प्रेग्नेंसी में डायबिटीज होने पर शिशु को इन 5 तरीकों से पहुंचता है नुकसान, डॉक्टर से जानें बचाव के उपाय

प्रेग्नेंसी के दौरान डायब‍िटीज होने से नवजात श‍िशु भी शारीर‍िक समस्‍याओं का श‍िकार हो सकता है, जानते हैं कैसे

Yashaswi Mathur
Written by: Yashaswi MathurPublished at: Oct 08, 2021
प्रेग्नेंसी में डायबिटीज होने पर शिशु को इन 5 तरीकों से पहुंचता है नुकसान, डॉक्टर से जानें बचाव के उपाय

प्रेग्नेंसी के दौरान होने वाली मां को अगर डायब‍िटीज है तो इससे नवजात श‍िशु पर बुरा असर पड़ सकता है। अगर होने वाली मां का शुगर लेवल ज्‍यादा होगा तो गर्भस्‍थ श‍िशु को जन्‍म के बाद कई शारीर‍िक समस्‍याओं का सामना करना पड़ सकता है। ऐसे बच्‍चे आगे चलकर डायब‍िटीज, मोटापे जैसी बीमार‍ियों के श‍िकार हो जाते हैं। प्रेग्नेंसी के दौरान मां से ही बच्‍चे को जरूरी पोषण म‍िलते हैं ऐसे में शुगर लेवल ज्‍यादा होने के कारण बच्‍चे के व‍िभ‍िन्‍न अंग जैसे फेफड़े ठीक ढंग से व‍िकस‍ित नहीं हो पाते। प्रेग्नेंसी के दौरान डायब‍िटीज होती है तो उसे हम जेस्‍टेशनल डायब‍िटीज कहते हैं। अगर प्रेग्नेंसी के दौरान आपका भी ब्‍लड शुगर लेवल बढ़ा हुआ होता है तो उसे कंट्रोल कर लें। इस लेख में हम प्रेग्नेंसी के दौरान डायब‍िटीज कंट्रोल करने के उपाय और डायबिटीज के चलते नवजात श‍िशु को होने वाले नुकसान के बारे में चर्चा करेंगे। इस वि‍षय पर ज्‍यादा जानकारी के ल‍िए हमने लखनऊ के झलकारीबाई अस्‍पताल की गाइनोकॉलोज‍िस्‍ट डॉ दीपा शर्मा से बात की।

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(image source:raisingchildren)

1. नवजात श‍िशु को भी हो सकती है डायब‍िटीज (Diabetes)

मां को प्रेग्नेंसी के दौरान डायब‍िटीज है तो बच्‍चे को डायबिटीज का खतरा हो सकता है। आगे चलकर बच्‍चा मोटापे का श‍िकार भी हो सकता है। ऐसे बच्‍चों को टाइप 2 डायब‍िटीज होने की आशंका भी बढ़ जाती है। प्रेग्नेंसी के दौरान होने वाली मां को डायब‍िटीज है तो नवजात श‍िशु का ब्‍लड शुगर लेवल घट सकता है, ज‍िसके बाद उसका ब्‍लड शुगर लेवल नॉर्मल करने के ल‍िए इलाज क‍िया जाता है। 

2. नवजात श‍िशु को पीलि‍या होने की आशंका (Jaundice)

जिन मांओं को प्रेग्नेंसी के दौरान डायब‍िटीज होती है उनके बच्‍चों को पील‍िया का खतरा हो सकता है। प्रेग्नेंसी के दौरान होने वाली मां को डायब‍िटीज है तो बच्‍चे को हार्ट से संबंध‍ित बीमारी, स्‍पाइनल कॉर्ड में समस्‍या, पेट और यूर‍िनरी ट्रैक्‍ट से जुडी बीमारी हो सकती है।

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3. नवजात श‍िशु को सांस लेने में परेशानी होना (Breathing problems)

होने वाली मां को डायब‍िटीज है तो नवजात श‍िशु को जन्‍म के बाद सांस से जुड़ी समस्‍याएं हो सकती हैं क्‍योंक‍ि प्रेग्नेंसी के दौरान शुगर लेवल ज्‍यादा होने से बच्‍चे के फेफड़ों को व‍िकस‍ित होने में द‍िक्‍कत होती है। डायब‍िटीज से पीड़‍ित गर्भवती मह‍िला जब नवजात श‍िशु को जन्‍म देती है तो उन्‍हें रेस्‍प‍िरेट्ररी ड‍िस्‍ट्रेस स‍िंड्रोम होने का खतरा भी बढ़ जाता है इसल‍िए होने वाली मां को ब्‍लड शुगर लेवल कंट्रोल में रखना चाह‍िए। 

4. मां को डायब‍िटीज है तो प्रीमैच्‍योर बेबी हो सकता है (Premature baby)

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(image source:cdc.gov)

प्रेग्नेंसी के दौरान डायब‍िटीज हो जाए तो शरीर में ज्‍यादा इंसुल‍िन बनने लगती है ज‍िससे गर्भ में पल रहे बच्‍चे का ब्‍लड शुगर लेवल भी बढ़ जाता है क्‍योंक‍ि बच्‍चे को ज्‍यादा एनर्जी म‍िलने लगती है जो उसके शरीर में फैट के रूप में जमा हो जाता है और बच्‍चे का वजन बढ़ जाता है ज‍िससे बच्‍चे समय से पहले ही जन्‍म ले सकता है। 

5. नवजात श‍िशु मोटापे का श‍िकार हो सकता है (Obesity)

प्रेग्नेंसी के दौरान होने वाली मां को डायब‍िटीज है तो बच्‍चे में जन्‍म के बाद मोटापे के लक्षण नजर आ सकते हैं। ज‍िन मांओं को डायब‍िटीज होती है उनके बच्‍चों का वजन जन्‍म के बाद तेजी से बढ़ता है। ज‍िन बच्‍चों का वजन जन्‍म के समय ज्‍यादा होता है उन केस में ड‍िलीवरी के समय द‍िक्‍कत होती है, बच्‍चा बर्थ कैनाल में फंस सकता है ज‍िसके बाद ऑपरेशन करना पड़ सकता है।

प्रेग्नेंसी के दौरान डायब‍िटीज से कैसे बचें? (How to prevent diabetes during pregnancy)

diabetes during pregnancy

(image source:amazonaws)

प्रेग्नेंसी के दौरान मां को डायब‍िटीज होने से आगे चलकर हाई बीपी के लक्षण नजर आ सकते हैं, मां को डायब‍िटीज होने के कारण नॉर्मल की जगह स‍िजेर‍ियन ड‍िलीवरी भी करवानी पड़ सकती है वहीं भव‍िष्‍य में थायरॉइड या मोटापा होने की आशंका भी बढ़ जाती है। अगर आप गर्भवती हैं तो आपको खास खयाल रखना है अपनी डाइट और रूटीन का ताक‍ि आप डायब‍िटीज जैसी बीमारी से बच सकें- 

  • प्रेग्नेंसी के दौरान आपको मीठी चीजों से दूरी बनाकर रखनी है, मीठा खाने की क्रेविंग हो रही है तो आप फलों का सेवन कर सकती हैं पर ज्‍यादा मीठे फलों का सेवन एक से ज्‍यादा न करें।
  • आपको कार्बोहाइड्रेट युक्‍त भोजन का सेवन कम से कम करना है और सोडा ड्र‍िंक्‍स, ज्‍यादा तली-भुनी चीजों से भी दूरी बनानी है।
  • आपको हर द‍िन ग्‍लूकोज मीटर की मदद से अपना ब्‍लड ग्‍लूकोज स्‍तर की जांच करनी चाह‍िए वहीं शुगर बढ़ने पर डॉक्‍टर से सलाह लेनी चाह‍िए‍।
  • प्रेग्नेंसी के दौरान एक्‍सरसाइज बहुत जरूरी है, इस दौरान हैवी एक्‍सरसाइज न चुनकर आप वॉक पर जाएं या योगासन करें तो डायब‍िटीज से बच सकती हैं।

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इन गलत‍ियों को अवॉइड करें (Avoid these mistakes during pregnancy)

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(image source:heart.org)

प्रेग्नेंसी के दौरान डायब‍िटीज से बचना है तो इन गलत‍ियों को अवॉइड करें- 

  • अगर आप प्रेग्नेंसी के दौर से गुजर रही हैं तो आप कंप्‍लीट बेड रेस्‍ट से बचें, आपको अपने शरीर को थोड़ा एक्‍ट‍िव रखना चाह‍िए।
  • अगर थकान महसूस हो रही है तो आराम करें नहीं तो आपको हर समय बेड पर लेटे रहने के बजाय मूवमेंट करते रहना चाह‍िए इससे एक्‍सट्रा चर्बी आपके शरीर में जमा नहीं होगी और आप गर्भावस्‍था में मोटापे और डायब‍िटीज जैसी बीमारियों से बच जाएंगी।
  • इस बात का भी ध्‍यान रखें क‍ि प्रेग्नेंसी के दौरान आप खाने की मात्रा खुद से तय न करें, कुछ मह‍िलाएं गर्भावस्‍था के दौरान ओवरईट‍िंग कर लेती हैं इसल‍िए आपको अपने और बच्‍चे की अच्‍छी सेहत के ल‍िए भोजन की सही मात्रा पता होनी जरूरी है।
  • व्‍यायाम स्‍क‍िप करने की गलती प्रेग्नेंसी के दौरान न करें, डॉक्‍टर पूरे नौ महीने योगा या हल्‍का व्‍यायाम करने की सलाह देते हैं। व्‍यायाम करने से आपका शरीर कई बीमार‍ियों से बच सकता है और डायब‍िटीज का खतरा भी कम हो जाएगा।
  • आप तनाव से बचें, तनाव के कारण भी प्रेग्नेंसी के दौरान मह‍िलाएं खानपान का संयम भूल जाती हैं और बीमार‍ियों की चपेट में आ जाती हैं। खासकर आपको इस बात का ध्‍यान रखना है कि स्‍ट्रेस कम करने के ल‍िए फास्‍ट फूड का व‍िकल्‍प अवॉइड करें।

प्रेग्नेंसी के दौरान आपको डायब‍िटीज से बचने के ल‍िए हेल्‍दी डाइट फॉलो करनी चाह‍िए और व्‍यायाम को अपने रूटीन का ह‍िस्‍सा जरूर बनाएं, इससे आप और आपका बच्‍चा दोनों स्‍वस्‍थ्‍य रहेंगे।

(main image source:hearstapps.com,physiofitwoman)

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