पेट में कीड़े होने पर लोग इसे ज्यादा गंभीरता से नहीं लेते, क्योंकि उन्हें लगता है कि इससे ज्यादा दिक्कत नहीं होगी। लोगों में पेट के कीड़ों को लेकर ऐसे मिथकों के कारण ही अक्सर आंतों में कीड़े लगने का इंफेक्शन बढ़ सकता है और ये परेशानी बच्चों से लेकर वयस्कों तक, किसी भी उम्र के व्यक्ति को हो सकती है। अगर बार-बार पेट दर्द, भूख कम लगना, वजन न बढ़ना, कमजोरी, पेट फूलना या गुदा के आसपास खुजली जैसे लक्षण दिखाई दें, तो ये पेट में कीड़े होने के लक्षण हो सकते हैं। पेट में कीड़ों की पहचान करने के लिए टेस्ट की जानकारी के लिए हमने Dr. Sunil Rana, Associate Director & Head- Internal Medicine (Unit III), Asian Hospital Faridabad से बात की। उन्होंने बताया कि सही समय पर चेक करवाने से इंफेक्शन की पहचान आसान हो जाती है और इलाज बेहतर तरीके से किया जा सकता है।
पेट में कीड़े होने पर कौन से टेस्ट कराए जा सकते हैं?
Dr. Sunil Rana कहते हैं, “अगर किसी व्यक्ति को बार-बार डाइजेशन की समस्या हो, एनीमिया, पेट फूलने की दिक्कत, गुदा के आसपास खुजली और वजन तेजी से कम हो रहा हो, तो तुरंत डॉक्टर से चेकअप कराना बहुत जरूरी हो जाता है। डॉक्टर पेट में कीड़ों को चेक करने के लिए कुछ टेस्ट कराने की सलाह दे सकते हैं।”
स्टूल एग्जामिनेशन
Dr. Sunil Rana के मुताबिक, “पेट में कीड़ों की पुष्टि के लिए सबसे सामान्य और असरदार इलाज स्टूल रूटीन एंड माइक्रोस्कोपी टेस्ट माना जाता है। इस जांच में स्टूल (मल) के सैंपल को माइक्रोस्कोप के जरिए देखा जाता है। इससे आंतों में मौजूद कीड़ों के अंडे, लार्वा या अन्य परजीवियों की पहचान की जा सकती है। कई बार ऐसा भी होता है कि एक ही सैंपल में इंफेक्शन का पता नहीं चलता। इसलिए मैं लगातार दो से तीन दिनों के अलग-अलग स्टूल के नमूनों की जांच कराने की सलाह देता हूं, ताकि रिपोर्ट में सटीकता आ सके।”
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CBC टेस्ट
Dr. Sunil Rana का कहना है, “अगर मरीज को लंबे समय से से कमजोरी, चक्कर, थकान या वजन कम होने जैसी शिकायतें हैं, तो कम्प्लीट ब्लड काउंट (CBC) चेकअप की सलाह दे सकते हैं। इसमें हिमोग्लोबिन का लेवल, सफेद ब्लड सेल्स की संख्या और ईओसिनोफिल का लेवल चेक किया जाता है। अगर पेट में कीड़े होते हैं, तो ईओसिनोफिल का स्तर बढ़ जाता है। वहीं कुछ कीड़े शरीर में आयरन की कमी पैदा कर सकते हैं, जिससे एनीमिया होने का रिस्क बढ़ सकता है। इसलिए सीबीसी टेस्ट यह समझने में मदद करता है कि इंफेक्शन का शरीर पर कितना असर पड़ रहा है।”
स्टूल ओवा और पैरासाइट टेस्ट
Dr. Sunil Rana ने बताया कि अगर कुछ मामलों में सामान्य स्टूल टेस्ट से सही रिजल्ट नहीं मिल पाते, तो ऐसी कंडीशन में डॉक्टर स्टूल ओवा एंड पैरासाइट या कुछ खास एंटीजन टेस्ट कराने की सलाह दे सकते हैं। इससे संक्रमण की सटीक पहचान करने में मदद मिल सकती है।
सेलोफेन टेप टेस्ट
Dr. Sunil Rana कहते हैं, “छोटे बच्चों में अगर रात में गुदा के आसपास बहुत ज्यादा खुजली होती है, तो यह पिनवर्म इंफेक्शन का संकेत हो सकता है। इस कंडीशन में सेलोफेन टेप टेस्ट किया जाता है। इस चेकअप के जरिए गुदा के मौजूद पिनवर्म अंडों की पहचान की जा सकती है। यह टेस्ट खासतौर पर बच्चों में होने वाले पिनवर्म इंफेक्शन के लिए फायदेमंद माना जाता है।”
गंभीर मामले में टेस्ट
Dr. Sunil Rana सलाह देते हैं कि अगर किसी को लक्षण लंबे समय से बने रहे, तो उन्हें एडवांस चेकअप जरूर कराने चाहिए। इसमें अल्ट्रासाउंड, एंडोस्कोपी और डायग्नोस्टिक टेस्ट किए जाते हैं, ताकि पेट के कीड़ों की पहचान हो सके।
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निष्कर्ष
Dr. Sunil Rana कहते हैं कि लोगों को पेट के कीड़ों से बचने के लिए साफ पानी ही पीना चाहिए। फलों और सब्जियों को अच्छे से धोकर खाना चाहिए और शौच जाने के बाद हाथ अच्छे तरीके से धोने चाहिए। साथ ही समय-समय पर डॉक्टर की सलाह पर डी-वॉर्मिंग कराना चाहिए। समय पर चेक कराने से पेट के कीड़ों की समस्या को कंट्रोल किया जा सकता है।
FAQ
स्टूल टेस्ट (मल जांच) के लिए सैंपल लेते समय किन बातों का ध्यान रखना चाहिए?
पक्का रिजल्ट पाने के लिए मल का सैंपल सीधे साफ और सूखे प्लास्टिक कंटेनर में ही लें। सैंपल में टॉयलेट का पानी या यूरिन (पेशाब) मिक्स नहीं होना चाहिए, अन्यथा बैक्टीरिया या अंडे नष्ट हो सकते हैं और रिपोर्ट गलत आ सकती है।क्या बिना टेस्ट कराए हर 6 महीने में खुद से कीड़े की दवा खा लेना सुरक्षित है?
भारत सरकार के स्वास्थ्य अभियान के तहत बच्चों को साल में दो बार राष्ट्रीय डी-वॉर्मिंग दिवस पर यह दवा दी जाती है, जो सुरक्षित है। हालांकि, वयस्कों को बिना डॉक्टर की सलाह या बिना टेस्ट कराए बार-बार खुद से यह दवा नहीं खानी चाहिए, क्योंकि इसके ओवरडोज से लिवर पर असर पड़ सकता है।
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Jun 02, 2026 15:24 IST
Modified By : Aneesh Rawat Jun 02, 2026 15:24 IST
Modified By : Aneesh RawatJun 02, 2026 15:24 IST
Published By : Aneesh Rawat
