिशिर ऋतु यानी शीत काल में वात दोष बढ़ जाता है, जिससे त्वचा ज्यादा रूखी और बेजान हो सकती है। ऐसे में नॉर्थ इंडिया में तिल के तेल का उपयोग बेहद लाभकारी माना जाता है। तिल का तेल त्वचा को गहराई से पोषण देता है और एजिंग के लक्षणों को कम करता है।
स्किन एजिंग स्लो करने के लिए क्या रखें ध्यान?
सिर्फ सही तेल ही नहीं, बल्कि सही समय और सही तरीका भी जरूरी है। रोज या सप्ताह में 2-3 बार अभ्यंग, मौसम के अनुसार तेल का चयन और प्राकृतिक तेलों का उपयोग स्किन एजिंग को काफी हद तक धीमा कर सकता है।
निष्कर्ष
आयुर्वेद के अनुसार स्किन एजिंग को स्लो करने का सबसे आसान और प्रभावी तरीका है, क्षेत्र, ऋतु और शरीर की प्रकृति के अनुसार सही तेल का चुनाव। आयुर्वेदिक डॉक्टर श्रेय शर्मा की मानें तो जो तेल जहां उगता है, वही वहां के लोगों के लिए सबसे ज्यादा लाभकारी होता है। इसलिए विदेशी तेलों के बजाय सरसों, नारियल, मूंगफली, तिल और घृत जैसे देसी विकल्प अपनाकर आप त्वचा को लंबे समय तक हेल्दी, सॉफ्ट और युवा बनाए रख सकते हैं।
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FAQ
स्किन एजिंग जल्दी क्यों शुरू हो जाती है?
स्किन एजिंग का मुख्य कारण वात दोष का असंतुलन, रूखापन, गलत तेल का उपयोग, नींद की कमी, तनाव और पोषण की कमी होता है। आयुर्वेद के अनुसार, शरीर के अंदरूनी असंतुलन का असर सबसे पहले स्किन पर दिखता है।सर्दियों में स्किन एजिंग क्यों बढ़ जाती है?
सर्दियों में वात दोष बढ़ जाता है, जिससे त्वचा ज्यादा रूखी हो जाती है। अगर इस समय सही तेल और मॉइश्चराइजेशन न मिले, तो झुर्रियां और फाइन लाइन्स जल्दी दिखने लगती हैं।क्या ऑलिव ऑयल स्किन एजिंग रोकने में मदद करता है?
आयुर्वेदिक दृष्टि से ऑलिव ऑयल भारतीय शरीर प्रकृति के लिए सबसे उपयुक्त नहीं माना जाता। देसी तेल जैसे सरसों, तिल, नारियल और घी ज्यादा लाभकारी होते हैं।
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Jan 18, 2026 13:02 IST
Modified By : Akanksha Tiwari Jan 18, 2026 13:02 IST
Modified By : Akanksha TiwariJan 18, 2026 13:02 IST
Published By : Akanksha Tiwari
Reviewed By : Dr Shrey Sharma