बरसात के मौसम में गर्मी से राहत मिलने के साथ-साथ कई लोगों को स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याओं का सामना भी करना पड़ता है। इस दौरान वातावरण में नमी ज्यादा होती है। ऐसे में खाने से जुड़ी लापरवाही करने से बहुत से लोगों को पेट की समस्याएं होती हैं। वहीं, प्रेग्नेंट महिलाओं को इस दौरान स्वास्थ्य का खास ध्यान रखने की सलाह दी जाती है। प्रेग्नेंसी के दौरान महिलाओं की इम्यूनिटी कमजोर होती है और पाचन तंत्र में भी कई तरह के बदलाव आते हैं। ऐसे में इस दौरान साफ-सफाई का ध्यान न रखने के कारण महिलाओं को पेट दर्द, गैस, दस्त और अपच जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। इन समस्याओं से राहत के लिए कुछ बातों का ध्यान रखना जरूरी हो जाता है। आइए आयुर्वेदा की डायरेक्टर, स्त्री रोग विशेषज्ञ और आयुर्वेदिक डॉ. चंचल शर्मा (Ayurvedic Dr. Chanchal Sharma, Director and Gynecologist, Asha Ayurveda) से जानें।
प्रेग्नेंसी में मानसून में पेट की समस्याएं होने पर क्या करें?
डॉ. चंचल शर्मा के अनुसार, प्रेग्नेंट महिलाओं को मानसून में अपने खान-पान और अपने आस-पास साफ-सफाई का खास ध्यान रखना चाहिए। इसके अलावा, बैलेंस डाइट लेने, दिनभर में पर्याप्त पानी पीने, ताजा बना खाना खाने और खुले में रखे खाने को खाने से बचना चाहिए। ऐसा करने से प्रेग्नेंट महिलाएं पेट से जुड़ी समस्याओं से बच सकती है।
1. साफ और ताजा खाना खाएं
प्रेग्नेंट महिलाओं को मानसून में पेट की समस्याओं से बचने के लिए डाइट में ताजा और अच्छे से पका हुआ खाना ही खाना चाहिए। इसके अलावा, फल और सब्जियों को अच्छे से धोकर और अपने हाथों को धोकर ही खाना खाएं। लंबे समय तक रखा हुआ खाना खाने या बाहर खुले में रखे खाने को खाने से बचना चाहिए। घर पर पका खाना ही खाएं।
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2. पर्याप्त मात्रा में साफ पानी पिएं
मानसून में लोगों को प्यास कम लगती है और इस दौरान पानी में बैक्टीरिया पनपते हैं, जिससे बरसात में इंफेक्शन होने और पाचन से जुड़ी समस्याओं का खतरा बढ़ता है। ऐसे में इन समस्याओं से बचने के लिए उबला हुआ, फिल्टर किया हुआ, साफ और सुरक्षित पानी पिएं। इसके अलावा, शरीर को डिहाइड्रेशन से बचाने के लिए दिनभर में पर्याप्त पानी पिएं।
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3. हल्का खाना खाएं
इस दौरान एक साथ ज्यादा खाना न खाएं, बल्कि थोड़ा-थोड़ा मात्रा में खाना खाएं। खाने में दाल, हरी सब्जियों, साबुत अनाज, मौसमी फल और पर्याप्त फाइबर से युक्त फूड्स को शामिल करें। इनसे पाचन तंत्र को दुरुस्त रखने में मदद मिलती है। इसके अलावा, अधिक तला-भुना और मसालेदार खाना खाने से बचना चाहिए। इन फूड्स को खाने से पेट पर अधिक दबाव पड़ता है।
4. हाथों को अच्छे से धोएं
बारिश के मौसम में हाथों की साफ-सफाई का खास ध्यान रखना चाहिए। महिलाओं को खाना खाने से पहले, टॉयलेट से आने के बाद हेड वॉश से हाथों को अच्छे से धोना चाहिए। इससे बैक्टीरिया के मुंह में जाने और इसके कारण होने वाली पेट की समस्याओं से बचने में मदद मिल सकती है।
5. साफ-सफाई का खास ध्यान रखें
बारिश के मौसम में हाथों को साफ रखने के साथ-साथ प्रेग्नेंट महिलाओं को अपने आस-पास भी सफाई का खास ध्यान रखना जरूरी है, खासकर रसोई में, घर को साफ रखें, खाना ढककर रखें और लंबे समय तक खाने को बाहर न छोड़ें। इसको बाहर छोड़ने के बजाए फ्रिज में रखें। ऐसा करने से बैक्टीरिया के पनपने का खतरा रहता है।
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मानसून में पेट संबंधी समस्याएं क्यों बढ़ जाती हैं?
मानसून में वातावरण में नमी होती है। ऐसे में वायरस और बैक्टीरिया तेजी से फैलते हैं, खासकर खाने और पानी में। ऐसे में खुले में रखे खाने या पानी का सेवन करने से पेट से जुड़ी समस्याओं को बढ़ावा मिल सकता है, जबकि हार्मोनल बदलावों के कारण प्रेग्नेंट महिलाओं की पाचन प्रक्रिया पहले से धीमी होती है।
डॉक्टर से सलाह कब लें?
डॉ. चंचल शर्मा बताती हैं, प्रेग्नेंसी के दौरान हर महिला की स्वास्थ्य स्थिति अलग होती है। ऐसे में पेट दर्द होने, उल्टी, दस्त, बुखार और शरीर में पानी की कमी जैसी पेट से जुड़ी कोई भी समस्या बार-बार हो रही है या लंबे समय से बनी हुई है, तो घरेलू उपायों को अपनाने के बजाए, तुरंत डॉक्टर से सलाह लें, ताकि इस समस्या के असल कारणों का पता लगाया जा सके और इससे राहत मिल सके।
निष्कर्ष
मानसून के मौसम में प्रेग्नेंट महिलाओं को पेट से जुड़ी समस्याओं से राहत के लिए शरीर की हाइड्रेशन का ध्यान रखते हुए साफ पानी पिएं, हल्का खाना खाएं, अपने आस-पास साफ-सफाई का खास ध्यान रखें और बैलेंस डाइट लें। ध्यान रहे, कोई भी परेशानी होने पर तुरंत डॉक्टर से सलाह लें।
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FAQ
गर्भवती महिला को सबसे ज्यादा कौन सा खाना खाना चाहिए?
प्रेग्नेंसी के दौरान डाइट में हरी पत्तेदार सब्जियों, ताजा फल, दालें, साबुत अनाज और डेयरी प्रोडक्ट्स को डाइट में शामिल करें। इससे स्वास्थ्य को दुरुस्त करने में मदद मिलती है।पेट की खराबी से कौन-कौन से रोग होते हैं?
पेट खराब होने पर व्यक्ति को एसिडिटी, कब्ज, अपच, पेट दर्द या पेट में ऐंठन होने की समस्या हो सकती है।
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Aug 05, 2026 19:22 IST
Published By : Priyanka Sharma
Reviewed By : Dr Chanchal Sharma