किन परिस्थितियों में की जाती है काइनेसियोलॉजी टैपिंग थेरेपी? जानें इसके फायदे और नुकसान

काइनेसियोलॉजी टेपिंग थेरेपी शरीर में कई समस्याओं को दूर करने के लिए की जाती है, इसका अधिक इस्तेमाल खिलाडी और एथलीट्स करते हैं।

Prins Bahadur Singh
Written by: Prins Bahadur SinghPublished at: Aug 18, 2021Updated at: Aug 18, 2021
किन परिस्थितियों में की जाती है काइनेसियोलॉजी टैपिंग थेरेपी? जानें इसके फायदे और नुकसान

आपमें से बहुत से लोगों ने केटी टेप के बारे में सुना होगा या जानते होंगे। बहुत से लोगों को शरीर पर कई रंग के टेप को लगाये भी देखा होगा। लेकिन क्या आप इनके इस्तेमाल और फायदों के बारे में जानते हैं? दरअसल काइनेसियो टेप या काइनेसियो टेक्स टेप 1970 के दशक के अंत में एक जापानी कायरोप्रैक्टर डॉ केंजो कासे द्वारा विकसित की गयी तकनीक है जिसके सहारे कंधों, घुटने, पीठ, पेट और हाथों में दर्द और चोट को ठीक करने का काम किया जाता है। काइनेसियोलॉजी टेपिंग थेरेपी (Kinesiology Taping Therapy) या काइनेसियोलॉजी टेपिंग फिजियोथेरेपी कहते हैं। काइनेसियोलॉजी टेप की सहायता से शरीर में दर्द कम करने, सूजन को कम करने और प्रदर्शन में सुधार करने का काम किया जाता है। इस टेप का सबसे ज्यादा इस्तेमाल खिलाड़ियों और एथलीट्स द्वारा किया जाता है। आइये विस्तार से जानते हैं काइनेसियोलॉजी टेपिंग थेरेपी के बारे में और इसके इस्तेमाल से होने वाले फायदों के बारे में।

कब किया जाता है काइनेसियोलॉजी टेपिंग थेरेपी या केटी टेप का इस्तेमाल (Kinesiology Taping Therapy Uses)

काइनेसियोलॉजी टेपिंग थेरेपी या केटी टेप के कई उपयोग हैं। चोट, दर्द और सूजन से लेकर कई अन्य स्थितियों में इन टेप्स का इस्तेमाल किया जाता है। खिलाड़ी और एथलीट इस टेप का इस्तेमाल मांसपेशियों को संकुचित होने से बचाने और चोट आदि लगने पर करते हैं। मुख्यतः काइनेसियोलॉजी टेपिंग थेरेपी का इस्तेमाल इन परिस्थितियों में किया जाता है।  

  • मांसपेशियों की सुरक्षा के लिए। 
  • मांसपेशियों में खिंचाव और चोट की स्थिति में। 
  • एथलीट अपने प्रदर्शन को बेहत करने के लिए भी इसका इस्तेमाल करते हैं। 
  • हर्नियेटेड डिस्क की समस्या में। 
  • साइटिका की समस्या ग्रसित मरीजों के इलाज में। 
  • घुटने या टखने पर लगी चोट या मोच में। 
  • प्लांटर फैस्कीटिस की स्थिति में। 
  • शोल्डर इम्पिंगमेंट की समस्या में। 
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काइनेसियोलॉजी टेपिंग थेरेपी के फायदे (Kinesiology Taping Therapy Benefits)

काइनेसियोलॉजी टेपिंग थेरेपी के इस्तेमाल से शरीर में खून का संचार बढ़ाने में मदद मिलती है। इन टेप का इस्तेमाल शरीर में चोट, मोच और कई अन्य गंभीर स्थितियों में भी किया जाता है। चोट लगने के कारण सूजन होने की समस्या में काइनेसियोलॉजी टेप का इस्तेमाल फायदेमंद माना जाता है। मुख्य रूप से काइनेसियोलॉजी टेपिंग थेरेपी के इस्तेमाल से होने वाले फायदे इस प्रकार से हैं।

1. चोटों के इलाज में काइनेसियोलॉजी टेपिंग थेरेपी का इस्तेमाल बहुत फायदेमंद होता है। चोट की वजह से सूजन और दर्द होने की स्थिति में इन टेप्स का इस्तेमाल फायदेमंद माना जाता है। हालांकि इसका इस्तेमाल एक्सपर्ट्स की देखरेख में ही किया जाता है। खिलाड़ियों और एथलीट्स को चोट या मोच आने पर इसका इस्तेमाल ज्यादा किया जाता है। 

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2. काइनेसियोलॉजी टेप का इस्तेमाल मांसपेशियों या जोड़ों के दर्द को कम करके आपके प्रदर्शन में सुधार करने का काम करता है। अगर आपको आपको पेटेलोफेमोरल स्ट्रेस सिंड्रोम, आईटी बैंड फ्रिक्शन सिंड्रोम, या एच्लीस टेंडोनाइटिस जैसी समस्या है तो काइनेसियोलॉजी टेपिंग थेरेपी आपके लिए बेहतर विकल्प हो सकती है। 

3. मैराथन या दौड़ने की प्रतियोगिता में एथलीट्स इसका इस्तेमाल अपने प्रदर्शन को बेहतर करने के लिए करते हैं। मांसपेशियों को जागृत करने के लिए इन टेप्स का इस्तेमाल फायदेमंद माना जाता है।

4. साइटिका की समस्या में भी काइनेसियोलॉजी टेपिंग थेरेपी का इस्तेमाल फायदेमंद माना जाता है। काइनेसियोलॉजी टेप के इस्तेमाल से जोड़ों के दर्द और सूजन को कम करने में फायदा मिलता है। 

5. स्कार या चोट के निशान आदि को मिटाने के लिए भी काइनेसियोलॉजी टेपिंग थेरेपी का इस्तेमाल किया जाता है। 

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कैसे किया जाता है काइनेसियोलॉजी टेप का इस्तेमाल? (How to Apply Kinesiology Tapes?)

केटी टेप या काइनेसियोलॉजी टेपिंग थेरेपी एक्सपर्ट्स के देखरेख में ही की जाती है। खुद से इसका इस्तेमाल करना नुकसानदायक हो सकता है। इस थेरेपी में मांसपेशियों को आराम देने के लिए और शरीर की समस्याओं से निजात पाने के लिए तमाम रंगों की पट्टियों का इस्तेमाल किया जाता है। केटी टेप्स कई आकार में होते हैं जिन्हें प्रभावित स्थान पर लगाया जाता है। टेप लगाते समय इस बात का ध्यान रखना जरूरी है कि स्किन के उस हिस्से में जहां टेप का इस्तेमाल करना है बाल न हों और साफ-सुथरी हो। इसके अलावा एक्सपर्ट्स यह राय देते हैं कि अगर आपको टेपिंग के दौरान जलन का अहसास हो रहा हो तो इसका इस्तेमाल न करें।

काइनेसियोलॉजी टेपिंग थेरेपी के नुकसान (Kinesiology Taping Therapy Side Effects)

आमतौर पर काइनेसियोलॉजी टेपिंग थेरेपी का कोई विशेष साइड इफेक्ट अभी तक देखने को नहीं मिला है। लेकिन अगर इसका इस्तेमाल करते समय जरूरी सावधानियों को ध्यान में नहीं रखा गया या इसका सही तरीके से इस्तेमाल न किया गया तो इसके दुष्प्रभाव भी देखने को मिल सकते हैं। गलत तरीके से इसका इस्तेमाल करने पर आपको स्किन पर सूजन, जलन, अल्सर और स्किन पर लाल चकत्ते पड़ सकते हैं।

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