गर्मी के मौसम में शरीर का तापमान बढ़ना आम बात है, लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि इसकी वजह सिर्फ तेज धूप या मौसम ही नहीं, बल्कि शरीर में पानी की कमी भी हो सकती है? अक्सर लोग प्यास लगने को डिहाइड्रेशन का संकेत मानते हैं, जबकि कैलाश अस्पताल, देहरादून के सीनियर कंसल्टेंट इंटरनल मेडिसिन डॉ. गोपाल जी शर्मा का कहना है कि जब शरीर में पर्याप्त पानी नहीं होता, तो उसका असर शरीर की तापमान कंट्रोल करने की क्षमता पर भी पड़ सकता है। यही कारण है कि कुछ लोगों को बिना किसी इंफेक्शन के भी शरीर ज्यादा गर्म महसूस होने लगता है, थकान बढ़ जाती है और रोजमर्रा के काम करना मुश्किल लगने लगता है। डिहाइड्रेशन एक ऐसी स्थिति है, जिसे समय रहते पहचान लिया जाए तो आसानी से संभाला जा सकता है लेकिन यदि इसे नजरअंदाज किया जाए, तो यह हीट एक्सॉशन, लो ब्लड प्रेशर और अन्य स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बन सकता है।
क्या शरीर में पानी की कमी से तापमान बढ़ सकता है?
डॉ. गोपाल जी शर्मा बताते हैं, ''शरीर अपने तापमान को कंट्रोल करने के लिए पसीना निकालता है लेकिन जब शरीर में पानी की कमी हो जाती है, तो पसीना कम बनने लगता है। इससे शरीर का नेचुरल कूलिंग सिस्टम प्रभावित होता है और शरीर का तापमान बढ़ सकता है। यही कारण है कि डिहाइड्रेशन के दौरान व्यक्ति को खासकर तेज धूप या गर्म वातावरण में शरीर सामान्य से ज्यादा गर्म महसूस हो सकता है।''
- डिहाइड्रेशन की शुरुआत में ज्यादा प्यास लगना, मुंह का सूखना, होंठ फटना, पेशाब का पीला होना और पेशाब की मात्रा कम होने जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं।
- इसके अलावा सिरदर्द, कमजोरी, चक्कर आना और फोकस करने में कठिनाई भी महसूस हो सकती है।
- यदि इन संकेतों को नजरअंदाज किया जाए, तो स्थिति और गंभीर हो सकती है तथा शरीर का तापमान भी बढ़ने लग सकता है।
International Journal of Sports Medicine में प्रकाशित रिव्यू के अनुसार, गर्मी में वर्कआउट या एक्सरसाइज करते समय शरीर से पसीना बहुत तेजी से निकलता है। जब हम पसीने के रूप में निकलने वाले पानी और इलेक्ट्रोलाइट्स की भरपाई सही मात्रा में पानी पीकर नहीं करते, तो शरीर में डिहाइड्रेशन हो जाता है। इस डिहाइड्रेशन की वजह से पसीना कम आता है और स्किन में खून का बहाव भी घट जाता है, जिससे शरीर अपनी गर्मी बाहर नहीं निकाल पाता। नतीजा यह होता है कि शरीर का तापमान बढ़ने लगता है और इंसान जल्दी थक जाता है। मौसम जितना गर्म होगा, एक्सरसाइज करने की क्षमता पर उतना ही बुरा असर पड़ेगा।
इसलिए, वर्कआउट के दौरान और खाने के समय पर्याप्त पानी पीना बेहद जरूरी है ताकि शरीर का तापमान सामान्य रहे और डिहाइड्रेशन से बचा जा सके। वर्कआउट से पहले अचानक बहुत ज्यादा पानी पी लेना भी कोई खास मददगार साबित नहीं होता। सही समय पर थोड़ा-थोड़ा पानी पीते रहना ही सबसे बेहतर उपाय है।
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डिहाइड्रेशन से बचाव कैसे करें?
डॉक्टर गोपाल जी शर्मा के अनुसार, डिहाइड्रेशन से बचने का सबसे आसान तरीका है दिनभर पर्याप्त मात्रा में पानी पीना।
- गर्म मौसम में केवल प्यास लगने का इंतजार न करें, बल्कि नियमित अंतराल पर लिक्विड लेते रहें।
- नारियल पानी, छाछ, नींबू पानी और ओआरएस शरीर में पानी और इलेक्ट्रोलाइट्स की कमी पूरी करने में मदद कर सकते हैं।
- बहुत ज्यादा धूप में जाने से बचें, हल्के रंग के सूती कपड़े पहनें।
यदि डिहाइड्रेशन के साथ तेज चक्कर, बेहोशी, बहुत तेज शरीर का तापमान, बार-बार उल्टी, ज्यादा कमजोरी या पेशाब न होने जैसी स्थिति दिखाई दे, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। ऐसे मामलों में केवल पानी पीना पर्याप्त नहीं होता है।
निष्कर्ष
डिहाइड्रेशन केवल प्यास लगने की समस्या नहीं है, बल्कि यह शरीर के तापमान कंट्रोल को भी प्रभावित कर सकता है। पानी की कमी होने पर शरीर पर्याप्त पसीना नहीं बना पाता, जिससे शरीर का तापमान बढ़ने लगता है और हीट एक्सॉशन जैसी गंभीर स्थिति का खतरा बढ़ सकता है। इसलिए गर्मियों में पर्याप्त पानी पीना, इलेक्ट्रोलाइट्स का बैलेंस बनाए रखना और डिहाइड्रेशन के शुरुआती संकेतों को नजरअंदाज न करना बेहद जरूरी है। यदि लक्षण गंभीर हों या बार-बार दिखाई दें, तो तुरंत डॉक्टर से सलाह लेकर उचित इलाज कराना चाहिए।
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FAQ
क्या ज्यादा चाय या कॉफी पीने से डिहाइड्रेशन होता है?
ज्यादा मात्रा में चाय और कॉफी पीने से डिहाइड्रेशन की समस्या हो सकती है। खासकर अगर व्यक्ति पानी कम पीता है तो उनमें समस्या ज्यादा हो सकती है।क्या एयर कंडीशनर में रहने से डिहाइड्रेशन हो सकता है?
लंबे समय तक एसी में रहने पर भी शरीर में पानी की कमी हो सकती है, खासकर यदि व्यक्ति पर्याप्त मात्रा में लिक्विड न ले।
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Jul 31, 2026 15:20 IST
Published By : Akanksha Tiwari
Reviewed By : Dr Gopal Jee Sharma