प्रेगनेंसी में पनीर खाना चाहिए कि नहीं? एक्सपर्ट से जानें इसे खाने का तरीका और फायदे

प्रग्नेंसी के दौरान पनीर खाने के कई फायदे हैं पर अलग वो सही मात्रा में और सही तरह से खाई जाए तो। डायटिशियन से जानते हैं प्रेगनेंसी में पनीर के फायदे।

Pallavi Kumari
Written by: Pallavi KumariPublished at: Aug 17, 2021Updated at: Aug 17, 2021
प्रेगनेंसी में पनीर खाना चाहिए कि नहीं? एक्सपर्ट से जानें इसे खाने का तरीका और फायदे

प्रेग्नेंसी में एक महिला को हर काम करने से पहले अपने और अपने बच्चे के स्वास्थ्य के बारे में सोचना पड़ता है। ऐसे में अगर बात किसी खाने-पीने की चीज की आई तो, इस पर खास ध्यान देता पड़ता है। जैसे कि प्रेग्नेंसी में पनीर खाना। कई गर्भवती महिलाओं का सवाल होता है कि क्या प्रेग्नेंसी में पनीर खाना फायदेमंद है या नहीं? वैसे तो पनीर प्रोटीन से भरपूर और इसे खाकर शरीर को एक अच्छी खासी एनर्जी मिल सकती है। पर गर्भवती महिलाओं के लिए इसे खाना फायदेमंद भी है तो, नुकसानदेह भी हो सकता है। दरअसल, प्रेग्नेंसी में कच्चा पनीर खाना जहां गर्भवती महिलाओं के लिए फायदेमंद है वहीं पनीर को बहुत ज्यादा तल-भून कर खाना नुकसानदायक भी है।  इसी बारे में विस्तार से जानने के लिए हमने डायटिशियन डेलनाज़ चंदूवाडिया (Delnaaz Chanduwadia), मुख्य आहार विशेषज्ञ, जसलोक अस्पताल और अनुसंधान केंद्र से भी बात की। 

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प्रेगनेंसी में पनीर खाना चाहिए कि नहीं? 

डायटिशियन डेलनाज़ चंदूवाडिया (Delnaaz Chanduwadia) इस सवाल के जवाब में कहती हैं कि पनीर शाकाहारियों के लिए प्रोटीन का एक शानदार स्रोत है। गर्भावस्था के दौरान पनीर का सेवन किया जा सकता है। ये मां और बच्चे दोनों के लिए फायदेमंद है।  गर्भावस्था के दौरान 75-100 ग्राम पनीर का सेवन सुरक्षित रूप से किया जा सकता है। हालांकि इसे तला हुआ खाने से बचें।

क्या पहली तिमाही में पनीर खाना सुरक्षित है-Is paneer safe during pregnancy first trimester

डायटिशियन डेलनाज़ चंदूवाडिया (Delnaaz Chanduwadia) इस सवाल के जवाब में कहती हैं कि पहली तिमाही में भ्रूण के वजन के कारण, किसी को रिफ्लक्स और एसिडिटी का अनुभव हो सकता है। उस स्थिति में कम से कम मसालों के साथ और कम मात्रा में ही पनीर सेवन करना चाहिए। हालांकि आप कम मात्रा में कच्चे पनीर का सेवन कर सकते हैं। इससे आपको शुरुआती पहली तिमाही के लक्षणों से निपटने में मदद मिलेगी। दरअसल,  प्रारंभिक गर्भावस्था चरण के दौरान, आप ज्यादा थका हुआ, बेचैन और कमजोर महसूस कर सकती हैं। पनीर खाने से आप इस स्थिति से बचे रहेंगे और आपको फिट रहने में मदद मिलेगी।

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प्रेगनेंसी में पनीर खाने के फायदे-Paneer benefits in pregnancy

1. कमजोरी दूर करता है

प्रेग्नेंसी में पनीर खाने के फायदे कई हैं। पनीर शरीर को एनर्जी देने का काम करता है। पनीर, प्रोटीन का एक समृद्ध स्रोत होने के कारण सहनशक्ति बढ़ाने और मार्निंग सिकनेक के लक्षणों से निपटने में मदद करता है। इसे खाने से आप तिमाही में सो कर उठने के बाद महसूस होने वाली कमजोरी से बचाता है। 

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2. बच्चे के विकास में मददगार 

पनीर प्रोटीन से भरा हुआ है। ये उन गर्भवती महिलाओं के लिए प्रोटीन का शानदार सोर्स है जो कि लगातार अपनी प्रोटीन आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए शाकाहारी फूड्स खोज कर रही हैं। दरअदल,  आपके अजन्मे बच्चे की वृद्धि और विकास के लिए प्रोटीन की बहुत जरूरत होती है। ऐसे में ये महिलाएं नाश्ते में, दोपहर में या शाम को स्नैक्स के रूप में भी प्रोटीन का सेवन कर सकती हैं। 

3. वजन नियंत्रित करता है

प्रग्नेंसी के दौरान एक संतुलित वजन होना बेहद जरूरी है। ऐसा इसलिए क्यों वजन का कम होना आपके बच्चे को जहां कमजोर बना सकता है, वहीं वजन का ज्यादा होना प्रेग्नेंसी में गैस्टेशनल डायबिटीज के खतरे को बढ़ा सकता है। ऐसे में शरीर के वजन को नियंत्रित करने में पनीर आपकी मदद करता है। पनीर गर्भावस्था के दौरान भूख को शांत करता है। आपको पेट भरा हुआ महसूस कराकर अनियमित खान-पान से बचाता है और आपके वजन को नियंत्रित रखने में आपकी मदद कर सकता है।

4. बच्चे की हड्डी के निर्माण में मददगार

पनीर कैल्शियम और फास्फोरस से भरपूर होता है, इसलिए यह बच्चे की हड्डियों के स्वस्थ निर्माण में मदद करता है। साथ ही, पनीर के सेवन से गर्भवती महिलाओं में हड्डियों की कमजोरी के कारण होने वाली परेशनियां जैसे कि पैरों और कमर में दर्द को रोका जा सकता है।

5. बच्चे का दिमाग तेज करता है

लगभग 100 ग्राम पनीर 265 किलो कैलोरी ऊर्जा प्रदान करता है, इस प्रकार आपकी दैनिक कैलोरी की मात्रा को बढ़ाता है। इसमें ओमेगा-3s फैटी एसिड होता है जो आपके बच्चे के दिमाग को तेज करने में आपकी मदद कर सकता है और उसके विकास में मददगार है। 

6. ब्लड शुगर को नियंत्रित करने में मददगार

गर्भावस्था के दौरान पनीर खाने से हाई ब्लड शुगर को भी नियंत्रित किया जा सकता है। ऐसे में कोशिश करें कि आप कच्चा पनीर खाएं और आप इसे अपने नाश्ते, लंच और रात के खाने में भी शामिल कर सकते हैं।  इससे शुगर में अचानक होने वाली स्पाइक को रोका जा सकता है।

7. दर्द कम करता है

गर्भावस्था के साथ जोड़ों में दर्द और कमर दर्द जैसे परेशानियां बढ़ने लगती हैं। जैसे-जैसे महीने बढ़ते जाते हैं ये स्थिति बदलती जाती है। ऐसे में पनीर में एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं और यह गर्भावस्था से जुड़े दर्द और सूजन को कुछ हद तक कम करने में मदद कर सकता है।

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प्रेग्नेंसी में पनीर खाते समय किन बातों का रखें खास ध्यान

1. ताजा पनीर खाएं

प्रेग्नेंसी में कोशिश करें कि घर में बनाया हुआ पनीर या फिर ताजा पनीर ही खाएं। बासी या खराब गुणवत्ता वाला पनीर खा रहे हैं तो पनीर कुछ साइड इफेक्ट के साथ आता है। खराब पनीर खाने से एसिडिटी और दिल से जुड़ी बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है।

2.  लो फैट पनीर खाएं

पनीर में फैट की मात्रा ज्यादा होती है इसलिए इसके सेवन से खराब कोलेस्ट्रॉल बढ़ सकता है। ऐसे में लो फैट दूध से बने पनीर का सेवन करें जैसे कि सोया दूध से बना पनीर। ध्यान रहे कि कई बार बाजार में मिलने वाला पनीर मिल्क पाउडर से बना होता है, जो कि नुकसानदायक हो सकता है। इसलिए असली पनीर का ही सेवन करें।

साथ ही अगर आपको दूध व उससे बने खाद्य पदार्थों से एलर्जी है तो, पनीर खाने से बचें। ये गैस, डायरिया व पेट में सूजन का कारण बन सकता है। सुनिश्चित करें कि आपके द्वारा चुना गया पनीर पाश्चुराइज्ड दूध से बना हो।

पनीर खरीदने से पहले, ताजगी के लिए लेबल की जांच करें और सुनिश्चित करें कि यह उच्च गुणवत्ता वाली सामग्री से ये बना हो। एक सप्ताह से अधिक फ्रिज में पनीर ना रखें और इसे ताजा ही खाएं। साथ ही कोशिश करें कि घर पर खुद ही ताजा पनीर बनाएं और खाएं। पनीर को ज्यादा तेल मसाले में भून कर ना खाएं। 

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