जीभ में सूजन (Glossitis) किन कारणों से आती है? डॉक्टर से जानें लक्षण और बचाव के टिप्स

जीभ में सूजन आमतौर पर ठीक हो जाती है। इस परेशानी से बचने के लिए जरूरी है कि आप विटामिन बी से भरपूर चीजें खाएं और ओरल हाइजीन का ध्यान दें।

Meena Prajapati
Written by: Meena PrajapatiPublished at: Jul 30, 2021
जीभ में सूजन (Glossitis) किन कारणों से आती है? डॉक्टर से जानें लक्षण और बचाव के टिप्स

मुंह में छाले होना, जलन होना, जीभ पर चकत्ते पड़ना जैसे ही एक अन्य परेशानी है जीभ में सूजन होना। जीभ में सूजन को डॉक्टरी भाषा में ग्लोसाइटिस (Glossitis) कहा जाता है। जीभ में सूजन होने पर जीभ में दर्द, लालपन, खाना खाने में दिक्कत जैसे लक्षण (Glossitis Symptoms) दिखाई देते हैं। आरबीटीबी हॉस्पिटल (Rajan Babu Institute of Pulmonary Medicine and Tuberculosis) में मेडिकल ऑफिसर  डॉ. अनुराग शर्मा (MBBS) ने बताया कि जीभ में सूजन के शुरूआती लक्षणों पर ध्यान देना चाहिए। कई बार अचानक से होने वाली सूजन सांस लेने में दिक्कत भी कर सकती है। 

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डॉ. अनुराग के मुताबिक, जीभ में सूजन कई कारणों से होती है। शरीर में विटामिन बी12 की कमी या इंफेक्शन की वजह से भी हो सकती है। इसका इलाज संभव है। इलाज के लिए पहले कारणों को जाना जाता है। फिर उसके अनुसार इलाज किया जाता है।  

जीभ में सूजन के प्रकार (Glossitis Types)

जीभ में सूजन के मुख्य रूप से तीन प्रकार हैं, जिनके बारे में डॉ. अनुराग शर्मा ने बताया-

एक्युट ग्लोसाइटिस

एक्युट ग्लोसाइटिस में जीभ में अचानक से सूजन आ जाती है। यह सूजन किसी एलर्जि के कारण हो सकती है। डॉ. अनुराग का कहना है कि एक्युट ग्लोसाइटिस को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। ऐसी परिस्थिति में तुरंत डॉक्टर को दिखाना चाहिए। 

क्रोनिक ग्लोसाइटिस

एलर्जिक रिएक्शन के अलावा किसी अन्य कारण से होने वाली जीभ में सूजन को क्रोनिक ग्लोसाइटिस कहा जाता है। यह सूजन लंबे समय तक रहती है। तो लंबे समय तक रहने वाली सूजन को क्रोनिक ग्लोसाइटिस कहा जाता है। 

एट्रोफिक ग्लोसाइटिस

एट्रोफिक ग्लोसाइटिस हंटर ग्लोसाइटिस है। इस परिस्थिति में जीभ के ऊपर दिखने वाले छोटे दाने (papillae) नष्ट होने लगते हैं। इसमें जीभ अधिक चमकदार दिखाई देने लगती है। 

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जीभ में सूजन के लक्षण

जीभ मुंह का एक अहम हिस्सा है। यह खाने को पचाने से लेकर बोलने में भी मदद करती है। जीभ में सूजन के निम्न लक्षणों से इस परेशानी को पहचाना जा सकता है-

  • जीभ में दर्द होना
  • जीभ पर लालपन होना
  • जीभ में जलन होना
  • जीभ का सूज जाना
  • जीभ पर कभी-कभी छाले होना
  • निगलने में कठिनाई होना
  • जीभ का रंग बदलना
  • खाना चबाने में कठिनाई होना
  • जीभ हिलानें पर दर्द होना

जीभ में सूजन के कारण (Glossitis Causes)

डॉ. अनुराग शर्मा ने जीभ में सूजन के कारण क्रोनिक और एक्युट ग्लोसाइटिस के रूप में बताए हैं, जो निम्न प्रकार हैं-

ट्रॉमा

मुंह का ट्रॉमा होने पर भी जीभ में सूजन होने लगती है। ट्रॉमा से मतलब है कि जीभ में किसी वजह से चोट लगना हो सकता है। यह चोट दांतों में डेंचर पहनने से दांतों के बीच जीभ आ जाने पर लग सकती है। इन परिस्थितियो में भी जीभ में सूजन आ जाती है। 

उत्तेजक खाद्य पदार्थ (Irritants food)

डॉ. अनुराग ने बताया कि जो लोग ज्यादा मसालेदार खाद्य पदार्थ खाते हैं या धूम्रपान करते हैं या शराब का सेवन करते हैं, ऐसे लोगों को भी जीभ में सूजन की परेशानी हो सकती है। अगर कोई लंबे समय तक धूम्रपान कर रहा है या शराब पी रहा है तो उससे उसकी जीभ को नुकसान पहुंचता है। ये पदार्थ जीभ के म्युकोसा को इरिटेट करते हैं, उससे इन्फ्लामेशन होता है और ग्लोसाइटिस हो जाता है।

पोषक तत्त्वों की कमी

शरीर में पोषक तत्त्वों की कमी की वजह से भी जीभ में सूजन आ सकती है। पोषक तत्त्वों की कमी की वजह से केवल जीभ में सूजन ही नहीं आती बल्कि बर्निंग माउथ सिंड्रोम भी हो जाता है। जिसमें जीभ में जलन होती है। पोषक तत्त्व जैसे आयरन की कमी, विटामिन जैसे बी1, बी2, बी6 की कमी आदि की वजह से भी जीभ में सूजन जाती है। पर्निशियस एनीमिया की वजह से भी जीभ में सूजन आती है। पर्निशियस एनिमिया में शरीर में विटामिन बी12 का अवशोषण नहीं हो पाता, जिस वजह से शरीर में बी12 की कमी हो जाती है और ग्लोसाइटिस हो जाता है। 

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इंफेक्शन

इंफेक्शन की वजह से भी जीभ में सूजन आ जाती है। इंफेक्शन वायरल, बैक्टीरियल और फंगल भी हो सकता है। आमतौर पर फंगल इंफेक्शन जैसे कैंडिडा की वजह से भी जीभ में सूजन आती है। तो वहीं, वायरल में हर्पीस वायरस के इंफेक्शन से जीभ में सूजन आ जाती है।  

एलर्जिक रिएक्शन

कोई दवा खाने, फूड आइटम से एलर्जी या किसी भी वजह से एलर्जी होती है तो उससे भी ग्लोसाइटिस हो जाता है। मतलब अचनाक से जीभ में सूजन आ जाती है। डॉ. अनुराग का कहना है कि अचानक से आने वाली जीभ में सूजन खतरनाक हो सकती है। अगर बहुत ज्यादा सूजन आ जाए तो सांस के रास्ते को भी रोकती है, इसलिए ये खतरनाक होता है। एलर्जिक रिएक्शन एक्युट ग्लोसाइटिस में होता है।

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जीभ में सूजन का निदान कैसे होता है?

डॉ. अनुराग शर्मा ने बताया कि ग्लोसाइटिस के मामलों में पहले मरीज की हिस्ट्री ली जाती है। उसमें कोई पोषक तत्त्व की कमी तो नहीं है, यह देखा जाता है। इसके बाद मुंह का एग्जामीनेशन होता है। फिर कारण देखने के लिए ब्लड टेस्ट भी किए जाते हैं। अगर कोई इंफेक्शन है तो उनकी भी जांच की जाती है फिर इलाज शुरू किया जाता है। इस तरह से परेशानी के बारे में पता लगाया जाता है।

जीभ में सूजन का इलाज और बचाव

डॉ. अनुराग का कहना है कि कारणों को देखकर ही इलाज किया जाता है। अगर उन कारणों से बचा जा सकता है तो उन्हें छोड़ने की सलाह दी जाती है। अगर किसी व्यक्ति में विटामिन बी की कमी है तो उसके सल्पीमेंट्स दिए जाते हैं। इसके अलावा अगर कोई इंफेक्शन हे तो उसमें ओरल हाइजीन पर ध्यान देने को कहा जाता है। अगर कैंडिडा का इंफेक्शन है तो उसका इलाज किया जाता है। आमतौर पर जीभ में सूजन ठीक हो जाती है। 

डॉ. अनुराग ने बताया कि अगर एलर्जी की वजह से जीभ में सूजन आई है तो एंटी-एलर्जिक दवाएं और स्टेरॉयड भी दिए जाते हैं। एक्युट ग्लोसाइटिस में निगलने में परेशानी, सांस लेने भी परेशानी हो सकती है, इसलिए इसे अवॉइड न करें। 

जीभ में सूजन से बचने के लिए जरूरी है नियमित तौर पर जीभ की सफाई करें और ज्यादा मसालेदार खाना न खाएं। साथ ही एल्कोहलिक पदार्थों से बचें। 

जीभ में सूजन आमतौर पर ठीक हो जाती है। इस परेशानी से बचने के लिए जरूरी है कि आप विटामिन बी से भरपूर चीजें खाएं और ओरल हाइजीन का ध्यान दें। 

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