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क्या आंखों में ग्लिसरीन डालना सुरक्षित है? डॉक्टर से जानें

आंखें हमारे शरीर का सबसे संवेदनशील हिस्सा होती हैं और उनकी देखभाल के लिए लोग कई घरेलू नुस्खे अपनाते हैं। यहां जानिए, क्या आंखों में ग्लिसरीन लगाना सेफ है?
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क्या आंखों में ग्लिसरीन डालना सुरक्षित है? डॉक्टर से जानें


रोजमर्रा की जिंदगी में स्क्रीन टाइम बढ़ने, धूल, प्रदूषण और नींद की कमी के कारण बहुत से लोग आंखों की ड्राईनेस, जलन या थकान की समस्या से जूझते हैं। ऐसे में लोग अक्सर घरेलू नुस्खे खोजते हैं और उनमें से एक है आंखों में ग्लिसरीन डालना। कई लोग मानते हैं कि जिस तरह ग्लिसरीन स्किन को नमी देकर ड्राईनेस दूर करता है, उसी तरह यह आंखों की ड्राईनेस को भी ठीक कर सकता है। लेकिन क्या यह वाकई सच है? ग्लिसरीन (Glycerin) एक गाढ़ा और चिपचिपा तरल है, जो मुख्यतौर पर स्किनकेयर और दवाइयों में इस्तेमाल किया जाता है। यह स्किन को मॉइश्चराइज करता है और ड्राईनेस दूर करता है, इसलिए इसे सुरक्षित और फायदेमंद माना जाता है। मगर आंखों की संरचना स्किन से बिलकुल अलग होती है। आंखों में डालने से पहले यह समझना जरूरी है कि क्या सामान्य बाजार में मिलने वाला ग्लिसरीन आंखों के लिए सुरक्षित है या नहीं। इस बारे में ज्यादा जानकारी के लिए हमने डॉ. सुकंशा कुलश्रेष्ठ, सलाहकार कॉस्मेटोलॉजिस्ट, आईएफएएम, लखनऊ (Dr. Sukansha Kulshrestha, Consultant Cosmetologist, IFAM, Lucknow) से बात की-

क्या आंखों में ग्लिसरीन लगाना सेफ है? - Is It Safe To Put Glycerin In Eyes

डॉ. सुकंशा कुलश्रेष्ठ बताती हैं कि ग्लिसरीन को स्किन के लिए सुरक्षित और फायदेमंद माना जाता है। यह स्किन में नमी बनाए रखता है और ड्राईनेस को कम करता है। लेकिन आंखों की बात अलग है। आंखों की सतह बहुत संवेदनशील यानी सेंसिटिव होती है और किसी भी बाहरी केमिकल या चिपचिपे पदार्थ से उन्हें नुकसान पहुंच सकता है। यही कारण है कि डॉक्टर बिना प्रिस्क्रिप्शन वाली चीजें आंखों में डालने से मना करते हैं। डॉ. सुकंशा कुलश्रेष्ठ का कहना है कि बिना डॉक्टर की सलाह के आंखों में किसी भी तरह की दवा या घरेलू उपाय अपनाना खतरनाक हो सकता है।

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यह सच है कि ग्लिसरीन का उपयोग नेत्र चिकित्सा में होता है, लेकिन वह सीधा आंख में डालने के लिए नहीं होता। उदाहरण के लिए, ग्लिसरीन का प्रयोग ग्लूकोमा जैसी स्थिति में इमरजेंसी इलाज के तौर पर किया जाता है, जहां यह मुंह से दवा की तरह दिया जाता है। यह आंखों के अंदर के दबाव (intraocular pressure) को कम करने में मदद करता है। कुछ मामलों में डॉक्टर ऑप्थैल्मिक ग्लिसरीन (Ophthalmic Glycerin) नामक विशेष रूप से तैयार द्रव का इस्तेमाल करते हैं, लेकिन वह मेडिकल गाइडलाइन में होता है।

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glycerin in eyes

आंखों में सीधे ग्लिसरीन डालने के नुकसान - What are the side effects of glycerin in the eye

  • आंखों की नमी बनाए रखने के बजाय ग्लिसरीन सीधा डालने से तेज जलन और चुभन हो सकती है।
  • ग्लिसरीन की चिपचिपी प्रकृति आंखों में एलर्जिक रिएक्शन कर सकती है।
  • लंबे समय तक प्रयोग करने से कॉर्नियल सतह को नुकसान पहुंच सकता है।
  • बाजार में मिलने वाली ग्लिसरीन पूरी तरह स्टेराइल नहीं होती। अगर वह आंख में चली जाए तो बैक्टीरियल या फंगल इंफेक्शन हो सकता है।

निष्कर्ष

ग्लिसरीन स्किन के लिए फायदेमंद जरूर है, लेकिन इसे आंखों में डालना सुरक्षित नहीं है। मेडिकल साइंस और डॉक्टर दोनों ही इस बात पर सहमत हैं कि आंखों में केवल डॉक्टर द्वारा बताए गए स्टेराइल आई ड्रॉप्स या दवाइयां ही इस्तेमाल करनी चाहिए। घरेलू उपायों में भी सावधानी बरतना जरूरी है। आंखें बेहद संवेदनशील अंग हैं, इसलिए किसी भी तरह का प्रयोग करने से पहले नेत्र चिकित्सक से सलाह लेना ही सबसे सुरक्षित विकल्प है।

All Images Credit- Freepik

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