
आजकल लोगों में कब्ज की दिक्कत बढ़ती जा रही है। दरअसल, ये लंबे समय तक रहने वाली इनएक्टिव लाइफस्टाइल का नतीजा है जिसकी वजह से मेटाबॉलिज्म स्लो हो जाता है और आंतों की गति प्रभावित रहती हैं। इसके अलावा डाइट में फाइबर की कमी और खान-पान में ज्यादा तेल मसाले का होना भी इसका कारण हो सकती है। ऐसी स्थिति में जरूरी है कि आप कब्ज से बचने के लिए डाइट के अलावा कुछ चीजों का ध्यान रखें जो कि असल में लंबे समय तक रहने वाली कब्ज की समस्या का कारण है। इस बारे में हमने डॉ. सचिन एच जे, कंसल्टेंट - गेस्ट्रोएंट्रोलॉजी रीजेंसी हॉस्पिटल, गोरखपुर से भी बात की और जाना कि लंबे समय तक कब्ज रहने का क्या कारण है? जानें डाइट के अलावा किन बातों का रखें ध्यान
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लंबे समय तक कब्ज रहने का क्या कारण है-What causes chronic constipation?
डॉ. सचिन एच जे बताते हैं कि लंबे समय तक कब्ज रहने की समस्या सिर्फ खाने-पीने की कमी या गलत डाइट की वजह से नहीं होती, बल्कि कई लाइफस्टाइल आदतें और अंदरूनी स्वास्थ्य समस्याएं भी इसके लिए जिम्मेदार होती हैं। जैसे कि
1. दिनभर कम पानी पीना और फाइबर की कमी
अगर आप कम पानी पीते हैं तो आपके आंतों की गति प्रभावित हो सकती है। दरअसल, शरीर में हाइड्रेशन की कमी से मेटाबॉलिज्म स्लो होता है, खाना सही से नहीं पचता, आंतों की गति प्रभावित रहती है और मल कठोर हो जाता है। इससे लंबे समय तक और बार-बार होने वाली कब्ज की दिक्कत परेशान करती है। इसके अलावा खाने में फाइबर की कमी भी इसका बड़ा कारण क्योंकि फाइबर मल में थोक जोड़ने का काम करता है और कब्ज से बचाता है।
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2. लगातार बैठे रहना और एक्सरसाइज की कमी
लगातार बैठकर काम करना और शारीरिक गतिविधि न करना आंतों की मूवमेंट को धीमा कर देता है, जिससे कब्ज क्रॉनिक रूप ले लेती है। इसके अलावा जो लोग बिलकुल भी एक्सरसाइज नहीं करते उनमें भी ये दिक्कत देखी जाती है। इसलिए जरूरी है कि आप लगातार बैठे रहने से बचें और हर कुछ घंटों पर वॉक करके आएं। साथ ही रोजाना 30 मिनट एक्सरसाइज जरूर करें।

3. टॉयलेट जाने की नैचुरल इच्छा को टाल देना
कई लोग टॉयलेट जाने की नैचुरल इच्छा को बार-बार टाल देते हैं, जिससे आंतों में स्टूल सख्त होता जाता है और पेट साफ होना मुश्किल हो जाता है। आपको इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि ये एक नेचुरल कॉल है जिसे आपको फॉलो करना चाहिए। टॉयलेट जब लगे, जिस समय लगे जरूर जाएं।
4. दिनचर्या में परिवर्तन
कई बार जब आपकी रूटीन में बदलाव आता है तो कब्ज की समस्या हो सकती है। दरअसल, ये स्थिति किसी को भी परेशान कर सकती है। इसलिए अपने लिए एक तय रूटीन बनाएं और उसी को फॉलो करें। अगर आप बहुत ज्यादा ट्रेवल करते हैं तो भी अपनी एक्सरसाइज, डाइट और बेसिक रूटीन का ध्यान रखें।
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5. अलग-अलग समय पर सोना
अलग-अलग समय पर सोना मेटाबॉलिज्म पेट के काम काज को प्रभावित करता है। इसके अलावा ये तनाव और कम नींद की वजह बन सकता है। अनियमित समय पर खाना, बार-बार फास्ट फूड और बहुत ज्यादा चाय-कॉफी का सेवन भी नींद और पाचन को बिगाड़ता है। इसलिए सही समय पर सोएं।
हाइपोथायरॉइडिज्म, डायबिटीज, आंतों की सूजन, आयरन- कैल्शियम सप्लीमेंट, एंटी-एसिड या कुछ दवाइयों के लंबे उपयोग से भी कब्ज बनी रहती है। इसलिए रोज पर्याप्त पानी पिएं, फाइबर युक्त भोजन लें, सुबह नियमित समय पर शौच की आदत बनाएं और हल्का व्यायाम जरूर करें। अगर कब्ज 2–3 हफ्ते से अधिक चल रही हो, पेट में लगातार दर्द हो, वजन घट रहा हो या स्टूल में खून दिखे, तो तुरंत डॉक्टर से जांच कराना जरूरी है, क्योंकि यह किसी गंभीर पाचन समस्या का संकेत भी हो सकता है।
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Nov 30, 2025 07:22 IST
Published By : Pallavi Kumari