क्यों अचानक दिखने लगता है धुंधला? जानें धुंधलापन के 8 कारण और बचाव के लिए जरूरी टिप्स

अचानक आंखों से धुंधला दिखने के पीछे कई कारण हो सकते हैं इसलिए इस समस्या को गंभीरता से लें। जानें आंखों की रोशनी तेज रखने के लिए कुछ टिप्स।

Prins Bahadur Singh
Written by: Prins Bahadur SinghPublished at: Mar 16, 2021Updated at: Mar 16, 2021
क्यों अचानक दिखने लगता है धुंधला? जानें धुंधलापन के 8 कारण और बचाव के लिए जरूरी टिप्स

आंखें हमारे शरीर के सबसे महत्वपूर्ण अंगों में से एक है और शरीर के सबसे नाजुक अंग में भी इनकी गिनती होती है। आज के दौर में बड़ी संख्या में यह देखा जा रहा है कि लोगों की नज़र कमजोर हो रही है। आंखों से अचानक धुंधला दिखने ( Blurred Vision ) की समस्या ज्यादा लोगों में देखी जा रही है। आंखों से धुंधला दिखने के बाद हमें चश्मों का इस्तेमाल करना पड़ सकता है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि आखों से धुंधला दिखने की समस्या को सिर्फ चश्में के इस्तेमाल तक सीमित नही रखना चाहिए, धुंधला दिखने की समस्या को नजरअंदाज करने से आगे चलकर आपको आंखों से जुड़ी कई समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। आंखों की रोशनी अचानक कम हो जाए तो ऐसी स्थिति में चिकित्सक की सलाह लेनी चाहिए, इस समस्या की वजह कॉर्निया, रेटिना या ऑप्टिक सिस्टम में किसी भी प्रकार की दिक्कत हो सकती है। चश्मे या कांटेक्ट लेंस का इस्तेमाल करने वाले लोगों को आंखों से धुंधला दिखने पर चश्मा या लेंस बदलने की जरूरत होती है लेकिन सामान्य व्यक्तियों में यह समस्या आगे चलकर कई दूसरी समस्याओं को जन्म दे सकती है।

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आंखों से धुंधला दिखने के लक्षण (Symptoms of Blurred Vision)

आंखों से धुंधला दिखने के कई लक्षण हो सकते हैं। आखों की रोशनी या नज़र कमजोर होने पर दिखने में समस्या के साथ-साथ आंखों का लाल होना, आंख में लगातार दर्द और सिरदर्द जैसी समस्या भी हो सकती है। आंखों से धुंधला दिखने के कुछ प्रमुख लक्षण इस प्रकार से हैं।

  • प्रकाश (Light) से दिक्कत या फोटोफोबिया
  • आंखों में दर्द
  • बोलने में दिक्कत या कठिनाई होना
  • आंखों का लाल रहना
  • आंखों की पुतली का सफ़ेद होना
  • आंखों का सूखापन
  • आंखों से पानी आना
  • दोहरी दृष्टि
  • सिरदर्द और मतली, माइग्रेन की समस्या
  • आंखों में खुजली
  • एक आंख से कम दिखना

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आंखों से धुंधला दिखने के 8 कारण (9 Reasons You Have Blurred Vision)

1. स्ट्रोक / आघात (Stroke)

मस्तिष्क या दिमागी स्ट्रोक की वजह से दोनों आंखों की रोशनी या नज़र ख़राब हो सकती है। आंखों या दिमाग से जुड़ा स्ट्रोक धुंधला दिखने का प्रमुख कारण माना जाता है। स्ट्रोक की वजह से आंखों की रोशनी कम होना, बोलने में दिक्कत, सिर चकराने या एक हाथ में कमजोरी की समस्या हो सकती है। स्ट्रोक की वजह से काफी लोगों में आंखों की रोशनी के कम होने की समस्या देखी गयी है। स्ट्रोक की स्थिति को मेडिकल इमरजेंसी माना जाता है, स्ट्रोक आने पर तुरंत उपचार की जरूरत होती है।

2. डायबिटीज (Diabetes)

डायबिटीज की वजह से भी आंखें कमजोर हो सकती हैं। टाइप 1 और टाइप 2 डायबिटीज की समस्या से जूझ रहे लोगों को डायबिटीज की वजह से होने वाले रोग रेटिनोपैथी से जूझना पड़ता है।  रेटिनोपैथी की वजह से शरीर में ब्लड शुगर की अधिक मात्रा रेटिना में मौजूद छोटी रक्त वाहिकाओं को नुकसान पहुंचाता है जिसकी वजह से आखों की नजर पर बुरा असर होता है। इसकी वजह से आंखों में सूजन और मैक्युला जैसी स्थिति भी बन सकती है। डायबिटीज के रोगियों को अपनी आंखों की जांच साल में कम से कम एक बार जरूर करनी चाहिए।

3. आंखों से जुड़ा संक्रमण (Eye Infection)

आंखों से जुड़ा संक्रमण होने की वजह से भी नजर कमजोर हो सकती है या धुंधला दिखने समस्या से जूझना पड़ सकता है। आंखों के संक्रमण में कॉर्निया को नुकसान पहुंचता है। आंखों के संक्रमण की वजह आंखों में चोट लगना, या फिर लेंस भी हो सकता है। कांटेक्ट लेंस की वजह से भी आंखों में संक्रमण की समस्या देखी गयी है, हर्पस केराटाइटिस हर्पिस वायरस के कारण आंख में संक्रमण होता है। आंखों का संक्रमण आंखों की रोशनी और नजर कमजोर कर सकता है।

4.आईरिस से जुड़ा रोग (Iritis)

आईरिस आंखों के रंगीन हिस्से को कहते हैं, ऑटोइम्यूनरिएक्शन या आंखों से जुड़े संक्रमण की वजह से आईरिस में सूजन की समस्या होती है। यह दाद जैसे संक्रमण के कारण भी हो सकता है। इस स्थिति में फोटोफोबिया या लाइट से दिक्कत की समस्या हो सकती है। इसकी वजह से आंखों में धुंधलापन, नजर कमजोर होना और धूप या लाइट में आंखों से कम दिखने की समस्या होती है।

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5. माइग्रेन (Migraine)

माइग्रेन सिरदर्द की भयानक स्थिति मानी जाती है। माइग्रेन की वजह से आंखों पर गहरा प्रभाव पड़ता है, इसमें सिर्फ सिर दर्द ही नही आखों से जुड़ी कई अन्य समस्याएं भी शुरू हो जाती हैं। माइग्रेन की वजह से ज्यादातर लोगों में आंखों का धुंधलापन या कम दिखने की समस्या देखी गयी हैं। माइग्रेन के दौरान आपकी आंखों में ये समस्याएं हो सकती हैं।

  • -लाइट या चमक से दिक्कत
  • -आंखों की रोशनी अचानक कम होना
  • -आंखों के सामने धब्बे या लाइन का नजर आना

6. उच्च रक्तचाप (High Blood Pressure)

हाई ब्लड प्रेशर की वजह से भी आखों की दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है।  हाई ब्लड पप्रेशर की समस्या से जूझ रहे व्यक्तियों में आंखों का धुंधलापन, नजर कमजोर होना जैसी कई समस्याएं हो सकती हैं। इससे बचने के लिए नियमित रूप से दवाओं का सेवन और चिकित्सक की सलाह जरूरी है।

7. आंखों में खिंचाव (Eye Strain)

आंखों में खिंचाव नजर कमजोर होने या धुंधलापन का कारण हो सकता है। किसी भी चीज को ज्यादा देर तक लगातार देखने से आंखों में खिंचाव की समस्या हो सकती है। कंप्यूटर, मोबाइल फ़ोन आदि की स्क्रीन पर ज्यादा देर तक लगातार देखने की वजह से यह दिक्कत लोगों में ज्यादातर देखी गयी है। रात में या कम रोशनी में ड्राइविंग या पढने से भी आंखों में खिंचाव हो सकता है।

8. आई ड्रॉप और दवाएं (Eye Drops and Medication)

आंखों से अचानक धुंधला दिखने की समस्या कुछ विशेष आंखों के ड्रॉप और दवा की वजह से भी हो सकती है। कुछ एंटी-एलर्जी, एंटी-हाइपरटेंसिव, और एंटी-डिप्रेसेंट दवाएं सूखी आंखों और धुंधली नजर का कारण बन सकती हैं। इनका इस्तेमाल करते समय विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। किसी भी प्रकार की दवा या ड्रॉप का इस्तेमाल करने से पहले चिकित्सक की सलाह जरूर लें।

धुंधलेपन से आंखों को ऐसे बचाएं (Tips for Healthy Eye Vision)

आंखों की नजर को कमजोर होने से बचाने के लिए समय-समय पर आंखों जांच करानी चाहिए। अधिक रोशनी में काम करने से बचने के साथ-साथ मोबाइल या लैपटॉप पर ज्यादा देर तक आंखों को टिकाना नहीं चाहिए। आंखों के धुंधलेपन या नजर की कमजोरी से अपनी आंखों को बचाने के लिए आप इन बातों का पालन कर सकते हैं।

    • -बहुत अधिक या कम रौशनी में काम करने से आंखों पर दबाव पड़ता है। ऐसी रौशनी में काम करें जिसमें
    • -आपकी ऑंखें पूरी तरह से खुल पाए और उनपर कोई दबाव न बने।
    • -धूप में बाहर जाते समय आँखों पर धूप का चश्मा पहनें।
    • -एंटीऑक्सीडेंट, ओमेगा 3 फैटी एसिड और विटामिन ए से भरपूर आहार लें।
    • -सिगरेट न पिएं।
    • -अपनी आंखों की नियमित जाँच कराएं। खासकर अगर आपके परिवार में किसी को कोई आंखों से सम्बंधित समस्या है या थी।

  • -संक्रमण से बचने के लिए लेंस लगाते और उतारते समय अपने हाथ धोएं।
  • -घर में पेंट व रिपेयर जैसे काम करते समय और भरी मशीन चलाते समय आँखों पर चश्मा पहनें।
  • -अगर आप कंप्यूटर पर लगातार काम करते हैं या किताब पढ़ते हैं, तो हर 15 मिनट में अपनी आंखें उनसे हटाकर कहीं और देखें, जिससे आंखों को आराम मिलेगा।
  • -नींद पूरी न होने से धुंधला दिख सकता है, इसीलिए पर्याप्त नींद लें।
  • -अगर चिंता के कारण आपको धुंधला दिखता है, तो चिंता कम करने के लिए मनोचिकित्सक से बात करें, व्यायाम करें और डॉक्टर से बात पूछ कर दवाएं लें।
  • मैडिटेशन करें।
  • -अधिक धूप या रोशनी में जाते समय धूप के चश्मे का इस्तेमाल करें।
  • -आखों के लिए फायदेमंद माने जाने वाले एंटीऑक्सीडेंट, ओमेगा 3 फैटी एसिड और विटामिन आदि का सेवन करें।
  • -सिगरेट, तंबाकू और धूम्रपान से बचें।
  • -कंप्यूटर, मोबाइल फ़ोन को लगातार ज्यादा देर तक इस्तेमाल न करें।
  • -आंखों की नियमित जांच करवाएं।
  • -अच्छी नींद लें और व्यायाम करें।

आंखों पर अधिक दबाव पड़ने से आंखों की रोशनी कम होने की समस्या सामने आती है। नियमित व्यायाम, संतुलित और आंखों के लिए फायदेमंद भोजन लेकर हम आखों की नजर को कमजोर होने से बचा सकते हैं। अगर आपकी नजर कमजोर है या चिकित्सक चश्मा लगाने की सलाह दे रहे हैं तो उनकी बातों का पालन करें। आंखों से जुड़ी की भी प्रकार की समस्या होने पर चिकित्सक से जरूर संपर्क करें।

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