गर्मियों में तेज धूप, उमस और बढ़ता तापमान सिर्फ सामान्य लोगों के लिए ही नहीं, बल्कि गर्भवती महिलाओं के लिए भी चुनौती बन सकता है। प्रेग्नेंसी के दौरान शरीर में पहले से कई हार्मोनल और शारीरिक बदलाव होते हैं, जिनकी वजह से महिलाओं को ज्यादा गर्मी महसूस हो सकती है। ऐसे में लंबे समय तक गर्म वातावरण में रहने या शरीर का तापमान ज्यादा बढ़ने पर हीट स्ट्रेस की समस्या होती है। कुछ लोग मानते हैं कि हीट स्ट्रेस का असर सिर्फ मां की सेहत पर ही नहीं, बल्कि गर्भ में पल रहे बच्चे के विकास पर भी पड़ सकता है। प्रेग्नेंसी में हीट स्ट्रेस बच्चे के विकास को प्रभावित करता है या नहींं, यह जानने के लिए हमने Dr. Smriti Agrawal, Professor & Gynaecologist At Department Of Obstetrics & Gynaecology, King George's Medical University, Lucknow से बात की।

क्या होता है हीट स्ट्रेस?
हीट स्ट्रेस तब होता है, जब शरीर अपना तापमान बरकरार नहीं रख पाता है है। तेज गर्मी, उमस, शरीर में पानी की कमी और लंबे समय तक धूप में रहने से शरीर का तापमान बढ़ सकता है। प्रेग्नेंसी में मेटाबॉलिज्म तेज होने के कारण शरीर पहले से ज्यादा गर्मी पैदा करता है, इसलिए गर्भवती महिलाओं में हीट स्ट्रेस का खतरा अधिक माना जाता है।
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हीट स्ट्रेस के लक्षण
- बहुत ज्यादा पसीना आना
- चक्कर या कमजोरी महसूस होना
- सिरदर्द
- जी मिचलाना
- दिल की धड़कन तेज होना
- शरीर का तापमान बढ़ना
- ज्यादा थकान होना
अगर ये लक्षण लगातार महसूस हों, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।
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हीट स्ट्रेस का बच्चे के विकास पर क्या असर पड़ता है?
- अगर गर्भवती महिला को डिहाइड्रेशन या ज्यादा गर्मी की समस्या हो जाए, तो शरीर में ब्लड फ्लो प्रभावित हो सकता है। इससे बच्चे तक पर्याप्त ऑक्सीजन और पोषक तत्व पहुंचने में दिक्कत हो सकती है।
- लगातार हीट एक्सपोजर की वजह से भ्रूण की ग्रोथ प्रभावित हो सकती है, जिससे जन्म के समय बच्चे का वजन सामान्य से कम हो सकता है।
- अगर मां को हीट स्ट्रोक, लो बीपी या गंभीर डिहाइड्रेशन हो जाए, तो इसका असर गर्भ में पल रहे बच्चे की सेहत पर भी पड़ सकता है।
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किन महिलाओं को ज्यादा सावधान रहने की जरूरत है?
- हाई ब्लड प्रेशर या डायबिटीज से पीड़ित गर्भवती महिलाएं।
- हाई रिस्क कैटेगरी वाली प्रेग्नेंसी।
- जिन महिलाओं को पहले से डिहाइड्रेशन या एनीमिया की समस्या हो।
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प्रेग्नेंसी में हीट स्ट्रेस से कैसे बचें?
- पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं। गर्मी में शरीर जल्दी डिहाइड्रेट हो सकता है। इसलिए दिनभर पर्याप्त मात्रा में पानी, नारियल पानी और हेल्दी ड्रिंक्स लेते रहें।
- तेज धूप में बाहर जाने से बचें।
- हल्के और ढीले कपड़े पहनें। कॉटन के ढीले कपड़े शरीर को ठंडा रखने में मदद करते हैं।
- ज्यादा देर तक भूखे न रहें। हल्का और पौष्टिक भोजन लेते रहें ताकि शरीर में एनर्जी बनी रहे।
- ठंडी और हवादार जगह पर रहें।
- प्रेग्नेंसी में बहुत ज्यादा एक्सरसाइज या भारी काम गर्मी में परेशानी बढ़ा सकता है इसलिए इससे बचें।
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डॉक्टर से संपर्क कब करें?
अगर गर्भवती महिला को तेज बुखार, बेहोशी, सांस लेने में तकलीफ, पेट में दर्द, बच्चे की हलचल कम महसूस होना या लगातार उल्टी जैसी समस्या हो, तो तुरंत डॉक्टर की मदद लें।
निष्कर्ष:
प्रेग्नेंसी में हीट स्ट्रेस को हल्के में नहीं लेना चाहिए। ज्यादा गर्मी और डिहाइड्रेशन मां और बच्चे दोनों की सेहत को प्रभावित कर सकते हैं। सही खानपान, पर्याप्त पानी, आराम और गर्मी से बचाव के उपाय अपनाकर इस खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
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Current Version
May 14, 2026 21:51 IST
Modified By : Yashaswi Mathur May 14, 2026 21:51 IST
Published By : Yashaswi Mathur
Reviewed By : Prof Dr Smriti Agrawal