जीभ काली होने के क्या कारण हो सकते हैं? एक्सपर्ट से जानें काली जुबान किन समस्याओं का है संकेत

काली जुबान होना बीमारी नहीं बल्कि बीमारी का संकेत है। डेंटिस्ट से जानें इसे कैसे पहचानें व कैसे ठीक करें। लाइफस्टाइल, खानपान में क्या बदलें जानें।

Satish Singh
Written by: Satish SinghUpdated at: Aug 18, 2021 15:26 IST
जीभ काली होने के क्या कारण हो सकते हैं? एक्सपर्ट से जानें काली जुबान किन समस्याओं का है संकेत

भारत में कुछ अंधविश्वास भी है, जिसमें लोग यह मानते हैं कि जिन लोगों की जुबान काली होती है वो कुछ भी बुरा बोलेंगे तो वो सच हो जाता है। लेकिन वास्तव में ऐसा बिल्कुल नहीं होता है। लेकिन इसे सकारात्मक दृष्टिकोण से लेना चाहिए। वहीं वैसे लोग जिनकी जुबान काली हो गई है उन लोगों को दूसरों की बातों में आने की बजाय जनरल फिजिशियन या फिर डेंटिस्ट से सलाह लेनी चाहिए। वैसे तो मुंह से शरीर में कई प्रकार की बीमारी हो सकती है। जमशेदपुर के भालूबासा में सरिता डेंटल क्लीनिक के सीनियर डेंटल सर्जन डॉ. एस प्रसाद बताते हैं कि मुंह को यदि साफ न रखा जाए तो शरीर में कई प्रकार की बीमारी हो सकती है। जैसे के डायबिटीज, सांस में इंफेक्शन, डिमेंशिया, स्ट्रोक, दिस संबंधी बीमारी आदि। तो आइए इस आर्टिकल में हम काली जुबान पर बात करेंगे, वहीं यह क्यों होता है, इसके लक्षण, इसके होने से शरीर को होने वाले नुकसान सहित इसके इलाज पर एक्सपर्ट की राय जानेंगे। 

काली जुबान क्या है और क्यों होती है यह समस्या

वैसे तो यह एक समस्या है। एक्सपर्ट बताते हैं कि आमतौर पर लोगों की जुबान पिंक कलर की होती है। लेकिन यदि उसकी सफाई पर ध्यान दिया गया तो यह आगे चलकर काली हो सकती है। सबसे पहले जीभ के पिछले हिस्से के किनारे में कालापन आता है। इसके बाद यह कालापन जीभ के आगे के हिस्से में आता है। जीभ में जब रोएंदार या फिर काला दाग पड़ जाए तो उसे काली जुबान कहते हैं। इसके होने की मुख्य वजन बैक्टीरिया और संक्रमण है। कई केस में यीस्ट के कारण भी काली जुबान की समस्या होती है। कुछ लोगों के जीभ में पीलापन व ब्राउन भी दिखता है।

जीवनशैली, धूम्रपान भी है जिम्मेदार

यदि आपके जीभ के रंग में किसी प्रकार का अंतर दिखाई दे तो आपको डॉक्टरी सलाह लेनी चाहिए। क्योंकि यह किसी दूसरी समस्या के संकेत हो सकते हैं। यदि डॉक्टर से इलाज न कराया गया तो समस्या और भी ज्यादा गंभीर हो सकती है। वैसे अक्सर यह समस्या उन लोगों में ज्यादा देखने को मिलती है जो मुंह की सफाई नहीं करते हैं या फिर धूम्रपान या फिर तंबाकू का सेवन करते हैं। इसके अलावा खानपान व टूथब्रश का गलत चयन के साथ इस समस्या के होने के पीछे खराब जीवनशैली भी जिम्मेदार है। 

काली जुबान के लक्षणों पर एक नजर

जैसा कि नाम से ही स्पष्ट है कि काली जुबान होने का सबसे पहला लक्षण जुबान का काला होना है। इसके अलावा यह लक्षण भी दिखते हैं, जैसे;

  • टेस्ट बड्स में एकाएक बदलाव का आना
  • जीभ में रोएं आना, जिसे साइंटिफिक भाषा में पैपेली भी कहा जाता है
  • जीभ का रंग सामान्य रंगे की तुलना में बिगड़ जाना
  • गले में कुछ पदार्थ का फंसा होने जैसा महसूस करना
  • मुंह का स्वाद बिगड़ जाना, डॉक्टरी भाषा में इसे मेटेलिक टेस्ट का आना भी कहते हैं

यदि आपको भी मुंह में इस प्रकार के लक्षण दिखाई दे तो आपको डॉक्टरी सलाह लेनी चाहिए। नहीं तो इस समस्या के कारण कई अन्य बीमारी हो सकती है। इस समस्या से बचाव के लिए जीवनशैली में बदलाव लाकर, डॉक्टरी सलाह लेने के साथ खानपान में परिवर्तन लाकर समस्या से निजात पाया जा सकता है। 

Black Toung

जानें क्यों होती है यह परेशानी

डॉक्टर बताते हैं कि वैसे तो इस समस्या के होने के सही सही कारणों का अबतक पता नहीं चल पाया है। लेकिन माना जाता है कि इन वजहों से यह समस्या हो सकती है। इसलिए यदि आप भी इन गलतियों को दोहराते हैं तो उससे बचाव करना चाहिए।

कुछ लोग बिना डॉक्टरी सलाह के एसिडिटी की दवा का सेवन करते हैं, मुंह में जाते ही यह दवा रिएक्शन करती है, जिससे जीभ का रंग काला पड़ता है

  • गलत माउथवॉश का इस्तेमाल करने के कारण
  • ज्यादा मात्रा में चाय व कॉफी का सेवन करने के कारण
  • धूम्रपान व तंबाकू युक्त सामान का सेवन करने के कारण
  • ज्यादा एंटीबायटिक दवा का सेवन करने के कारण
  • मुंह में पर्याप्त मात्रा में लार न बनने के कारण
  • किसी प्रकार का दवा का सेवन करने से साइड इफेक्ट होने की वजह से
  • मुंह की अच्छे से सफाई न करने की वजह से

यदि आपमें भी इस प्रकार के लक्षण दिखते हैं या फिर आप तंबाकू व धूम्रपान का सेवन करते हैं तो बुरी आदतों को छोड़ देना ही उचित होगा। तभी आप इस समस्या से बचाव कर सकते हैं। यदि इसका इलाज न कराया गया तो संक्रमण काफी फैल सकता है। 

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समस्या को और बढ़ाते हैं ये कारक

डॉक्टर बताते हैं कि यदि कोई व्यक्ति लंबे समय से एंटीबायटिक दवा का सेवन कर रहा है तो उसकी जीभ काली हो सकती है। इसके अलावा ज्यादा तनाव लेने और वैसे लोग जिनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होती है उनको भी यह बीमारी होने की संभावना ज्यादा होती है। इसके अलावा वायरल इंफेक्शन, शराब, स्मोकिंग और मुंह से सांस लेने वाले लोगों का मुंह से बैक्टीरिया के जाने की संभावना भी अधिक होती है। इसलिए बीमारी के जोखिमों को कम करने के लिए यदि आप ऐसा करते हैं तो न करें व सतर्कता बरतें। 

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इन बदलाव को अपनाकर समस्या से कर सकते हैं बचाव

  • नशा न करें : यदि आप किसी प्रकार के तंबाकू पदार्थं का सेवन करते हैं या फिर धूम्रपान आदि करते हैं तो उसे न करें। 
  • खानपान पर ध्यान दें : यह समस्या खानपान की वजह से हो सकता है, इसलिए खानपान पर ध्यान देना चाहिए। खाने में पौष्टिक आहार लेने के साथ बाहर का खाना व फास्ट फूड से परहेज करना चाहिए।
  • फ्लोसिंग करवाएं : नियमित तौर पर दांतों की फ्लोसिंग करवानी चाहिए। इसमें धागे से दांतों की सफाई की जाती है।
  • ब्रश करें : नियमित तौर पर ब्रश करना चाहिए। खासतौर पर खाने के बाद जरूर ब्रश करना चाहिए। 
  • टंग स्क्रैपर का करें इस्तेमाल : हमेशा टंग स्क्रैपर का इस्तेमाल करें ताकि जीभ को साफ रखा जा सके।
  • जीभ को भी ब्रश से साफ करें : जीभ को ब्रश से साफ करना चाहिए व रूटीन डेंटिस्ट से जांच कराने के साथ उनकी सलाह लेना उचित होता है।

जानें डॉक्टर कैसे करते हैं जांच

इस समस्या की जांच करने के लिए डेंटिस्ट जीभ के काले भाग को खरोंच कर देखते हैं। वहीं आपके जीवनशैली से जुड़े सवाल पूछ सकते हैं। जैसे कि आप किसी प्रकार के दवा व नशीले पदार्थ का सेवन तो नहीं करते। खैर यदि आपको अपने जीभ में इस प्रकार की समस्या दिखे तो डॉक्टरी सलाह लेना चाहिए। नहीं तो इफेक्शन की संभावना ज्यादा होगी।

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