Type 2 Diabetes: मधुमेह रोगियों के बच्‍चों में भी हो सकती है टाइप 2 डायबिटीज की समस्‍या, जानें कारण और लक्षण

Type 2 Diabetes: टाइप 2 डायबिटीज, न सिर्फ वयस्‍कों में बल्कि बच्‍चों में भी यह रोग आम होता जा रहा है। बच्‍चों में मोटापा इसकी प्रमुख वजह है। इस लेख के माध्‍यम से जानेंं बच्‍चों में डायबिटीज के कारण और लक्षण।

Atul Modi
Written by: Atul ModiPublished at: Sep 06, 2019Updated at: Sep 06, 2019
Type 2 Diabetes: मधुमेह रोगियों के बच्‍चों में भी हो सकती है टाइप 2 डायबिटीज की समस्‍या, जानें कारण और लक्षण

दशकों से, टाइप 2 डायबिटीज (Type 2 Diabetes) को केवल वयस्कों की बीमारी माना जाता था। वास्तव में, टाइप 2 डायबिटीज को कभी वयस्क में शुरूआत के लिए जाना जाता था, लेकिन ये रोग अब बच्‍चों मे भी आम हो रहा है। टाइप 2 डायबिटीज एक गंभीर स्थिति है जो शरीर में शुगर के मेटाबॉलाइज या चयापचय को प्रभावित करती है, जिसे ग्लूकोज भी कहा जाता है। एक आंकड़े के मुताबिक, दुनियाभर में 2011 और 2012 के बीच, बच्चों में डायबिटीज के लगभग 23 प्रतिशत निदान किया गया। जोकि टाइप 2 डायबिटीज थे। 

बच्‍चों में टाइप 2 डायबिटीज के कारण- Causes of type 2 diabetes in children

बच्‍चों में मोटापा टाइप 2 डायबिटीज का सबसे नजदीकी कारण माना जाता है। अधिक वजन वाले बच्चों में इंसुलिन रेजिस्‍टेंस की संभावना बढ़ जाती है। जैसा कि शरीर इंसुलिन को विनियमित करने के लिए संघर्ष करता है, उच्च रक्त शर्करा गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं की संख्या की ओर जाता है।

रोग नियंत्रण और रोकथाम केंद्र के अनुसार, अमेरिकी बच्चों और किशोरों में मोटापा 1970 के दशक से तीन गुना अधिक है। आनुवंशिकी भी एक भूमिका निभा सकती है। उदाहरण के लिए, यदि एक माता-पिता में ऐसी स्थिति है तो बच्‍चों में भी टाइप 2 डायबिटीज का खतरा बढ़ जाता है।

बच्‍चों में टाइप 2 डायबिटीज के लक्षण- Symptoms of type 2 diabetes in children

टाइप 2 डायबिटीज के लक्षण हमेशा पकड़ में नहीं आते हैं। ज्यादातर मामलों में, रोग धीरे-धीरे विकसित होता है, जिससे लक्षणों का पता लगाना मुश्किल हो जाता है। बहुत से लोग किसी भी लक्षण को महसूस नहीं करते हैं। यदि आपको लगता है कि आपके बच्चे को डायबिटीज है, तो इन छह लक्षणों पर नज़र रखें:

1. अत्यधिक थकान

यदि आपका बच्चा असाधारण रूप से थका हुआ या नींद महसूस करता है, तो रक्त शर्करा में परिवर्तन उनके ऊर्जा स्तर को प्रभावित कर सकता है।

2. बार-बार पेशाब आना

रक्तप्रवाह में अत्यधिक शर्करा के स्तर के कारण मूत्र में अत्यधिक शुगर जा सकती है जो पानी पीने के बाद होता है। यह आपके बच्चे को बार-बार टॉयलेट के ब्रेक के लिए बाथरूम में भागना छोड़ सकता है। बिना दवा के ठीक हो सकती है डायबिटीज, फॉलो करें ये लो-कार्ब डाइट

3. अत्यधिक प्यास

जिन बच्चों को अधिक प्यास लगती है, उनमें रक्त शर्करा या ब्‍लड शुगर लेवल अधिक हो सकता है। टाइप-1 और टाइप-2 डायबिटीज में क्‍या है अंतर, जानें लक्षण और बचाव

4. भूख में वृद्धि

डायबिटीज वाले बच्चों को अपने शरीर की कोशिकाओं उर्जा प्रदान करने के लिए इंसुलिन का निर्माण नहीं होता है ऐसे में भोजन उर्जा का अगला स्‍त्रोत बन जाता है, इसलिए बच्‍चे बार-बार भूख का अनुभव कर सकते हैं। इस स्थिति को पॉलीफेगिया या हाइपरफैगिया के रूप में जाना जाता है।

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5. घावों का भरना धीमा होना 

घाव या संक्रमण का ठीक होना धीमा हो सकता है, ये टाइप 2 डायबिटीज का संकेत हो सकता है।

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6. त्वचा का काला पड़ना

इंसुलिन रेसिस्‍टेंस त्वचा को काला कर सकता है, सबसे अधिक अंडर आर्म और गर्दन में प्रभाव दिखता है। यदि आपके बच्चे को टाइप 2 डायबिटीज है, तो आप काले त्वचा वाले क्षेत्रों को देख सकते हैं। इस स्थिति को एसेंथोसिस निग्रिकंस कहा जाता है।

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