Fri Sep 11, 2026 | 06:54 PM IST

Medically Reviewed by Dr Gopal Jee Sharma , Sr. Consultant – Internal Medicine

स्वाइन फ्लू में क्या खाना चाहिए? डॉक्टर से जानिए, बीमारी में फास्ट रिकवरी के लिए फूड्स

स्वाइन फ्लू होने पर सही खानपान शरीर को बीमारी से लड़ने में मदद कर सकता है। यहां डॉक्टर से जानिए स्वाइन फ्लू में क्या खाना चाहिए, किन चीजों से बचना चाहिए और रिकवरी के दौरान डाइट कैसी होनी चाहिए।

स्वाइन फ्लू यानी H1N1 इंफेक्शन होने पर शरीर को नॉर्मल दिनों की तुलना में ज्यादा आराम और पोषण की जरूरत पड़ सकती है। बुखार, खांसी, गले में खराश, सिरदर्द, बदन दर्द और कमजोरी के कारण कई बार खाने का मन नहीं करता। कुछ लोगों को मतली या पेट से जुड़ी परेशानी भी हो सकती है। ऐसे में सवाल उठता है कि स्वाइन फ्लू में क्या खाना चाहिए और किन चीजों से दूरी बनानी चाहिए? कैलाश अस्पताल, देहरादून के सीनियर कंसल्टेंट इंटरनल मेडिसिन डॉ. गोपाल जी शर्मा के अनुसार, बीमारी के दौरान ऐसा भोजन चुनना चाहिए जो आसानी से पच सके और शरीर को पर्याप्त पोषण दे। साथ ही पानी और अन्य जरूरी लिक्विड का सेवन बनाए रखना भी जरूरी है। अगर आप या परिवार का कोई सदस्य स्वाइन फ्लू से जूझ रहा है, तो यहां जानिए, बीमारी के दौरान कौन-से फूड्स डाइट में शामिल किए जा सकते हैं, किन चीजों से बचना बेहतर है।

स्वाइन फ्लू में क्या खाना चाहिए?

डॉ. गोपाल जी शर्मा बताते हैं कि कोई भी खास भोजन स्वाइन फ्लू को तुरंत ठीक नहीं करता, लेकिन पौष्टिक और आसानी से पचने वाला खाना शरीर को हाइड्रेटेड रखने और रिकवरी में मदद कर सकता है।

1. स्वाइन फ्लू में लिक्विड चीजें ज्यादा लें

स्वाइन फ्लू के दौरान बुखार और पसीने के कारण शरीर में पानी की कमी हो सकती है। इसलिए पर्याप्त मात्रा में पानी पीना जरूरी है। इसके अलावा नारियल पानी, सूप, दाल का पतला पानी और अन्य लिक्विड आइटम लिए जा सकते हैं। अगर उल्टी या दस्त भी हो रहे हैं, तो शरीर में पानी और इलेक्ट्रोलाइट्स की कमी का खतरा बढ़ सकता है। ऐसी स्थिति में डॉक्टर की सलाह के अनुसार ओआरएस का सेवन किया जा सकता है। एक साथ बहुत ज्यादा पीने के बजाय थोड़ी-थोड़ी मात्रा में लिक्विड लेते रहना आसान हो सकता है।

2. प्रोटीन का सेवन

डॉ. गोपाल जी शर्मा के अनुसार, बीमारी के दौरान शरीर को टिश्यू की मरम्मत और इम्यूनिटी बनाए रखने के लिए पर्याप्त प्रोटीन की जरूरत होती है। इसलिए दाल, मूंग दाल की खिचड़ी, पनीर, दही, अंडा या चिकन जैसे प्रोटीन सोर्स डाइट में शामिल किए जा सकते हैं। अगर भूख कम लग रही है, तो भारी भोजन करने के बजाय दिन में कई बार थोड़ी मात्रा में खाना बेहतर हो सकता है।

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3. फल और सब्जियां

स्वाइन फ्लू के दौरान भोजन में अलग-अलग रंगों के फल और सब्जियां शामिल करना फायदेमंद हो सकता है। संतरा, मौसमी, अमरूद, पपीता जैसे फल से शरीर को विटामिन C और अन्य पोषक तत्व मिलते हैं, जिनसे इम्यूनिटी अच्छी होती है। सब्जियों को भी डाइट में शामिल करें, केवल विटामिन C वाले फल खाने से स्वाइन फ्लू का इलाज नहीं होता। इन्हें बैलेंस डाइट का हिस्सा बनाकर ही लेना चाहिए।

4. खिचड़ी और हल्का खाना

बुखार या गले में दर्द के दौरान तला-भुना और बहुत मसालेदार भोजन खाने में परेशानी हो सकती है। ऐसे समय में मूंग दाल की खिचड़ी, दलिया, हल्की दाल, सब्जियों का सूप जैसे आसानी से पचने वाले फूड्स लिए जा सकते हैं। भोजन बहुत गर्म न हो, खासकर अगर गले में दर्द या जलन हो। कम मात्रा में लेकिन नियमित अंतराल पर खाना शरीर को एनर्जी देने में मदद कर सकता है।

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5. शहद से गले को मिल सकती है राहत

खांसी या गले में खराश होने पर गर्म पानी से राहत मिल सकती है। एक साल से ज्यादा उम्र के लोगों में शहद खांसी से राहत देने में मदद कर सकता है। हालांकि, एक साल से छोटे बच्चों को शहद नहीं देना चाहिए।

साल 2022 में The Lancet में प्रकाशित जानकारी के अनुसार, अधिकांश लोगों में इंफ्लूएंजा (फ्लू) होने पर शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता (इम्यून सिस्टम) सही तरीके से काम करती है और वे आसानी से ठीक हो जाते हैं लेकिन कुछ लोगों में यह प्रणाली असंतुलित हो जाती है, जिससे शरीर में सूजन पैदा करने वाले केमिकल्स बहुत ज्यादा मात्रा में बढ़ने लगते हैं।

इस ज्यादा और अनियंत्रित सूजन के कारण फेफड़ों में गंभीर चोट, सांस लेने में भारी तकलीफ, सेप्सिस और शरीर के कई अंगों के फेल होने का खतरनाक जोखिम पैदा हो जाता है। गंभीर फ्लू के मामलों में इम्यून सिस्टम की यह अति-सक्रियता ही मुख्य खतरा बनती है, जिसे समय रहते कंट्रोल करना बेहद जरूरी होता है।

What To Eat During Swine Flu

स्वाइन फ्लू में किन चीजों से बचें?

डॉ. गोपाल जी शर्मा सलाह देते हैं कि स्वाइन फ्लू जैसी फैलने वाली बीमारी के दौरान शराब और धूम्रपान से पूरी तरह बचना चाहिए। बहुत ज्यादा तला-भुना, मसालेदार या भारी भोजन पाचन संबंधी परेशानी बढ़ा सकता है। अगर किसी फूड से उल्टी, गैस या पेट में परेशानी बढ़ती है, तो उसे कुछ समय के लिए छोड़ना बेहतर है। इसके अलावा बिना डॉक्टर की सलाह के एंटीबायोटिक, स्टेरॉयड या कोई अन्य दवा लेना सही नहीं है, क्योंकि हर मरीज के लिए एक जैसा इलाज जरूरी नहीं होता।

कब डॉक्टर से तुरंत संपर्क करें?

स्वाइन फ्लू के दौरान सांस लेने में परेशानी, सीने में दर्द, लगातार चक्कर या कंफ्यूजन, ज्यादा कमजोरी, होंठ या चेहरे पर नीला पड़ना, लगातार उल्टी या लक्षणों का तेजी से बिगड़ना गंभीर संकेत हो सकते हैं। ऐसे लक्षण दिखाई देने पर तुरंत डॉक्टर की सहायता लेनी चाहिए। बुजुर्गों, छोटे बच्चों, प्रेग्नेंट महिलाओं और पहले से किसी गंभीर बीमारी से जूझ रहे लोगों में फ्लू की समस्याओं का जोखिम ज्यादा हो सकता है, इसलिए उन्हें डॉक्टर की सलाह को जरूर फॉलो करना चाहिए।

निष्कर्ष

स्वाइन फ्लू में शरीर को पर्याप्त पानी, एनर्जी और पोषक तत्व देना जरूरी है। पानी, सूप, खिचड़ी, दाल, प्रोटीन युक्त फूड्स, फल और अच्छी तरह पकी सब्जियां रिकवरी के दौरान बैलेंस डाइट का हिस्सा बन सकती हैं। हालांकि, भोजन स्वाइन फ्लू का इलाज नहीं है। डॉक्टर गोपाल जी शर्मा की सलाह के अनुसार, दवाओं, आराम और पर्याप्त पोषण के साथ इलाज जारी रखना जरूरी है। लक्षण गंभीर हों या तेजी से बिगड़ें, तो घरेलू उपायों पर निर्भर रहने के बजाय तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।

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FAQ

  • क्या स्वाइन फ्लू में दूध पी सकते हैं?

    अगर दूध पीने से आपको कफ या पेट की परेशानी नहीं होती है, तो सीमित मात्रा में दूध लिया जा सकता है। 
  • क्या स्वाइन फ्लू में अंडा खाना सुरक्षित है?

    अंडा प्रोटीन का अच्छा सोर्स है और अच्छी तरह पकाकर खाया जा सकता है।
  • क्या स्वाइन फ्लू में फल खाना चाहिए?

    हां, अगर फल खाने से पेट में परेशानी नहीं होती है तो मौसमी और अच्छी तरह धोए फल आप खा सकते हैं।

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Akanksha Tiwari

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आकांक्षा तिवारी हेल्थ और लाइफस्टाइल पत्रकारिता में 6 साल का अनुभव रखती हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत डिजिटल मीडिया से की और फिलहाल जागरण न्यू मीडिया (Onlymyhealth) में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं। आकांक्षा को स्वास्थ्य, पोषण और फिटनेस जैसे विषयों पर लिखने का अच्छा अनुभव है। वे पत्रकारिता और जनसंचार में पोस्ट ग्रैजुएट हैं। रिसर्च, SEO और फैक्ट-चेकिंग में उनकी खास पकड़ है और वे हमेशा प्रमाणिक और भरोसेमंद जानकारी देने की कोशिश करती हैं। Editorial Policy: आकांक्षा द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    Aug 30, 2026 14:41 IST

    Published By : Akanksha Tiwari
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