Fri Sep 11, 2026 | 06:52 PM IST

Medically Reviewed by Prof Dr Smriti Agrawal , Professor & Gynaecologist - Department of Obstetrics & Gynaecology

क्या प्रेग्नेंसी में हीट स्ट्रेस (गर्मी के कारण तनाव) बच्चे के विकास को प्रभावित करता है? डॉक्‍टर से जानें

प्रेग्नेंसी में ज्यादा गर्मी और हीट स्ट्रेस मां और बच्चे दोनों की सेहत पर असर डाल सकता है। जानें प्रेग्नेंसी में हीट स्ट्रेस के लक्षण, जोखिम और इससे बचाव के आसान उपाय, ताकि गर्मियों में मां और शिशु दोनों स्वस्थ रह सकें।

गर्मियों में तेज धूप, उमस और बढ़ता तापमान सिर्फ सामान्य लोगों के लिए ही नहीं, बल्कि गर्भवती महिलाओं के लिए भी चुनौती बन सकता है। प्रेग्नेंसी के दौरान शरीर में पहले से कई हार्मोनल और शारीरिक बदलाव होते हैं, जिनकी वजह से महिलाओं को ज्यादा गर्मी महसूस हो सकती है। ऐसे में लंबे समय तक गर्म वातावरण में रहने या शरीर का तापमान ज्‍यादा बढ़ने पर हीट स्ट्रेस की समस्‍या होती है। कुछ लोग मानते हैं क‍ि हीट स्ट्रेस का असर सिर्फ मां की सेहत पर ही नहीं, बल्कि गर्भ में पल रहे बच्चे के विकास पर भी पड़ सकता है। प्रेग्नेंसी में हीट स्ट्रेस बच्चे के विकास को प्रभावित करता है या नहींं, यह जानने के ल‍िए हमने Dr. Smriti Agrawal, Professor & Gynaecologist At Department Of Obstetrics & Gynaecology, King George's Medical University, Lucknow से बात की।

heat-stress-in-pregnancy

क्या होता है हीट स्ट्रेस?

हीट स्ट्रेस तब होता है, जब शरीर अपना तापमान बरकरार नहीं रख पाता है है। तेज गर्मी, उमस, शरीर में पानी की कमी और लंबे समय तक धूप में रहने से शरीर का तापमान बढ़ सकता है। प्रेग्नेंसी में मेटाबॉलिज्म तेज होने के कारण शरीर पहले से ज्यादा गर्मी पैदा करता है, इसलिए गर्भवती महिलाओं में हीट स्ट्रेस का खतरा अधिक माना जाता है।

यह भी पढ़ें- क्‍या ज्‍यादा गर्मी का हार्मोन्‍स पर भी असर पड़ता है? एक्‍सपर्ट से जानें

हीट स्ट्रेस के लक्षण

  • बहुत ज्यादा पसीना आना
  • चक्कर या कमजोरी महसूस होना
  • सिरदर्द
  • जी मिचलाना
  • दिल की धड़कन तेज होना
  • शरीर का तापमान बढ़ना
  • ज्‍यादा थकान होना

अगर ये लक्षण लगातार महसूस हों, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।

यह भी पढ़ें- तेज गर्मी में काम करने की क्षमता क्यों घट जाती है? डॉक्‍टर से समझें संबंध

हीट स्ट्रेस का बच्चे के विकास पर क्‍या असर पड़ता है?

  • अगर गर्भवती महिला को डिहाइड्रेशन या ज्‍यादा गर्मी की समस्या हो जाए, तो शरीर में ब्लड फ्लो प्रभावित हो सकता है। इससे बच्चे तक पर्याप्त ऑक्सीजन और पोषक तत्व पहुंचने में दिक्कत हो सकती है।
  • लगातार हीट एक्सपोजर की वजह से भ्रूण की ग्रोथ प्रभावित हो सकती है, जिससे जन्म के समय बच्चे का वजन सामान्य से कम हो सकता है।
  • अगर मां को हीट स्ट्रोक, लो बीपी या गंभीर डिहाइड्रेशन हो जाए, तो इसका असर गर्भ में पल रहे बच्चे की सेहत पर भी पड़ सकता है।

यह भी पढ़ें- गर्मियों में शरीर की बैटरी क्‍यों हो जाती है डाउन? एक्‍सपर्ट से जानें ज्‍यादा थकान के कारण

किन महिलाओं को ज्यादा सावधान रहने की जरूरत है?

  • हाई ब्लड प्रेशर या डायबिटीज से पीड़ित गर्भवती महिलाएं।
  • हाई रिस्क कैटेगरी वाली प्रेग्नेंसी।
  • जिन महिलाओं को पहले से डिहाइड्रेशन या एनीमिया की समस्या हो।

यह भी पढ़ें- पेट में गर्मी बढ़ने के कारण होने वाली समस्याएं, जानें डॉक्टर से

प्रेग्नेंसी में हीट स्ट्रेस से कैसे बचें?

  • पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं। गर्मी में शरीर जल्दी डिहाइड्रेट हो सकता है। इसलिए दिनभर पर्याप्त मात्रा में पानी, नारियल पानी और हेल्दी ड्र‍िंक्‍स लेते रहें।
  • तेज धूप में बाहर जाने से बचें।
  • हल्के और ढीले कपड़े पहनें। कॉटन के ढीले कपड़े शरीर को ठंडा रखने में मदद करते हैं।
  • ज्यादा देर तक भूखे न रहें। हल्का और पौष्टिक भोजन लेते रहें ताकि शरीर में एनर्जी बनी रहे।
  • ठंडी और हवादार जगह पर रहें।
  • प्रेग्नेंसी में बहुत ज्यादा एक्सरसाइज या भारी काम गर्मी में परेशानी बढ़ा सकता है इसल‍िए इससे बचें।

यह भी पढ़ें- Heat Stress: शरीर के बढ़ते तापमान की वजह से हो सकता है हीट स्‍ट्रेस, जानें बॉडी हीट को कम करने के घरेलू उपाय

डॉक्‍टर से संपर्क कब करें?

अगर गर्भवती महिला को तेज बुखार, बेहोशी, सांस लेने में तकलीफ, पेट में दर्द, बच्चे की हलचल कम महसूस होना या लगातार उल्टी जैसी समस्या हो, तो तुरंत डॉक्‍टर की मदद लें।

निष्कर्ष:

प्रेग्नेंसी में हीट स्ट्रेस को हल्के में नहीं लेना चाहिए। ज्‍यादा गर्मी और डिहाइड्रेशन मां और बच्चे दोनों की सेहत को प्रभावित कर सकते हैं। सही खानपान, पर्याप्त पानी, आराम और गर्मी से बचाव के उपाय अपनाकर इस खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

Read Next

क्या प्रेग्नेंसी में गर्भाशय खिसकने पर सामान्य डिलीवरी संभव है? जानें डॉक्टर से

Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

Yashaswi Mathur

Yashaswi Mathur

Senior Sub Editor

यशस्वी माथुर पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं, जिनमें से करीब 8 साल उन्होंने हेल्थ जर्नलिज्म को दिए हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealth में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं। यहां वह स्वास्थ्य, महिला स्वास्थ्य, पोषण और लाइफस्टाइल से जुड़े विषयों पर लिखती हैं। यशस्वी की खासियत है जटिल मेडिकल विषयों और रिसर्च को आसान भाषा में समझाना, ताकि आम पाठक भी उन्हें आसानी से समझ सके। लेख तैयार करते समय वह विशेषज्ञ डॉक्टरों की राय, मेडिकल रिसर्च और भरोसेमंद स्रोतों का ध्यान रखती हैं। जिन विषयों में मेडिकल वैरिफिकेशन जरूरी होता है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत हिंदुस्तान अखबार से की थी। उस दौरान स्वास्थ्य से जुड़ी उनकी एक खोजी रिपोर्ट के बाद लखनऊ के KGMU स्थित क्वीन मेरी अस्पताल के गायनेकोलॉजी विभाग में व्यवस्थाओं को लेकर स्वास्थ्य विभाग को सुधारात्मक कदम उठाने पड़े। Editorial Policy: यशस्वी द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

Read More..

How we keep this article up to date:

We work with experts and keep a close eye on the latest in health and wellness. Whenever there is a new research or helpful information, we update our articles with accurate and useful advice.

  • Current Version

    May 14, 2026 21:51 IST

    Modified By : Yashaswi Mathur
  • May 14, 2026 21:51 IST

    Published By : Yashaswi Mathur
    Reviewed By : Prof Dr Smriti Agrawal

Medically reviewed content
200+ medical reviewers in network
17 Years of Trusted Health Content
Medically reviewed content
200+ medical reviewers in network
17 Years of Trusted Health Content
Medically reviewed content
200+ medical reviewers in network
17 Years of Trusted Health Content