
सर्दी का मौसम जहां आम लोगों के लिए थोड़ा असुविधा से भरपूर होती है। वहीं COPD (Chronic Obstructive Pulmonary Disease) यानी दीर्घकालिक फेफड़ों की बीमारी से पीड़ित मरीजों के लिए यह समय काफी चुनौतीपूर्ण माना जाता है। COPD एक ऐसी स्वास्थ्य स्थिति है, जिसमें फेफड़ों के वायुमार्ग धीरे-धीरे संकुचित और डैमेज होने लगते हैं, जिससे व्यक्ति को सांस लेने में मुश्किल होने लगती है। सर्दी के मौसम में ठंड बढ़ने के साथ सांस फूलने से जुड़ी समस्या भी बढ़ जाती है। ठंड बढ़ते ही यह परेशान और ज्यादा बढ़ जाती है। ऐसे में कई लोग सोच में पड़ जाते हैं कि सर्दी बढ़ने के साथ COPD की समस्या और ज्यादा बदतर क्यों हो जाती है आइए सोनीपत के मैकक्योर अस्पताल के कंसल्टेंट मेडिसिन, क्रिटिकल केयर मैनेजमेंट के स्पेशलिस्ट, डॉ. प्रतीक से जानते हैं?
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ठंड के मौसम में COPD की समस्या बढ़ने के कारण
डॉ. प्रतीक के अनुसार, ठंड के मौसम में COPD की समस्या बहुत ज्यादा बढ़ जाती है, जिसका कारण ये हो सकते हैं-
1. ठंडी और सूखी हवा का प्रभाव
सर्दियों में हवा आमतौर पर ठंडी ही नहीं, बल्कि काफी ड्राई भी होती है। ऐसे में जब COPD का मरीज इस सूखी और ठंडी हवा के संपर्क में आता है तो इसका फेफड़ों पर तुरंत असर पड़ता है। ठंडी हवा वायु मार्गों को सिकोड़ देती है, जिससे सांस लेने के दौरान हवा का आना-जाना सीमित हो जाता है और इसके कारण सांस फूलना, सीने में जकड़न, तेज खांसी, घरघराहट और ज्यादा थकान महसूस हो सकती है। COPD मरीजों के फेफड़े पहले से ही कमजोर होते हैं, इसलिए ठंड के संपर्क में आने पर ज्यादा रिएक्ट करने लगता है।
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2. सर्दियों में बढ़ते वायरल इंफेक्शन
सर्दी का मौसम वायरल इंफेक्शन का मौसम माना जाता है। ऐसे में फ्लू, सर्दी-जुकाम, रेस्पिरेटरी इंफेक्शन जैसी बीमारियां इस मौसम में तेजी से फैल जाती है। ये इंफेक्शन COPD मरीजों के लिए बहुत जोखिम भरा होता है क्योंकि, ये इंफेक्शन वायु मार्गों में सूजन बढ़ती हैं, फेफड़ों में बलगम की मात्रा बढ़ जाती है, सांस लेने में मुश्किल हो जाती है और शरीर में ऑक्सीजन की कमी होने लगती है।
3. ठंड और कमजोर इम्यून सिस्टम
सर्दियों में शरीर के इम्यून सिस्टम की कार्यक्षमता थोड़ी धीमी पड़ जाती है। जब शरीर की इम्यूनिटी कमजोर होती है तो इंफेक्शन का जोखिम कई गुना बढ़ जाता है। COPD मरीजों के लिए यह स्थिति ज्यादा खतरनाक होती है क्योंकि इंफेक्शन तेजी से फैलता है, फेफड़ों के काम करने की क्षमता और कम हो जाती है। इसलिए, डॉक्टर अक्सर COPD मरीजों को सर्दियों में ज्यादा एक्टिव रहने की सलाह देते हैं।
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4. प्रदूषण और स्मॉग का असर
सर्दियों का एक और बड़ा जोखिम स्मॉग और बढ़ता प्रदूषण है। तापमान कम होने के कारण हवा भारी हो जाती है और प्रदूषण उसकी निचली परत में जम जाती है, जो COPD मरीजों के लिए बहुत हानिकारक होती है, क्योंकि धूल और धुएं के कण वायुमार्गों में असुविधा का कारण बनता है, सांस लेने की क्षमता और कम हो जाती है, खांसी और घरघराहट बढ़ जाती है और फेफड़ों में सूजन की समस्या बढ़ जाती है।
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सर्दियों में COPD मरीज अपना ध्यान कैसे रखें?
सर्दियों में COPD के मरीजों के लक्षण ट्रिगर हो जाता है, जिससे राहत पाने या बचाव करने के लिए आप इन बातों का ध्यान रखें।
- घर से बाहर निकलते समय अपने मुंह पर मास्क लगाएं, ताकि ठंडी हवा आपके शरीर के अंदर न जाए।
- अपने घर के अंदर का वातावरण सुधारें। धूल, पालतू जानवरों के बालों से दूर रहे।
- हाथों को बार-बार धोएं, भीड़भाड़ वाले स्थानों पर मास्क पहनें और फ्लू का टीका लगवाना फायदेमंद होता है।
- डॉक्टर द्वारा बताई गई सभी दवाइयों का सही समय पर सेवन करना बहुत जरूरी है। इसके साथ ही आप इनहेलर का इस्तेमाल नियमित रूप से करना जरूरी है।
- हल्का एक्सरसाइज यया घर के अंदर सांस से जुड़े एक्सरसाइज करें और स्मोकिंग पूरी तरह बंद कर दें।
निष्कर्ष
ठंडा मौसम COPD को और खराब कर सकता है, जिसके पीछे कई कारण हो सकते हैं, जिसमें ठंडी, ड्राई हवा, इंफेक्शन, प्रदूषण और कमजोर इम्यून सिस्टम है। सर्दियों में थोड़ी सावधानी बरतनी जरूरी है, ताकि इसके लक्षणों को सीमित किया जा सके।
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FAQ
सीओपीडी कैसे ठीक होता है?
COPD को पूरी तरह से ठीक नहीं किया जा सकता है, क्योंकि इससे फेफड़ों को होने वाला नुकसान स्थायी होता है, लेकिन इसके लक्षणों में मैनेज करने में मदद मिलती है।सीओपीडी होने के क्या कारण हैं?
COPD होने का मुख्य कारण स्मोकिंग है, लेकिन इसके अन्य कारणों में वायु प्रदूषण, धुएं और धूल के संपर्क में आना और जेनेटिक कारण भी शामिल हैं।सीओपीडी में क्या नहीं खाना चाहिए?
COPD में व्यक्ति को ज्यादा नमक, ज्यादा चीनी, तले हुए और फैट फूड्स, प्रोसेस्ड फूड्स आदि का सेवन करने से बचना चाहिए।
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Nov 29, 2025 18:44 IST
Published By : Katyayani Tiwari