किन कारणों से होता है जीभ का कैंसर? जानें लक्षण, कारण और इलाज

शराब और धूम्रपान अधिक करने वालों को जीभ का कैंसर हो सकता है। एक्सपर्ट से जानते हैं इसके कारण, लक्षण और बचाव के तरीके-

Kishori Mishra
Written by: Kishori MishraPublished at: May 27, 2021
किन कारणों से होता है जीभ का कैंसर? जानें लक्षण, कारण और इलाज

कैंसर एक ऐसी बीमारी है, जिसका नाम सुनते ही डर किसी के मन में डर बैठ जाता है। शरीर के जिस हिस्से में कैंसर होता है। उसे हमे उसी नाम के कैंसर से जानते हैं। कैंसर कई तरह के होते हैं। जैसे- आंखों का कैंसर, गले का कैंसर, ब्लड कैंसर, जीभ का कैंसर इत्यादि। जीभ का कैंसर उन लोगों को होता है, जिसके जीभ की कोशिकाओं में कैंसर विकसित होने लगता है। धूम्रपान और शराब का अधिक सेवन करने वालों को जीभ का कैंसर होने की संभावना (What causes tongue cancer?) अधिक होती है। जीभ का कैंसर होने पर आपको गले में दर्द, निगलने में परेशानी जैसी कई समस्याएं (tongue cancer symptoms) हो सकती हैं। इस तरह की समस्या होने पर तुरंत ओरल हेल्थ एक्सपर्ट से संपर्क करें। ताकि समय पर आपकी समस्याओं का निदान किया जा सके। जीभ में कैंसर के बारे में विस्तार से जानने के लिए हमने गाजियाबाद की ओरल हेल्थ एक्सपर्ट डॉक्टर स्मिता सिंह से बात की।

डॉक्टर स्मिता बताती हैं कि जीभ का कैंसर सीभी की कोशिशकाओं में विकसित होता है। इसकी वजह से आपके जीभ पर घाव बनने लगता है। अगर आपके ब्रश करते समय या फिर चबाते समय दर्द या फिर मुंह में गांठ जैसा महसूस हो तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। ताकि डॉक्टर जल्द से जल्द इस बीमारी का निदान कर सकेंगे। डॉक्टर बताती हैं कि जीभ में कैंसर दो तरह से होते हैं। पहला जीभ के ऊपरी भाग में कैंसर और दूसरा जीभ के निचले भाग में कैंसर। 

जीभ के कैंसर का लक्षण (Tongue Cancer Symptoms)

  • मुंह का सुन्न होना
  • जीभ पर सफेद या लाल रंग के धब्बे
  • गले में दर्द महसूस होना।
  • गर्दन में गांठ होना।
  • कान में दर्द होना।
  • जबड़े में सूजन आना।
  • दांतों के नीचे ढीलापन
  • नकली दांत पहनने में कठिनाई होना।
  • जीभ में दर्द होना।
  • जीभ के अंदर छाले।
  • जीभ से खून निकलना।
  • लंबे समय तक गला बैठना।
  • बोलने में परेशानी।
  • खाने पीने में दिक्कत। 

इत्यादि लक्षण जीभ कैंसर के हो सकते हैं। अगर इन में से एक भी लक्षण आपको दिखे, तो डॉक्टर से जरूर संपर्क करें। ताकि समय पर आपका इलाज किया जा सके।

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कब डॉक्टर को दिखाना है जरूरी?

  • अगर आपके मुंह में बार-बार छाला हो रहा है, तो डॉक्टर से जरूर दिखाएं।
  • जीभ में घाव जैसा महसूस होने पर डॉक्टर के पास जाएं। 
  • अगर आपको थोड़ा सा भी संदेह है, तो डॉक्टर के पास जरूर जाएं। ताकि आपका संदेह दूर हो सके।

जीभ के कैंसर का कारण (Causes of Tongue Cancer)

डॉक्टर स्मिता बताती हैं कि जीभ का कैंसर किन कारणों से होता है, इसके बारे में अभी तक सटीक जानकारी नहीं मिली है। हमारे शरीर में कैंसर तब होता है, जब शरीर की कोशिकाएं अनियमित रूप से बढ़ने लगती हैं।  जीभ का कैंसर निम्न कारणों से हो सकता है।

  • तंबाकू का सेवन
  • शराब का सेवन करना।
  • दांतों का खुरदरा होना और चोट लगना।
  • दांतों को भरने वाला पदार्थ जीभ में लग जाना।
  • नकली दांत का सही न होना।
  • ग्राफ्ट वर्सेस होस्ट डिजीज

किन लोगों को है जीभ के कैंसर का अधिक खतरा (Risk Factors of Tongue Cancer)

  • तंबाकू, पान और गुटखा चबाना।
  • बढ़ती उम्र के लोगों को 
  • महिलाओं की तुलना में पुरुष को इसका खतरा अधिक होता है।
  • एनीमिया की समस्या
  • अनुवांशिक (घर में किसी अन्य व्यक्ति को कैंसर होना)

जीभ के कैंसर का निदान (Diagnosis of Tongue Cancer)

जीभ के कैंसर की जांच करने से पहले डॉक्टर आपके कुछ पूछताछ कर सकते हैं। जैसे- आपके मुंह में किस तरह की परेशानी है, कब से यह समस्या हो रही है, खाने में दिक्कत है या नहीं, आप धूम्रपान का सेवन करते हैं या नहीं इत्यादि सवाल आपसे पूछ सकते हैं। आपके जबाव के आधार पर अगर डॉक्टर को किसी तरह का संदेह होता है, तो कुछ जांच कराने की सलाह दे सकते हैं। जैसे-

  • मुंह की जांच
  • एमआरआई
  • सीटी स्कैन
  • बायोप्सी

जीभ के कैंसर का इलाज (Treatment of Tongue Cancer)

डॉक्टर स्मिता बताती हैं कि जीभ के कैंसर का इलाज मरीज की स्थिति पर निर्भर करता है। इसका इलाज कई तरीकों पर हो सकता है।

सर्जरी

जीभ से ट्यूमर को निकालने के लिए सर्जरी की जाती है। सर्जरी की मदद से ट्यूमर जीभ से निकाल दिया जाता है। अगर कैंसर का पता समय से चल जाता है, तो जीभ में चीरा लंबा लगाने की आवश्यकता नहीं होती है। हल्के चीरे से ट्यूमर को निकाल दिया जाता है। वहीं, जीभ से बड़े ट्यूमर को निकालने के लिए सर्जरी की अलग प्रक्रिया की जाती है। इसे ग्लासेक्टोमी कहते हैं। 

रेडिएशन थेरेपी

ऑन्कोलॉजिस्ट रेडिएशन थेरेपी लेते हैं। इस थेरेपी को करने के लिए शक्तिशाली रेडिएशन का इस्तेमाल किया जाता है। इसका इस्तेमाल विशेष रूप से बढ़ती कोशिकाओं को नष्ट करने के लिए किया जाता है।

कीमोथेरेपी

रेडिएशन थेरेपी के साथ संजोयन करके कीमोथेरपी की जाती है। पूरे शरीर में फैली कैंसर की कोशिकाओं को नष्ट करने के लिए इस थेरेपी का इस्तेमाल किया जाता है। अगर कैंसर लिम्फ नोड्स तक फैल जाए, तो कीमोथेरेपी को सबसे बेहतरीन विकल्स माना जाता है।

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जीभ के कैंसर से कैसे करें बचाव (Prevention Of Tongue Cancer)

डॉक्टर के अनुसार लाइफस्टाइल में कुछ बदलाव करके आप जीभ के कैंसर से बच सकते हैं। जैसे -

  • नियमित रूप से ओरल हेल्थ की जांच कराएं।
  • फलों और सब्जियों का सेवन करें।
  • खाने में संपूर्ण पोषक तत्वों को शामिल करें।
  • नियमित रूप से ब्रश, फ्लॉस और मुंह की सफाई तकतरें।
  • धूम्रपान से दूर रहें।
  • शराब का सेवन न करें।
  • एचपीवी का वैक्सीन लगवाएं।

जीभ के कैंसर की जटिलताएं (Complications of Tongue Cancer)

जीभ के कैंसर का इलाज अगर समय पर करा लिया जाए, तो इसके बेहतर परिणाम निकलते हैं। समय पर जीभ के कैंसर का पता लगने पर कई तरह से इलाज किए जा सकते हैं। जिन लोगों में जीभ का कैंसर दूसरे अंगों में फैला नहीं होता है, उनका इलाज बहुत ही आसानी से हो जाता है। जीभ के कैंसर का इलाज कराने के बाद कुछ विशेष तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। जैसे-

  • बोलने में दिक्कत
  • निगलने में परेशानी
  • खाने में परेशानी
  • सांस लेने में दिक्कत

सभी बातों से साफ है कि अगर आपको जीभ में किसी तरह की परेशानी नजर आए, तो डॉक्टर से दिखाना बहुत ही जरूरी है। क्योंकि आपकी लापरवाही आपको खतरे में डाल सकती है। इसलिए जीभ का कैंसर होने पर इसका इलाज तुरंत से तुरंत कराएं।

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