मुंह में जलन (बर्निंग माउथ सिंड्रोम) किन कारणों से होती है, जानें लक्षण, कारण और बचाव

मुंह में जलन का कारण है बर्निंग माउथ सिंड्रोम। यह सिंड्रोम शरीर में पोषक तत्त्वों की कमी की वजह से होता है। इससे बचाव ही इलाज है।

Meena Prajapati
Written by: Meena PrajapatiPublished at: Jul 08, 2021Updated at: Jul 08, 2021
मुंह में जलन (बर्निंग माउथ सिंड्रोम) किन कारणों से होती है, जानें लक्षण, कारण और बचाव

कुछ भी खाने पर मुंह में जलन होना, हल्की मिर्च खाने पर बहुत तेज जीभ में मिर्च की लगना, मुंह से आग निकलने जैसा सेंसेशन होना आदि लक्षण बर्निंग माउथ सिंड्रोम के हैं। इस सिंड्रोम में मुंह, तालु, जीभ, गाल आदि में बार-बार जलन होती है। कोलंबिया एशिया अस्पताल में जनरल फिजिशियन डॉ. मंजीता नाथ दास का कहना है कि बर्निंग माउथ सिंड्रोम में मुंह में इंफ्लेशन होता है। इसका होने का प्रमुख कारण शरीर में पोषक तत्त्वों की कमी है। डॉ. मंजीता का कहना है कि मुंह में जलन ज्यादातर विटामिन बी कॉम्पलेक्स, विटामिन बी1, बी12, बी6 की कमी से होती है। डॉ. मंजीता नाथ दास से जानते हैं इस बीमारी के लक्षण, कारण और उपचार।

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बर्निंग माउथ सिंड्रोम के लक्षण

डॉ. मंजीता का कहना है कि मुंह में जलन सभी व्यक्तियों में अलग-अलग रूप से दिखती है। यह 1 दिन से लेकर महीनों तक चल सकती है। मुंह में जलन के निम्न लक्षण दिखाई देते हैं। 

  • पेशेंट का मुंह सुखना
  • मुंह लाल होना
  • मुंह ड्राई होना
  • होठों में छाले दिखना
  • मुंह में छाले
  • मुंह पर साइड में सफेदी दिखना
  • कुछ भी मुंह में डालने पर जलन होना
  • हल्का सा नॉर्मल खाना भी चुभने लगता है।
  • जो लोग पान मसाला लेते हैं, वो इससे ज्यादा प्रभावित होते हैं।  
  • खाने का स्वाद नहीं आना

बर्निंग माउथ सिंड्रोम के कारण

बर्निंग माउथ सिंड्रोम को प्राथमिक और सेकेंडरी कारणों के रूप में देखा जा सकता है। प्राथमिक कारणों में डॉक्टर मुंह में जलन का सही कारण पता नहीं कर पाते।  मुंह में जलन के निम्न कारण हैं।

दवाओं का सेवन

डॉ. मंजीता का कहना है कि जो लोग नियमित रूप से एंटीबायोटिक दवाओं का सेवन करते हैं उनमें बर्निंग माउथ सिंड्रोम की समस्या ज्यादा देखने को मिलती है। विभिन्न दवाओं के सेवन से मुंह सूखने लगता है, जिस वजह से कुछ भी खाने पर मुंह में जलन होती है। बहुत अधिक एंटी बायोटिक लेना स्वास्थ्य के लिए भी हानिकारक होता है।

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वायरल इन्फेक्शन

किसी तरह का वायरल इन्फेक्शन होने से बर्निंग माउथ सिंड्रोम होता है। डॉ. मंजीता ने उदारण देकर बताया कि कोविड से ठीक से हुए मरीजों में भी बर्निंग माउथ सिंड्रोम देखा जा रहा है। यीस्ट इंफेक्शन में भी मुंह में जलन होती है। 

पोषक तत्त्वों की कमी

डॉ. मंजीता का कहना है कि बर्निंग माउथ सिंड्रोम होने की प्रमुख वजह शरीर में पोषक तत्त्वों की कमी है। उन्होंने बताया कि यह सिंड्रोम वेजेटेरियन लोगों में ज्याद होता है। क्योंकि शाकाहारी लोगों में बी12 की कमी होती है। जिसकी वजह से मुंह के अंदर का हिस्से में जलन होने लगती है। 

अनियंत्रित डायबिटीज

मुंह जलन का कराण अनयंत्रित डायबिटिज भी है। डॉ. मंजीता का कहना है कि डायबिटीज में शरीर कई तरह से प्रभावित होता और इस बीमारी में मरीज को कई दवाएं खानी पड़ती हैं, जिस वजह से मुंह में जलन की समस्या होती है। 

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एलर्जी और तनाव

मुंह में किसी तरह की एलर्जी होने से भी मुंह में जलन होती है। कई बार मुंह में चोट लगने पर भी मुंह में जलन होती है। कुछ भी खाने पर असहजता होती है। यही नहीं अगर मुंह में छाले निकल गए हैं तब भी मुंह में जलन होती है। कोई एलर्जिक खाद्य पदार्थ खाने या डेंटल प्रोडक्ट्स की वजह से एलर्जी की परेशानी हो सकती है। एलर्जी के अलावा तनाव भी मुंह में जलन का कारण है।

दांतों की समस्या

दांतों के टूटने, डेंचर लगने आदि कारणों से भी मुंह में जलन की समस्या हो सकती है। ऐसी स्थिति में कुछ दिनों तक खाने पीने में भी दिक्कत होती है। दांतों की परेशानी में मसूड़े भी प्रभावित होते हैं, ऐसे में कुछ भी खाने पर खाना मसूड़ों पर भी लगता है, जिससे होठों में भी जलन होती है।

मुंह का सूखना

मुंह सूखने से मुंह में ठीक से लार नहीं बनती है जिस वजह से मुंह में जलन होती है। मुंह का सूखना किसी डिसऑर्डर की वजह से भी हो सकता है। तो वहीं, किसी तरह की रेडिएशन थेरेपी की वजह से कभी मुंह में जलन हो सकती है।

मुंह में छाले

मुंह में छाले होने पर भी कुछ भी खाने-पीने पर कठिनाई होती है। कुछ भी खाने पर सीधे में मुंह में चुभता है। जब तक छाले रहते हैं तब तक मुंह अंदर से लाल होता है। इस परेशानी में भी मुंह में जलन होती है।

बर्निंग माउथ सिंड्रोम का इलाज

बर्निंग माउथ सिंड्रोम का इलाज करने के लिए सबसे पहले डॉक्टर निम्न जांचें करते हैं-

  • ओरल स्वैब टेस्ट
  • ब्लड टेस्ट
  • इमैजिनिंग टेस्ट
  • उतकों की बायोप्सी
  • एलर्जी टेस्ट
  • मुंह के लार की जांच

डॉ. मंजीता का कहना है कि यों तो बर्निंग माउथ सिंड्रोम का इलाज सभी पर एक जैसा नहीं होता है। एक तरह का इलाज किसी एक व्यक्ति के लिए काम आ सकता है पर दूसरे के लिए नहीं। ऐसे में अगर आपको लक्षण दिखाई देते हैं तो डॉक्टर से संपर्क करें। डॉक्टर का कहना कि डायबिटीज जैसी परेशानियों को नियंत्रित करके भी बीएमएस को ठीक किया जा सकता है। 

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बर्निंग माउथ सिंड्रोम से बचाव

पोषक तत्त्वों की कमी पूरी करें

डॉ. मंजीता का कहना है कि यह सिंड्रोम ज्यादातर लोगों को शरीर में पोषक तत्त्वों की कमी जैसे विटामिन बी6, बी12, बी1 आदि की कमी की वजह से होती है। साथ ही जिन लोगों में आयरन की कमी होती है, उनमें भी मुंह में जलन की समस्या होती है। ऐसे में ऐसे खाद्य पदार्थ खाएं जिनसे यह कमी पूरी हो सके। साथ ही आप मल्टीविटामिन सप्लीमेंट भी खा सकते है। ताकि यह कमी जल्दी पूरी हो।

संतुलित डाइट लें

अपनी डाइट में विटामिन बी कॉम्लेक्स और आयरन को शामिल करके डाइट को संतुलित बनाएं। इससे परेशानी से निजात मिलेगी। हेल्दी लाइफस्टाइल अपनाने से भी तनाव जैसे परेशानियां नहीं होंगी। तनाव भी मुंह में जलन का एक कारण है। हेल्दी लाइफस्टाइल अपनाने से आप तनाव से बचेंगे और मुंह में जलन की समसया से निजात मिलेगी।

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तंबाकू को कहें न

तंबाकू के उत्पादों का सेवन करने से मुंह अंदर से छिल जाता है। जिस वजह से कुछ भी खाने पर मुंह में जलन होती है। जो लोग लंबे समय से तंबाकू जैसे पान मसाला आदि का सेवन कर रहे हैं उनमें यह परेशानी और गंभीर हो जाती है। लंबे समय तक तंबाकू खाने से मुंह में घाव भी हो जाते हैं। जिस वजह से मुंह में जलन ज्यााद होती है। तंबाकू की लत छोड़ने से इस परेशानी से बचा जा सकता है।

मिर्च मसाले से बचें

ऐसा खाना जिसमें ज्यादा मसाला हो उससे बचें, ऐसा खाना भी मुंह में जलन का कारण है। साथ ही एल्कोहल के सेवन से भी बचना चाहिए।

बर्निंग माउथ सिंड्रोम एक दर्द भरा डिसऑर्डर है। इसमें कुछ भी खाने पर मुंह में तेज जलन होती है। इस सिंड्रोम के लक्षण दिखाई देने पर डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।

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