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आंखों के चेकअप से शरीर की 7 बीमारियों का मिल सकता है संकेत, जानें डॉक्टर से

Eye Test Detect Diseases: जब साफ दिखाई नहीं देता, तो लोग आंखों का चेकअप कराने जाते हैं, लेकिन आपको जानकर हैरानी होगी कि आंखों की जांच से शरीर की कई बीमारियों का भी पता चलता है। जानें इस लेख में वे कौन सी बीमारियां है।

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आंखों के चेकअप से शरीर की 7 बीमारियों का मिल सकता है संकेत, जानें डॉक्टर से


Eye Test Detect Diseases: आमतौर पर लोगों को जब आंखों से धुंधलापन महसूस होता है, तभी वे डॉक्टर से चेकअप कराने जाते हैं और फिर चश्मा लगवा लेते हैं। लोग आंखों को सिर्फ देखने तक ही सीमित मानते हैं, लेकिन हकीकत इससे कहीं अलग है। आंखों के स्पेशलिस्ट मानते हैं कि आंखें आपके शरीर का पूरा हाल बता देती है। अगर आंखों का नियमित चेकअप कराया जाए, तो डॉक्टर कई बार ऐसी बीमारियां बता देते हैं, जिसके लक्षण शरीर के उस अंग में बाद में दिखाई देते हैं। इसलिए हमेशा आंखों का चेकअप एक अच्छे डॉक्टर से कराना चाहिए। आंखों के चेकअप से कौन सी बीमारियों का पता चल सकता है, इस बारे में जानने के लिए हमने फरीदाबाद के सर्वोदय अस्पताल के नेत्ररोग विभाग के सीनियर कंसल्टेंट डॉ. जैद्रथ कुमार (Dr. Jaidrath Kumar, Senior Consultant - Ophthalmology, Sarvodaya Hospital, Sector-8, Faridabad) से बात की।

आंखों का चेकअप बताता है बीमारियों का संकेत - What can an eye test detect in hindi

डायबिटीज - Diabetes

डॉ. जैद्रथ कहते हैं, “डायबिटीज का असर पूरे शरीर पर पड़ता है और आंखें भी अछूती नहीं रहती। इसे डायबिटिक रेटिनोपैथी कहते हैं। जब डॉक्टर आंखों का चेकअप करते हैं, तो डायबिटीज की बीमारी ने आंखों को कितना क्षतिग्रस्त किया है, इस बारे में पूरी जानकारी मिल जाती है। डायबिटीज के कारण रेटिना की छोटी ब्लड वैसेल्स खराब होने लगती है और इस वजह से धुंधलापन, काले धब्बे या अचानक से कम दिखने लगते है। समय पर उपचार न कराया जाए, तो मरीज अंधेपन का शिकार भी बन सकता है। इसलिए मैं हमेशा नियमित आंखों की जांच की सलाह देता हूं।”

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हाई ब्लड प्रेशर- Hypertension

डॉ. जैद्रथ बताते हैं, “जब आंखों की चेकअप करते हैं, तो कई बार रेटिना की नसों में सूजन या सिकुड़न मिलती है, तो हम मरीज को ब्लड प्रेशर चेक कराने की सलाह देते हैं। कई बार मरीज की आंखों में छोटी सी ब्लीडिंग भी देखने को मिलती है, जो मरीज को समझ नहीं आती, लेकिन इसे देखकर कार्डियोलॉजिस्ट से मिलने को कहा जाता है। बहुत बार रोगी को पता ही नहीं चलता कि उसे हाई ब्लड प्रेशर की शिकायत है क्योंकि अक्सर इसके लक्षण दिखाई नहीं देते। इसलिए तो इसे साइलिंट किलर (Silent Killer) कहा जाता है। अगर समय रहते ब्लड प्रेशर की समस्या का पता चल जाए तो हार्ट अटैक या स्ट्रोक से बचा जा सकता है।”

हाई कोलेस्ट्रॉल - High Cholesterol

डॉ. जैद्रथ कहते हैं कि सिर्फ हाई ब्लड प्रेशर ही नहीं, बल्कि हाई कोलेस्ट्रोल का पता भी आंखों की चेकअप से चल जाता है। अगर कॉर्निया के चारों तरफ सफेद या पीले रंग का घेरा हो, तो समझ जाना चाहिए कि वह हाई कोलेस्ट्रॉल का रोगी है। कई बार मरीज की पलकों पर पीले धब्बे भी आ जाते हैं, ऐसे में ब्लड टेस्ट कराना बहुत जरूरी हो जाता है। हाई कोलेस्ट्रॉल हार्ट को नुकसान पहुंचा सकता है। इसलिए अगर आंखों का डॉक्टर कोलेस्ट्रॉल चेक कराने को कहे, तो उसकी बात को नजरअंदाज मत करें।

थायरॉइड - Thyroid

डॉ. जैद्रथ कहते हैं, “कई बार जब लोग आंखों का चेकअप कराने आते हैं, तो उनकी आंखों का उभार बाहर की तरफ होता है। ये शरीर में ज्यादा हार्मोन बनने की वजह से होता है। इसे हाइपरथायरॉइडिज्म कहते हैं। जिन लोगों की पलकों में सूजन या आंखों में सूखापन होता है, तो मैं हमेशा थायरॉइड की बात करता हूं। ऐसा थायरॉइड होने की स्थिति में होता है। अगर मरीज ने थायरॉइड का टेस्ट नहीं कराया होता, तो मैं उसे टेस्ट कराने की सलाह देता हूं। अगर समय रहते थायरॉइड का इलाज न कराया जाए, तो इसका असर आंखों पर भी पड़ता है।”

लिवर की बीमारी - Liver Disease

डॉ. जैद्रथ ने बताया कि आंखों में ज्यादा पीलापन महसूस होने पर पीलिये का चेकअप करने की सलाह दी जाती है। दरअसल जब ब्लड में बिलीरुबिन का स्तर बढ़ जाता है, तो आंखों का सफेद हिस्सा पीला पड़ने लगता है। अगर मरीज में ये लक्षण दिखते हैं, तो ये लिवर से जुड़ी बीमारियों के लक्षण होते हैं। ऐसे लक्षण दिखने पर तुरंत डॉक्टर से सलाह लें। इसलिए आंखों की चेकअप एक अनुभवी डॉक्टर से कराना जरूरी होता है।

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एनीमिया - Anemia

डॉ. जैद्रथ कहते हैं, “अगर शरीर में खून की कमी हो जाए, तो इसका संकेत आंखों से मिल जाता है। वैसे तो पलकों की अंदरूनी परत गुलाबी रंग की होती है, लेकिन एनीमिया की कमी के कारण इसमें सफेद या पीलेपन दिखाई देने लगता है। जांच के दौरान जब मैं ऐसा देखता हूं तो मरीज को हीमोग्लोबिन टेस्ट कराने की सलाह देता हूं। पलकों के अंदर पीलापन होना एनीमिया का संकेत देता है।”

ब्रेन ट्यूमर - Brain Tumor

डॉ. जैद्रथ ने बताया कि जब मरीज आंखों में बार-बार धुंधलेपन की शिकायत करें या दो दिखने और सिरदर्द की बात करता है, तो सबसे पहले उसकी ऑप्टिक नर्व चेक की जाती है। अगर उसमें सूजन हो तो मरीज को तुरंत न्यूरोलॉजिस्ट से मिलने की सलाह दी जाती है, क्योंकि ये सभी लक्षण ब्रेन से जुड़ी किसी न किसी बीमारी का संकेत देते हैं।

रेग्लुर आंखों का चेकअप क्यों जरूरी है? Why Is Regular Eye Check-up Important in Hindi

डॉ. जैद्रथ कहते हैं कि अक्सर लोग सिर्फ उन्हीं को आंखों की चेकअप करने की सलाह देते हैं, जिनकी आंखें कमजोर होती है। आंखों की जांच केवल विजिन पावर के लिए नहीं होती, बल्कि मैं हमेशा सभी को कहता हूं कि साल में एक बार सभी को अपनी आंखों की चेकअप करानी चाहिए। आंखों के जरिए शरीर की कई बीमारियों का पता चलता है और अगर समय रहते इन बीमारियों का इलाज हो जाए तो मरीज को गंभीर स्थिति से बचाया जा सकता है। सभी को साल में एक बार आंखों का टेस्ट कराना चाहिए ताकि शरीर में हो रही बीमारियों के संकेतों को समझा जा सकें।

उम्मीद है कि आपको लेख पसंद आया होगा। इस लेख का मकसद सिर्फ आपको जानकारी देना है।किसी भी तरह की सेहत से जुड़ी परेशानी हो तो डॉक्टर से सलाह जरूर लें।

FAQ

  • मुझे कैसे पता चलेगा कि मेरी आंखों की रोशनी कमजोर है?

    अगर आपको चीजें दिखाई नहीं दे रही या फिर धुंधली दिखाई देती हैं और साथ में सिरदर्द की भी शिकायत रहती है, तो आपको तुरंत आंखों के डॉक्टर से मिलना चाहिए।
  • Eye कमजोर होने पर क्या खाना चाहिए?

    आंखों के लिए गाजर, पालक, अंडे, मछली, डेयरी प्रोडेक्ट्स, सूरजमुखी के बीज, ब्रोकली, बादाम और खट्टे फल खाने चाहिए। इससे आंखों की रोशनी अच्छी होती है। खूब सारा पानी पीना चाहिए और स्मोकिंग से दूर रहें।
  • 6/6 का क्या मतलब है?

    6/6 का मतलब है कि किसी भी चीज को 6 मीटर की दूरी से उतना ही स्पष्ट देखना जितना एक हेल्दी आंख वाला इंसान देख सकता है। इससे पता चलता है कि आपकी आंखों की रोशनी सही है, हालांकि इससे ये नहीं कह सकते है कि ऐसे इंसान को आंखों की बीमारी नहीं है।

 

 

 

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