लोगों से दूरी बनाना, घुलने-मिलने में परेशानी और बातचीत में शर्माना हो सकते हैं इस डिसऑर्डर का संकेत

अगर आपका करीबी हमेशा उदास और अनमना महसूस करता है तो हो सकता है कि वो स्किजॉइड पर्सनैलिटी डिसऑर्डर का शिकार हो गया है।

Garima Garg
Written by: Garima GargPublished at: Jul 02, 2021Updated at: Jul 02, 2021
लोगों से दूरी बनाना, घुलने-मिलने में परेशानी और बातचीत में शर्माना हो सकते हैं इस डिसऑर्डर का संकेत

अक्सर आपने लोगों को ऐसा कहते सुना होगा कि आज मन बेहद उदास है, मुझे कुछ भी अच्छा नहीं लगता या मैं बहुत बोर हो रहा हूं। इस तरह के वाक्य अगर कभी-कभी सुनने में आएं तो आम बात है। व्यक्ति इस तरह की परिस्थिति का सामना तब करता है, जब वह खुद को उदास और अनमना महसूस करता है। लेकिन अगर यह वाक्य बार-बार किसी एक व्यक्ति से सुनने में आ रहे हैं तो हो सकता है कि वह व्यक्ति स्किजॉइड पर्सनैलिटी डिसऑर्डर का शिकार हो गया है। जब इस तरह की समस्या पैदा होती है तो व्यक्ति अपने व्यवहार में असमानता, उदासीनता और निष्क्रियता महसूस करता है। आज का हमारा लेख इसी डिसऑर्डर पर है आज हम आपको अपने इस लेख के माध्यम से बताएंगे कि स्किजॉइड पर्सनैलिटी डिसऑर्डर के लक्षण (symptoms of Schizoid personality disorder) क्या हैं। साथ ही इसके प्रमुख कारण (causes of Schizoid personality disorder) और बचाव के बारे में भी जानेंगे। ये लेख गेटवे ऑफ हीलिंग साइकोथेरेपिस्ट डॉ. चांदनी (Dr. Chandni Tugnait, M.D (A.M.) Psychotherapist, Lifestyle Coach & Healer) से बातचीत पर आधारित है। पढ़ते हैं आगे...

स्किजॉइड पर्सनैलिटी डिसऑर्डर के कारण (causes of Schizoid personality disorder)

1 - जो लोग ज्यादा इंट्रोवर्ट होते हैं वो ना तो दूसरों से खुल कर बात कर पाते हैं और ना ही मिलनसार होते हैं। ऐसे में जो उनका सामाजिक दायरा होता है वह काफी सीमित होता है। और जब वे आगे चलकर माता-पिता बनते हैं तो इनके बच्चे भी इसी तरह से समस्या से ग्रस्त होते हैं। ऐसे में वे उन परिस्थितियों का शिकार हो जाते हैं, जिसमें वो ना तो खुलकर बात कर पाते हैं और बेहद शर्मीले भी होते हैं। 

2 - जब बचपन में व्यक्ति को खुशनुमा माहौल नहीं मिल पाता है तब भी वे इस समस्या के शिकार हो सकते हैं।

3 - अगर वर्तमान समय की बात करें तो कोरोना संक्रमण के कारण हुए लॉकडाउन की वजह से लोग काफी समय तक घर पर रहे। जिसके कारण वह उदास और दूसरों से दूरी जैसी परिस्थितियों से जूझ रहे थे। ऐसे में ऐसे लोग जो काफी समय तक लोगों से दूर रहते हैं वे भी इस डिसॉर्डर का शिकार हो सकते हैं।

3 - जो बचपन में शांत और शर्मिलें होते हैं वे भी इस समस्या का शिकार हो सकते हैं।

4 - जिन बच्चों का सोशल स्किल्स डिवलपमेंट  सही से नहीं हो पाता यानि वे सोशल फोबिया का शिकार हो वे भी इस समस्या के शिकार हो सकते हैं।

5 - घर में मतभेद, कलह कलेश, आपसी झगड़ों के कारण व्यक्ति इस समस्या का शिकार हो सकता है।

इसे भी पढ़ें- शरीर और दिमाग की थकान को चुटकियों में दूर करेंगी ये 5 टिप्स, तुरंत हो जाएंगे दोबारा 'चार्ज'

स्किजॉइड पर्सनैलिटी डिसऑर्डर के लक्षण (Schizoid personality disorder symptoms)

1 - हर वक्त उदास रहना

2 - लोगों से खुलकर बात ना कर पाना

3 - मन में नकारात्मक विचार आना

4 - एडजस्टमेंट प्रॉब्लम

5 - हर वक्त शांत या चुप रहना

6 - नजरे मिला के बातें ना कर पाना

7 - स्पष्ट जवाब देना

8 - किसी भी सवाल को टालने की कोशिश करना

9 - दूसरों के सामने अपने विचारों को रखने में दिक्कत महसूस करना।

10 - कंफर्ट जोन से बाहर ना आना

11 - मिलने जुलने से परेशानी होना

12 - नए लोगों के साथ बातचीत में दिक्कत महसूस करना

13 - दोस्तों या पार्टनर के साथ तालमेल न बिठा पाना

14 - तनाव महसूस करना

15 - मूड स्विंग होना

इसे भी पढ़ें- ये 16 आदतें दूसरों की नज़र में खराब करती हैं आपका इम्प्रेशन, बनती है नकारात्मक छवि

इसके अलावा कुछ और भी लक्षण होते हैं जो नजर आते हैं। जैसे व्यक्ति ज्यादा नकारात्मक सोच और उदासीनता को महसूस करता है तो उसे मानसिक विकास जैसे उलझन, चिड़चिड़ाहट, सिर दर्द आदि समस्या का सामना भी करना पड़ सकता है। ऐसे में किसी किसी व्यक्ति में इसके लक्षण भिन्न भी हो सकते हैं।

स्किजॉइड पर्सनैलिटी डिसऑर्डर से कैसे करें बचाव (Schizoid personality disorder treatment)

1 - अगर कोरोना संक्रमण के कारण हुए लॉकडाउन की वजह से व्यक्ति उदास और अकेलापन महसूस करता है तो ऐसे में लोगों से जुड़े रहने के लिए वीडियो कॉल या फोन का सहारा लें। इसके अलावा आस-पड़ोस के लोगों से भी बातचीत करें। घर पर माता-पिता, लाइफ पार्टनर से मन में आए नकारात्मक विचारों के बारे में बात करें।

2 - परिवार के सदस्यों से रोज किसी एक विषय पर चर्चा करें और अगर आपके पास शब्द कम हैं तो सामने वाले की सुनने की कोशिश करें।

3 - परिवार का माहौल खुशनुमा बनाएं।

4 - जैसा कि हम ने बताया कि जब परिवार में तनावपूर्ण परिस्थिति पैदा होती है तो उसके भी कारण बच्चे समस्या से ग्रस्त हो जाती है। ऐसे में परिवार के सदस्यों की जिम्मेदारी है कि वे बच्चों के सामने इस तरीके की परिस्थिति को पैदा ना होने दें।

5 - बच्चों को इंडोर गेम्स की बजाय आउटडोर गेम्स के लिए भेजें।

6 - अगर आपका बच्चा शर्मिला है तो उससे दूसरों के सामने जाने के लिए प्रोत्साहित करें।

7 - अगर आपका बच्चा क्रिएटिव है तो उसकी क्रिएटिविटी को समाज के सामने लाने के लिए उससे सोशल मीडिया के माध्यम से उस क्रिएटिविटी को शेयर करें और जब लाइक व कमेंट को अपने बच्चों को पढ़ाएं और उसके आत्मविश्वास बढ़ाएं।

8 - उसके दोस्तों को घर पर इनवाइट करें।

इसे भी पढ़ें- बिन बात बार-बार 'Sorry' बोलना हो सकता है 'मानसिक विकार', एक्सपर्ट से जानें कारण और बचाव

9 - बच्चों से यह समस्या बड़े होते होते गंभीर रूप ले लेती है, जिसका असर प्रोफेशनल और पर्सनल दोनों लाइफ पर पड़ता है। ऐसे में तालमेल बैठाने के लिए सामाजिक दायरा का बड़ा होना जरूरी है।

10 -अगर इनसे बचाव के बाद भी आपका करीबी इस समस्या से उभर नहीं पा रहा है तो ऐसे में तुरंत एक्सपर्ट से संपर्क करें। काउंसलिंग के माध्यम से इस समस्या पर काबू पाया जा सकता है।

नोट - ऊपर बताए गए बिंदुओं से पता चलता है कि अगर आपके आसपास कोई ऐसा इंसान है जो उदास है और अनमना महसूस करता है तो हो सकता है कि वह स गंभीर बीमारी का शिकार हो गया है ऐसे में उसके लक्षणों को पहचाने और किसी साइकोलॉजिस्ट से संपर्क करें। इसके अलावा घर के माहौल को बदलकर या अपने आसपास के वातावरण को बदलकर भी समस्या को दूर किया जा सकता है।

ये लेख गेटवे ऑफ हीलिंग साइकोथेरेपिस्ट डॉ. चांदनी (Dr. Chandni Tugnait, M.D (A.M.) Psychotherapist, Lifestyle Coach & Healer) द्वारा दिए गए इनपुट्स पर बनाया गया है।

इस लेख में इस्तेमाल की जानें वाली फोटोज़ Freepik से ली गई हैं।

Read More Articles on mind body in hindi 

Disclaimer