Mon Oct 12, 2026 | 08:14 AM IST

Medically Reviewed by Dr Pooja C Thukral , Consultant – Obstetrics & Gynaecology

5 वैक्सीन जिन्हें प्रेग्नेंसी में लगवाना है जरूरी, डॉक्टर से जानें मां और शिशु को कैसे मिलती है सुरक्षा

प्रेग्नेंसी में मां और शिशु को सेहतमंद रखने के लिए डॉक्टर कुछ वैक्सीन लगवाने की सलाह देते हैं। इससे मां के इंफेक्शन से गर्भ में पल रहे शिशु को काफी हद तक सुरक्षा मिल सकती है। इस लेख में डॉक्टर ने महिलाओं को प्रेग्नेंसी में जरूरी वैक्सीन के बारे में विस्तार से बताया है।  
5 वैक्सीन जिन्हें प्रेग्नेंसी में लगवाना है जरूरी, डॉक्टर से जानें मां और शिशु को कैसे मिलती है सुरक्षा5 वैक्सीन जिन्हें प्रेग्नेंसी में लगवाना है जरूरी, डॉक्टर से जानें मां और शिशु को कैसे मिलती है सुरक्षा

प्रेग्नेंसी में महिला के शरीर में कई तरह के हार्मोनल बदलाव होते हैं और इससे इम्यून सिस्टम के काम करने में भी बदलाव आता है। ऐसे में कई बार प्रेग्नेंट महिलाओं को ज्यादा गंभीर इंफेक्शन होने का रिस्क हो सकता है और ये संक्रमण भ्रूण को भी प्रभावित कर सकते हैं। इसलिए प्रेग्नेंसी में महिलाओं को कुछ वैक्सीन लगवाने की सलाह दी जाती है, ताकि वैक्सीन से बनने वाले कुछ एंटीबॉडी प्लेसेंटा के जरिए भ्रूण तक पहुंच सके। प्रेग्नेंट महिलाओं को कौन से वैक्सीन लगवाने जरूरी है, यह जानने के लिए हमने Dr. Pooja C Thukral, Consultant - Obstetrician and Gynecologist, Cloudnine Group of Hospitals, Faridabad से बात की।

प्रेग्नेंसी में लगने वाले 5 जरूरी वैक्सीन

Dr. Pooja C Thukral ने बताया कि प्रेग्नेंसी में डाइट, एक्सरसाइज और रेगुलर चेकअप के साथ वैक्सीनेशन पर ध्यान देना भी जरूरी है। प्रेग्नेंसी में ये पांच जरूरी वैक्सीन लगवाने जरूरी है।

1. Tdap वैक्सीन

Dr. Pooja C Thukral कहती हैं, “Tdap वैक्सीन टेटनस, डिप्थीरिया और पर्टुसिस यानी काली खांसी से बचाव करता है। इसमें काली खांसी से सुरक्षा खासतौर पर महत्वपूर्ण है, क्योंकि नवजात शिशुओं में खांसी गंभीर बीमारी का कारण बन सकती है। इस वैक्सीन को आमतौर पर प्रेग्नेंसी के 27 से 36 हफ्ते के बीच देने की सलाह दी जाती है।”

NCBI में प्रकाशित जर्नल के अनुसार, नवजात शिशु को टीके लगने में कुछ महीने के समय लगता है, ऐसे में मां से मिली एंटीबॉडीज से शिशु को परटुसिस खांसी के गंभीर संक्रमणों से सुरक्षित रखती है। पहले वयस्कों में परटुसिस खांसी के मामले कम आते थे, लेकिन अब इसके केस ज्यादा आने से प्रेग्नेंसी में वैक्सीन लगवाना जरूरी हो गया है।

2. फ्लू वैक्सीन

Dr. Pooja C Thukral ने कहा, “फ्लू यानी इंफ्लुएंजा को कई लोग वायरल इंफेक्शन समझते हैं, लेकिन प्रेग्नेंसी में इसका संक्रमण ज्यादा गंभीर हो सकता है। प्रेग्नेंसी के दौरान फ्लू होने पर महिलाओं को अस्पताल में भर्ती कराने का रिस्क तक बढ़ सकता है। इसलिए इनएक्टिवेटिड इंफ्लुएंजा वैक्सीन (Inactivated Influenza Vaccine) गर्भावस्था के दौरान दिया जा सकता है।”

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के मुताबिक, प्रेग्नेंसी के दौरान इंफ्लूएंजा होने से गंभीर बीमारी और मृत्यु का खतरा काफी हद तक बढ़ जाता है। इसलिए गर्भवती महिलाओं को पहली तिमाही के दौरान इनएक्टिवेटिड इंफ्लूएंजा वैक्सीन लगाने की सलाह दी जाती है।

3. कोविड 19 वैक्सीन

Dr. Pooja C Thukral का कहना है, “कोविड 19 इंफेक्शन भी प्रेग्नेंसी के दौरान गंभीर बीमारी का रिस्क बढ़ सकता है। इसका असर मां की सेहत के साथ प्रेग्नेंसी में कई तरह के खतरों का कारण भी बन सकता है। इसलिए कोविड 19 वैक्सीनेशन को लेकर अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें। यह इस बात पर निर्भर करता है कि महिला ने कौन-सी वैक्सीन पहले ली थी, वैक्सीनेशन कब हुई थी और संक्रमण का खतरा कितना है और उस समय की वैक्सीन को लेकर राष्ट्रीय गाइडलाइंस क्या हैं।”

pregnancy vaccinationpregnancy vaccination

यह भी पढ़ें- क्या एंटीबायोटिक लेते समय वैक्सीन लगवाना सुरक्षित है? डॉक्टर से जानें कब कर सकते हैं वैक्सीनेशन

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) गर्भावस्था के दौरान कोविड-19 वैक्सीन की एक खुराक लेने की सलाह देता है। गर्भवती महिलाओं को कोविड-19 का ज्यादा खतरा हो सकता है, जो मां और बच्चे दोनों को प्रभावित कर सकता है। इसलिए प्रेग्नेंसी के दौरान यह वैक्सीनेशन पूरी तरह से सुरक्षित है और यह शिशु के लिए भी फायदेमंद होता है।

4. RSV वैक्सीन

Dr. Pooja C Thukral ने बताया कि RSV यानी Respiratory Syncytial वायरस नवजात और बहुत छोटे शिशुओं में गंभीर सांस जुड़ी इंफेक्शन का कारण बन सकता है। कुछ देशों में प्रेग्नेंसी के दौरान एक निर्धारित समय में मैटरनल RSV वैक्सीनेशन देने की सलाह दी जाती है, ताकि मां के जरिए जन्म के शुरुआती दिनों में नवजात को RSV से सुरक्षा मिल सके। हालांकि, हर देश में RSV वैक्सीनेशन देने की गाइडलाइंस एक जैसी नहीं है। इसलिए भारत में इस वैक्सीन से जुड़े विकल्पों के बारे में अपने डॉक्टर से जानना जरूरी है।

5. हेपेटाइटिस B

Dr. Pooja C Thukral कहती हैं, “हर प्रेग्नेंट महिला को एक जैसे वैक्सीन लगवाने की जरूरत नहीं होती। कुछ वैक्सीन महिला की मेडिकल हिस्ट्री, इंफेक्शन को लेकर रिस्क और पहले के लगे वैक्सीन पर भी निर्भर करता है। अगर किसी महिला को हेपेटाइटिस B के संक्रमण का रिस्क ज्यादा है, तो डॉक्टर की इसकी सलाह दे सकते हैं। इसलिए प्रेग्नेंसी के समय डॉक्टर को अपने पुराने वैक्सीनेशन के बारे में जरूर बताना चाहिए।”

वैक्सीन लगवाने से पहले किन बातों का ध्यान रखें?

Dr. Pooja C Thukral ने महिलाओं को सलाह दी हैं कि अगर महिला के पास वैक्सीनेशन रिकॉर्ड की हिस्ट्री है, तो उसे संभालकर रखें, क्योंकि प्रेग्नेंसी में इससे डॉक्टर को काफी मदद मिलती है।

  • किसी भी वैक्सीन को खुद किसी से लेने के बजाय डॉक्टर की सलाह पर ही लें।
  • प्रेग्नेंसी में किसी भी वैक्सीन को टालना बिल्कुल भी सही नहीं है।

निष्कर्ष
प्रेग्नेंसी में मां और शिशु की सुरक्षा के लिए वैक्सीनेशन देना बहुत महत्वपूर्ण है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि कोई भी वैक्सीन लगवाया जा सकता है। प्रेग्नेंसी में आमतौर पर MMR वैक्सीन नहीं दिया जाता। प्रेग्नेंसी में वैक्सीनेशन को लेकर सावधानी बरतना बहुत जरूरी होता है। इसलिए हमारी वैक्सीन की जानकारी के अलावा, प्रेग्नेंसी में डॉक्टर ही महिला की मेडिकल कंडीशन, उम्र और संक्रमण के रिस्क को देखकर फैसला करते हैं।

All Image Credit: Magnific



FAQ

  • क्या प्रेग्नेंसी में वैक्सीन लगवाने से गर्भपात का खतरा होता है?

    नहीं, रिकमेंड इनएक्टिवेटेड टीकों जैसे Tdap, टिटनेस और फ्लू शॉट से मिसकैरेज का कोई खतरा नहीं होता। ये मां और बच्चे दोनों के लिए पूरी तरह सुरक्षित हैं।
  • वैक्सीन लगने के बाद हल्का बुखार या बांह में दर्द हो तो क्या करें?

    यह एक सामान्य प्रतिक्रिया है। राहत के लिए बांह पर ठंडी सिकाई करें और सिर्फ डॉक्टर की सलाह से ही पैरासिटामोल लें।

Read Next

→ मानसून में प्रेग्नेंसी के दौरान पेट की समस्याएं बढ़ जाएं तो क्या करें? जानें डॉक्टर की सलाह

Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

Aneesh Rawat

Health & Lifestyle Journalist

अनीश रावत पिछले 16 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं, जिनमें से 3 साल उन्होंने हेल्थ जर्नलिज्म को दिए हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealth में चीफ सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं। यहां वह महिला स्वास्थ्य, बच्चों की सेहत, कैंसर, योग और मेडिटेशन जैसे विषयों पर शोध आधारित लेख लिखते हैं। उनका फोकस स्वास्थ्य से जुड़े विषयों को डेटा, रिसर्च और विशेषज्ञों की राय के आधार पर पाठकों तक पहुंचाना है। जिन लेखों में मेडिकल पुष्टि जरूरी होती है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। OnlyMyHealth से पहले वह News 24, All India Radio और ThinkRight Meditation App के साथ काम कर चुके हैं। Editorial Policy: अनीश द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

Read More..

How we keep this article up to date:

We work with experts and keep a close eye on the latest in health and wellness. Whenever there is a new research or helpful information, we update our articles with accurate and useful advice.

  • Current Version

    Aug 10, 2026 16:36 IST

    Published By : Aneesh Rawat
    Reviewed By : Dr Pooja C Thukral