अक्सर लोग सोचते हैं कि RO से फिल्टर किया गया पानी पूरी तरह शुद्ध और सुरक्षित होता है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि सिर्फ RO का पानी पीने के बाद भी आपकी सेहत को नुकसान पहुंचा सकता है? जी हां, हेल्थ एक्सपर्ट्स मानते हैं कि लंबे समय तक अगर आप पानी की जांच किए बगैर पानी का सेवन करते रहेंगे, तो इससे शरीर में जरूरी मिनरल्स की कमी हो सकती है, जिससे थकान, कमजोरी, पाचन दिक्कतें और इम्यूनिटी में गिरावट जैसी समस्याएं हो सकती हैं। खासतौर पर बुज़ुर्गों, बच्चों और गर्भवती महिलाओं में यह असर और भी ज्यादा देखने को मिलती है। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि RO वॉटर से पानी के हानिकारक तत्वों के साथ-साथ अच्छे मिनरल्स भी निकल जाते हैं। अगर पानी में टीडीएस का लेवल बहुत कम हो जाता है, तो शरीर को जरूरी इलेक्ट्रोलाइट्स और मिनरल सपोर्ट नहीं मिल पाता। यह लेख उन लोगों के लिए खास है जो सोचते हैं कि RO पानी पीकर भी बीमारियां क्यों हो रही हैं। इस लेख में हम जरूरी उपाय बताएंगे जो आपकी सेहत को फिर से बैलेंस में लाने में मदद कर सकते हैं। इस विषय पर बेहतर जानकारी के लिए हमने लखनऊ के विकास नगर में स्थित न्यूट्रिवाइज क्लीनिक की न्यूट्रिशनिस्ट नेहा सिन्हा से बात की।
1. टीडीएस लेवल की जांच करें- Check the TDS level
RO वॉटर का टीडीएस 50 से नीचे है, तो यह शरीर के लिए नुकसानदायक हो सकता है। टीडीएस का मतलब होता है पानी में घुले हुए मिनरल्स और सॉल्ट्स का लेवल। पीने के पानी का टीडीएस 150-300 के बीच होना सबसे उपयुक्त माना जाता है। इसके लिए घर में डिजिटल टीडीएस मीटर रखें और समय-समय पर जांच करें। बहुत कम टीडीएस वाला पानी शरीर से जरूरी मिनरल्स को बाहर कर सकता है।
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2. पानी उबालकर पिएं- Boil Water Before Drinking
अगर आपके घर में RO के अलावा कोई दूसरा फिल्टर सिस्टम नहीं है, तो पानी को उबालकर पीना अच्छा विकल्प हो सकता है। उबालने से न सिर्फ बैक्टीरिया और वायरस मरते हैं, बल्कि पानी का तापमान मिनरल्स के अवशेषों को एक्टिव भी कर सकता है। यह खासतौर पर बच्चों, गर्भवती महिलाओं और बुज़ुर्गों के लिए फायदेमंद होता है।
3. इलेक्ट्रोलाइट सप्लीमेंट लें- Take Electrolyte Supplements
RO वॉटर पीने से शरीर में सोडियम, पोटैशियम, मैग्नीशियम और कैल्शियम जैसे इलेक्ट्रोलाइट्स की कमी हो सकती है। डॉक्टरों की सलाह है कि ऐसे में इलेक्ट्रोलाइट सप्लीमेंट ले सकते हैं। ये शरीर के इलेक्ट्रोलाइट बैलेंस को सुधारने में मदद करते हैं और थकान, चक्कर, लो एनर्जी जैसी समस्याओं से राहत दिलाते हैं।
4. पानी के साथ संतुलित डाइट लें- Eat a Balanced Diet Along With Water
पानी ही नहीं, बल्कि खानपान में भी ऐसे फूड शामिल करें जो मिनरल्स से भरपूर हों जैसे कि हरी सब्जियां, अंकुरित अनाज, दूध, दही, केला, नारियल पानी, तिल, और सूखे मेवे। विटामिन और मिनरल्स से भरपूर डाइट न सिर्फ शरीर में विटामिन्स की कमी को पूरा करती है बल्कि पाचन और इम्यून सिस्टम को भी मजबूत बनाती है।
5. डिहाइड्रेशन के लक्षणों को नजरअंदाज न करें- Don't Ignore Signs of Dehydration
RO वॉटर में मिनरल्स की कमी होने से शरीर का हाइड्रेशन लेवल प्रभावित हो सकता है। कई लोग दिनभर पानी, तो पीते हैं लेकिन फिर भी सिर दर्द, थकान जैसे डिहाइड्रेशन के लक्षण अनुभव करते हैं। डॉक्टरों के अनुसार, RO वॉटर के साथ हाइड्रेशन बनाए रखने के लिए दिन में 1 से 2 बार नारियल पानी या नींबू-शहद वाला पानी लेना फायदेमंद होता है।
RO वॉटर सेहत के लिए बुरा नहीं है, लेकिन इसके साथ सही बैलेंस बनाना जरूरी है। TDS की निगरानी, इलेक्ट्रोलाइट्स की कमी को दूर करके और संतुलित आहार से ही हम अपने शरीर को सुरक्षित रख सकते हैं।
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FAQ
RO का पानी पीने के लिए टीडीएस लेवल कितना होना चाहिए?
RO पानी पीने के लिए TDS लेवल 50 से 150 पीपीएम के बीच होना चाहिए। इससे पानी में न तो जरूरत से ज्यादा मिनरल्स होते हैं और न ही कम। बहुत कम टीडीएस भी सेहत के लिए हानिकारक हो सकता है।नार्मल वाटर का TDS कितना होना चाहिए?
नॉर्मल पीने के पानी का टीडीएस लेवल 150 से 300 पीपीएम तक ठीक माना जाता है। यह रेंज पानी को स्वादिष्ट भी बनाती है और जरूरी मिनरल्स भी मिलते हैं। 500 पीपीएम तक का टीडीएस भी पीने लायक होता है, लेकिन 300 से कम टीडीएस वाला पानी, सेफ और हेल्दी माना जाता है।TDS का मतलब क्या होता है?
टीडीएस का मतलब है पानी में घुले हुए कुल घुले ठोस पदार्थ। इसमें मिनरल्स, सॉल्ट्स, मेटल्स आदि शामिल होते हैं। यह एक मैट्रिक है जिससे पानी की गुणवत्ता आंकी जाती है और इसका माप पीपीएम में किया जाता है।क्या 200 TDS का पानी पीने के लिए अच्छा है?
हां, 200 TDS का पानी पीने के लिए अच्छा और सुरक्षित माना जाता है। इस लेवल पर पानी में जरूरी मिनरल्स मौजूद रहते हैं और पानी का स्वाद भी ठीक होता है। यह लेवल विशेष रूप से RO सिस्टम के लिए सही माना जाता है, क्योंकि बहुत कम टीडीएस नुकसानदायक हो सकता है।